00:01भारत अपनी स्वतंत्रता के असीवे वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है परंतु उसी के साथ साथ जो कुछ सदन
00:09में इस सत्र में घटित हो रहा है वो निश्यत रूप से लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनोती के रूप
00:18में सामने आ रहा है
00:20मुझे लगता है हमारे समिधान निर्माताओं ने या कलपना नहीं की होगी कि देश के सर्वोच सदन को कोई बिगड़ा
00:29दिल से है शहजादा अपनी उद्धंडता और सनक के आधार के उपर बंधक बना कर रख लेगा
00:38ये कठोर शब्द हमें इसलिए प्रियोक करने पड़ रहे हैं कि विगत कई सप्ता से आपने देखा है
00:48कि विफक्ष और विशेशकर कॉंग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष सिदाहुल गांदी ने
00:54निरंतर अपने आचरण से या साबित किया है कि वो किसी भी प्रकार की सार्थक चर्चा सदन में नहीं चाहते
01:05लगातार उन्होंने अपनी डिमांड बदली है एक के बाद एक पहले उन्होंने ये कहा
01:15कि नीट की परिक्षा को लेकर नियम में बदलाव होना चाहिए वो मान लिया गया कठोर कानून बनने चाहिए छात्रों
01:24की मांग थी वो मान लिया गया
01:26कैबिरेट में भी प्रस्ताव पारित हुआ और नया बिल भी बन गया
01:30उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री जी का इस्तीफा होना चाहिए
01:35वो भी मान लिया गया
01:37केसे धटने की बात हुई वो भी मान लिया जागया
01:40हर बार वो एक नई डिमान लेकर खड़े हो जाते है
01:44फिर उन्होंने कहा कि ग्रह मंत्री हमिशा जी आकर सदन में बयान दें
01:50अब जब सरकार सदन में बयान देने को तयार है
01:54ग्रह मंत्री जी सदन में बयान देने को तयार है
01:57उसके बाद सदन क्यों नहीं चलने दिया जा रहा है
02:00हम कॉंग्रेस पार्टी से या साफ पूछना चाहते हैं
02:05कि हर कदम के उपर आप अपनी एक नई डिमांड खड़ी कर रहें
02:10और जब वो चीज पूरी कर ली जाती है
02:13उसके बाद भी आप सदन को नहीं चलने दे रहें
02:17और इससे पूरी भी सदन में ऐसे अनेक अवसर रहें
02:21कि जब अंतिम जवाब दिया जाता है किसी भी विद्यक पर
02:27तो कॉंग्रेस पार्टी भाग खड़ी होती है
02:29अभी आपने देखा कि अनफेर मींस इग्जामनेशन में
02:33प्रयोग होने वाले इस विद्यक पे भी अंत में वो भाग खड़े हुए
02:38आज इस सभा में
02:39वहां से लेके कितने ही ऐसे बिल थे जिनके की उपर
02:44मतब वहां से शुरू करिये जब अभी श्वास प्रस्ताव आया था पिछले में
02:47प्रधान मंत्री जी का जवाब नहीं सुना भाग खड़े हुए
02:50मनिपूर के उपर प्रधान मंत्री जी का जवाब नहीं सुना भाग खड़े हुए
02:53तो आज हम
02:55कॉंग्रेस पार्टी और राहूल गांधी जी से कहना चाहते हैं
02:59ग्रह मंत्री जी सदन में आकर हर विशय का बिंदुवार उत्तर देने को तयार हैं
03:05आप भागिये मत
03:08बहुत इस पश्च रूप से हम यह कहना चाहते हैं
03:10आप सदन से भागिये मत
03:13और इस समय विशेशकर जिस प्रकार का आचरण राहूल गांधी दिखा रहे हैं
03:24उनके लिए मैं एक पंक्त ही कहना चाहूंगा
03:26कि होंगे राजे राजकुवर ये बिगड़े दिल शहजादे
03:31और हम पीम जब जब बोले तब ये सदन से भागे
03:36अब मैं कहना चाहता हूँ कई बार आपका इतिहास है भागने का
03:40हम आपको चुनवती देते हैं
03:42आप ड़िये मत भागिये मत और सुनिये
03:46सदन में आपको सुनना चाहिए और राची में जाना चाहिए
03:50मगर राची जा नहीं रहें सदन में सुनना ही रहें
03:54राची में चात्रों के साथ अनुशासित मर्यादित आंदोलन करने वाले चात्रों के साथ
04:02जो पूर्टा गैर राजनेतिक आधार पर अपनी सामान समुचित मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं
04:12उनके साथ जो वेवार हो रहा है उसके उपर जहां भारती जनता पार्टी ने जारखंड बंद का आज आभान किया
04:23है
04:23वहीं राहूल गांधी जी के कान पूरी तरीके से बंद हैं राची के चात्रों की गूंज उन्हें सुनाई नहीं दे
04:30रही है
04:31क्योंकि उनके कान में लेफ्ट साइड के जो इयर फोन है वो दोनों तरफ लगे हुए है और उसकी ट्यूनिंग
04:38जो एबराट से होती है इतनी लाउट ट्यूनिंग हो रही है कि राची के चात्रों की गूंज उन्हें सुनाई नहीं
04:45पड़ती है
04:50और इसलिए यहाँ भी साफ हो जाता है कि सिर्फ राजनेति का अधार पर ही छात्र हितों से उनका कोई
04:57लेना देना नहीं है
04:58केवल शुद्राजनीति करनी है और संसद के सदन को अपनी सनक और उदंडता का बंधक बना कर रखना है
05:10समिधान निर्माताओं ने कलपना नहीं की होगी कि नेता प्रतिपक्ष जैसे गरिमा पूर्ण पद पर
05:16जहां इविन इनसे सीनियर नेता खड़गे जी राजिसभा में है
05:22पिछली बार अधीर रंजन चौधरी थे लोग सबा में तब ऐसा सीन देखने को नहीं मिलता था
05:27उससे पूर वियाद करिये स्वर्गी सुष्मा सुराज जी अरुन जेटली जी इविन अटल जी की सरकार के समय में
05:34सोनिया जी और डॉक्टर मनमोहन सिंग उसमें क्या कभी ऐसा दर्श्य देखने को मिलता था
05:40नर्समाराओ जी की सरकार में अटल जी और अडवानी जी तब कभी ऐसा सीन देखने को मिलता था
05:45तो यह भारत के लोकतंत्र के लिए आज राहूल गांधी जी का आचरण एक चुनोती बनके खड़ा है
05:53और यदि लोकतंत्रिक विवस्था और समवैधानिक विवस्था पर सबसे बड़ा संकट है तो वो कॉंग्रेस पार्टी और राहूल गांधी का
06:03आचरण
06:03इसलिए हमें एक बार फिर उनसे कहना चाहते हैं राहूल जी भागये मत भागो मत डरो मत और कान खोल
06:15कर ग्रह मंत्री जी का जवाब सुनो
06:17मगर आप सबने देखा है कि यह सत्र के दौरान सदन से भागते हैं और सत्र के बाद विदेश भागते
06:27हैं
06:28इसलिए मैं उनसे कहना चाहूंगा कि यह स्वाभाविक है कि आप सत्र के बार एक बार पुना विदेश भागेंगे
06:35पर विदेश भागने से पहले इतनी हिम्मत जुटाईए इतना साहस जुटाईए कि ग्रह मंत्री अमिशाजी का वक्तव सुन कर जाईए
06:45धन्यवाद एक सेगन एक सेगन अब हम लोग क्वेशन्स लेंगे बता ही बोले इसा
06:59देखिए मैंने तो आपसे कहा कि अपने आप में राहूल गांधी जी क्या करेंगे या क्या नहीं करेंगे
07:06हम तो आउटसाइडर हैं मुझे लगता है कि यदि आप कॉंग्रेस पार्टी के अध्यक्ष से भी पूछे हैं
07:16तो भी शायद वो ना बता पाएं और तो अगर आप राहूल गांधी जी से भी पूछे हैं कि कल
07:23आप सदन में क्या करेंगे
07:24तो मुझे इस बात का संदे है कि AI और जेमिनी मिलके भी शायद ये ना बता पाएं कि राहूल
07:30गांधी जी कल क्या करने की संभावना रखते हैं
07:44हम प्रदर्शन इस बात का नहीं कर रहे हैं हम तो प्रदर्शन कर रहे हैं कि आप आके सुनिए
07:49और मैं पूछना चाहता हूँ जारखंड में तो आपकी सरकार है हम पहली बार ये देख रहे हैं कि जो
07:56सत्ता में बैठा हुआ है
07:57हम प्रदर्शन कारी चात्रों के साथ हैं अरे साथ में है तो फोन उठाईए और तुरंत कारवाई करिए और चात्रों
08:17के वहाँ डिमांड क्या है
08:20वो सिर्फ कह रहें सीबी आई जाच और वो जाच नहीं होने दे रहा है जो वो समझिये वो डरा
08:25हुआ है
08:26तो आप समझिये इसका मतलब कॉंग्रेस पार्टी जो की गठवंदन की बड़ी पार्टी है
08:32राउल गांदी तो बड़े भाई हैं तो हिम्मत है तो फोन करें और कहें डरो मत सीबी आई को जाच
08:38भेज़ दो
08:39मगर इस कदर डरे हुए हैं कि जो मैंने कल बोला था कि जंतर मंतर को लेकर और कोटा से
08:49लेकर प्रयाग राज तक
08:50जो दहारते और चिंगारते हुए फिरते थे राची में उनके गले में घिगी बन जाती है
09:13देखेए पहली बात सदन की कारवाई सदन के द्वारा निरदारित विवस्था से होती है जो सदन की
09:21कारवाई बिजनेस अडवाईजरी कमेटी में तरह होती है और उसके हिसाब से जो विदेयक पहले थे
09:28उन सारे विधैकों को क्रमशाह एक के बाद एक पारित कराया जाता है
09:31उसके बाद भी यदि आप चर्चा चाहते हैं
09:34तो उस चर्चा के लिए इस्थान दिया जाता है
09:37जैसा कि संसदीय कारेमंत्री कि रनरिचु
09:40जी ने कहा था कि संसदीय विवस्था से कारे चलेगा
09:58बहस से सुनने से सदन से मत भाग इने जिसको आप खराब करने के आरूप की बात करते हैं तो
10:20मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ जंतर मंतर का छाथ प्रोटेस्ट और राजी के छाथ प्रोटेस्ट में देख लीजिए वहाँ
10:26किसी के लिए अबदर भाशा है
10:28नहीं बलकि कल देविंद महतो बोल रहे थे उन्होंने कहा कि जब किसी के खिलाफ नारा लगाये जाने लगा उन्होंने
10:34का रोक दीजे नहीं लगाना है कोई गाली बाजी है नहीं रील बाजी है नहीं किसी के लिए अफशब्दों का
10:42प्रियोग है नहीं और पुनह मैं कहे दे
10:46रहा हूं कोई अग्यास स्रोतों से और्डर करके सुगी और जमेटों के द्वारा पिज़ा और बर्गर के धेर लग रहे
10:52हैं नहीं रुकने की उत्तम विवस्ता हो रही है नहीं इसके बावजूत किसी के हाथ में पत्थर है नहीं पुलिस
11:00वालों को धक्का दिया जा रहा है न
11:02नहीं अगर इसमें भी वह कहना चाहते हैं तो भाजपा जिसको नैतिक समर्थन दे रही है उस प्रोटेस्ट और जो
11:10उनका नैतिक समर्थन था वो कितना अनहतिक था उस प्रोटेस्ट का अंतर देख लें दूद का दूद पानी का पानी
11:16हो जाएगा
11:23मुझे लगता है जारकंड सरकार के लिए और उससे अधिक कॉंग्रेस पार्टी के लिए और उससे अधिक
11:35राहुल गांदी जी के लिए जो स्वगोशित छात्रों के सबसे बड़े स्वगोशित मसीहा बनके खड़े हैं उनके लिए आज ये
11:45कसोटी है
11:46कि क्या वो अपनी सरकार को इतना भी साहस नहीं दे सकते कि वो इमांदारी से उसकी जाच करवा सके
11:54हाँ ये बात जरूर हो सकती है कि अगर उनको लगे कि जाच की आच में उनके हाथ जल सकते
12:02हैं
12:02तो ध्यान रखना चाहिए आपने बहुत से छात्रों का भविष्य जलाया है तो उस जाच की आच का सामना करने
12:08को तयार हैना चाहिए
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