00:20ुश्यवरत ने अपने पिता की खुशी के लिए लेली आजीवन ब्रहमचर्य की खौफनाक प्रतिग्या
00:26इस भीषन प्रतिग्या के कारण ही देववरत कहलाए भीश्म और हस्तिनापुर के सिन्हासन पर मंडराया साया
00:32सत्यवती के पुत्र विचित्रवीर्य की अकाल मृत्यू ने वंश के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया
00:38वंश को बचाने के लिए सत्यवती ने अपनी ही योगशक्ती से बुलाये महर्शी वेद व्यास
00:43जन्मे धित्राष्ट्र और पांडू और यहीं से बोए गए महाभारत के विनाशकारी बी
00:49एक तरफ जन्मा द्रिष्टिहीं धित्राष्ट्र तो दूसरी तरफ पांडू के रूप में आया कुरुक्षेत्र का कारण
00:55वंश के मोह में उठाया गया सत्यवती का हर कदम कुरुक्षेत्र के मैदान तक जा पहुँचा
01:01सब कुछ बिखरता देख सत्यवती ने महल त्याग कर वनों में साधवी जीवन अपनाया
01:06ऐसे ही अनसुने पौरानेक रहसियों के लिए सनातन धर्म पेज को लाइक और फॉलो करें