00:04नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात कानपूर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की बहु
00:11शालू ने अपने ससुर के कतल के बारे में क्या कुछ कहा है वो आपको बताओं उससे पहले आज वारदात
00:18में बात तीन अदालतों के चार फैसलों की
00:22इनमें से हर फैसला कुछ कहता है सुप्रिम कोट हाई कोट और लोवर कोट ने अलग-अलग मामलों में फैसले
00:30सुनाते हुए जो कुछ कहा वो आने वाले वक्त में सुधार की तस्वीरे दिखा रहा है
00:48हमारे देश में कुल तीन तरह की अदालते हैं लोवर कोट, हाई कोट और सुप्रीम कोट
00:57अब अगर तीनों कोट लगबग एक साथ या थोड़ा आगे पीछे कुछ ऐसे फैसले सुनाएं या फैसले के साथ टिपड़ी
01:05करें
01:05जो अमोमन सुनने देखने को नहीं मिलते हैं तो या तो इसे हम इत्फाक कहेंगे या बदलता दौर
01:13तेश की सबसे बड़ी आदालत यानि सुप्रीम कोट के चीफ जस्टिस यानि सबसे बड़े जज अगर ये कहें कि मैजिस्ट्रीट
01:21की हिम्मत कैसे हुई
01:22नोटिस जारी करने की तो कानों के लिए या आवाज भी नहीं है और सुनने में थोड़ा अलग लगता है
01:39अगर किसी राज़ी के हाई कोट से ये हुकमा है कि किसी लड़की की गलत तोर पर की गई गिरफतारी
01:45के लिए डियम की तनकाह से पैसे काट कर उसे दिये जाए
01:49और डियम के सर्विस बुक में उनकी इस कोताही का जिक्र भी किया जाए
01:53तो ये भी सुनने में थोड़ा हटकर लगता है
01:58अगर वही हाई कोट चार लोगों को अवैद रूप से थाने में दस दिनों तक बंद रखने के लिए
02:03इस पी को डाट लगाए और एसे चो की तनकाह से पैसे काट कर उन चारों में बाटने का हुकम
02:10दे
02:10तो ये भी सुनने में नया नया सा लगता है
02:15अगर देश की सबसे निचली अदालत का कोई जच सिर्फ पांच महीने में तैईस लोगों को फांसी की सजा सुना
02:22दे
02:22और फिर ये कहें कि माफिया या गुंडों से डर कर जीने की बजाए मरना बहतर है
02:27लेकिन इंसाफ का कलम तूटने नहीं देंगे
02:30तो इसे सुन कर भी ऐसा लगता है
02:32मानू अदालतें बदल रही है
02:34जैसे बदलाओ का बयार बहने लगा है
02:41शुरवात तेश की सबसे बड़ी अदालत से
02:43कुछ वक्त पहले जनतर मंतर पर हुआ कौकरोज जनता पाटी का आंदोलन तो आपको याद होगा
02:49बाद में आंदोलन में शामिल बहुत से छात्रों पर अलग अलग जगों पर F.I.R. दर्च हुई थी
02:55बाद में खुद सुप्रीम कोर्ट ने सभी F.I.R. वापस लेने का फैसला सुनाया
03:00लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस हुत्म के बावजूद
03:03गौतम बुद्ध युनिवर्सिटी के सेकंड येर के एक स्टुडेंट अक्षत्र पार्टी को
03:08ग्रेटर नोड़ा की कारेकारी मेजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी कर दिया
03:12इसी नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट के चीव जस्टिस सूरेकांद बाली ने कहा
03:16कि उनके आदेश के बावजूद मेजिस्ट्रेट की हिम्मत कैसे हुई
03:20नोटिस जारी करने की
03:23इतना ही ने सुप्रिम कोर्ट में उस कारेकारी मेजिस्टेट से इस बाबत इस पस्टिकरन भी माँगिया
03:31जंतर मंतर पर हुए आंदोलन से पहले इसी साल अप्रेल में नोडा यानि गौतम बुद्नकर में मजदूरों का एक आंदोलन
03:38हुआ था
03:39उसी आंदोलन को भड़काने के इल्जाम में दिल्ली उनिवर्सिटी की एक छात्रा आकरिती चौधरी को राष्टिय सुरक्षा कानूर यानि रासुका
03:47के तहत गिरफतार किया गया था
03:49आकरिती पर रासुका नोडा की डियम के हुक्म पर लगाया गया था
03:53आकरिती करीब पांच महीने तक जेहल में रही लेकिन इसी महीने की दो तारीख को इलहाबाद हाई कोट ने न
04:00सिर्फ डियम और नोडा प्रशासन को फटकार लगाये
04:03बलकि आकरिती से रासुका हटाते हुए आकरिती को पांच लाक रुपे का मुआपचा देने का हुब भी दिया
04:10इतना ही नहीं हाई कोट ने कहा कि ये पांच लाक रुपे डियम मेधा रूपम के वेतन से वसूर आ
04:17जाए
04:23इस बारे में तो कह नहीं क्या
04:25इसके लिए तो देश भर के पुलिस और ठाने बदनाम है
04:28किसी केस में किसी को भी उठा ले
04:30और बिना कोट में पेश किये
04:32कई कई दिनों तक � £3 गैर कानूनी तरीके से ठाने में ही बिठा है क्यी
04:37यूपी के देवरिया में ऐसा ही एक मामला हुआ
04:40देवरिया के गौरी बाजार थाने में
04:42इसी साल अप्रेल में एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई
04:46इसी हत्या के सिलसले में पुलिस चार लोगों को उठाती है
04:49और उन्हें 13 से 24 अपरेल के भी चार दिनों से लेकर 10 दिनों तक अवैद रूप से हिरासत में
04:56रखती है
04:56न कोट में उनको पेश किया जाता है न डायरी में एंट्री इनमें महिला भी थी
05:01बाद में इनी चारों का एक जानकार इलावाद हाई कोट पहुचता है
05:06पहले तो पुलिस इस बाद से ही मुकर जाती है कि उसने किसी को अवैद रूप से हिरासत में रखा
05:11फिर जब अदालत पुलिस से कहती है कि ठीक है उन तारीखों के सीसी टीवी फुटेज कोट में लाई है
05:17यहीं पुलिस फस जाती है
05:19कोट को बताती है कि सीजी टीवी कैमरा तो खराब है
05:24हाई कोट को घुसा आ जाता है
05:25अब वो सीधे S.P. और S.H. को कोट में पेश होने के लिए कहती है
05:29इसके बाद कोट अपना फैसला सुनाता है
05:32S.P. और S.H. को डांटते हुए ये कहता है
05:35कि इतनी लापरवाही बढ़ते जाने के बाद भी
05:38S.H. को अब तक सस्पेंड क्यों नहीं किया गया
05:41इस पर तुरंट S.P. अदालत से बिना शर्ट माफी मांगने है
05:45मगर कोट कोट से माफी मांगने की बजाए S.P. से ये कहता है
05:49कि माफी मांगनी है तो उन चारों से मांगने
05:52जिने गहर कानूनी तरीके से ठाने में रखा गया था
05:56इसके बाद अदालत चारों पिर्डितों को
05:5865,000 रुपए मुआपजा देने का भी हुक्म देती है
06:02कोट ये भी हुक्मे देता है
06:04कि मुआपजे की रखम S.H.O की तनखा से वसूली जा है
06:10उत्तर प्रदेश के देवरिया में पाच माह पूर्व एक हत्या के मामले में
06:14गलत तरीके से चार लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में
06:19इलहाबाद हाई कोट ने कड़ी फटकार लगाई है
06:22हम इसे मौजूद हैं गौरी बजार थाने में जहां का यह मामला है
06:27पाच महीना पूर्व इसी छेतर में हत्या होई थी
06:30जिसमें कई लोगों को हिरासत में रखा गया था
06:33कुछ लोगों को जेल भेजा गया था
06:35लेकिन चार लोगों को गलत तरीके से हिरासत में रखा गया था
06:41जिसके बाद उस पक्ष ने हाई कोर्ट में एक याचका दायर की
06:45और लंबी सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने दिवरिया पुलिस को फटकार लगाते हुए
06:5065,000 रुपे मुआबजा देने की घोशना की है
06:56यह मुदफ़न अगर फास्ट रैक कोर्ट के अडिशनल डिस्टिक एंस सेशन जजज रवी कुमार दिवाकर है
07:02यह अपने फैसले को लेकर इन दिनों सिर्ख्यों में है
07:05यह वो जजज है जिनोंने सिर्फ पांच महीने में 23 लोगों को फासी की सजा सुनाई है
07:11जबकि अब तक अपने 17 साल के कारेकाल में कुल 36 लोगों को मौत की सजा सुना चुके है
07:17इनके इस कड़े फैसले के चलते ही इने लगातार माफियाओं बाहुबलियों और अपरादियों से धंकिया मिल रहे है
07:24लेकिन जजज रवी कुमार दिवाकर का कहना है कि वो मरना पसंद करेंगे डरपोक जच कहलवाना ने
07:31अभी हाल में ही उन्होंने फिर से एक अपरादी को फासी की सजा सुनाई और उसी फैसले में उन्होंने ये
07:37भी लिखा
07:38कि जब तक मैं अपने उसूलों पर चल सकता हूँ तब तक सर्विस करूँगा वरना इस्कीफा दे दूगा
07:44जब तक जट की कुरसी पर हो तो फैसला लेने का अधिकार में सिर्फ मेरा होगा
07:51देश की अदालतों की ये नए तेवर और इस तरह के फैसले उम्मीद जगाते हैं
07:57क्याने वाले वक्त में हमारा जूडिशिल सिस्टम यानी नियाएक विवस्था और ज्यादा मस्बूर और ताकतवर बनकर उभरेगा
08:04इस तरह के फैसले न सिर्फ सरकार, सरकारी अफसर बल्कि आप राधियों के लिए भी नजीर बने लगे तेवरिया से
08:14राम परताब सेंग और मुदफ़र नगर से संदीब सैनी के साथ संजय शर्मा दिली आज तक
08:22कानपुर के दवाकारोबारी विनीत मिनोचा की बहू शालू ने कहा है कि उसने अपने ससुर का कटल नहीं किया बलकि
08:30उसे इस कटल की साजिश में फसाने की कोशिश की जा रही है
08:34गिरफतारी के बाद पहली बार शालू से मिलने शालू की बहन और भाई कानपूर जेल गए थे
08:39शालू का परिवार इस बात पर भी हैरान है कि शालू का पती सुब्रत अब तक इस मामले पर खामोश
08:46है
08:47उदर कानपुर पुलिस के मुताबिक शनिवार को सुबरत से पूछता अच हो सकती है
08:56कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा मडर केस में पांच दिन बाद पहली बार शालू का परिवार सामने आया
09:03ये बताने के लिए कि शालू ने अपने ससुर का कत्व नहीं किया
09:08बलकि वो तो हाथसे के बात से खुद ही संदे है
09:12शालू का परिवार इस बात पर भी हैरान है
09:15कि गतले के पांच दिन बाद भी शालू का पती और विनीत मिनोचा का बेटा सुबरत पूरी तरह खामोश है
09:23पत्नी पुलिस की कस्ड़डी में है लेकिन सुबरत एक बार भी न उससे मिला न बात की
09:28यहां तक के शालू के परिवार से भी संपर्ट नहीं किया
09:32शालू की बहन और उसके भाई ने शालू को लेकर आज तक से क्या कुछ कहा आएए सुनते हैं
09:39विनीत मिनोचा हत्याकान में आरोपी शालू की तरफ से पहली बार किसी परिवार के सदस्थ का कोई अधिकारिक बयान आया
09:46है
09:46इस पर बात करने के लिए हमार साथ मौजूद है आरोपी शालू की बहन और उनके भाई बात करेंगे उनसे
09:52मैं क्या कहेंगे सबसे पहले जो इस पूरी डिवलप्मेंट्स में जो आपके सामने हो रही हैं
09:56आप मुलकाद भी करकिया है किया आप लोग secre कर पा रहे हैं इस त्रीके का काम कर सकते हैं
10:03बिल्कुल भी नहीं पोसिप्ली नहीं आ थे कारवाई है तो उसक्लिस की पूरी यह कारवाई हो रही है पूलिस ने
10:22लगतार साक्षी रख के हैं
10:23हमें पुरा ट्रस्ट है होगा सामने आएगा आपकी बात हुई शालू से आज आज आप लोग जेल में उनसे मिल
10:29के भी आए हैं उनका क्या कहना इस पूरे मामले में बहुत शॉक्ड है वो शीज वेरी शॉक्ड इसके लावा
10:35पुछ नहीं बोल सकते हैं शीज वेरी शॉक्ड �
10:49आप लोग सामने आए हैं परीवार पहली बार कोई अपना बात रखरा है लेकिन जो शालू के हस्बेंड हैं जो
10:54आपकी ब्रदरने लोगे वो अभी तक इस पूरे ओ Mickle में जा हैं।
11:08कुछिए घुशिश की थी पर उतना नहीं हो पा रहा है झाला था जो
11:11बी एब नहीं हो पा रहा है और हम हमकि बाखची बात्रीद नहीं आ पा रही उस पर यह
11:16कि युणकि परिवार के हैं, उनके हस्बेंड हैं, आपको लगता है, उनको आगे आना चाहिए था, अपनी वाईफ के लिए
11:20स्टैंड ले न चाहिए था?
11:22अब देखिये, आना तो चाहिए था? आना चाहिए था. सब बिल्कुल आना चाहिए था.
11:27या तो इनसान या तो खुद गलत हो या फिर कहीना कोई चीजे चुपा रहो या फिर उनके रिष्टे जो
11:34है वो टीनों कैसे रिष्टे थे आपकी जो बहने उनसे बिल्बूल बढ़ियाते हैं कोई इककत नहीं थी तो आप लोग
11:40कवर कर रहे हैं एक दिन पहले पार्टी में �
11:41सब रिष्टे ठीक तो आपको कहीं न कहिए अटपटा नहीं लगा कि इतना सब कुछ हो गया वाइफ को जील
11:47बेज़ दिया गया और उनका सामने से कुछ स्टेट्मेंट भी नहीं आया है ना उन्होंने ऐसा कुछ पक्ष रखखा है
11:51कि नहीं हो सकता क्या कहेंगे जुए सब
11:58यह जो आप questions पूछने वो उस पर work करी रही होंगी तो जैसे चीजे होंगी तो आपके साथ साथ
12:02हमें भी answer मिलेगा आज जब jail में मुलाकात हुई इससे पहले आपकी जो बहन से बातचीत हुई कभी क्या
12:08उन्होंने कभी कुछ ऐसा बताया आपको या फिर अपने ससुर के सा
12:12जो उनकी relationship थे आपके साथ से कैसे relation very good it was very good जैसा उसने हम लोगो को
12:17बताया था कुछ भी problem नहीं थी uncle भी उससे बहुत पसंद करते थे और वो भी it was very
12:22good बतलब हम खुछ शूग नहीं कि क्या हो गया है या क्या just speechless
12:27पुलिस का कहना है कि जो चाबी थी वो भी बना के बकायतर दी गई इत सब थियोरीज पर जो
12:31पुलिस की सामने आई है इस पर क्या कहीं जाद चल रही है हुआ होगा तो जाद चल रही है
12:37इस पर हम कुछ कमेंट नहीं कर सकते हैं but that's all एक relative है जो सुब्रत के उनके द्वारा
12:44�
12:45स्टेटमेंट दिया गया है कि ज़्यम्ट हुए नहीं जाद चल रही है अपने आप चीजे सामने आ जाएंगी शुब्रत के
13:03परिवारवाले इस तरीके का स्टेटमेंट दे रहे हैं और पूच रहे हैं कि क्या पता ब्रदर नुस उनकी तरफ से
13:08आप लोगे परिवार की तर
13:12तो उन्होंने दिया क्यों है वो अपने आप इस चीज को पुलिस पता लगा लेगी अगर इसा कुछ है तो
13:21आप लोग को पुलिस की इन्वेस्टिकेशन पर पूरा ट्रॉस्ट हाँ वो जो कर रही है करेगी हम वे अपने आप
13:28साथ देंगे हमारा अभी तक एक पहलू सामने आ
13:41कि दौरान शालू लगातार यही कह रही कि उसने ये कत्र नहीं किया और वो बेकसूर है कानपुर दवावेपारी हत्या
13:49कान में आरूपी शालू के परिवार से पहली बार किसी ने सामने आकर अपना पक्ष रखा खास बात ये है
13:55कि शालू का बचाव उसके पती सुबरत ने
13:57नहीं बलकि उसके भाई और बहन ने किया शालू की बहन सोनिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि
14:04उसकी बहन इस तरीके की घटना को अंजाम नहीं दे सकती थी और आज सुबहा जब जेल में शालू की
14:09अपनी बहन से मुलाकात हुई तो वे सदमे में थी और विश्व
14:26को सामने आकर अपनी पतनी के बचाफ करना चाहिए और अपनी स्तिती स्पष्ट करनी चाहिए वही शालू के वकील शेवाकान
14:33दिक्षित ने बताया कि सुबहा की तरफ से उनके साथ कोई संपर्क नहीं सादा गया वह शालू के भाई और
14:40बहन के कहने पर ही उसका केस लड़
14:55इस बीच शालू के परिवार ने शालू का केस लड़ने के लिए वकील भी रख लिया है शालू के वकील
15:01ने आज तक से बाचीत में ये सवाल उठाया कि सर्फ आरोपियों के नाम लेने भर से शालू को गुनहेगार
15:07कैसे ठहरा आ जा सकता है हाला कि उन्होंने ये भी कहा कि �
15:12पुलिस की जाच पर पूरा भरोसा है लेकिन शालू बेकसूर है विनीद मिनोचा हत्याकान में आरोपी शालू के वकील शिवाकान
15:20दिक्षित हमासा बात करने लिए मौजूद है बात करेंगे उनसे शिवाकान जी गेस आपने टेक ओवर किया है क्या अभी
15:35तक पूरा स्ट�
15:41तो ऐसी स्थिती में कोई भी टिपणी करना पुलिस के इंवस्टिगेशन को डाइवर्ड करने जैसा है तो हम भी इंवस्टिगेशन
15:49पर वेट कर रहे हैं और पुलिस पर हमें पूरा भरोसा है नैचुरली वो जो करेंगे वो सही करेंगे लेकिन
15:55इतना हम सभी शेयोर है मेर
16:07उसको हपोस करेंगे और अपने एक तथ भी सामने रखेंगे कि क्यों नहीं किया गया है डिफेंड करेंगे तो आपके
16:13एसाफ से आपने केस पढ़ा होगा आपको लगता है कि जो शालू की सिनलित्ता दिखाई जा रही है वो उसमें
16:18है पुलिस इंवेस्टिकेशन की बात करें
16:20लेकिन आपने भी तो अपनी इंवेस्टिकेशन या आपने भी तो कुछ पक्ष रखा होगा वो क्या है देखिए पुलिस क्या
16:25करेगी अभी तक तो पुलिस ने किया नहीं है जब वो कोई प्रार्थना पत्र देंगे तो उस प्रार्थना पत्र पर
16:31बिल्कुल माकूल जवा
16:51सालू
16:52तो हम सिर्फ
16:54इतना कहना चाहते थे
16:55कि सालू का इसमें कोई
16:58involvement नहीं है और जिस तरीके
17:00की घटनाओं के बारे में कहा जा रहा है
17:02ऐसी कोई घटना नहीं है और
17:04पुलिस को free hand देना जरूरी है
17:06जो हम लोग दे रहे हैं हम लोग कोई उन पर प्रसर नहीं करें
17:08पुलिस free hand अपना जाच करें
17:10क्योंकि यह अपने आप में
17:12million dollar question है कि कोई
17:14अंदर आकर मार गया और जिन लोगों ने मारा
17:17उन्होंने one shot
17:18हमारा नाम ले लिया और पुलिस ने हमको बन कर दिया
17:20तो थोड़ा सा इंतिजार करना पड़ाएगा
17:22इंतिजार ठीक है करेंगे लेकिन एक जो
17:24important point है कि जो killers है
17:26उनको जो entry ती गई वो कही न कहीं
17:28शालू के फोन के बाद ही दी गई जो
17:30गार्ड ने भी statement दिया है पुलिस को
17:32तो क्या पहले से जानती थी यह तो सबको
17:47कोर्स में आते रहते थे बस यह कि आने से पहले
17:50फोन किया तो उनको पर्मिट किया गया बाकी उन्हों
17:55ने आकर यह हत्या की या नहीं की या कैसे हुई और किन
17:59circumstances में गार्ड क्या कह रहा है यह इस पर कुछ भी कहना
18:02एक तरह से समझे इस वेरी डेलिकेट और भी वेचना पर असर पड़ेगा आपका कहना है कि अभी
18:08इंवेस्टिगेशन का स्टाटिंग पॉइंट है चलिए उस पर बात नहीं करते हैं बात करते हैं सबसे बदे तो क्लियर कर
18:24दीजे कि
18:24ऑफीचरी चलिए पॉफ इस सबन्दोर बेटर बताईंगे कि वो किसius इसिती में हो सकता है कि वो
18:54मेंटल ट्राउमा में हो, हो सकता है कुछ, क्योंकि उनके फादर की डेथ हुई है, देखें, किसी के बारे में
18:59जज नहीं करना है, हम जज करना नहीं चाहेते हैं, और यही हम मीडिया से भी रिक्वेस्ट करेंगे कि हम
19:04को जज ना करें, जैसे कि आज की जो हेड्लाइन्स थी कि
19:07पार्टी कर रहे थे और हत्या हो रही थी, यह इसका जो एक बहुत नेगेटिव परसप्सन जाता है, हम सिर्फ
19:16इतना कह रहे हैं कि न्यूट्रल वे में पुलिस को फ्री हैंड और वो बिवेचना करें, अगर हमारे खिलाब कोई
19:22एविडेंस है, अगर ऐसा लगता है, सक के �
19:24अधार पर नहीं, किसी ब्यक्ति के कहने के अधार पर नहीं, अब सुबरत ने हमसे कॉंटक्ट नहीं किया, या किया
19:31या हो सकता है कि वो बहुत से लोगों के अपनी mental position इतनी नहीं होती है, कि इतनी जल्दी
19:36बाहर आए, वो भी एक बेटे हैं और उनके पिता के ब्रत्ति हु
19:55एक आकरी सवाल, कि जो आप लोग जाहिर सी बात है, उसमें डिफेंड करेंगे, आपका क्या पक्ष है कि जो
20:01नाम लिया जा रहा है, पुलिस दौर अब बताया जा रहा है कि स्टेट्मेंट में जो आरोपी हैं, उन्होंने शालू
20:06का नाम लिया है, ये भी उनके दौरा अध
20:24ये कहा था कि मेरा नाम ना lena, भाया का नाम ले ना, तो अगर वो सालू का पपट होता,
20:30सालू का हेंड होता, तो नैचरली वो सुबरत का नाम लेता, लेकिन उसने सालू का नाम लिया, ये अपने आप
20:36में इन्वेस्टिकेशन का भी सह और नाम लेने भर से कोई मुलजिम न
20:57अधर विनीत मिनोचा के गतले के पांच दिन बीड जाने के बावजूद अभी तक पुलिस ने शालू के पती और
21:03विनीत मिनोचा के बेटे सुबरत से कोई पूछताच नहीं किये
21:07पुलिस सूतरों के मताबिक केस के इन्विस्टिगेटिंग अफसर यानी जाच अधिकारी छुट्टी पर है
21:13उनके छुट्टी से लोटने के बाद बहुत मुम्किन है कि शनिवार को सुबरत से पूछता जो
21:18असल में कई ऐसे सवाल हैं जो पुलिस सुबरत से पूछना चाहती है
21:22विनीत मिनोचा के कतल के इल्जाम में किराय के जिन दो कातिलों को पकड़ा गया है
21:27उनमें से एक विशाल पिछले 15 सालों से सुबरत को जानता था
21:32पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या शालों की साज़िश के बारे में सुबरत को पहले से
21:38पता था
21:39या फिर कहीं वो खुद भी इस साज़िश में शामिल तो नहीं था
21:44विनीत मिनोचा हत्या कांट की जाँच उसकड़ी तक पहुँच गई है
21:47जहां कांटपुर पुलिस आरोपी शालों के पती सुबरत से अब पूछताच करने जा रही है
21:52सूत्रों के मताबिक पुलिस ये जानना चाहती है कि आखिर कार कतल के कुछ समय पहले से
21:58विशाल और सुबरत की फोन पर क्या बाते चल रही थी और क्यों उसको मेसेज डिलीट करने पड़े
22:06ऐसे में कांटपुर पुलिस जल्द ही विशाल और शालों की पुलिस रिमांड की लिए भी कोट में अरजी दाखिल कर
22:13सकती है
22:13ऐसे में पुलिस विशाल शालू और सुबरत को साथ में बिटा कर ये पूछना चाहती है कि आखिर कार किसके
22:21कहने पर हत्या की गई और इस पूरे घटना करम में कौन-कौन शामिल है
22:25हाला की पुलिस का कहना है कि फिलाल सीधे तौर पर उनके पास सुबरत को लेकर कोई ठोश सबूत नहीं
22:32है
22:32लेकिन उसको जाच के दाएरे से बाहर भी नहीं रखा गया है
22:36अब देखना यह है कि आने वाले समय में जैसे जैसे जाच आगे बढ़ती है किन-किन लोगों की इस
22:41पूरे मामले में सनलिप्तता सामने आती है
22:44वीडियो जनलिस्ट शुमशुकला के साथ सिमर चावला कानपुर आज तक
22:48तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया के बागी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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