00:00जानते हो भगत सिंग का फंदा चुनने के पीछे उनका तरक क्या था
00:03अंग्रेज कोई रक्त प्रपासू लोग नहीं थे
00:05उन्होंने ये थोड़ी करा था कि भारती एक रांतिकारियों को ऐसी देखते ही गोली मार दिये
00:09पहले बाकाइदा मुकदमा चलता थे होता था
00:11कई बार बरी भी होते थे, कई बार जेल होती थी
00:14फिर कई बार फासी कुछ हुआ
00:16तो अंग्रेजों की ओर से भगत सिंग के सामने ये विकल्प था
00:18कि ये शर्ते हैं मान लीजिए और आप रहा कर दी जाएंगे
00:21या आपकी सजा मामूली कर दी जाएगी
00:23उन्होंने नहीं माना
00:24वैसा नहीं था कि उन्होंने बिल्कुल अंधे जोश में
00:27वीरगतिका चैन कर लिया था
00:29बहुत होश था, बहुत बोध था
00:30वो बोले इस समय मैं इस देश के सामने एक नायक की तरह खड़ा हो गया हूँ
00:34और मेरी छवी पर कोई दाग नहीं है
00:35अंग्रेज मुझे नहीं फांसी देंगे
00:37वो इस वक्त देश के नायक को फांसी देंगे
00:39और ये बात देश में आग लगा देगी