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  • 2 days ago
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आगाह किया कि महिलाओं के लिए पीरियड्स की छुट्टी अनिवार्य करने वाला कानून उनके करियर को नुकसान पहुंचा सकता है. कोर्ट ने जोर दिया कि ऐसी नीतियां बनाने से पहले नौकरी के बाजार की हकीकत को समझना जरूरी है. साथ ही, यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इससे युवा महिलाओं में यह संदेश न जाए कि वे किसी से कम या कमजोर हैं. यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने आया. अदालत शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्यों को पीरियड्स की छुट्टी के नियम बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी. CJI ने कहा कि इन याचिकाओं के पीछे एक बहुत गहरी सोची-समझी साजिश है और ये नेक नीयत से नहीं दी गई हैं.

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Transcript
00:00Supreme Court remained here.
00:21Supreme Court
00:23Supreme Court
00:24This is the case of a falsehood, which is a falsehood.
00:35It is a falsehood.
00:38This is a falsehood.
00:54. . . . . . . . . .
01:24Bureau Report, ETV Bharat.
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