Skip to playerSkip to main content
  • 4 minutes ago
जानिए महाभारत के महान धनुर्धर एकलव्य और गुरु द्रोणाचार्य की उस गुप्त कथा का रहस्य, जिसने इतिहास की धारा बदल दी। हर सनातन प्रेमी को जाननी चाहिए यह सच्चाई!
Transcript
00:00Shastinapur Kya Guru Dronacharya
00:06Shastinapur Kya Guru Dronacharya
00:08Shastinapur Kya Guru Dronacharya
00:12Sishkar Bhekala
00:15Shastinapur Kya Ghekala
00:23भौंकता हुआ वहां आया तो एकलव्य ने बिना देखे बानों से उसका मुह बंद कर दिया। पुरुक्षेत्र के राजकुमार यह
00:31देखकर हैरान रह गए कि इस अज्यात युवक की गती अर्जुन से भी तेज थी। जब द्रोनाचार्य ने उस वीर
00:37बालक से उसका परिच
00:39पूछा तो उसने श्रधा से सिर जुका दिया। तब द्रोन ने अपने प्रियशिष अर्जुन को दिये वचन की रक्षा के
00:46लिए एकलव्य से गुरुदक्षिना मांग ली। गुरु ने बिना किसी संकोच के एकलव्य से उसके दाहिने हाथ का अंगूठा ही
00:53मांग लिया�
00:55उस महान भक्त ने अपनी तलवार उठाई और अपना अंगूठा काटकर अर्पित कर दिया। धर्ती काम उठी और देवताओं ने
01:03पुष्प वर्शा की क्योंकि ऐसा त्याब इतिहास में कभी नहीं हुआ था। अंगूठा कटने के बाद भी एकलव्य ने तरजनी
01:10और मध

Recommended