00:26Tata Group
00:30इसलिए भी एहम है क्योंकि उनके बाद Tata Suns को नया चियर्मेन चुनना होगा।
00:35यानि अगले कुछ महीने सिर्फ Tata Group की नहीं बलकि निवेशकों के लिए भी काफी महत्मून रहने वाले हैं।
00:41लेकिन बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि चंदर सेकरन क्यों जा रहे हैं।
00:44असली सवाल यह है कि आखी रहसा क्या हुआ।
00:47कि Tata Group में सबसे ताकतवर प्रोफेस्नल चेयर्मेन रहे चंदर सेकरन ने खुद को दुबारा नियुपनी की रेश से बाहर
00:53कर लिए।
00:54क्या इसके पीछे टाटा ट्रस्ट के चेयर्मेन नोयल टाटा के साथ मतवेध हैं।
00:58क्या Tata Suns के IPO को लेकर दोनों की सोच अलग हैं।
01:01या फिर Tata Group की अगली PD के नितुरत को लेकर कोई बड़ा प्लान तयार हो रहा है।
01:06और मार्केट के लिए सबसे बड़ा सवाल या कि चंदर्शेकरन के जाने के बाद Tata Group की कमपनियों में क्या
01:12बदलेगा।
01:12और अगला चेयर्मेन कौन होगा।
01:15नमस्कार मैं हूं सुमित कुमार और आप देख रहे हैं Good Returns।
01:18आज की कहानी में समझेंगे इस पूरे प्लान, सबसे पहले बात कर लेते हैं चंदर्शेकरन के फैसले को लेकर, कि
01:24आखिर इसका मतलब क्या है।
01:25तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एन चंदर्शेकरन ने ततकाल इस्तीफा नहीं दिया है।
01:30उनका मौझूदा कारेकाल फरवरी 2027 में खत्म होने वाला है।
01:33उन्होंने कहा कि वह इसके बाद दोबारा न्युक्ति के लिए दावेदारी पेश नहीं करेंगे।
01:38यानि अगले करीब 6 महीने तक वह टाटा संस के चेयर्मेन बने रहेंगे।
01:42इस दवरान नए उत्राधिकारी के चैन और हैंडोवर की प्रक्रिया में मदद करेंगे।
01:46यानि यूँ कहें तो यह अचानक लिया गया फैसला नहीं है।
01:49बलकि टाटा संस को नए नित्रत्य के लिए तयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
01:54लेकिन बड़ा सवाल या है कि चंदर सेखरन को दबारा न्युक्ति क्यों नहीं मिले।
01:57क्यों उनको दबारा न्युक्ति नहीं चाहिए।
01:59और यहीं से पूरी कहानी दिल्चस्प हो जाती है।
02:02रिपोर्ट्स और वाजार में चल रहीं चर्चाओं के मुताविक चंदर सेखरन ने दबारा न्युक्ति होने के लिए टाटा ट्रस्ट के
02:08भीतर सहमति नहीं बन पाई यानि कि चंदर सेखरन के न्युक्ति पर टाटा बोड के तमाम जो अधिकारी थे वो
02:13सहमत नहीं हो पा�
02:20बता दे कि रटन टाटा के निधन के बाद जब नोयल टाटा ने टाटा ट्रस्ट की कमान समभाली तो उसके
02:25बाद दोनों के बीच यानि कि नोयल टाटा और इन चंदर सेखरन के बीच रन नितिक और मैनेजमेंट को लेकर
02:30मत्वेद की खबरे सामने हैं
02:32गरिब 6 महीने तक इस्तिती साफ नहीं हुई और इसके बाद चंदरसेखरण ने खुद को आगे ना रखने का फैसला
02:38किया।
02:38अब यह भी समझना जरूरी है कि नोयल टाटा और चंदरसेखरण के बीच मतभेद किस बात पर थे।
02:43तो सबसे बड़ा मुद्दा Tata Suns के IPO का बताया जा रहा है।
03:13पब्लिक कंपनी ना हो यानि की कंपनी लिस्ट ना हो। यानि एक तरफ आप देखें तो Tata Suns को पब्लिक
03:18करनी की सोच और दूसरी तरफ मौझूदा
03:21स्टक्चर को बनाए रखनी की सोच है। या है एक बड़ा स्ट्रेटिक डिफरेंस है। इस बज़ा से भी दोनों के
03:25बीच मतभेद बढ़ी।
03:26दूसरा बड़ा मुद्दा है Tata Group के aggressive investment को लेकर चंद सेखरन के काले काल में Tata Group ने
03:33कई बड़े दाव लगया। यार इंडिया का acquisition हो या फिर Tata Digital का expansion हो या फिर Big Basket
03:39जैसे कारोबार में investment हो। इन सब को aggressive investment का हिस्सा बताया जाता है।
03:44इन निवेशों का मकसद लंबे समय में नए growth earning तयार करना है। लेकिन सवाल या है कि इन investment
03:50से return कब आएगा क्योंकि अब तक कुछ खास return आता हुआ दिखाई नहीं दे रहा। बता दे कि Tata
03:55Group को परंपरिक तोर पर conservative management के लिए जाना जाता है। वहीं चंदर सेखरन के करीब एक
04:01दशक के कारेकार में ग्रूप ने कई जगा aggressive expansion किया या strategic difference भी दोनों के बीच मतभेद की
04:07एक बड़ी वचह मानी जाती है। अब समझे कि चंदर सेखरन Tata Group के लिए इतने महत्पून क्यों थे। तो
04:13Tata Group के साथ चंदर सेखरन का रिष्टा सिर्फ Tata Suns के chairman तक सीमित नहीं था
04:17वो इससे पहले TCS के CEO और MD रह चुके थे। उनके नेतरित में TCS Tata Group की सबसे मजबूत
04:24कमपनियों में से एक बनी और इसी track record को देखते हुए 2017 में उन्हें Tata Suns की command दी
04:30गई। वह Tata Group के पहले गैर पार्सी और गैर Tata Professional Chairman थे। यानि उनका आना खुद Tata Group
04:36की leadership structure में एक बड़
04:47दर्सन एक जैसा नहीं रहा। खास्त और पर TCS पर दबाव बढ़ा। TCS में करीब 28% की गिरावट का
04:53जिक्र वाजार के जनकार करते हैं और IT सेक्टर की कमजोरी भी इसकी चिंता बताई जाती है। इसलिए चंदर सेक्रन
04:59के जानने की खबर के बाद TCS में तेज गिरावट �
05:02भी देखने को मिली वह गिरावट इसलिए क्योंकि वाजार अंसर्टेनिटी को पसंद नहीं करता है। खावर सामने आने के बाद
05:07Tata Group की कई लिष्टेट कंपनीज में दबाव देखने को मिला। Tata Steel हो, Tata Motors, Tata Technologies और Tata
05:14LXT जैसे शेरों में गिरावट रही जबकि TCS करीब 4% स
05:30कमी आई। अब आते हैं सबसे बड़ा और सबसे एहम सवाल को, कि अगला चेयर्मेन कौन होगा, तो यहीं Tata
05:36Group के सामने सबसे बड़ी चुनावती है। चंदर सेकरन के बाद कोई ऐसा 1st 2nd in command सामने नहीं है
05:42जिससे सीधे जगह पर बैठाया जा सके, यानि कि चंदर सेकरन के
05:56कमान किसी experience professional को मिलती है या Tata family की अगली generation को तयार किया जाता है। क्योंकि media
06:03reports में Noel Tata के बेटे नेविल Tata को भविश्य के leadership structure से जोड़ कर देखा गया है। हलाकि
06:09अभी तक यह तैय नहीं है कि उन्हें Tata sons की कमान दी जाएगी या नहीं। लेकिन बड़ा सवाल यह
06:14है कि Tata Group professional
06:15leadership model को आगे बढ़ाएगा या धीरे धीरे family lead structure की तरफ लोटेगा। क्योंकि Tata Group का इतिहास अगर
06:22देखें तो लंबे समय तक Tata family का influence leadership में रहा है। साइरस मिस्तरी और फिर इन चंदर सिखरन
06:28के आने के बाद professional leadership का दोर मजबूत हुआ। उससे पहले Tata family के हाथ में ही कमान रह
06:33अब या परंपरा आगे जारी रहती है या बदलती है इस पर market की नजर रहेगी। शेरो पर भी असल
06:39impact इसी बात से तैय होगी कि नया successor कौन है। उसकी strategy क्या है और Tata Suns की investment
06:45policy, IPO और नए business model को लेकर के नजरिया क्या रहता है। तो कुल मिलाकर इन चंदर सिखरन का
06:51Tata Suns से बाह
07:03पर होगी, नया chairman कौन होगा, succession कितना smooth होगा और Tata Group की future strategy क्या होगी। आपको क्या
07:10लगता है Tata Suns का अगला chairman कौन हो सकता है अपनी राय कमेंट सेक्षन में जरूर बताएं और ऐसे
07:15ही तमाम updates और share market से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें good returns डिश्टन के सामद
07:20झाल
07:22झाल
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