मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक और सैन्य बदलाव देखने को मिला है. 7 अगस्त को मक्का में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने एक ऐतिहासिक 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रक्षा डील की सबसे अहम शर्त यह है कि इन तीनों में से किसी भी एक देश पर हुआ सशस्त्र हमला, तीनों पर हमला माना जाएगा.इस नए समीकरण में पाकिस्तान अपनी सैन्य ताकत, तुर्की अपनी नाटो सदस्यता और डिफेंस तकनीक, जबकि सऊदी अरब अपना भारी आर्थिक प्रभाव लेकर आया है. अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस समझौते पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक 'बड़ा और साहसी कदम' बताया है. इस 'मेगा डिफेंस डील' के मायने क्या हैं और क्या भविष्य में मिस्र भी इसका हिस्सा बनेगा? इस पूरे भू-राजनीतिक खेल की इनसाइड स्टोरी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.
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