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Tensions between India and China over Arunachal Pradesh are once again in the spotlight. India has officially named 27 locations and four strategic passes in Arunachal Pradesh and incorporated them into its official political map. These include key locations such as Thag La, Longju, Dzo La, Riza La, and Pukur La. The move is being seen as a strong response to China’s repeated claims over Arunachal Pradesh.

Meanwhile, a video went viral on social media, claiming that Chinese troops had entered 60 kilometers inside Arunachal Pradesh. However, according to a PIB fact-check, the video is not from Arunachal Pradesh but is old footage from the India-Bangladesh border. Arunachal Pradesh Chief Minister Pema Khandu has also dismissed the claims of Chinese intrusion. The real issue, therefore, goes beyond border security and highlights the growing diplomatic and strategic confrontation between India and China.


अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और चार रणनीतिक दर्रों को आधिकारिक नाम देकर अपने राजनीतिक नक्शे में शामिल किया है। इनमें थग ला, लोंगजू, द्जो ला, रिजा ला और पुकुर ला जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। यह कदम चीन के अरुणाचल प्रदेश पर किए जा रहे दावों का कड़ा जवाब माना जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर घुस आए हैं। हालांकि, PIB की पड़ताल के अनुसार वीडियो अरुणाचल का नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश सीमा का पुराना फुटेज है। अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी घुसपैठ के दावे को खारिज किया है। ऐसे में असली मुद्दा सीमा सुरक्षा से ज्यादा भारत-चीन की कूटनीतिक और रणनीतिक टकराव की बढ़ती चुनौती है।


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Transcript
00:0027 जगे, चार रन नीतिक दरे और सीधे चीन की छाती पर भारत का राजनीतिक प्राहन
00:06बीजिंग में बैटे शी जिंपिंग की नीन दुड़ी हुई है
00:09क्योंकि भारत ने अंडांचल प्रदेश के नक्षे को अपडेट करके 27 ऐसे स्थानों को अधिकारिक नाम दे दिया है
00:15जिन्हें चीन अपना जांगनान बताकर हडपने के सपने देख रहा था
00:201969 का लोंगजू हो या 1962 का थगला दर्रा
00:24भारत ने इनक्षे पर लकीर खीच कर साफ कह दिया है
00:28ये जमीन भारत की थी भारत की है और बाब दादा भी आ जाए तो ये भारत की ही रहेगी
00:34लेकिन इस एतिहासिक मास्टर स्ट्रोक के ठीक बीच इंटरनेट पर एक साजश रची गई
00:38एक विडियो फैलाया गया चीन 60 किलो मीटर अंदर गुसाया है
00:43आज बिना किसी बकवास के सीधे बात होगी दो मोर्च पर
00:46पहला सोशल मीडिया पर फैलाई गई जूटी अफवा का 100 प्रतीशत सच
00:51और दूसरा भारत के इस करारे जवाब से वोखलाई चीन का पूरा कच्चा चिठा
00:56बात सीधे मुद्दे की है
00:57क्या अर्नांचल में चीनी सेना 60 किलो मीटर अंदर आई है
01:00जवाब है बल्कुल नहीं
01:02जिस विडियो को अधार बना कर दाव किये ज़ा रहे हैं
01:05जिसमें सेनिक आपस में बहस करते दिख रहे हैं
01:08उसकी सच्चाई P.I.B. यानि की Press Information Bureau और हमारी पड़ताल में साफ हो चुकी है
01:13ये विडियो दरसल अर्नांचल प्रुदेश का है ही नहीं
01:17ये भारत बांगलादेश सीमा का एक पुराना विडियो है
01:20पुरानी फुटेज को आज के माहौल से जोड कर केवल पानिक फिलाने के लिए इस्तमाल किया जा रहा है
01:25अर्नांचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने खुद साफ किया है कि सीमा पूरी तरह सुरक्षित है और गुस्पेट का दावा
01:32पूरी तरह फर्जी है
01:33यानि सोशल मीडिया का ये विडियो सिर्फ एक भ्रामक अफवा है अब आये उस असली मोचे पर जहां असली लड़ाई
01:39लड़ी जा रही है
01:40चीन की एक पुरानी बिमारी दूसरों की जमीन पर अपने नाम की तक्ती टांग देना
01:452017, 2021 और 2023 में चीन निर्नाचों के अपनी चीनी नाम जारी किये थे
01:51भारत ने इस बार सिर्फ कूटनीतिक कड़े पत्र नहीं भेजे
01:54वलकि सर्फे आफ इंडिया ने भारत का अधिकारिक राजनीतिक नक्षा ही बदल डाला
01:59भारत ने जुन 27 जगों पर अपनी मुहर लगाई है उसमें शामिल है थगला और लॉंग्स
02:05ये सिर्फ नाम नहीं है ये 1969 और 1962 के युद का वो इतिहास है जहा भारती जवानों का खून
02:12गिरा था
02:12भारत ने अधिकारिक रूप से इन्हें अपने नक्षे में ठोक दिया है शेरे थापा मेमोरियल हवलदार शेरे थापा के शोरे
02:19का समारक अब भारत के अधिकारिक मैप का हिस्सा है
02:22सांबो सरोवर और चार दर्रे दजोला रिजाला पुगरला और ठगला चीन का सरकारी अकपार ग्लोबल टाइमस और उनके प्रवक्ता गूओ
02:30जियाकुन चिला रहे हैं कि ये गैर कानूनी हैं हमन नाचल को नहीं मानते लेकिन भारत ने दिखा दिया है
02:37कि अब दूसरे के दा�
02:49अपने की भूग कभी खत्म नहीं हो सकती भारत ने तिबबत को चीन का हिस्सा मान कर अतीत में बहुत
02:54बड़ी गलती की थी चीन ये समझ लेकिन नक्षों पर फरजी नाम बदलने से जमीन उसके नहीं हो जाएगी
03:006 ओगस को नई दिली में भारत और चीन के बीद सीमा मामलों पर 36 भी WMCC बैठक हुई थी
03:05भारत ने संदेश साफ दे दिया है बाची टेबल पर होगी लेकिन जमीन पर भारत अपने एक इंच दावे से
03:12भी पीछे नहीं हटेगा
03:13यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब सितंबर में नई दिली में ब्रिक सम्मेलन होने बाला है
03:172019 के बाद पहली बाद चीनी राश्रपती शी जिंपिंग के भारत आने की संभावना है
03:222020 के लगदाक विबाद के बाद चीन भारत के साथ रिष्टे समान्य करना चाता है
03:27लेकिन भारत ने ब्रिक से ठीक पहले ये 27 नामों वाला मास्टर स्ट्रोक खेल कर
03:31शी जिंपिंग को ये बता दिया है कि भारत दबाव की राजनीती में कभी नहीं जुगने बाला
03:36तलाबुलू आप ये है ना तो चीन की सेना सीमा के अंदर घुसी है और ना ही भारत अपने सरहत
03:41पर कोई समझोता कर रहा है
03:43लेकिन अब सवाल आप से है चीन जब जब नाम बदल कर कबजे का नाटक करता है भारत ने इस
03:48बार नक्षा अपडेट करके जो करारा थपड मारा है
03:50क्या भारत को अप चीन की One China Policy और तिबवत पर अपने रुख पर भी खुले आम पुनर विचार
03:55करना चाहिए
03:56आपकी क्या राय है नीचे कॉमें सेक्शन में ज़रूर बताए फिलहाल बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी
04:01खबरों के लिए देखते रहिए
04:02वन इंदिया हिंदी
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