00:00अचारे जी, आज की स्थिती को देखते हुए मैंने बच्चे ना पैदा करने का फैसला लिया है
00:05लेकिन जब भी मैं दूसरे के बच्चे को देखती हूँ तो मेरे अंदर ममता जाग उठती है
00:09ऐसा लगता है मेरे बच्चे होने चाहिए
00:12कौन कह रहा है आपसे कि मातरत तो को कैंसल ही कर देना है
00:17महिला है, मनुष्य है, समझदार है
00:19अगर मा भी बनेगी तो अच्छी मा बनेगी
00:23कौन होता है उस पर निशेधाग्या जारी करने वाला कि नहीं मा नहीं बनना है
00:29आपका शरीर है, इस तरी शरीर है, उसमें आप अभी युवा है, हॉर्मोनल एक्टिविटी होती है
00:34आप इंसान के क्या आप जानवरों के बच्चे देखेंगी तो आपकी मेटरनल इंस्टिंक्ट ट्रिगर हो जाएगी
00:41ये तो नोन बात है
00:44और ठीक है, इसमें जिन्दगी के इतने रंग होते हैं, ये भी उपलब्ध है
00:49बात हैं ये नहीं हो रही है कि बच्चा पैदा करना है कि नहीं, बात हैं हो रही है कि
00:52भिकना है या नहीं
00:54लेकिन जो भी फैसला करिए, वोश में और आजादी में करिए
01:01उसके बाद वो फैसला हो सकता है कि हाँ, बच्चा जनमना है ये भी हो सकता है कि बच्चा नहीं
01:06जनमना है, वो आप जाने
01:09आपके लावा वो फैसला कोई नहीं कर सकता है, आपको ही करना है, आप जानिये
01:15तवाल अक्सर
01:18acceptance और rejection का नहीं होता
01:20priority का होता है
01:21जिन्दगी क्या है
01:22जिन्दगी में क्या क्या संभव है
01:25मैं कौन हूँ
01:26आज दुनिया कैसी है
01:27और उसमें मेरी priority क्या होनी चाहिए
01:31क्या मदर उठाए एक चीज जिन्दगी की
01:33पर किस नंबर पर आनी है
01:34पहले नंबर पर, पांचवे नंबर पर
01:36पंद्रहवे नंबर पर
01:38या पचासवे नंबर पर
01:42priority
01:44टीकिया क्रॉस नहीं है कि
01:47go ahead and have a baby
01:48or having a baby is prohibited
01:52priority
01:56आप सब बिलकुल एकदम बढ़िया लोग होते
01:58यह दुनिया स्वर्ग जैसी होती
02:00तो 8-10 बच्चे मैंने ही पैदा कर दी होते हैं
02:04cancel तो हमने भी नहीं कर रखा
02:05बस priority में एकदम नीचे चला गया
02:08प्रथम को प्रथम का ही स्थान देना पड़ेगा
02:11और दुतिये को
02:13दुतिये का
02:15बागी बच्चे दो बढ़िया होते ही
02:18मैं क्या शक्या है
02:19देखी लेके घुमता हूँ इतने सारे
02:23आँ