00:11पाकिस्तान के कबजे वाले जमू कश्मीर यानी P.O.K में जारी विरोध को लेकर एक बार फिर पाकिस्तान की
00:17नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं
00:19इलाके में असंतूश को दबाने के लिए पाकिस्तान की और से सखती बढ़ाये जाने के दावे हैं
00:25लेकिन जियो पोलिटिकल एक्सपर्ट ब्रम्हा चैलानी का कहना है कि ऐसी कारिवाई विरोध को खत्म करने के बजाए उसे और
00:32भढ़का सकती है।
00:33ब्रम्हा चैलानी ने अपनी टिपपणी में दावा किया कि पाकिस्तान ने पियोके में प्रदर्शन कारियों के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानूनों
00:41के तहित कारिवाई की है।
00:43उनका अरूप है कि प्रदर्शन प्रदर्शनों की अगवाई करने वाले प्रमुख नागरिक अधिकार संगठन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
00:50यानि पाकिस्तान सरकार की कोशिश साफ तोर पर विरूध की आवाज को नियांतरित करने की दिखाई दे रही है।
00:56लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या गिरफतारी, प्रतिबंध और सक्ती से लोगों की नाराजगी खत्म हो जाएगी?
01:03चैलानी के मताबिक इसका उल्टा असर हो सकता है।
01:06जब किसी क्षेत्र में लोगों की आर्थिक और राजनीतिक शिकायतों को बाचीत के जरीए हल करने के बजाए बल पूर्वक
01:13दबाने की कोशिश होती है, तो असंतोश और गहरा सकता है।
01:16चैलानी ने अपनी पोस्ट में ये भी दावा किया कि पाकिस्तान ने P.O.K के लोगों पर दबाव बढ़ाने
01:22के लिए खाने पीने की चीजों और दवाईयों जैसी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को प्रभावित किया है।
01:27हाला कि ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टी जरूरी है और इन्हें अंतिम तथ्य के तौर पर पेश करने से पहले
01:33विश्वस्निय स्रोतों से सत्यापन आवश्चक है।
01:36अगर जरूरी सामान की सप्लाई वास्तव में प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर आम लोगों पर पढ़ता है।
01:42राजनीतिक विरोध का जवाब आर्थिक दबाव से देने पर गरीब और मध्यमवर्ग के परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
01:50यही वज़ा है कि पियोके में हालात केवल राजनीती तक सीमित नहीं रहते बलकि रोजमर्हा की जिंदगी और मानविये परिस्थतियों
01:57से भी जुड़ जाते हैं।
01:58ब्रम्हा चैलानी ने अपनी टिपणी में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिशत के प्रस्ताव 47 का भी उलेख किया।
02:28प्रस्ताव 47 का उलेख अपने आप में पूरे विवाद का समाधान नहीं करता। लेकिन ये इस क्षेत्र के एतिहासिक और
02:35पूटनीतिक विवाद की प्रिश्थ भूमी को समझने में जरूर मदद करता है।
03:00पाकिस्तान के लिए चुनौती ये है कि अगर वो केवल सुरक्षा और गिरफतारी के जरिये इस असंतोश को नियंत्रित करने
03:06की कोशिश करता है तो विरोध का आधार और व्यापक हो सकता है।
03:10दूसरी तरफ बाचीत और स्थानिय मांगू पर राजनीतिक समाधान खोजने की कोशिश तनाव को कम कर सकती है।
03:17फिलहाल P.O.K को लेकर सामने आ रहे दावों में कई बाते ऐसी हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टी जरूरी है।
03:22लेकिन ब्रम्हा चैलानी की टिपपणी ने एक बड़ी सवाल को जरूर सामने ला दिया है।
03:52के समाधान से आती है।
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