00:08प्रांस के सड़कों पर उत्रे साढ़े पांच लाख लोग दुकानों में लूग पार्ट, सरकारी इमारतों में आगजनी और पोलस के
00:15साथ इन सचछड़ पे
00:1617 अक्टूबर 2026 को फ्रांस में जो कुछ हुआ उसमें पूरे देश में कानु विवस्था और सरकार की नीतियों पर
00:23गंभी सवाल खड़े कर दिये राज़दानी पैरिस सिलेकार, लिमोज, मार्सोई और लियूं जैसे शहरों तक बड़े प्रदशन हुए
00:31एदिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी गई, दुकानों को ढूट लिया गया और दंगारोधी पुलस को भीड नियंत्र करने
00:38के लिए आसुगैस और पानी की बहुचालों का इस्तिमाल करना पड़ा लगतार करना पड़ा
00:43लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे एहम बात ये है कि विरूत की शुरुआत स्कूलों की बदहाली और शक्षकों की
00:49कमी से हुई थी और इसके बाद बढ़ती महंगाई, जीवन यापन की लागत और सारफजनिक सेवाओं को लेकर असंतूश ने
00:56आंदोलन का दायरा पढ़ा �
00:57लिया, फ्रांस के ग्रिमंतुराले की शुरुआती आंखडों के मताबिक करीब 5.5 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए जबकि ट्रेड
01:03यूनियन सी जीटी ने ये संख्या लगवक आठ लाख बताई, हिंसा के बीश गिरफ्तारियों और पुलिस करीमियों के घायलप
01:29स्कूलों की बधाली से शुरू हुआ विरूत प्रदर्शन
01:51सितंबर के आखरी दिनों से देश के सैंकडो हाई स्कूल के प्रविश्टवार बंद किये जाने लगे चातरों की मांग थी
01:57कि स्कूलों में पार्याप्त करमचारी न्युक किये जाएं, खराब बुनियारी सुविधाओं को सुधारा जाए और शुक्षा ववस्था में निवीश को
02:04बढ़ा दिया जाए
02:05यानि सांदूलन का शुरुवाती मुद्धा शुक्षा ववस्था थी, चातर बहतर स्कूल और पढ़ाई के लिकिये ज़रूरी सुविधाएं माग रहे थी
02:12लेकिन जल्दी विरूद का दायरा बढ़ने लगा स्कूनों के समस्याओं के साथ जीवन यापन की बढ़ती लागत, सारवजनिक सेवाओं में
02:19गिरावट और आर्थिक असमानता जैसे मुद्धे साथ जुड़ते गए
02:23जब चात्रों के साथ दूसरे सामाजिक समूर भी शामिल होने लगे तो यापन दूलन केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं
02:29रहा
02:29सरकार की आर्थिक और सारवजनिक खर्थ से जुड़ी नीतियां भी सवाल के घेरे में आए सवालों के घेरे में नजर
02:36आने लगे
02:36फ्रांस सरकार ने प्रदेशन कारियों की मांगों के जवाब में कुछ कदम उठाने की कूशिश की आठ अक्टूबर को शिक्षा
02:42मंत्री एडिवार ग्रिफे ने तीन हजार अतिरिकता अस्थाइस शिक्षपों को न्यूक्त करने का वादा भी दिया
02:48अलगी इसके बवजुद प्रदेशन जारी रहे चात्रों और दूसरे प्रदेशन कारी समोहों की मांगों को लेकर असंतोश बना रहा और
02:54सड़क पर हिंसा जैसा महाल नजर आया
02:57चात्रों के साथ ट्रेड यूनियन और येलो वेस्ट आंदूलन
03:01इस अंदूलन के बड़ा रूप लेने की एक प्रमुख वज़ा है ट्रेड यूनियनों और दूसरे विरोधी समोहों का इसमें शामिल
03:07हो जाना
03:07फ्रांस की प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने बहतर वेतन, पैंशन और कामकाजी परिस्तीतियों से जुड़ी मांगे उठाई
03:13सीजीटी जैसे संगठों ने जीवन यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर विरूध का समर्थन किया
03:19इससे आंदूलन में चातरों के अलावा करमचारियों और आमनागरिकों की भागिदारी तीजी से बढ़ती गई
03:24इस दोरान 2018 के यलो वेस्ट यानि की पीली जैकेट आंदूलन की यादी ताजा की गई
03:29उस आंदूलन में बड़ी संख्या में लोग इंधन की कीमतों, जीवन यापन की लाकरत और सरकार की आर्थिक नीतियों के
03:34विरूध में सड़क पर उतर आये थे
03:372026 के प्रदर्शन में भी यलो वेस्ट आंदूलन से जुड़ी प्रतिकात्मक देखने को मिली और कुछ प्रदर्शन कारियों ने पीली
03:43जैकेट पहन का सड़क पर मार्च करना शुरू कर दिया
03:46अलागि दोनों आंदूलनों को पूरी तरह एक जैसा नहीं कहा जाएगा
03:492018 में इंधन की कीमतों और आर्थिक नीतियों से जुड़ा असन तोश प्रमुक था जबकि इस बार स्कूलों की बदहाली
03:56और शक्षकों की कमी से शुरू हुआ विरूध व्यापक सामाजिव और आर्थिक मांगू के साथ जुड़ता गया
04:0217 ओक्टूबर को इसे व्यापक आसन तोश के बीच देशपर में बड़े प्रदर्शन हुए फ्रांस के ग्रिमंत्राले ने करीब पांच
04:08दर्शमलव पांच लाथ प्रदर्शन कारियों का अनुमान दिया जबकि सीचीटी ने लगवग आठ लाख लोगों के शामिल होने की
04:43पात कही।
04:45प्रदर्शन कारियों के लिए आसु गैस और पानी की बाचारों का इस्तेमाल किया। कुछ अस्थानों पर डंगा रूधी पुलर्स और
04:50प्रदर्शन कारियों के बीच चट बें तीस होती नजर आई। लेकिन हिंसा राजधानी तक सीमित रही। लिमोज शहर में अधिहास
04:57टाउन हाल में आग लगा दे गई। इमारत को भारी नुकसान पहुँचा और उसकी चट का बड़ा हिस्सा आग की
05:03चपीट में आ गया।
05:27पहुचाया गया। फ्रांस के प्रधान मंत्री सेबस्तियान लोकोरुनों ने हिंसा के आलोशना की आलोशना करती हुए सरकार दबाव में नहीं
05:34आईगी। ऐसी बात रही। रश्पती एमैनियूल मैकरून ने भी सारवजनिक इमारतों और कारोबारों पर हमला करने वालों
05:41के खिलाव कारवाई और मुकदमा चलाने की बात ही की है। गरफतारियों के आंकड़ों में भी लगतार बदलाव होता रहा।
05:47शुरुवाती सरकारी जानकारी में करीब 1200 लोगों को गरफतार किया गया। 18 अक्टूबर को रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये
05:54संख्य
05:54बढ़कर 1800 हो गई। अब इसी तरह से पुलिस कर्मियों के घायल होने के आंकड़े भी अलग-लग अपडेट में
06:00बढ़ती नजर आ रही है। इस हिंसा में सैंट एटियन में एक प्रदिशन कारी का हाथ पुलिस द्वारा इस्तेमाल किये
06:06गए स्टन ग्रेनिट से गंभी र�
06:21इंसा में शामिल नहीं थे, बड़ी संख्या में लोगों ने शांती पून तरीके से अपनी मांगे रखी जब कि कुछ
06:27समूहों ने तोड़ फोर्ड, आगजनी और रूट पार्ट की। फलाल उपलब्द रिपूर्स के अधार पर ये निश्कर्ष निकालना सही नहीं
06:34होगा
06:34कि पूरा अंदोलन किसी एक साजिश के तहत शुरू किया गया था।
07:04के लिए कटर वामपंथियों, समूहों और अपराधियों को जिमधार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग रश्वती चुनाव से पहले
07:11हिंसा के जरिये राजनातिक संदीश देना चाहते हैं। ये सरकार का आरोप है इसे किसी सिद्ध साजिश के रूप में
07:46पेश नहीं किया जाएगा।
07:47पहला सरवजनिक संपत्यों को नुकसान पहुचाने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कानून के मताबिक क्या कारवाई हो। दूसरा स्कूलों
07:55की खराब इस्थिति शिक्षकों की कमी और बढ़ती जीवन या पनलागर जैसे समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार क्या
08:01कदम
08:01उठाईगी क्योंकि हिंसा के निंदा करना और कानून विवस्ता बाहाल करना सरकार की जिम्मदारी है लेकिन शिक्षा और सरवजनिक सेवाओं
08:09से जुड़ी शिकायतों का समाधान करना भी उतना ही जरूरी है।
08:31और भी गंभीर बना दिया जो कि आप तस्वीरों विडियोज में साफ तोर पर देख पा रहे होंगे।
09:05आपके मन में क्या सवाल है कोई टपणी अगर आप करना चाहते हैं तो कॉमेंट बॉक्स आपके लिए अपनी राइवां
09:11जरूर दीचेगा।
09:14वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
09:18पूमेंट चट्छ।
09:19भ俺 जारोख रहे होट फट्रूर
09:21कर रहे हो़ां लिए बना जरूर को रहे हो� spokesो나� connects
09:23कि आपके बसे वंधनी आपके Candway
09:24अडर इंड्य।
09:25प्रभून रहे का सवाल