00:00पांस के धनुष से शुरू हुआ एक सपना, पिता की मोटर साइकल पर तै हुआ हर सफर, हार का डर,
00:06टूता होसला, पर कोच का सस्वा कभी ना टूता, और फिर आया वो पल, आखरी दीर, परफेक्ट 10, कुमकुम महोद
00:13बनी एशियन गेंज चैंपियन, महस 17 साल की उम्र में, �
00:17सीर अंदाजी में व्यक्तिकत मेडल जीतने वाली पहली भारतिय महिला, इंदोस्तान को ऐसे जवान लोग मिलने लग गए न, ऐसे
00:24ज्यादा नहीं, सौ पांच सो हजार भी मिल जाएं, तो समझ लो राश्टर बिलकुल बदल के खड़ा हो जाएगा, देश
00:30के लिए एक अच
00:44अचाश्चाश्य का होगा, मैं कर रहा हूं क्योंकि मुझे पसंद है, जब सब को अपना संदेश दो, तो उसमें बोलो
00:50कि आप बस ये मत देखो कि मैंने सफलताई क्या हासिल करी, आप ये देखो कि मैं किस बैक्राउंड से
00:55उठा हूं, मैं कितनी मेहनत कर रहा हूं, और अ�