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  • 15 minutes ago
जानिए कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ की रक्षा की और एक अनजन्मे बच्चे को जीवनदान दिया। महाभारत का यह सबसे रहस्यमयी और चमत्कारी प्रसंग देखिए।
Transcript
00:04ुद्ध के बाद कौर्वों का वंश पूरी तरह समाप्थ हो चुका था।
00:10प्रोध में अंधे होकर अश्वत्थामा ने पांडवों के वंश को मिटाने की कसम खाए।
00:15बदले की आग में जलते हुए उसने पांडवों के वंश के आखिरी दीग पर हमला किया।
00:20उसने अभिमन्यू की पतनी उत्तरा के गर्भ को नश्ट करने के लिए ब्रहमास्त्र छोड़ दिया।
00:26ब्रहमास्त्र की भयंकर अगनी से तीनों लोक जलने लगे और चारों तरफ हाहाकार मच गया।
00:31अब अपनी योगमाया से भगवान श्री कृष्ण ने अद्रिश्य रूप से गर्भ में प्रवेश किया।
00:36उन्होंने अपनी अंगुली के आकार के सुक्ष्म रूप से उस अस्त्र के प्रहार को बेसर कर दिया।
00:42इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीला से पांडवों के वंश को पुनर जीवन दिया। ऐसे ही अध्भुत सनातन
00:49रहसियों को जानने के लिए पेज को लाइक और फॉलो करें।
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