00:08प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संसद्यक शितर से वारण उसे कैसी खबर आ रहे है जो आपको हवाई के आत्रा
00:15करने से पहले अब सतर्ग रहने पर मजबूर करेगी।
00:19सोचने पर मजबूर करेगी कि क्या एयरपूर्ट की सुरक्षा इतनी काफी है कि आपको और आपके परिवार को कोई दुसान
00:26ना पहुंचे।
00:27सोचे आप एयरपूर्ट पर हैं, अपने सफर के लिए बिलकुल तैयार हैं, सुरक्षा की जांच चल रही है, सामने एक
00:33यातरी खड़ा है और उसके हथियार तदा काफ्जों की जांच हो रही है और तब ही अचानक गोली चल जाती
00:39है।
00:58बताया ये किया कि यातरी के पास प्रिस्टल थी, खास बात ये है कि यातरी ने सुरक्षा प्रक्षिया के दौरान
01:04अपने हथियार और मैगजीन की जांच कारी अधिकार ही दे दे, यानि हथियार के बारे में एरपोर्ट हथिकारी को जांच
01:11शुरू हो गई।
01:15एरपोर्ट के डारेक्टर पुनित गुपता के मुताबिक इसी जांच के दौरान अचानक पिस्टल से गूली चल गई, उस समय हत्यार
01:22का मालेक और एरपोर्ट स्टाफ दूनों ही मौके पर मौचूद थे, गूली चलने के बाद स्थिती अचानक बदल गई, पहले
01:28जमीन से य
01:30उसके बाद पास मौजूद एक युवक के हाथों में जा लगी, वहीं एक महिला के पैर की जांग में भी
01:36गूली रख गई, अब इस घटना में स्टाफ के दूलों गायल बताय जा रहे हैं, जिनमें से एक महिला भी
01:41शामिल रही, घटना की तुरंद बाद दोनों गायलों को
01:44इलाज के लिए हर हुआ के एक अनिजी अस्पताल ले जाया गया, एरपोर्ट डिरेक्टर के अनुसार गायल महिला और पोरिशु
01:50स्टाफ के हालत सामानिय हैं, उनका इलाज चल रहा है, फिलाल सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर जांच के
01:55दौरान पिस्टल से गोली चली
01:56कैसे मामले में हथियार और उसके कागजों की जांच हो रही है, अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार की जांच के
02:02दौरान हुई इस घटना ने एरपोर्ट की सुरक्षा प्रेक्रिया पर सवाल खड़े किये हैं, अलाकि अभी उपलब्द जानकारी के अनुसार
02:09ये ब
02:26संचालन शुरू हुआ, उनिस सु तिर्बन में पहला टर्मिनल भी बनाया गया, साल दोहजार पांच में एरपोर का नाम बदल
02:33कर लाल भादुर शौसरी रख दिया गया और इसके बाद 2010 में नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल का घाटर गुआ और आज
02:40यहां से दिल्ली, म�
02:41पैंगलूरू, हाइदराबाद, कॉलकता, आमदाबाद, चिन्नी और कई दूसरे बड़े शहरों के लिए उड़ाने उपलब्ध है, इसके लावा शार जहां पैंककॉक,
02:50काटमांडू जैसे अंतोरश्व्य गंतव्यों के लिए भी सीधी उड़ाने मिलती है, लेकिन इस सम
03:10आँज के बाद साफ होगा कि हतियार से आखिर गूली चली कैसे, किन परिस्तीतियों में चली और इस पूरी घटना
03:15के जिम्मदारी आखिर बनती किस की है, एरपोर्ट स्टाफ की, या प्री की, या किसी अन्याव्यक्ती की, मामले पर आपकी
03:22याराय है, कमन बॉक्स आपके �
03:23ये अपने टेपड़ी जरूर कीचेगा, मेरा नाम है मुकंद, आप बने रही वन इंडिया के साथ, शुक्रे
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