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  • 2 months ago
 फ्रांस के मशहूर एफिल टॉवर को सोमवार को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया. एफिल टॉवर को बंद करने की वजह यहां के स्टाफ का विरोध-प्रदर्शन था. कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार को एक हिंदू धार्मिक ग्रुप BAPS(Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha) के दौरे के समय महिला कर्मचारी को 'हटने' के लिए कहा गया. इनकी जगह पुरुष कर्मचारी को खड़ा करने को कहा गया. यूरोन्यूज ने सोमवार को बताया कि यह घटना शनिवार को BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) से जुड़े करीब 100 लोगों के दौरे के दौरान हुई. यूनियन की प्रतिनिधि डायने डेवॉइन ने फ्रेंच टीवी को बताया कि शनिवार को एक दौरे के दौरान 'डेलीगेशन के गुजरने पर महिला वर्कर्स को उनकी जगह से हटा दिया गया था.' रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि एफिल टॉवर के कर्मचारियों ने एक बयान में इसे 'प्रोफेशनल निर्देश' बताया है, जिसके कारण महिला कर्मचारियों को उनके लिंग के कारण किनारे कर दिया गया, उनकी जगह किसी और को रख लिया गया और उन्हें गायब कर दिया गया.

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Transcript
00:28।
00:30इस घटना को लेकर आईफिल टावर के कर्मियों में नराज की है।
00:33उन्होंने लिंग आधार पर हुए इस भेद भाव को बेहत अपमान जनक बताया है।
00:39आईफिल टावर चलाने वाली कमपनी SET ने माना है कि हिंदू डेलिगेशन ने ट्रिप को इस तरह से और्गनाईज करने
00:46की मांग की थी ताकि महिलाओं के साथ बातचीत कम हो और कहा कि इन शर्तों को नहीं मानना चाहिए
00:51था।
00:52इस बीच पैरिस में बापस हिंदू मंदिर ने माफी मांगी है।
00:57शोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेर करते हुए लिखा कि हम बताई गई चिंताओं को समझते हैं और उन्हें बहुत
01:04गंभीरता से लेते हैं।
01:05हमारे डेलेगेशन को देखते हुए ये दोरा आइफिल टावर टीमों के साथ मिलकर नॉर्मल खुलने के समय की शुरुआत में
01:13और्गनाईज किया गया था।
01:15ताकि दूसरे विजिटर्स के लिए किसी तरह की परिशानी को कम किया जा सके।
01:20फ्रांस के राजनेताओं ने इस घटना की आलोचना की है।
01:25परिश के मेर इमानुवल ग्रेगोई रे ने एक्सपर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें आइफिल टावर के करमचारियों के बीच
01:33मचे हंगामे के बारे में पता है।
01:36और ऐसी शर्तों को मानना सुवीकारे नहीं है।

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