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  • 3 minutes ago
अंतरिक्ष अब सिर्फ सैटेलाइट और विज्ञान का नहीं, बल्कि सैन्य ताकत दिखाने का नया मैदान बन गया है. अमेरिका (USA) ने पहली बार आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसने पृथ्वी की कक्षा में एक्टिव वेपन सिस्टम तैनात किए हैं. अमेरिकी एयर फोर्स सेक्रेटरी ट्रॉय मींक के इस बड़े खुलासे के बाद रूस और चीन  की टेंशन बढ़ गई है.माना जा रहा है कि यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम और स्पेस फोर्स के विजन का हिस्सा है, जिसके सिर्फ स्पेस-बेस्ड प्रोजेक्ट पर अगले 20 सालों में 542 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है. अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया? क्या रूस सच में अंतरिक्ष में परमाणु हथियार भेज रहा है? अंतरिक्ष में शुरू हुई हथियारों की इस होड़ और कूटनीति की पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.

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03:34ये बहस 1967 की अंतराश्ट्रिय संधी से जुड़ी है जिसमें अमेरिका और रूस समेत कई देश शामिल है।
03:43रूस ने उस प्रस्ताव को पाखंड और दोहरे मापदंड वाला बताया था।
03:49वहीं रूस की ओर से अंतरिक्ष में सभी हत्यारों पर स्थाई प्रतिबंध का एक अलग प्रस्ताव रखा गया था।
03:56लेकिन वो भी आगे नहीं बढ़ सका।
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