Skip to playerSkip to main content
Tata Group is facing a major power struggle, and amid the ongoing tensions, Noel Tata has received significant relief in a 37-year-old share transfer case. The Maharashtra Charity Commissioner has closed the inquiry into the controversial 1989 transfer of 833 Tata Sons shares linked to the Nawabji Ratan Tata Trust (NRTT). But why were these shares transferred in the first place? Was the transaction made to protect the trust from a potential tax liability? Why did the issue resurface after 37 years? And why did Tata Trusts Vice Chairman Vijay Singh seek an independent inquiry? In this video, we explain the entire Tata Trusts share transfer controversy—from the tax rules introduced in the 1980s and the 1989 transaction to the Charity Commissioner’s September 2026 order.


Tata Group में चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच 37 साल पुराने Tata Sons Share Transfer विवाद में Noel Tata को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र के Charity Commissioner ने 1989 के 833 Tata Sons Shares Transfer मामले की जांच बंद कर दी है। लेकिन आखिर 1989 में ये शेयर Transfer क्यों किए गए थे? NRTT यानी Nawabji Ratan Tata Trust के पास मौजूद 833 Tata Sons Shares को Naval Tata से जुड़े ट्रांजैक्शन में क्यों Transfer किया गया? क्या इसके पीछे Tax Exemption बचाने की मजबूरी थी? मई 2026 में इस पुराने मामले पर Legal Notice आने के बाद विवाद फिर चर्चा में आया। Tata Trusts के Vice Chairman Vijay Singh ने Independent Inquiry की मांग की और Noel Tata पर Conflict of Interest का सवाल भी उठा। अब 2 सितंबर 2026 के Charity Commissioner के Order में क्या कहा गया? ₹1,914 प्रति शेयर की Valuation कैसे तय हुई? Trust को ₹8.15 लाख का Profit कैसे हुआ? और क्यों Commissioner ने माना कि 1989 में लागू कानूनों के मुताबिक Transfer किया गया था?

#TataGroup #NoelTata #TataTrusts #TataSons #RatanTata #TataGroupNews #TataTrustsControversy #NavalTata #BusinessNews #HindiNews

Also Read

Trent Shares Nosedive 11% Today: What Triggered the Sell-Off? Check Reasons & Target Price :: https://www.goodreturns.in/news/trent-shares-nosedive-11-today-what-triggered-the-sell-off-check-reasons-target-price-1520483.html?ref=DMDesc

Another Major Exit: Why Long-Time Tata Confidant Mehli Mistry Has Left RNT Associates :: https://www.goodreturns.in/news/mehli-mistry-resigns-from-rnt-associates-board-impact-on-tata-trusts-legacy-2026-014-1519611.html?ref=DMDesc

Why Is Trent Share Price Falling Today? Tata Group Stock Adjusts 33% on Bonus Issue Record Date :: https://www.goodreturns.in/news/why-is-trent-share-price-falling-today-tata-group-stock-adjusts-33-on-bonus-issue-record-date-1513047.html?ref=DMDesc

Category

🗞
News
Transcript
00:25।
00:26तो मामला शुरू होता है 1984 से नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट यानि की एनाटीटी जो एक पब्लिक चैरेटेवल ट्रस्ट है
00:35के पास टाटा संस के 833 सेयर थे
00:381984 में इंकम टैक्स एक्ट में संसोधन हुआ नए टैक्स नियम के तहर चैरेटेवल ट्रस्ट को टैक्स शुट पाने के
00:44लिए अपने पैसे कुछ टै निविश्व में लगाने थे
00:47टाटा संस के शेयर इस लिष्ट में नहीं थे इसलिए ट्रस्ट पर भारी टैक्स लग सकता था नॉमबर 1988 में
00:53सेंट्रल बोर्ड ओफ डाइरेक्ट टैक्स ने एनाटीटी को नेस्नल ट्रस्ट माननेता देने से इनकार कर दिया इसका मतलब क्या है
01:00तो इसका मतलब था कि ट्र
01:13का कॉर्पस सुरक्षित रहे नवल टाटा जो एनाटीटी के ट्रस्टी थे उन्होंने एक जनवरी 1988 को इस्तिफा दे दिया था
01:20फरवरी 1990 में चैरिटी कमिशनर ने इस रिजाइंगनेशन को स्विकार किया दिसंबर 1988 में मश्यूर वकील नानी पाल की वाला
01:28ने लीगल ओपि
01:4333 शेयरों की ट्रांजेक्शन हुई जिसकी कीमत वेल्ट टैक्स वेल्वेशन के अधार पर बैठी 1914 रुपए प्रती शेयर कूल कीमत
01:5015,94,000 और ट्रस्ट को प्रॉफिट हुआ 8,15,000 टाटा संस बोर्ड ने भी मंजूरी दी सभी डोकुमेंट
01:56तयार थे अब इस पूरे वि�
02:10लिक चैरिटेवल एसेट्स को प्राइवेट हार्थों में ट्रांसफर करना था जून 2026 में टाटा ट्रस्ट के वाइस चियर्मेन बीजय सिंग
02:17ने खुद चैरिटी कमिशनर को लेटर लिखा जिसमें उन्होंने इंडिपेंडनेंट इंक्वाइरी की मांग की उनका कहना था
02:23कि नोयल टाटा जिनको इस ट्रांसफर से फायदा हुआ है वो अभी ट्रस्ट के चेर्मेन है तो कंफ्लिक्ट आफ इंट्रेस्ट
02:29हो सकता है लेकिन दिल्चस बात ए है कि 8 जून को विजय सिंग ने बोर्ड रिजॉलेशन में इसी ट्रांसफर
02:34को बैद माना था और 10 जून को
02:36इसी पर सवाल उठा दिये चैरिटी कमिशनर ने इसे ट्रस्टी के लिए अनुचित व्यवहार कहा दो सितंबर 2026 को स्टेट
02:43चैरिटी कमिशनर अमोग एस कलोटी का ओडर आया उन्होंने कहा कि टैक्स की मजबूरी थी ट्रस्ट की टैक्स एक्चेम्टन स्टेटस
02:50खत्रे मे
03:021989 में जो कानून लागू थे उनका पूरा पालन हुआ कमिशनर ने कहा कि 1988 के फैसले को 2026 में
03:09रिवीव करना सही नहीं है यह ओडर नोयल टाटा के लिए बड़ी रहत है वे इन 833 शेरों के बारिस
03:15हैं जो बाद में रटन टाटा नोयल टाटा जीमी टाटा और सीमोन टाटा को
03:19मिले थी अब नोयल टाटा टाटा एमपायर पर अपनी पकड मजबूत कर सकते हैं खास कर जब इन चंदर शेकरन
03:252027 की शुरुवात में चियर्मेन पद से हट रहे हैं लेकिन एक एहम बात है कि चैरिटी कमिशनर ने सिर्फ
03:32रतन टाटा ट्रस्ट पर लगी रोक नहीं हट है �
03:34बलकि मई में सेक्शन 36A1 के तहद रिस्टेंट लगा था क्योंकि SRTT बोर्ड की कमपोजीशन और सेक्शन 30A2 के तहद
03:43पर पेचुवल ट्रस्टीज की संख्या पर सवाल थे और में एक और एहम पॉइंट है चैरिटी कमिशनर ने कहा कि
03:49NRTT के ट्रस्टीज कतम उठा सकते हैं �
03:52अगर पाया गया कि दिपंगत रटन टाटा ने अपनी वसियत में शेयरों को किसी अन्य चैरिटेवल संस्था को दे दिये
03:58हैं जो नवल टाटा के उस वादे के खिलाफ होगा कि शेयर सिर्फ फैमली में रहेंगे ये था 1989 के
04:04टाटा शेयर ट्रांसफर मामले का पूरा सच फि
04:21झाल

Recommended