00:04नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ में 1200 से जादा लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 5000
00:10लोग लापता हैं जिनमें 600 बच्चे भी शामिल हैं बाढ से तबहा इस देश में बहुत से बौध परिवार ऐसे
00:19हैं जिनके अपनों के शव नहीं मिल पाए हैं उन्होंने प्रतिक
00:23खात्मक अंतिम्चंसकार करना शुरू कर दिया है बुद्धा परंपरा के मताबिक लापता शक्स का अंतिम्चंसकार साथवे दिन किया जा सकता
00:31है और ये इसी परंपरा का पालन कर रहे हैं कामेश जो एक बोध है और उनके समुदाए के बुजर्गों
00:39ने उन्हें सलहा दी
00:40कि वो लापता परिवार के सदस्यों का अंतिम संसकार करे
00:44ताकि उनकी आगे की यात्रा शांति पूर्न हो
00:48जिसके लिए वो नुवाकोट जिले के धूंगे शेहर के मंदR पहुचे हैं
00:54ये मंदर उसी तुरिशुली नदी के किनारे हैं
00:57जिससे प्रकति की लीला होकर गुजरी थी।
01:01कामेश अपने परिवार के लापता 17 सदस्यों को अंतिम विदाई दे रहे हैं।
01:07रसवाजिले के उत्तर काई गाउं के पेमबा, लामा भी उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने अंतिम संसकार की रसमेने भाई।
01:15वो अपने परिवार के चार सदस्य, जिन में भाई और चाचा शामिल हैं, उनका अंतिम संसकार कर रहे हैं।
01:23वामेश, पेमबा और कुछ अन्य लोग प्रतिकात्मक चिदा बना रहे हैं।
01:53अंदर एक छोटी सी आग में जलाया गया।
01:56Bureau Report, ETV भारत