00:00नेपाल में पहली बाढ़ की तबाही अभी थमी भी नहीं थी कि हिमाले से दूसरी चेतावनी आ गई
00:05नेपाल तिबबत सीमा के पास बनी एक प्राकृतिक जील अब भट गई है
00:09इसके बाद भोटे कोशी और त्रिशूली नधी के आसपास फिर पानी बढ़ने का खत्रा पैदा हो गया है
00:14प्रशासन ने नधी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित जगों पर जाने को कहा है
00:18और रसुआ में बचाव अभियान को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा
00:22ये वही जील थी जिसे चीन ने एक दिन पहले ही खत्रे की वजह बताया था
00:26चोचेन खोला और पुरेपू सांगपो नधियों के संगम के पास बार्ग और मलबे के कारण पानी जमा होकर ये प्राकृतिक
00:33जील बनी थी
00:34पानी लगातार बढ़ रहा था और इसके तूटने पर नीचे की ओर एक और तेज लहराने की आशंका थी
00:39अब जील के फटने के बाद नेपाल में खत्रा और बढ़ गया है
00:43सबसे ज़्यादा चिंता भोटे कोशी नधी के किनारे बसे इलाकों की है
00:46प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने और सुरक्षित जगों पर जाने की सलाह दी है
00:51त्रिशूली और नारायनी नदी के आसपास भी सतरकता बढ़ा दी गई है
00:54जिन इलाकों में लोग पहले से बाढ़ और मलबे की मार जहेल रहे हैं
00:58वहां दूसरी बाढ़ का खत्रा बचाव अभियान के लिए बड़ी चुनोती बन गया है
01:01रसुआ जिले में चल रहा रेस्क्यू आप्रेशन भी करीब 90 मिनट के लिए रोकना पड़ा
01:06वजय थी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और अचानक बाढ़ आने का खत्रा
01:10बचाव दल जिस इलाके में लोगों की तलाश कर रहे थे
01:12वही इलाका दुबारा पानी की चपेट में आ सकता था
01:15ऐसे में लोगों को बचाने से पहले बचाव कर्मियों की सुरक्षा भी जरूरी हो गई
01:19चीन ने भी तिबबत में रहात और बचाव अभियान रोप दिया है
01:22वहाँ लेवल 4 अलर्ट जारी किया गया है
01:24दोनों देशों के अधिकारी अब नदी के जलस्तर और पहाडों की स्थिती पर नज़र रख रहे है
01:28डर इस बात का है कि अगर उपर से पानी और मलबा तेजी से नीचे आया
01:32तो पहले से तूट चुके रास्तों और पुलों पर दबाव और बढ़ सकता है
01:35इस पूरी तरासदी में मौतों का आकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है
01:38नेपाल और तिब्बत को मिलाकर अब तक 478 लोगों की मौत की पुष्टी हो चुकी है
01:431500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे है
01:46नेपाल में 475 लोगों की मौत की पुष्टी हुई है
01:49जबकि 977 लोग लापता है
01:51लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ नेपाली सेना और पुलिस के जवान भी शामिल है
01:55तिबबत में तीन लोगों की मौत की पुष्टी हुई है और 558 लोग अब भी लापता बताय जा रहे हैं
02:01इन में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है
02:03इसका मतलब ये है कि राहत और बचाव दलों के सामने चुनौती सिर्फ बार से निपटने की नहीं
02:07बलकि सैकडों लोगों को खोजने की भी है
02:09पहली बार के पीछे पहाडों में बर्फ, चट्टान और मलबे के खिसकने को बड़ी वजह माना गया था
02:14जब भारी मलबा नदी का रास्ता रोग देता है तो उसके पीछे पानी जमा होने लगता है और एक प्राकृतिक
02:19जील बन सकती है
02:20ऐसी जील का बांध अगर कमजोर पर जाए तो पानी अचानक नीचे की तरफ दोड़ सकता है
02:24यही वजह है कि दूसरी जील के फटने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है
02:28जिन गाओं में लोग पहले ही अपने घर खो चुके हैं वहाँ अब दोबारा सुरक्षित जगों पर जाने की नौबत
02:33आ गई है
02:33नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों को लगातार सतरक रहने को कहा जा रहा है
02:37नेपाल अभी पहली बार से हुई तबाही का हिसाब भी नहीं लगा पाया है और दूसरी प्राकृतिक आपदा सामने खड़ी
02:42है
02:42पहाडों से आने वाला पानी कब नदी का रूप बदल दे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है
02:46फिलहाल भोटे कोशी, त्रिशूली और नारायनी नदी के आसपास के अलाकों में हर गुजरता घंटा बेहत एहम है