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  • 7 weeks ago
भारत ने न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) में पहली बार क्रिटिकलिटी प्राप्त की है. इसका मतलब है कि रिएक्टर अब सेल्फ-सस्टेनिंग न्यूक्लियर चेन रिएक्शन को बनाए रखने में सक्षम है. यह रिएक्टर जितना ईंधन इस्तेमाल करता है, उससे अधिक उत्पन्न कर सकता है, जिससे न्यूक्लियर फ्यूल की सस्टेनेबिलिटी बढ़ती है. भारत के पास यूरेनियम सीमित मात्रा में है, लेकिन थोरियम का विशाल भंडार है, जिसे यह तकनीक उपयोग में लाने का रास्ता खोलती है. यह भारत के तीन-चरणीय न्यूक्लियर प्रोग्राम का अहम हिस्सा है, जिसकी कल्पना डॉ. होमी भाभा ने की थी. अब तक केवल रूस इस तकनीक में सफल रहा है. यह उपलब्धि भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगी और 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी.

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00:00भारत की पर्मानुब ग्यानिकों ने वो कमाल कर दिखाया है जिसकी तारीफ दुनिया भर में हो रही है।
00:05भारत में वो तक्नीक विक्सित कर ली है जिसे पाने में अमेरिका और फ्रांस जैसे देश अर्बो डॉलर खर्च करने
00:11के बाद भी नाकाम रहे।
00:13International Atomic Energy Agency के डारेक्टर जनरल राफेल ग्रोसी ने इस उपलाब्धी पर भारत की तारीफ करते हुए एक्स पर
00:20लिखा कलपक्कम के प्रोटोटाइप, फास्ट ब्रिडर, रियक्टर की क्रिट कैलिटी हासिल करना भारत की बहुत बड़ी सफलता है फ्यूल, सस्टेनिबिलिटी
00:29
00:41दूसरे रियक्टरों से काफी कम फ्यूल का स्थमाल करेगा और ट्लोस फ्यूल साइकल का रास्था साफ करेगा। तामिलाडों के कलपक्कम
00:48में प्रोटोटाइप, फास्ट ब्रिडर रियक्टर नी पहली बार क्रिटिकैलिटी हासिल की।
01:35ुरेनियम का भंडार कम है।
02:10वाला नुकलियर प्रोग्राम का सेंटर है।
02:18अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों ने काफी पहले फास भीडर रियाक्टर पर काम शुरू किया था।
02:23उसे 1960 के दशक में डेटराइट के पास फर्मी बन रियाक्टर बनाया था।
02:28लेकिन प्रोजेक्ट फेल हो गया।
02:30फिर क्लिंच रिवर व्रिडर रियाक्टर का प्लान बनाया।
02:33उसे भी टेकनिकल दिकतों और सेफ़्टी रिजिंस की वज़ा से बंद करना पड़ा।
02:37अमेरिका की तरह फ्रांस ने भी 1200 मेगावाट के सुपर फैनिक्स रियाक्टर की योजना बनाई।
02:43लेकिन ये बरी परियोजना नाकाम हो गई।
02:46हासों की वज़ा से जपान के मोंजू रियाक्टर को भी बंद करना पड़ा।
02:50और वो डॉलर के खर्च और उसके बाद बड़ी शक्तियों के सपनों का जो हुआ उसे देखती हुए भारत के
02:56लिए ये बड़ी काम्याबी है।
02:58यह तकनीक अभी तक सिर्फ रूस के पास है।
03:00एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद भारत कमर्शिल फास ब्रीडर रियाक्टर चलाने वाला दूनिया का दूसरा
03:07देश बन जाएगा।
03:08रूस के बाद यह सिर्फ भारत के बिग्यानिकों की जीत नहीं है बलकि यह तकनीक भारत को स्ट्रेटिक रूप से
03:14बड़ी जीत दिलाती है।
03:16भारत अभी सिर्फ 8 GW nuclear power बनाता है, लेकिन 2047 सक 100 GW nuclear power generate करने का लक्ष
03:24है.
03:25Fast Breeder Reactor भारत की energy security को मजबूत करेगा, uranium और fossil fuel पर निर्भरता कम करेगा.
03:33Bureau Report, ETV भारत.
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