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  • 7 hours ago
भारतीय रेल तकनीक को आकार देने में अहम भूमिका निभाने वाले इस कस्बे का रेलवे नेटवर्क से कटा रहना कितनी बड़ी विडंबना है? असम के बरपेटा के निवासियों के लिए ये सवाल दशकों से बना हुआ है. ये कस्बा कर्नल गुरु प्रसाद दास की जन्मभूमि है, जिन्होंने भारतीय रेलवे के शुरुआती सालों में इस्तेमाल होने वाली वैक्यूम ब्रेक प्रणाली विकसित की थी, लेकिन विडंबना ये है कि बरपेटा आज भी रेलवे मानचित्र से बाहर है. सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन 20 किलोमीटर से ज्यादा दूर है। लोगों की शिकायत है कि सीधी कनेक्टिविटी की कमी बरपेटा के विकास में गंभीर रुकावट है. नागरिक समूहों और छात्र संगठनों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को बार-बार उठाया है। सालों विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.निचले असम में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित बरपेटा, सिर्फ जिला मुख्यालय नहीं, बल्कि एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है। ये नव-वैष्णव परंपरा के ऐतिहासिक बरपेटा सत्रा का प्रमुख केंद्र है. खास कर दौल विधानसभा चुनावों से पहले, बरपेटा के निवासियों को उम्मीद बंधी है, कि भारतीय रेलवे के अग्रदूत की जन्मभूमि को जल्द ही देश के रेलवे मानचित्र पर जगह मिलेगी. 

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00:02भारतीय रेल तक्नीक को आकार देने में एहम भूमी का निवाने वाले इस कस्बे का रेलवे नेटवर्स से कटा रहना
00:08कितनी बड़ी विडमबना है।
00:33सबसे नजदी की रेलवे स्टेशन 20 किलोमिटर से ज्यादा दूर है।
00:37लोगों की शिकायत है कि सीधी कनेक्टिवीटी की कमी बरपेटा के विकास में गंभीर रुकावट है।
01:00रेल लाइन यहां पर आई है।
01:02देखे, रेल लाइन ने होने से यहां के डेवलप्मेंट बहुत कम हो रहा है।
01:30नागरिक समुहों और छातर संगटनों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को बार बार उठाया है।
01:36सालों विरोध प्रदरशन किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
02:18निचले असम में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तर्ट परिसित बरपेटा सिर्फ जिला मुख्याले नहीं बलकि एक प्रमुक आध्यात्मिक केंद्र है।
02:26ये नव वैशनों प्रमपरा के एतिहासिक बरपेटा सत्रा का प्रमुक केंद्र है।
02:32खास कर दौल उत्ताव के दौरान हर साल लाखों स्रधालों यहां दर्शन करने आते हैं लेकिन सीधी कनेक्टिविटी न होने
02:39के कारण भारी परशानियों का सामना करते हैं।
02:43कि दुखी बात है जहां जारा सारा गॉल में फेकवां ब्रेक वो अभिस्कर किया है लेकिन अभी बरपेटा में रेलो
02:53के कानिक्ति भी नहीं है।
03:20चुनावी मौसम में ये मुद्धा फिर से गर्म है।
03:23इस बार राजनितिक दलों ने भी बेतर कनेक्टिवीटी की लंबित मांग को संबोधित करना शुरू कर दिया है।
03:29देखें यह जो मांग है यूनिवर्सिटी की भी और रेलवे नेक्टिविटी की बहुत जायज मांग है और इस बात को
03:35हमने समझा, सुना और वादा कर रहे हैं कि हम सरकार बनाते ही इन दोनों मांगों पर काम करना शुरू
03:42करेंगे, हमारे सांसद भी हैं, काबिल सांसद हैं व
04:07ुटों की गिनती 4 मैं को होगी
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