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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच एक और प्राकृतिक झील के फटने से खतरा बढ़ गया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी झील टूटने के बाद भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के आसपास फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। रसुवा में रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा और कई गांवों को खाली कराया जा रहा है। चीन ने तिब्बत में भी लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। नेपाल और तिब्बत में अब तक 478 मौतों और 1,500 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। इस वीडियो में जानिए दूसरी झील क्यों फटी और नेपाल के सामने कितना बड़ा खतरा है।

Nepal is facing a fresh flood threat after another natural lake near the Nepal-Tibet border burst, raising fears of another dangerous surge downstream. Water levels are rising around the Bhote Koshi and Trishuli river systems, while several villages are being evacuated and rescue operations in Rasuwa have been temporarily suspended. China has also issued a Level-4 alert in Tibet and paused rescue operations in the affected area. With hundreds already dead and more than 1,500 people reported missing across Nepal and Tibet, the latest lake burst has added a new layer of danger. Watch the full report for the latest Nepal Flood Update.


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Transcript
00:00नेपाल में पहली बाढ़ की तबाही अभी थमी भी नहीं थी कि हिमाले से दूसरी चेतावनी आ गई
00:05नेपाल तिबबत सीमा के पास बनी एक प्राकृतिक जील अब भट गई है
00:09इसके बाद भोटे कोशी और त्रिशूली नधी के आसपास फिर पानी बढ़ने का खत्रा पैदा हो गया है
00:14प्रशासन ने नधी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित जगों पर जाने को कहा है
00:18और रसुआ में बचाव अभियान को भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा
00:22ये वही जील थी जिसे चीन ने एक दिन पहले ही खत्रे की वजह बताया था
00:26चोचेन खोला और पुरेपू सांगपो नधियों के संगम के पास बार्ग और मलबे के कारण पानी जमा होकर ये प्राकृतिक
00:33जील बनी थी
00:34पानी लगातार बढ़ रहा था और इसके तूटने पर नीचे की ओर एक और तेज लहराने की आशंका थी
00:39अब जील के फटने के बाद नेपाल में खत्रा और बढ़ गया है
00:43सबसे ज़्यादा चिंता भोटे कोशी नधी के किनारे बसे इलाकों की है
00:46प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने और सुरक्षित जगों पर जाने की सलाह दी है
00:51त्रिशूली और नारायनी नदी के आसपास भी सतरकता बढ़ा दी गई है
00:54जिन इलाकों में लोग पहले से बाढ़ और मलबे की मार जहेल रहे हैं
00:58वहां दूसरी बाढ़ का खत्रा बचाव अभियान के लिए बड़ी चुनोती बन गया है
01:01रसुआ जिले में चल रहा रेस्क्यू आप्रेशन भी करीब 90 मिनट के लिए रोकना पड़ा
01:06वजय थी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और अचानक बाढ़ आने का खत्रा
01:10बचाव दल जिस इलाके में लोगों की तलाश कर रहे थे
01:12वही इलाका दुबारा पानी की चपेट में आ सकता था
01:15ऐसे में लोगों को बचाने से पहले बचाव कर्मियों की सुरक्षा भी जरूरी हो गई
01:19चीन ने भी तिबबत में रहात और बचाव अभियान रोप दिया है
01:22वहाँ लेवल 4 अलर्ट जारी किया गया है
01:24दोनों देशों के अधिकारी अब नदी के जलस्तर और पहाडों की स्थिती पर नज़र रख रहे है
01:28डर इस बात का है कि अगर उपर से पानी और मलबा तेजी से नीचे आया
01:32तो पहले से तूट चुके रास्तों और पुलों पर दबाव और बढ़ सकता है
01:35इस पूरी तरासदी में मौतों का आकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है
01:38नेपाल और तिब्बत को मिलाकर अब तक 478 लोगों की मौत की पुष्टी हो चुकी है
01:431500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे है
01:46नेपाल में 475 लोगों की मौत की पुष्टी हुई है
01:49जबकि 977 लोग लापता है
01:51लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के साथ नेपाली सेना और पुलिस के जवान भी शामिल है
01:55तिबबत में तीन लोगों की मौत की पुष्टी हुई है और 558 लोग अब भी लापता बताय जा रहे हैं
02:01इन में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है
02:03इसका मतलब ये है कि राहत और बचाव दलों के सामने चुनौती सिर्फ बार से निपटने की नहीं
02:07बलकि सैकडों लोगों को खोजने की भी है
02:09पहली बार के पीछे पहाडों में बर्फ, चट्टान और मलबे के खिसकने को बड़ी वजह माना गया था
02:14जब भारी मलबा नदी का रास्ता रोग देता है तो उसके पीछे पानी जमा होने लगता है और एक प्राकृतिक
02:19जील बन सकती है
02:20ऐसी जील का बांध अगर कमजोर पर जाए तो पानी अचानक नीचे की तरफ दोड़ सकता है
02:24यही वजह है कि दूसरी जील के फटने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है
02:28जिन गाओं में लोग पहले ही अपने घर खो चुके हैं वहाँ अब दोबारा सुरक्षित जगों पर जाने की नौबत
02:33आ गई है
02:33नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों को लगातार सतरक रहने को कहा जा रहा है
02:37नेपाल अभी पहली बार से हुई तबाही का हिसाब भी नहीं लगा पाया है और दूसरी प्राकृतिक आपदा सामने खड़ी
02:42है
02:42पहाडों से आने वाला पानी कब नदी का रूप बदल दे इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है
02:46फिलहाल भोटे कोशी, त्रिशूली और नारायनी नदी के आसपास के अलाकों में हर गुजरता घंटा बेहत एहम है

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