00:04ुद्ध के बाद कौर्वों का वंश पूरी तरह समाप्थ हो चुका था।
00:10प्रोध में अंधे होकर अश्वत्थामा ने पांडवों के वंश को मिटाने की कसम खाए।
00:15बदले की आग में जलते हुए उसने पांडवों के वंश के आखिरी दीग पर हमला किया।
00:20उसने अभिमन्यू की पतनी उत्तरा के गर्भ को नश्ट करने के लिए ब्रहमास्त्र छोड़ दिया।
00:26ब्रहमास्त्र की भयंकर अगनी से तीनों लोक जलने लगे और चारों तरफ हाहाकार मच गया।
00:31अब अपनी योगमाया से भगवान श्री कृष्ण ने अद्रिश्य रूप से गर्भ में प्रवेश किया।
00:36उन्होंने अपनी अंगुली के आकार के सुक्ष्म रूप से उस अस्त्र के प्रहार को बेसर कर दिया।
00:42इस प्रकार भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीला से पांडवों के वंश को पुनर जीवन दिया। ऐसे ही अध्भुत सनातन
00:49रहसियों को जानने के लिए पेज को लाइक और फॉलो करें।
Comments