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नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाके में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है।सद्गुरु की कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े 77 श्रद्धालुओं के इमिग्रेशन सेंटर में होने के बाद उनकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सद्गुरु के मुताबिक, बाढ़ के दौरान गिरोंग का इमिग्रेशन सेंटर और आसपास का इलाका बुरी तरह प्रभावित हुआ।Isha Foundation के अनुसार, 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि कई श्रद्धालु अभी भी तिब्बत और नेपाल में मौजूद हैं।सद्गुरु ने कहा है कि उन्हें प्रभावित लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी lका इंतजार है और बचाव प्रयासों में हर संभव मदद की जा रही है।उन्होंने यह भी बताया कि वह खुद क्षेत्र में मौजूद हैं ताकि राहत और रेस्क्यू के प्रयासों को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।इस बीच नेपाल के रासुवा इलाके में बाढ़ और भूस्खलन ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।आखिर इन 77 श्रद्धालुओं के साथ क्या हुआ और रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक क्या सामने आया है?देखिए नेपाल बाढ़, सद्गुरु और Isha Foundation से जुड़ी इस पूरी खबर का विस्तृत अपडेट।

A devastating flash flood has caused massive destruction along the Nepal-Tibet border.
Concerns have intensified over 77 pilgrims associated with Sadhguru’s Kailash Mansarovar pilgrimage group.
According to Sadhguru, the pilgrims were at an immigration centre in Gyirong when the flash flood struck.The building and large parts of the surrounding town were reportedly inundated by the sudden surge.
Isha Foundation has said that 495 people from its groups have already returned safely, while others remain in Tibet and Nepal.said there is still no official information about the whereabouts of those who were at the immigration centre.He has stated that he is personally in the region and that the foundation is working with authorities on rescue and relief efforts.
The disaster has also severely affected Nepal’s Rasuwa region, with flooding and landslides disrupting roads and communications.Watch the full story for the latest updates on the 77 pilgrims, the rescue operation and Sadhguru’s response.

#Sadhguru #IshaFoundation #NepalFlood #NepalFlashFlood #KailashMansarovar #KailashYatra #FloodNews #IndiaNews #RescueOperation

~PR.512~HT.408~ED.110~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:09निपाल और तिबित की सीमा पर आई एक खौफनाथ फ्लाश फ्लड ने ऐसा संकट खड़ा कर दिया है जिसने सेक्णों
00:16परिवारों की चिंता बड़ा दी सबसे बड़ा सवाल है
00:19आकिर सद्गुरू के साथ कैलाश मांसरोवर यात्रा पर गए 77 श्रद्धालू का क्या हुआ क्या ये 77 लोग सच में
00:29लापता हो गए है इनका क्या हाल है कहां फसा है इनका पूरा ग्रूप और जब बाड़ ने इमिग्रेशन सेंटर
00:37को ही अपनी चपेट में ले लिया तो अब
00:39इन लोगों तक रेस्क्यू टीम कैसे पहुचेगी इन सवालों के बीच सद्गुरू कुछ सामने आए हैं और उन्होंने कहा है
00:46कि वो प्रभावित इलाके में मौजूद और रेस्क्यू आपरेशन में हर मुमकिन मदद के लिए तयार है लेकिन पूरी कहानी
00:54सिरफ इन 77 लो�
01:09फाउंडेशन के कई ग्रुप्स तिबिट से वापिस लौट रहे थे और इसी दौरान उनका एक ग्रुप तिबिट के गायरोंग इलाके
01:17के इमिग्रेशन सेंटर पहुचा था यही वो वक्त था जब अचानक भयंकर फ्लाश फ्लड ने पूरे इलाके को अपनी चपेट
01:25में
01:25ले लिया सद्गूरू के मुताबित जिस इमिग्रेशन सेंटर में यह लोग मौजूद थे वो भी बाड में डूब गया और
01:32आसपास के बड़े हिस्से में पानी भर गया और इसके बाद सबसे बड़ी मुश्किल शुरू हुई इन 77 लोगों के
01:40बारे में कोई भी ऑफिशल
01:42कनफर्मेशन यह ओफिशल इनफॉर्मेशन नहीं मिल पाई यानि हमें नहीं पता कि यह 87 लोग कहा है यानि फिलाल सबसे
01:51जरूरी बात यह है कि इन लोगों को डेट डिकलेर तो नहीं किया गया है लेकिन वो कहा है यह
01:57भी नहीं पता और जिस हिसाब से नेपाल के अंदर डे
02:12और जरूरत पढ़ने पर रेस्क्यू में शामिल होने के लिए सद्गुरू की टीम ईशा फाउंडेशन ये भी तैयार है अब
02:19जरा आकड़ों को समझे सद्गुरू के मताबित इस कैलाश पिल्ग्रिमिज से जुड़े 21 ग्रुप में से 495 लोग सेफली वापिस
02:28लोट चुक
02:42इस नेपाल के तिमूर इलाके में भी फसे हुएं मतलब तस्वीर बेहद बड़ी है और सिरफ 77 लोगों तक सीमित
02:49नहीं है कहानी इससे भी जाबा बड़ी हो सकती है लगभग 500 लोगों का ग्रूप था जिस इलाके में यहाचा
02:56हुआ है वो नेपाल और तिबित के बीच एक �
02:58बेहद एहम बॉर्डर रूट है यहीं से क्यलाश मांसरोवर यात्रा करने वाले श्रधालू अवजाही करते हैं लेकिन इस वक्त वही
03:05इलाका बाड़ और लैंसलाइड की मार छेल रहा है निपाल के रसुवा डिस्ट्रिक्ट में भोते कोशी नादी के आसपास हालात
03:13बेह�
03:25सान नहीं है सडके बाधित है कम्यूनिकेशन और बिजली विवस्था भी प्रभावित है और कई जगाहों तक पहुंचना लगभग ना
03:34मुनकिन हो गया है निपाल की तरफ आर्मी और पुलिस की टीम्स राहत और बचाव अभियान में लगी है हेलिकॉप्टर
03:40के जरिये भी
03:41एफेक्टेड एलाकों तक पहुंचने की कोशिश्टी जा रही है लेकिन मौसम और पहारी टेरेन रेस्क्यू टीम्स के सामने बड़े चालेंज
03:48बने हुए हैं इस बीच एक और बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या इन 77 लोगों में इंडियन सिटिजन्स
03:53हैं क्योंकि नेपाल
04:11सबस्क्राइब जान ऱ् ча Costco कि कि लेकि MMD प्रूने कर दोद्क्षै कर देम के सबस्क्राइब हैं ड neuralप्य जान
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