00:25।
00:26तो मामला शुरू होता है 1984 से नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट यानि की एनाटीटी जो एक पब्लिक चैरेटेवल ट्रस्ट है
00:35के पास टाटा संस के 833 सेयर थे
00:381984 में इंकम टैक्स एक्ट में संसोधन हुआ नए टैक्स नियम के तहर चैरेटेवल ट्रस्ट को टैक्स शुट पाने के
00:44लिए अपने पैसे कुछ टै निविश्व में लगाने थे
00:47टाटा संस के शेयर इस लिष्ट में नहीं थे इसलिए ट्रस्ट पर भारी टैक्स लग सकता था नॉमबर 1988 में
00:53सेंट्रल बोर्ड ओफ डाइरेक्ट टैक्स ने एनाटीटी को नेस्नल ट्रस्ट माननेता देने से इनकार कर दिया इसका मतलब क्या है
01:00तो इसका मतलब था कि ट्र
01:13का कॉर्पस सुरक्षित रहे नवल टाटा जो एनाटीटी के ट्रस्टी थे उन्होंने एक जनवरी 1988 को इस्तिफा दे दिया था
01:20फरवरी 1990 में चैरिटी कमिशनर ने इस रिजाइंगनेशन को स्विकार किया दिसंबर 1988 में मश्यूर वकील नानी पाल की वाला
01:28ने लीगल ओपि
01:4333 शेयरों की ट्रांजेक्शन हुई जिसकी कीमत वेल्ट टैक्स वेल्वेशन के अधार पर बैठी 1914 रुपए प्रती शेयर कूल कीमत
01:5015,94,000 और ट्रस्ट को प्रॉफिट हुआ 8,15,000 टाटा संस बोर्ड ने भी मंजूरी दी सभी डोकुमेंट
01:56तयार थे अब इस पूरे वि�
02:10लिक चैरिटेवल एसेट्स को प्राइवेट हार्थों में ट्रांसफर करना था जून 2026 में टाटा ट्रस्ट के वाइस चियर्मेन बीजय सिंग
02:17ने खुद चैरिटी कमिशनर को लेटर लिखा जिसमें उन्होंने इंडिपेंडनेंट इंक्वाइरी की मांग की उनका कहना था
02:23कि नोयल टाटा जिनको इस ट्रांसफर से फायदा हुआ है वो अभी ट्रस्ट के चेर्मेन है तो कंफ्लिक्ट आफ इंट्रेस्ट
02:29हो सकता है लेकिन दिल्चस बात ए है कि 8 जून को विजय सिंग ने बोर्ड रिजॉलेशन में इसी ट्रांसफर
02:34को बैद माना था और 10 जून को
02:36इसी पर सवाल उठा दिये चैरिटी कमिशनर ने इसे ट्रस्टी के लिए अनुचित व्यवहार कहा दो सितंबर 2026 को स्टेट
02:43चैरिटी कमिशनर अमोग एस कलोटी का ओडर आया उन्होंने कहा कि टैक्स की मजबूरी थी ट्रस्ट की टैक्स एक्चेम्टन स्टेटस
02:50खत्रे मे
03:021989 में जो कानून लागू थे उनका पूरा पालन हुआ कमिशनर ने कहा कि 1988 के फैसले को 2026 में
03:09रिवीव करना सही नहीं है यह ओडर नोयल टाटा के लिए बड़ी रहत है वे इन 833 शेरों के बारिस
03:15हैं जो बाद में रटन टाटा नोयल टाटा जीमी टाटा और सीमोन टाटा को
03:19मिले थी अब नोयल टाटा टाटा एमपायर पर अपनी पकड मजबूत कर सकते हैं खास कर जब इन चंदर शेकरन
03:252027 की शुरुवात में चियर्मेन पद से हट रहे हैं लेकिन एक एहम बात है कि चैरिटी कमिशनर ने सिर्फ
03:32रतन टाटा ट्रस्ट पर लगी रोक नहीं हट है �
03:34बलकि मई में सेक्शन 36A1 के तहद रिस्टेंट लगा था क्योंकि SRTT बोर्ड की कमपोजीशन और सेक्शन 30A2 के तहद
03:43पर पेचुवल ट्रस्टीज की संख्या पर सवाल थे और में एक और एहम पॉइंट है चैरिटी कमिशनर ने कहा कि
03:49NRTT के ट्रस्टीज कतम उठा सकते हैं �
03:52अगर पाया गया कि दिपंगत रटन टाटा ने अपनी वसियत में शेयरों को किसी अन्य चैरिटेवल संस्था को दे दिये
03:58हैं जो नवल टाटा के उस वादे के खिलाफ होगा कि शेयर सिर्फ फैमली में रहेंगे ये था 1989 के
04:04टाटा शेयर ट्रांसफर मामले का पूरा सच फि
04:21झाल