00:00कि एक popular YouTuber का लंडन की सड़कों पर उतरना और भारत के चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करना सिरफ
00:06एक आम democratic protest है या फिर ये विदेशी जमीन पर देश की चवी को खराब करने का एक गहरा
00:13राजनितिक शड़ियंत्र
00:17कि अपने देश में हमें प्रोटेस्ट करने की इजाज़त नहीं दी जा रही है और कि देश ने हमें कॉलनाईज
00:24किया आज हम उस देश के पार्लिमेंट के सामने ख़ड़े होते हैं
00:29क्या लंडन के पार्लिमेंट स्कुएर में जा एक तरफ वोट चोर और आजादी के नारे लग रहे थे
00:35वहीं दूसरी तरफ देश भक्ती और प्रो मोदी समर्थकों का खड़ा होना ये साबित करता है कि अब भारत की
00:42लड़ाई विदेशी शेहर तक पहुँच चुकी है
00:58लेकिन वहीं दूसरी तरफ वोट चोर गद्दी छोड की आवाज अगर लंडन से गूंज रही है तो भाईया क्या हमारे
01:06देश में सच्छ मुच इतनी सारी कमिया है
01:20भाईया दोनों पक्ष हैं लेकिन हम आज बात करने वाले हैं दुरवराठी के लंडन विजिट
01:26और वहां हुए उस हाई वोल्टेज ड्रामा की जिसने सोशल मीडिया से लेकर पॉलिटिकल कॉरिडोर्स तक हलचल मचा दी है
01:34दर्शको हम आपको दोनों पक्षों की बात इस वीडियो के अंदर समझाने वाले हैं
01:39अगर आप पिछले कुछ दिनों से डिजिटल मीडिया पर आक्टिव हैं तो आपने जरूर देखा होगा कि कैसे एक पोस्ट
01:45में पूरे इंटरनेट पर आग लगा दी
01:47कहानी की शुरुवात तब होती है जब पॉपुलर यूट्यूबर दुरुवराथी अचानक इंडिया से फ्राइडे को फ्लाइट पकड़ कर लंडन के
01:55लिए रवाना होते हैं
01:56उनका मकसद था साटरडे को लंडन के पार्लिमेंट स्क्वेर में महात्मा गांधी के स्टाचू के पास होने वाले एक प्रोटेस्ट
02:04में हिस्सा लेना
02:05उन्होंने अपने एक्स हैंडल से खोले आम लोगों को और वहां रहने वाले इंडियन्स को इस प्रोटेस्ट में आने की
02:12अपील की थी और लिखा था
02:14It's time the world sees the reality of vote chore and murderer of democracy उनका ये एलान आग की तरह
02:21फैल गया
02:21और जब Saturday को लोग वहां इकठा हुए तो अलग ही तस्वीर देखने को मिली लेकिन इस पूरे इवेंट में
02:28सबसे interesting और controversial बाते रही कि खुद द्रोवराठी इस प्रोटेस्ट में थोड़ा लेट पहुँचे
02:34दर्शको उसके बुलावे पर इत्ते सारे लोगे घटा हुए और वो लीडर लेट आया लेकिन इसके बावजूद लोगों ने जादा
02:43गुसा नहीं किया क्योंकि सब समझ रहे थे कि एक लंबी फ्लाइट के बाद रोवराठी लंडन पहुँचे हैं
02:49जब राठी वहां पहुँचे तो उन्होंने ना सरफ भीड को लीड किया बल्कि एक स्पीच भी दी और वहां मौजूद
02:55लोगों के साथ मिलकर नारे बाजी की वोट चोर गदी छोड की नारे बाजी
03:01पूरी दुनिया में दंका वजरा है आपका
03:25लेकिन इस प्रोटेस्ट की सबसे बड़ी खास बात ये थी कि वहां जो बीड खटा हुई उसमें सिर्फ आम लोग
03:31नहीं थे
03:31वहां सेक्णों की तदात में इंडियन स्टूडेंट्स मौजूद थे
03:35जो अपने हातों में कम्यूनिस फ्लाग्स, कॉंग्रिस फ्लाग्स और इंडियन वोकर्स एसोसेशन के जंडे लहरा रहे थे
03:41ये प्रोटेस्ट में तोर पर SFI, UK और कुछ दूसरी और्गनाईजेशन द्वारा और्गनाईस किया गया था
03:47जहां लंडन की सडकों पर मोदी इस ट्रेटर, आजादी फ्रूम करंट बीजेपी गवर्मेंट और वोट चोर गदी छोड जैसे नारे
03:54गूज रहे थे
03:55अब सोचिए जब एक देश के अंदर के चुनावी मुद्दे को जैसे ही Electoral Rolls Election Commission के खिलाफ किसी
04:02चीज को लेकर विदेशी धर्ती पर ले जाकर इस तरह से डिस्प्ले किया जाता है तो इसका क्या मेसेज जाता
04:07है
04:07प्रदर्शन के दौरान वहां एक अलग ही महाल बन गया था एक तरफ जहां SFI और Left Leaning Groups की
04:13भीड आंटी स्टाप्लिश्मेंट नारे लगा रही थी वहीं एक और बड़ी इंटरस्टिंग चीज हुई
04:18दूसरी तरफ एक चोटा सा कॉंटर प्रोटेस्ट भी आकरी समय पर देखने को मिला ये काॉंटर प्रोटेस्ट प्रो मोदी समर्थकों
04:25द्वारा किया गया था जिनोंने अपने हातों में तिरंगा ले रखा था और लंड़न की सडकों पर वंदे मातरम भारत
04:31माता की जैवर
04:32मोधी मोधी के नाने लगा कर इसका वरोध किया वहां मौजूद एक काउंटर प्रोटेस्टर हिर्देश गुपता ने इस पूरे मामले
04:38पर अपना गुसा भी जाहिर करते हुए का कि ये लोग अपने देश के अंदर के एमत भेदों को इंटरनाशनल
04:45इशू बनाने की कोशिश
04:46कर रहे हैं उनका साफ कहना था कि ये विदेशी जमीन पर इंडियन डायस्पोरा को आपस में बाटने का एक
04:52बड़ा गलत तरीका है और इसका यूके की पॉलिटिक्स यहां वहां के मुद्दों से दूर दूर तक कोई लिना देना
04:58नहीं है
04:59सोचो जब विदेशी शहर में दो अलग अलग इंडियर ग्रुप्स आमने सामने आ जाते हैं और एक तरफ देश के
05:04पी-म के खिलाफ नारे बाजी हो रही होती है और दूसरी तरफ देश भक्ती के गीत गाये जाते हैं
05:10तो ये सिरफ एक प्रोटेस्ट नहीं रह जाता ये एक
05:12एसी ideological war बन जाता है जो social media और समंदर के पार की लड़ाई भी कहा जाता है इस
05:18पूरे incident से कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े होते हैं पहला सवाल ये है कि क्या किसी domestic political
05:24issue को चाहे वो electoral roles की revision हो या कोई और चुनावी विवाद इस तरह से international platform पर
05:30ले जाना सही है तूसरा सवा
05:42चाहेंगे तो देश की सरकार पर दबाव नहीं बनेगा ये दोनों ही पहलू सामने आते हैं लेकिन निड़ने आपको करना
05:49है तीसरा सबसे बड़ा सवाली है कि क्या किसी विदेशी जमीन पर इस तरह के प्रदर्शन से देश की इमिच
05:54पर असर पड़ता है या फिर ये डाय
06:10सेट किये जाते हैं और कभी-कभी एक फ्राइट की टिकेट और एक सोशल मेडिया पोस्ट पूरी देश की हेड्लाइन्स
06:16को बदल देता है दुरुवराठी का लंडन जाकर इस प्रोटेस्ट का हिस्सा बनना और वहां स्टूडेंट और साथ मिलकर चीफ
06:23इलेक्शन कमिशनर
06:24और करंट गवर्मेंट के खिलाफ अवाज उठाना इस बात का सबूत है कि आज की पॉलिटिक्स बॉर्डर के आरपार खेली
06:31जा रही है एक तरफ जहां उनके समर्थक इसे एक डेमोक्रेटिक राइट और आम जनता की अवाज बता रही है
06:36वहीं दूसरी तरफ इसे एक ऐसी
06:38कोशिश माना जा रहा है जो विदेशी मंच पर देश की राजनीति को बधनाम कर रही है आने वाले समय
06:44में इस बात पर बहस होती रहेगी कि क्या इस तरह के प्रदर्शनों से देश के अंदर कोई बदलाव आता
06:49है या फिर ये सिरफ एक टेंप्ररी हाइप बन कर रहे जाता
06:52है लेकिन एक बात तो पकी है जब लंडन की सड़कों पर एक तरफ कॉम्योनिस्ट और कॉंग्रेस के जंडे लहराते
06:57हैं दूसरी तरफ तिरंगा लहराता है भारत मातागी जै किनारे गूंचते हैं तो ये दिखाता है कि भारत की आतरिक
07:03राजनीति की आग अब ग्लोबल स्
07:23एफिखाता है ला है