- 1 week ago
Begangi - Ep 17 aPlus Drama
This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!
Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari
This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!
Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari
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00:01ना होती ये रहे तन्हा के लिए
00:09ना आखो में साबन जड़ी आठा हड़ती
00:18होते ना तुम बेगाने बनते ना यूँ अफसाने
00:27बेगान के मैं पंते मयूँ साने
00:36अल्ला का यसाने बेटर उसने जिन्दगी भख्ष ती
00:42और करा में उसाथ पाक का कि तुम आज भी मुझे अबसी कहते
00:46मैं तुमारे साह बहना चाहता झाथ एक जिन्दगी बनाना चाहता था
00:50मुस्तकभिल की कितने वाँ से तस्रीर थी अगर तुमने बोल दिया कि तुमने कोट मैरेच निए
00:56अगर उनोंने अपना फैसला बदल दिया तुम्हे बदल दूंगा
01:00अजया तुम तुम्हे दिमाग से सोचो बच्चा जो है हाथ से निकला जा रहा है अब सबदस्ती उनका निकाह करवाने
01:08सुझाए
01:09तुम लोग बार बार यह क्यों जताते हो कि उमर मुझे रखने ही सका ये मेरा घर नौरी और मेरा
01:15अपने शोहर से बहत गहरा रिष्ता है
01:30पकड़के मेरी नजरों से दूर हो जाओं तुम दूनों की वजये से ना इस खाया ना तो बात है आन्के
01:54बंकर चाहे रहें तो अच्छे हे जहार।
01:56जहां आपने हाख अपने बसन के बात की तो हमसे बुरों कोई नी
01:59वालदायन के सामने उफ तक ना करने का हुकम है
02:04तुम लोगों ने तो दुनिया खराब कर ली अपनी अपा आखरत भी खराब करोगे
02:08ये भी कही नहीं लिखा दादो कि बच्चों की मजशी के खलाफ जबर्दस्ति उनकी शादिय करा दी जाएं
02:13चली जाओ जाओ तो वरना मेरे मुझसे ना बदद्वा निकल जाएगी
02:18और उस तुसे को भी करना जाए मेरी नजरों के सामने ना है
02:22हाँ छीक है जा रही हूँ अब आवाजी देंगी ना तब ही नियाओंगी देदे रही एक आवासे
02:55मैं जायद की तरफ से परिशान हो गया था अजीव उटी सीधी हरकते करने लग गया था ये आजकल की
03:06बच्चे है इनका रद्यमल सी तरह से होता है ये सिर्फ दूसरों को नहीं खुद को भी तकलीफ देती है
03:14अगर अगर अब खुश है और सुकून है पहले की तरह शरारते श
03:22क्या बादे हो रही है तुम्हारी शिकायते हो रही है बजाए इसके कि तुम अबब का ध्यान रखते तो मुटाओने
03:30तंग करते रहो और सौरी मुझसे नहीं अबबसे माफी मांगो
04:05मैं सुबह से आपको फोन कर आप मेरा फोन किन न इठारी को वो सुरी बिटा कमपरे में पढ़ावा था
04:10फोन तुमाओ बैठो बैठो नहीं आए नहीं आए अपको अपने साह लेने आया आया कालिपन अब अब अबनी ड्यूटी से
04:18तो फारिग हो गई हो गई हो यह यह ज़
04:21अबर मैं एक का दिन में चक्क्र लगाउंगी चक्क्र लगाने को नहीं कह रहा है साथ लेने आया हमेशा के
04:29लिए अमर अराम से बैठ का अपनी मा की बात कर रहा है तुम्हारी मान नहीं है तुम्हारी मान नहीं
04:41है तुम्हारी मान नहीं है
04:51हमारे अंदर से तो सारे अहसास खतम हो गए तुम से या तुम्हारे बाप से बात नहीं कर रहा है
04:59तुमने ठीक का ठीक का जा तुमने हम दोने मुख्ति स्टाइड़ों पे कड़ें तुम एक तरफ और मैं दूसरी तरफ
05:06ओके ओके अमी आज आप आखरी फैसला करें आपको अपने शोहर के साथ रहने या अपने पेटे के साथ अगर
05:25इनके साथ रहना है तो मेरे साथ कोई तालुक नहीं होगा
05:31अँपने अगर तुम तालुक पेट गए वागा अठ जाव बात सूगों बात सूग है अब सुना को अप्सरा अपसरा नहीं
05:40तुमसे का एना मैं का एका आउंगी अचा आउंगी अप मुझे बटाएं कि आप अब इसाथ हमेशा के लिए जा
05:45रही है या नहीं उना नहीं प्
05:58वैसला उम्र तुम से बढ़कर मेरे जुए नहीं है ते कि मैं अखर करना पने आटो यह इसी बजाट ग्रहार
06:09तोग तक्सिं अचिन यह जब इसाथ कुछानी अखर गोड़ करवह हुर।
06:24सुना था, सुना था, सुना था, हमी के माहें अपने बच्चों के लिए पड़ी से बड़ी कुर्बानी देती हैं, लेकिन
06:29आज वो कहावद भी जूट निक लिए जूट निक लिए, हमी आपको इस बड़े घर और असाइशों की आदत हो
06:36गई है, अब किसी बादे कर रहे हु�
06:42अब कर दो निक लिए अज़ पिए अज़ भी अलग था, आज भी अलग हो तुम तुम तुम तुम मेरे
06:52चिकर का टुकड़ा हो, नोच दिया आपने इस तुकड़े का मिलोच दिया अब इस दखम के साथ जिल्दारे जिसका नाम
06:59उमर है, ने उमर, उमर ने उमर रुक जाओ
07:06जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ
07:14जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ जाओ
07:22जाओ जाओ जाओ जाओ �
07:28आज तो मैं बाप की इज़त का बहुत ख्याल आगे इस से पहले तो हमेशा भाई की साइख लेते थे
07:34भाई है भाई होता तो बाप से इस लहजे में बात ना करता
07:54तुमने कभी कोई काम ढंक से किया है
07:56तो क्या करता जिस टोन में वो अब उसे बात करता मुंसे बरदास्त नहीं हुआ
08:00अब अगर वो उनका बेटा नहीं है तो उनकी बेस्टे करने को तोहत मिल गया है
08:06एक तुम ही रह गय थे से तुमने भी उसे खफा कर दिया
08:18अगर यह कहने से तुम्हारा इशारा मेरी तरफ है
08:21तो मैं उसे कभी नहीं छोड़ूगी
08:24तुम्हे होश्ता बाएगा जब वो तुम्हें छोड़ देगा
08:27अपनी जिन्दगी जिसना करेका जिसना हमें किया उसने
08:38I think अभी मुझे भी कुछ काम समझना जहीए
08:42नहीं नहीं कोई ज़रूरत नहीं है अभी तुम्हे पढ़ाई पर फोकस करो
08:47किसी आने दे भाईजा चीवात है
08:51वैसे भी उमर के होते हुए
08:55आपने कभी इसको आगे तो पढ़ने हैं ही दिया
08:57अगर एमान का साथ ना होता तो
08:58मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं कर पाती
09:01कुछ भी नहीं
09:01आप एक काम करें
09:02आप यहां बैठी है उनके गुन गाए
09:05लेकिन मुझे मेरे बाप का अड्रेस दे
09:38तुम उसके साथ चले जाती है
09:49अभी उस्से में है तुम उसे समझा भुशा के वापस आजाती है
09:59ठीक हुँ जाएगा
10:03नहीं जाएगा
10:09अभी कि उसको समझना पड़ेगा
10:13जिंदगी उसके बनाय में धायरे के गिर नहीं खुपती
10:20अज़े बहुत गिल्टी फिलो रहा है
10:25आपका कुप कुसूर नहीं है
10:30वो एमोशल हो रहा है
10:33हर रिष्टे को बस अपनी जात तक मेह दूर रखना जाता है
10:49सब ठीक हो जाएगा
10:55अल्दा करें
11:18अल्दा करें
11:33कुसूर जिसका भी हो
11:36सजा सबको देते हो
11:40अल्दा करें
11:42अचसे दो बात करो
11:59अचसे दो बात करो
12:03ना दिल की गड़ी
12:07ऐसे वेरान होते
12:13ना आखों में जावन जड़ी
12:23आखेरती ना ये जिन्दगी ऐसे हैरान होती
12:35अगर होते ना तुम बेगाने
12:44बनते ना यू अफसने
12:52बेगानगे में
12:57बनते ना यू अफसने
13:04मुझे अब तुमारे बारे में कुछ शिकायत ना सुने को मिले
13:06तुमने पहली मुझे बहुत परिशान किया हुआ
13:11मुझे अबू
13:13आएंदा इसा नहीं होगा
13:15तुम्हे पता ना मुझे
13:18तुमसे कितनी उमीद है
13:27सामलेकूम
13:29आओ जबार
13:30नाश्ता करो
13:31मैं तो कर लिया नाश्ता भाईजान
13:33मुझे लगा था कि आज आप आफसस आएंगे
13:40तुम होना सा कुछ देखने के लिए
13:43तुम होना सा कुछ देखने के लिए
13:45ताचोवाई उनिवर्स्टी से मैं फैक्ट्री आउंगा
13:57तुम फैक्ट्री जाओ पिल
13:59आइ तिक अभी मुझे भी कुछ काम समझना जाए
14:02नहीं नहीं कोई ज़रूरत नहीं है
14:05अभी तुम अपनी पढ़ाही पर फोकस करो
14:08इसे आने दे भाईजान
14:10अची बात है
14:12इसे काम समझने दे
14:13कॉन्फिटेंस भी आ जाएगा
14:20वैसे भी
14:21उमर के होते हुए
14:23आपने कभी इसको आगे तो पढ़ने ही दिया
14:39ठीक है
14:41अच्छी बात है इसका
14:43अध्यान भी और चीजों से अटेगा
14:50सेद
14:50पांच मिल्ट है तुमारे पास
14:53आजो
14:55अभी
14:57अभी क्यों नहीं
15:01ठीक है मैं अभी आता हूँ
15:09पांच मिल्ट हूँ
15:19अच्छा है उसका ध्यान और तरफ लगेगा
15:26जी अच्छी बात है
15:32मैं आज उमर के पास जाओंगी
15:44हाँ जरूर
15:46क्यों नहीं
16:05जैद ये है तुमारा ओफिस
16:07तुमारी जगह
16:10बैठो
16:11नहीं
16:12मैं यहाँ नहीं बैठ सकता हूँ
16:14यह आप लोगों की जगह है
16:15अरे तुमारे अभू की सीट है
16:17इसके असल हकदार तुम हो
16:19चलो बैठो
16:21संभालो अपनी जगह
16:29हमेशा से यह मेरा खाफ था
16:32मैं तुम इसी जगह पर देखना चाहता था
16:34बस एक खाफ था
16:36कि तुमारा हफ किसी और को ना मिल जाए
16:40मुझे जादा की खाइश नहीं है चाचु
16:42जैद
16:42जिन्दगी की हकीकत को समझो
16:45जब तुम जिन्दगी को करीब से परखोगे तुमें एहसास होगा
16:49कि एक खुबसूरत और पुरा असाइश जिन्दगी उजारने के लिए
16:53क्या चाहिए होता है
17:23मैं तुम्हें बहुत आगे देखता हूँ
17:25तुम्हारी जिन्दगी उसे दूर चला गया
17:26चाचु
17:28कुछ पिलाएंगे ने क्या
17:31तुम्हारा दफतर है जो चाहो पिलवाओ
17:54मैं भी चलो आपके साहर
17:56कैसे चलोगे?
17:59कोई बहाना कर दूँगी?
18:02तुम कोई भी बहाना कर लो
18:04वो तुम्हें मेरे साथ नहीं जाने देंगे
18:08मैं मिलना चाहती थी उससे
18:12माही मेरी जान
18:14अपने खर जो
18:16अभी तुम्हें भी नहीं बता के वो
18:18मुझे भी मिले गया नहीं
18:21ऐसा हो यह नहीं सकता
18:23आप देखेगा
18:25इंतिजार कर रोग आपको
18:30आपको
18:31अभी ओभी
18:35अभी
18:46ऑमा दरवाज़ा खोलो
18:48अभी
18:51वार
18:52तुम्हारी अमनी
18:59दर्वाजा खोलो मैं तुम से बात करनी है
19:03उमार दर्वाजा खोलो वड़ा मैं यहीं खड़ी रहूँगी मैं बात किये बगए नहीं जाओंगी
19:11तुम सारी दुनिया के लिए पत्थर दिल हो सकते हो लेकिन मेरे साथ नहीं
19:15तुम मेरा तमाशा बनाना चाहते हो?
19:18दुनिया को ये दिखाना चाहते हो के एक बेटा अपने घर के दर्वाजे पनी माँ पर बंद कर सकता है
19:25उमार
19:50आप यह क्यों आइए?
19:53खाना खाया तुम्हे
19:56आप जब नहीं थी तब भी खाना खा रहा था
19:58और बाकी की जरूरतें भी पूरी हो रही थी
20:02बहुत बड़े हो गयों ना? अब मेरी जूरत नी रही तुम्हे
20:06मुझे आपकी जरूरत थी अमी इसलिए आपको लेने गया था
20:10मगर आपने मुझे ने उन लोगों को प्रेफरेंस दी
20:14के लिए वो सब कुछ है मैंने
20:18पहले खाना खालो और बैठकर बात करती है
20:21आपको क्या लगता है? कि आप ऐसी बाते करेंगी और मैं बहल जाओंगा?
20:27मैं बच्चा नहीं रहा अमी
20:28तो अगर बड़े हो गए हो तो बड़ों की तरह मामलात को सुचाना सीखो
20:33आप क्यों उन लोगों को छोड़के मेरे साथ नहीं रह सकते?
20:36उमर वो मेरा घर है
20:39एक ओरत अपने शोर और घर के बगए नामकमल होती है
20:42अगर अपनी उलात के बगए मुकमल हो जाती है
20:44महबत को दाएरों में गयाद मत करो अमर
20:48मेरे वहां रहने से मेरी जन्दगी में तुम्हारी आहमियत कम नहीं हो जाएगी
20:53लेकिन मैं रह्मान को केला कैसे छोड़ दूँ
20:58वो घर भी मेरा है अब ये घर भी
21:01लेकिन मुझे तक्सीम मन्जूर नहीं
21:05अब तुम मेरे लिए मुश्किलाब प्रदा करोगे
21:10नहीं करता
21:12आप मुझे बस आड्रेस दे ले
21:14किसका
21:24मेरे बाप का
21:34अमर अब वहां कोई नहीं है
21:38तुम बहां जाओगे भी तो
21:40कोई तुम्हे बहां नहीं पहचानेगा
21:42मुझे अपने रिष्टे ढूँगा
21:44अपने रिष्टे
21:47चो मुझे कभी टेसोन नहीं करेगा
21:49क्या कहना चाहते हो तुम
21:52कि मैंने तुम्हें डिसोन करती है
21:54मैंने
21:55जिसने तुम्हारी वज़ा से सारी उमर
21:59सुस्राद वालो की कड़वी कसेली बाते सुनी
22:04अगर आइमान का साथ ना होता तो
22:06मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं कर पाती
22:09कुछ भी नहीं
22:09आप एकाम करें
22:10आप यहां बैठी ही उनके गुन गाए
22:13लेकिन मुझे मेरे बाप का अड्रेस दे
22:16ठीक है अमर
22:19जैसे तुम्हारी मरसी
22:22शायद मैं ही कुसूबार थी
22:25तुम्हारे लिए वस्थ नहीं कर सकी
22:27जो मुझे करना चाहिए था
22:32जा
22:33जाकर वो रिष्टे भी आसमान
22:36मगर एक बात याद रखना
22:39वहां कोई एक शख्स भी ऐसा नहीं
22:41जो तुम्हें पहचान सके
22:53अब आपके सहत काफी बहते रहे तायबू
22:57हाँ, अलहम्दुलिल्ला
22:59बहुत बेटर है
23:01ये सब तायमी के जुदाई का नतीचा है
23:03बढ़ना आपको कुछ नहीं हुआ
23:09लीजे, तायमी भी आ गए
23:17तायबू आपको याद कर रहे थे
23:21उमर कैसे है, मिला आपसे
23:27जा रहा है
23:33अपने रिष्टे ढूनने जा रहा है
23:37सगे और असर रिष्टे
23:41क्या वापसे अच्छे से नहीं मिला
23:45बत्तमी से किया उसने
23:50उसकी फिकर करना चोड़ दो माही
23:55क्यों?
23:56क्योंके दरिया के दो किनारे कभी नहीं मिल सकते
24:00वो सिर्फ इस घर से नहीं गया
24:03हमारी जिंदग्यों से चला किया है
24:07ऐसा तो नहीं है
24:10वो अपनी मन्जिल ते कर चुका है माही
24:14और तुम वो नहीं हो
24:18हमें से कोई भी वो नहीं है
24:23मेरी एक बात गोर से सुन लू तुम्हारा और उमर का मिलन एक मुज़ा है
24:33और आज के दोर में मुज़े नहीं होते है
24:39समझ में आई तुम्हें?
24:55कर दोर में मुज़े नहीं होते है
25:22मेरा यकीन करो
25:24वो लौट कर वापस तुम्हारे पास रहेगा
25:30नहार की उरह मारी
25:34नहार बेड़ा होते है
25:58मुझे अपनी गलती का इसास हो गया है
26:05मेरे तुम्हारे साथ नहीं छोड़ा हूँ है
26:19जब सगी मा अपनी ओलाद का साथ चोड़ सकती है
26:34तुम्हारे लिए वो सब नहीं कर सके जो मुझे करना चाहिए था
26:38जाओ
26:40जाकर वो रिष्टे भी आसको
26:42मगर एक बात यार रखना
26:45वहां को एक शक्स भी ऐसा नहीं
26:47जो तुम्हारे चाहिए
27:09उमर आई लव यू
27:20जारी जाओ
27:20जुशाओ
27:21जाओ
27:21जुशाओ
27:22मेरा तो सर फखर से बलंदो गया
27:25मै तो हमेशा से जुशाओ
27:27से जाओ जहाती हूं
27:30जन दिनों में सारा सेट अब समझ जाएगा
27:34मैं तो कहते हूं भाईजान को रिटारमेंट लेले लेंगे
27:36चाहिए
27:38मैं सॉरी
27:40लेकिन मुझे आपकी बातों से खत्रे की बूँ आरे है
27:46देखो बिटा, वो मेरी कलौती अउलाद है
27:50सबरदस्ती किसी के गले में नहीं डालूंगा
27:53मुझे अपनी गलती का इसास हो गया है
27:56जो रिष्टा खत्म हो गया बस खत्म हो गया
28:01लेकिन खून के रिष्टे कभी खत्म नहीं होते हैं
28:04ठीक कह रहे हैं, बिटा, तुम दोनों खुश रो, हम भी खुश
28:19अच्छ दादो, मुझे एजास्त दें, अबबू से मिल लो, सीधा यहीं आगया था
28:26ठीक है पिटा, जाओ
28:32सीधा सा बच्चा है, जल्दी लाइन पर आ जाएगा
28:38मुझे तो आप लोगों की समझ ने आ रही है
28:43कल तक रिष्टा तूटने पर जाइदाद अलग की जा रही थी
28:47और आज सब कुछ उलट गया
28:52तुमारा दिमाग ज्यादा सोचने के काबिल नहीं
28:56उस पर बोजना डाला करो
28:57इसी दिए तो गुजारा हो गया है
29:01उन्हा तुम्हे क्या पता है के खानदान का एका क्या होता है
29:04हुमारे तो तीन भाई थे, तीन उन्हें अलग अलग शादियां कहीं, एक उदर गया, एक उदर गया
29:10मैं तो इन्शादा अपने जीते जी अपने खानदान को अपने सामने फलते फूलते देखा गया
29:17इन्शादा
29:24हमें आप लों की तरह स्यासब बाजिया नहीं आथ, साथ भी रहों और एक दूसरे की टांप भी खेचू
29:34क्या है अग्भा क्यूं कर रही हूं मुझे
29:37आज कल सब बहुत महनवान हो रहे हैं तुम पर, क्या बात है
29:41वो तो हमेशादा रहे है
29:45आप अब ईसे देख किया यह है
29:49उमर से मिलना है मुझे
29:51नमनालोस का
29:54बस इतना हुसला था
29:55छोड़ दिया उसके साथ
29:57तो तुम काभल वी है कर शसाथ दिया जाए
30:00तुम है अंड़ाज़ भी है कि उसने हमार साथ क्या क्या है
30:03मुल्ड़ाद के कावें
30:05मैंने तुम से उसके बार में राइनी भूछिये
30:07मैं नहीं ले जाओगा
30:08तुम नहीं लेकर जाओगे पिर भी मैं हर हाल में जाओगी
30:11चाहे मुझे इसके लिए कुछ भी करना पदी
30:13क्या करोगी
30:16मुहबत अपना रास्ता खुदी बनाने
30:18मैं तुम्हें उमर से मिलकर दिखाऊग।
30:34मैं तुम्हारे साथ भी आओंगा।
30:39जरूरत दिनेंगे।
30:49जरूर्बाइ भी आओंगा।
30:52टूर स organiz हाथ उन्हें नुटिंगर प्रगों
30:55ब्सक्से।
30:56थात पांगा ज्यामचर पय हो कि दो भी आवक रिखाँ
31:03करiformव पा palavra टो से बादने मिलेते हैं
31:38कि अपनी अकल से जज़ करो
31:46जैद मेरे बच्चे तुम्हारा बाप एक बहुत रहम दिल इनसान है
31:51उमर के लिफ से क्या कुछ नहीं किया
31:53चाजू बेटर होगा कि हम उमर को डिस्कस ना का
31:55ना ज़रूरत भी नहीं है
31:58वक्त ने थाबित कर दिया कि वो हमारे खानदान का हिसा कभी था ही नहीं
32:01लेकिन जैद तुम मेरी एक बात कभी न भूलना
32:06इसे मेरी नसीहत समझो या कुछ भी
32:09तुमाहीन सचादी नहीं करना चाते ना करो
32:13अगर माहीन तुम्हारे खानदान की इज़त है
32:17और अपने खानदान की इज़त के महाफिज तुम हो
32:41हाँ मैं हाँ
32:45इतना है खिना थे एंदान की हो रहे हो
32:48तुम्हाँ के आखरी किराने नहीं पहुँच गए तो यह तो मैं तुमाही डूनना पाती
32:51है
32:54हाँ
32:55हाँ
32:55हाँ
33:04सब्सक्राइब ग।
33:05पुम्म्म।
33:07नट बैड।
33:08तुम्हार क्यों आई हो?
33:11तुम्से मिलना आई हो?
33:15तुम तो हवा के जोगे की तर्रा का एकर चले जाके हो
33:17खुसा जिसका भी हो
33:19सबके साथ मुछ पर भी उतार्णा अटाँ
33:23तुम्हें आनी आना चाहिए था
33:30क्यों तुम्हें अच्छा नहीं लगा
33:37मैंने तुम्हारे इंतिजार के वादर किया हूं
33:41लेकिन मैं क्या करूँ
33:44तुम्हें देखे बगाए तुमसे बात किये बगाए मेरा दिन ही नहीं गुसरता
33:50क्योंकि मैं तो वो बेल हूँ जो दिवार के सहारे आगे बढ़ती है
33:53और मेरा सहारा तुम हूँ
33:58बस हो गया
34:01जितना वक्त इस डायलोग को याद करने में लगाया न
34:04उतना ही अपने मुस्तक्बिल के बारे में सोच लेती
34:07तो ये पता चल जाता कि उसमें मैं कहीं नहीं
34:26क्या कहा चली जागे आसे
34:33कहां कहां चली जाओ
34:38हमारे दर्मियान सब खत्म हो गया
34:43यहां देखो
34:46मेरी तरफ देख के बात करो
34:51वो महबत जो तुम्हें मुझसे थी
34:55वो वादे भी जो तुमने मैंसा जिन्दगी गुजारने के लिए किये थे
34:59वो सब खत्म हो गया
35:01किस महबत की बात करती हो तुम
35:04वो महबब जिसने पहले मरहले में हाथ छुड़वा लिया थे
35:09वो वादे जो वक्त आने पे तोड़ दिये तुमने
35:14उस वक्त मुझे तुम्हारी जरूरत थी
35:16तुम्हारा साथ चाहिए था
35:18मगर तुमने क्या कह?
35:20मैंने तुम्हारा साथ नहीं छुड़ा हूँ, मैं
35:33हम दोनो कभी एक नहीं हो सकते
35:39तुम उस खानदान का हिस्सा हो
35:42जिन से मुझे नफ्रत है
35:45तुम उन लोगों में से हो
35:48जिनोंने मुझसे मेरी माव को चीन लुँए
35:53तुम लोगोंने मुझे मुझरम बना दिया
35:56मुझ से मेरी शनाख्त, मेरा नाम, सब कुछ चीन लिया तुम लोगोंने कुछ नहीं छोड़ा मेरे पास
36:08कौन हो तुम?
36:10मैं तुम्हें नहीं जानता, नहीं पैचानता मैं तुम्हें
36:14नफरत करता हूँ मैं तुम्हारे खांदान से, चली जाओ यहांसे
36:24तुम्हेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं?
36:27मैंने का दूर हो जाओ मेरी नजों से
36:37अमर, तुम्हें यह नहीं गर से थे
36:41हम, हम शादी कर लेते हैं, मैं तयार हूँ
36:44मुझे तुम्हारे साथ कोई रिस्ता नहीं बनाना
36:47मैं तुम्हें देखूंगा तो मुझे वो लोग याद आएंगे
36:51जिनकी नफरत ने उमर को उमर नहीं रहने दिया
36:55मुझे कोई महपत नहीं याद ने
36:57मुझे सिर्फ वो नफरत याद है
37:00जो मैं तुमसे करता हूँ
37:01और तुम्हारे खांदान से करता हूँ
37:07जो मुझे आएंगे तुम्हारे तुम्हारे जाओ
37:17जैसे मैं मर गयाँ और आज के बाद मेरे रास्ते में कभी मर आना
37:22भूल जाना के तुम्हारे जिंदगी में कभी कोई उमर भी था
37:34होते ना तुम बेगाने
37:38बंते ना यू अफसाने
37:44बेगालगी में
37:46बंते ना यू अफसाने
37:48होते ना तुम बेगाने
37:53बंते ना यू अफसाने
37:58बेगालगी में
38:01बंते ना यू अफसाने
38:07बंते ना यू अफसाने
38:14हुआ हुआ हुआ है
38:39हुआ हुआ हुआ है
39:09अमीदा भी गम है
39:10हाँ
39:12सब ने कहा था कि इस खर में एक पी ऐसा पत्मी होगा जो उमर इप्रहीम को पेचान सकी
39:16हुआ हुआ हुआ है
39:23हुआ हुआ हुआ हुआ है
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