00:03एक समझोता हुआ और दुनिया का ध्यान पाकिस्तान सौधी एरब और तुर्किये की तरफ चला गया लेकिन इस पूरे खेल
00:11में एक ऐसा चौथा देश भी था जिसे तुर्किये इस नए रक्षा समझोते का हिस्सा बनाना चाहता था वो देश
00:18था मिस्र
00:19रिपोटों के मताबिक तुर्किये ने मिस्र को साथ लाने की कोशिश की लेकिन सौधी एरब इसके लिए तयार नहीं हुआ
00:26अब सवाल यही है कि आखिर रियाद ने काहिरा को इस समझोते से बाहर रखने पर जोर क्यों दिया
00:33साथ अगस्त को मक्का में पाकिस्तान, सौधी अरब और तुर्किये के बीच रक्षा समझोते पर हस्ताक्षर हुए इस समझोते में
00:41एक एहम बात कही गई है अगर तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे तीनों
00:47देशों पर हमला माना जाएगा
00:49इसी वज़ा से इसे कई जगा इसलामिक नेटो कहा जा रहा है हाला कि ये नेटो जैसा पूरा सैन संगठन
00:56है ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन इस समझोते की कहानी सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं थी इसमें मिस्र
01:04को भी शामिल करने पर चर्चा हुई थी त
01:06तुर्किये चाहता था कि पाकिस्तान और सौधी अरब के साथ मिस्र भी इस रक्षा व्योस्था का हिस्सा बने तुर्किये और
01:13मिस्र के रिष्टों में पिछले कुछ समय में सुधार आया है और अंकारा काहिरा को एक एहम छेतरिय साज़ेदार मानता
01:21है यहीं से कहानी में स
01:26सौधी के सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है किरियाद ने फिलहाल मिस्र को इस समझोते में शामिल करने
01:32का विरोध किया है रिपोर्ट के मताबिक तुर्किये के तरफ से मिस्र को साथ लाने की कोशिश हुई थी लेकिन
01:39सौधी अरब इसके लिए तयार नहीं हुआ इस
01:42के पीछे दोनों देशों के बीच बढ़ती दूरी को एक बड़ी वजा बताया जा रहा है मिस्र के राष्टपती अब्देल
01:49फते अलसीसी के सत्ता में आने के बाद सौधी अरब ने काहिरा को बड़ी आर्थिक मदद दी थी लेकिन समय
01:56के साथ रियात को लगा कि सुरक्षा से
01:58जुड़े कई एहम मामलों में मिस्र ने उतना साथ नहीं दिया जितनी उम्मीद की गई थी यमन का मामला इसका
02:05एक उदारन है हूती विद्रोहियों के खिलाफ सौधी अरब लंबे वक्त तक संगर्ष करता रहा रिपोर्ट में दावा किया गया
02:12कि इस दौरान मिस्र की भू
02:26एक और वज़ा यूए से मिस्र की नजदीकी को बताया गया है मिस्र और संयुग तरब अमीरात के रिष्टे काफी
02:33मजबूत हैं रिपोर्ट में दावा किया गया कि अबुधावी के साथ कहिरा के बढ़ते संबंधों ने मिस्र की रहनीतिक विश्रशिन्यता
02:42को लेकर सवाल
02:44खड़े कर दिये यानि सौधी अरब के लिए सवाल सिर्फ ये नहीं था कि मिस्र कितना बड़ा देश है सवाल
02:50ये था कि संकत की घड़ी में मिस्र किसके साथ खड़ा होगा और कितना साथ देगा दिल्चस बात ये है
02:57कि मिस्र के साथ तुर्किये के रिष्टे पहले जैसे न
03:13आजिदार बताया है उनका कहना है कि तक्निकी समस्याइं सुलजने के बाद मिस्र भविष्ट में इस गटजोड का हिस्सा बन
03:21सकता है मिस्र के लिए भी ये समझोता दिल्चस्थ हो सकता है उसके पास बड़ी सेना है रजनीटिक भौगोलिक इस्थिती
03:28है और वो अरब दुनि
03:42एशिया तक सीमित नहीं रहेगा लेकिन फिलहाल तस्वीर साफ है पाकिस्तान सौधी अरब और तुर्किये ने समझोते पर दस्थखत कर
03:50दिये हैं जबकि मिस्र बाहर है तुर्किये के इच्छा के बावजूद रियाद ने उसे तुरंत साथ लेने से दूरी बनाई
03:58है अब
04:00मिस्र हमेशा इस गठ जोड से बाहर रहेगा या आने वाले समय में सौधी अरब अपना रुख बदल लेगा क्योंकि
04:07अगर मिस्र भी इस समझोते में शामिल हो जाता है ये तीनों देशों का गठ जोड नहीं रहेगा तब पश्रिमेशिया
04:14की राजनीती में चार बड़े द
04:32सब्सक्राइ बाले से बाले सिर्ट जिस समय इन अप्ट शोड़े अगए डाले से बाताइक आले से बाले साफे आपना बटना
04:38अपना अगए तीनों.
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