00:00लगा एक न लगा रखी है फोटो कैसी ऐसी चैमिरा वहां है वो उथर देख रही है नई नई नई
00:06नई बात पूरी नहीं हु Marshak
00:08बात पूरी नहीं है इधर देखते हुए आखें ऐसे करी है
00:16मुझे ये जोमेट्री समझ में ही नहीं आई
00:19कैमरा वहाँ है तो मूँ वहाँ क्यों है
00:21और कर मूँ वहाँ है तो वहाँ कैसी क्यों है
00:26पता तो सब है ना
00:28पता है ना कि दूसरे को क्या अनुभाव देना है
00:31कि उफस जाए
00:32वही आपकी डीपी है
00:33आपकी DP वो अनुभव है जो आप दूसरे को देना चाहते हो ताकि वो फस जाए
00:38यही परिभाशा है DP की
00:40आप दूसरे को वो स्वाद दे रहे हो जिसमें वो बहक जाएगा
00:46उसका नाम DP है बस यही है और क्या है
00:48नहीं तो ऐसे ही जैसे बैटे हो ऐसे भी तो फोटो की चाह सकते थे पर ऐसी खेंच दें तो
00:52आधे लोग अनुभव कर दें
00:56पर ना जितना सडा हुआ मुझे दिखाते हो जितना दुनिया को दिखा दो तो निर्वान ही हो जाए
01:05सारी मख्यां उड़ जाएंगी
01:06DP की समय कैसे हो जाओगे
01:09तो जब आप जानते हो कि दूसरे कौन वह में कैसे फसाया जाता है
01:14तो आप यह नहीं जानते कि दूसरा भी जानता है कि आप कौन वह में कैसे फसाया जाता है
01:18बोलो जल्दी बोलो
01:19तो काई पगलायत बन जाते उैं दूनिया में
01:25पता तो सब है नहीं
01:26यह मकड़ी बनना है
01:28मकड़ी की क्या बेचान होती है
01:30वो अपनी जाल में फस्ती है
01:32जब जानते हो कि दूसरों के लिए जाल कैसे बुनते हैं
01:36तो इतना तु करो कि उस जाल में खुद न फसो