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  • 4 hours ago
महाभारत के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वथामा का अमरता का श्राप और उनके माथे पर चमकती हुई दिव्य मणि का रहस्य। जानिए कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने दिया था उन्हें यह खौफनाक श्राप।
Transcript
00:00च्या आप जानते हैं अश्वथामा के अमर्ता और माथे की मनी का खौफनाक सक्ष।
00:04महाभारत युद्ध के अंत में गुरु द्रोमाचार्य के पुत्र ने किया था घोरपा।
00:09सोते हुए पांडव पुत्रों का वध कर अश्वथामा ने लांग दी थी सभी मर्यादाएं।
00:14क्रोध में अंधे होकर उसने पांडवों के वंश को समाप्त करने का दुस्सा हस किया।
00:19तब न्याय के देवता भगवान श्री कृष्ण का भयंकर क्रोध फूटा उस पापी पर।
00:24श्री कृष्ण ने अश्वथामा के माथे पर जन्ग से मौजूद दिव्य मनी को छीनने का आदेश दिया।
00:30पांडव पुत्र अर्जुन ने तलवार से अश्वथामा के माथे की वह अमर मनी काट निकाली।
00:35मनी के निकलते ही अश्वथामा का शरीर सड़ने लगा और भयानक घाव बन गए।
00:40तब भगवान श्री कृष्ण ने उसे कभी न मरने और जीवित सड़ते रहने का अभिशाप दिया।
00:46न तो उसे मृत्यू मिलेगी और नहीं उसके शरीर के घाव कभी भरेंगे।
00:51कहा जाता है कि वह आज भी कल्यूग के अंत तक प्रित्वी पर भटक रहा है।
00:55अज भी कई लोग नर्मदा नदी के तट पर उसके होने का दावा करते हैं।
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