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  • 2 hours ago
जानिए महाभारत की सबसे रहस्यमयी मयसभा का सच, जहां दुर्योधन पानी को फर्श और फर्श को पानी समझकर भ्रमित हो गया था। यह द्रौपदी की एक हंसी का वह प्रसंग है जिसने कुरुक्षेत्र के युद्ध की आग को और भड़का दिया था। देखिए सनातन धर्म और महाभारत का यह अनसुना और रोमांचक रहस्य।
Transcript
00:23ुपूर्योधन को लगा कि आगे साफ पानी का तालाब है
00:27और उसने अपने वस्त्र उपर उठा लिये
00:30लेकिन अगले ही पल पानी समझ कर उसने पैर रखा और वह ठोस फर्ष पर धड़ाम से गिर पड़े
00:36ठीक इसके विपरीत कुछ ही दूरी पर जब वे आगे बढ़े तो एक असली तालाब को उन्होंने फर्ष समझ लिया
00:43और देखते ही देखते दुर्योधन पूरी तरह से पानी में भीग गए जिससे चारों तरफ सन्नाट आचा गया
00:49यह सब देखकर महारानी द्रॉपदी से रहा नहीं गया और उन्होंने व्यंग्य में एक ऐसा कटाक्ष किया
00:56रॉपदी ने कहा अंधे के पुत्र भी अंधे ही होते हैं और यही व्यंग्य कुरुक्षेत्र की चिंगारी बना ऐसे ही
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