00:15।
00:30आरोप है कि दूद में मरी हुई मखिया तैर रही थी।
00:32दूद की हालत देखकर मंदि प्रबंधन के होश उड़ गए।
00:35मंदि प्रबंधन का आरोप है कि दूद समाने नहीं था।
00:38उसकी गंद और गुडवत्त को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
00:41मामना सामने आने के बाद मंदिर के महंत और पिठा दीशवर गिरीश दास ने कड़ी आपती रताई।
01:25शिकायत मिलते ही खादे विभा की टीम भी मौके पर पहुंची।
01:29टीम ने दूद का सेंपल लिया और उसे जांच के लिए भेज़ दिया।
01:32अब सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर दूद में मक्हियां कैसे पहुंची।
01:36क्या दूद खराब था या फिर इसमें किसी तरह की मिलावट की गई थी।
01:40फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिलेंगे।
01:44लेकिन इस पूरे मामले ने दूद की सप्लाई और उसकी गुडवत्त को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिये हैं।
01:49क्यूंकि बहंडारे में इस्तमाल होने वाला दूद मातरे खाद समगरी नहीं होता।
01:54इसके साथ बड़ी संख्या में शद्धालों की आस्था और स्वास्थ भी जुड़ा होता है।
01:58ऐसे में दूर्थी गुडवत्ता को लेकर जरा सी लापरवाही, लोगों की जिन्दगी और उनकी शद्धा दोनों को नुकसान पहुंचा सकती
02:05है।
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