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मक्का में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए रक्षा समझौते के पीछे एक बड़ा सवाल अब सामने आया है। क्या इस ‘इस्लामिक NATO’ में मिस्र भी शामिल होने वाला था? रिपोर्टों के मुताबिक तुर्किये मिस्र को साथ लाना चाहता था, लेकिन सऊदी अरब ने फिलहाल इसका विरोध किया। आखिर MBS ने मिस्र को बाहर रखने पर जोर क्यों दिया? इस वीडियो में जानिए सऊदी-मिस्र तनाव, तुर्किये की रणनीति, पाकिस्तान की भूमिका और इस रक्षा समझौते के संभावित असर की पूरी कहानी। अगर मिस्र भविष्य में इस गठजोड़ में शामिल होता है, तो पश्चिम एशिया की राजनीति और सुरक्षा समीकरण कितने बदल सकते हैं?

The Mecca Defense Pact between Pakistan, Saudi Arabia and Türkiye has raised a major question: Was Egypt also supposed to be part of this emerging alliance? Reports suggest that Türkiye wanted Egypt to join the agreement, but Saudi Arabia was not ready to include Cairo for now. Why did MBS oppose Egypt’s inclusion? In this video, we examine the reported Saudi-Egypt tensions, Türkiye’s push to bring Cairo into the pact, Pakistan’s role and what this emerging security partnership could mean for the Middle East. If Egypt eventually joins, could it create a much larger regional defense bloc and reshape the strategic balance?

#IslamicNATO #MeccaDefensePact #SaudiArabia #Pakistan #Turkey #Egypt #MBS #Erdogan #MiddleEast #Geopolitics

~HT.410~ED.104~PR.540~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:03एक समझोता हुआ और दुनिया का ध्यान पाकिस्तान सौधी एरब और तुर्किये की तरफ चला गया लेकिन इस पूरे खेल
00:11में एक ऐसा चौथा देश भी था जिसे तुर्किये इस नए रक्षा समझोते का हिस्सा बनाना चाहता था वो देश
00:18था मिस्र
00:19रिपोटों के मताबिक तुर्किये ने मिस्र को साथ लाने की कोशिश की लेकिन सौधी एरब इसके लिए तयार नहीं हुआ
00:26अब सवाल यही है कि आखिर रियाद ने काहिरा को इस समझोते से बाहर रखने पर जोर क्यों दिया
00:33साथ अगस्त को मक्का में पाकिस्तान, सौधी अरब और तुर्किये के बीच रक्षा समझोते पर हस्ताक्षर हुए इस समझोते में
00:41एक एहम बात कही गई है अगर तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे तीनों
00:47देशों पर हमला माना जाएगा
00:49इसी वज़ा से इसे कई जगा इसलामिक नेटो कहा जा रहा है हाला कि ये नेटो जैसा पूरा सैन संगठन
00:56है ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन इस समझोते की कहानी सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं थी इसमें मिस्र
01:04को भी शामिल करने पर चर्चा हुई थी त
01:06तुर्किये चाहता था कि पाकिस्तान और सौधी अरब के साथ मिस्र भी इस रक्षा व्योस्था का हिस्सा बने तुर्किये और
01:13मिस्र के रिष्टों में पिछले कुछ समय में सुधार आया है और अंकारा काहिरा को एक एहम छेतरिय साज़ेदार मानता
01:21है यहीं से कहानी में स
01:26सौधी के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है किरियाद ने फिलहाल मिस्र को इस समझोते में शामिल करने
01:32का विरोध किया है रिपोर्ट के मताबिक तुर्किये के तरफ से मिस्र को साथ लाने की कोशिश हुई थी लेकिन
01:39सौधी अरब इसके लिए तयार नहीं हुआ इस
01:42के पीछे दोनों देशों के बीच बढ़ती दूरी को एक बड़ी वजा बताया जा रहा है मिस्र के राष्टपती अब्देल
01:49फते अलसीसी के सत्ता में आने के बाद सौधी अरब ने काहिरा को बड़ी आर्थिक मदद दी थी लेकिन समय
01:56के साथ रियात को लगा कि सुरक्षा से
01:58जुड़े कई एहम मामलों में मिस्र ने उतना साथ नहीं दिया जितनी उम्मीद की गई थी यमन का मामला इसका
02:05एक उदारन है हूती विद्रोहियों के खिलाफ सौधी अरब लंबे वक्त तक संगर्ष करता रहा रिपोर्ट में दावा किया गया
02:12कि इस दौरान मिस्र की भू
02:26एक और वज़ा यूए से मिस्र की नजदीकी को बताया गया है मिस्र और संयुग तरब अमीरात के रिष्टे काफी
02:33मजबूत हैं रिपोर्ट में दावा किया गया कि अबुधावी के साथ कहिरा के बढ़ते संबंधों ने मिस्र की रहनीतिक विश्रशिन्यता
02:42को लेकर सवाल
02:44खड़े कर दिये यानि सौधी अरब के लिए सवाल सिर्फ ये नहीं था कि मिस्र कितना बड़ा देश है सवाल
02:50ये था कि संकत की घड़ी में मिस्र किसके साथ खड़ा होगा और कितना साथ देगा दिल्चस बात ये है
02:57कि मिस्र के साथ तुर्किये के रिष्टे पहले जैसे न
03:13आजिदार बताया है उनका कहना है कि तक्निकी समस्याइं सुलजने के बाद मिस्र भविष्ट में इस गटजोड का हिस्सा बन
03:21सकता है मिस्र के लिए भी ये समझोता दिल्चस्थ हो सकता है उसके पास बड़ी सेना है रजनीटिक भौगोलिक इस्थिती
03:28है और वो अरब दुनि
03:42एशिया तक सीमित नहीं रहेगा लेकिन फिलहाल तस्वीर साफ है पाकिस्तान सौधी अरब और तुर्किये ने समझोते पर दस्थखत कर
03:50दिये हैं जबकि मिस्र बाहर है तुर्किये के इच्छा के बावजूद रियाद ने उसे तुरंत साथ लेने से दूरी बनाई
03:58है अब
04:00मिस्र हमेशा इस गठ जोड से बाहर रहेगा या आने वाले समय में सौधी अरब अपना रुख बदल लेगा क्योंकि
04:07अगर मिस्र भी इस समझोते में शामिल हो जाता है ये तीनों देशों का गठ जोड नहीं रहेगा तब पश्रिमेशिया
04:14की राजनीती में चार बड़े द
04:32सब्सक्राइ बाले से बाले सिर्ट जिस समय इन अप्ट शोड़े अगए डाले से बाताइक आले से बाले साफे आपना बटना
04:38अपना अगए तीनों.
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