सवाईमाधोपुर. नगरपरिषद क्षेत्र में इस बार मतदान को लेकर अलग-अलग वर्गों में उत्साह नजर आया, लेकिन ट्रांसजेंडर मतदाताओं की भागीदारी शून्य रही। मतदाता सूची में दर्ज पांच ट्रांसजेंडर मतदाताओं में से किसी ने भी मतदान केन्द्र तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। ऐसे में इस वर्ग का मतदान प्रतिशत शून्य दर्ज हुआ।
चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2020 के नगरपरिषद चुनाव में ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या तीन थी। इस बार मतदाता सूची में इनकी संख्या बढ़कर पांच हो गई। यानी पांच साल के अंतराल में ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई, लेकिन मतदान में भागीदारी इसके उलट रही। इस बार पांच में से एक भी मतदाता ने वोट नहीं डाला।
संख्या बढ़ी, मतदान घटकर शून्य
नगरपरिषद क्षेत्र में इस बार कुल मतदान को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पुरुष और महिला मतदाताओं ने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया, लेकिन ट्रांसजेंडर मतदाताओं की तस्वीर अलग रही। मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद मतदान के दिन इस वर्ग की भागीदारी नजर नहीं आई। वर्ष 2020 में नगरपरिषद क्षेत्र में तीन ट्रांसजेंडर मतदाता दर्ज थे। इस बार इनकी संख्या दो बढ़कर पांच हो गई। इसके बावजूद मतदान का आंकड़ा शून्य रहना चुनावी आंकड़ों में खासा महत्वपूर्ण रहा।
मतदाता सूची में दर्ज, बूथ तक नहीं पहुंचे
चुनाव में किसी भी वर्ग की भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा मानी जाती है। ऐसे में ट्रांसजेंडर वर्ग के पांच मतदाताओं में से किसी का भी मतदान नहीं करना चर्चा का विषय बना हुआ है। चुनाव परिणामों के साथ इस बार मतदान के आंकड़ों में भी अलग-अलग वर्गों की भागीदारी को लेकर तस्वीर सामने आई है। नगरपरिषद क्षेत्र के चुनावी आंकड़ों में ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन मतदान प्रतिशत शून्य रहने का आंकड़ा खास तौर पर दर्ज हुआ है। वर्ष 2020 के मुकाबले इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मतदान नहीं होने से यह आंकड़ा चुनावी तस्वीर का एक अलग पहलू सामने लाता है।
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फैक्ट फाइल
कुल वार्ड-60
कुल मतदाता-92 हजार 713
पुरूष मतदाता-47 हजार 620
महिला मतदाता-45 हजार 88
ट्रांसजेण्डर-5
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