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इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद में शायराना अंदाज़ में PM Modi और अमित शाह पर निशाना साधा।अपनी शायरी के जरिए उन्होंने सरकार और BJP पर तीखे सवाल उठाए।उनके अंदाज़ और शब्दों ने सदन में सियासी माहौल गरमा दिया।इमरान के बयान पर विपक्षी खेमे में भी हलचल देखने को मिली।राहुल गांधी के रिएक्शन ने इस पूरे पल को और दिलचस्प बना दिया।शायरी के जरिए इमरान ने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला।PM Modi और Amit Shah को लेकर उनके बयान पर सियासी बहस तेज हो गई।अब सोशल मीडिया पर भी इमरान की यह शायरी चर्चा का विषय बनी हुई है।देखिए संसद में इमरान प्रतापगढ़ी के इस शायराना वार की पूरी कहानी।

Imran Pratapgarhi took a sharp political dig at PM Modi and Amit Shah in Parliament.He used his signature poetic style to target the government and BJP.
His powerful shayari created a noticeable buzz inside the House.The Opposition reacted strongly to his remarks and political messaging.Rahul Gandhi’s reaction added another interesting moment to the episode.
Imran used poetry to raise questions over the policies of the Modi government.His remarks against PM Modi and Amit Shah quickly became a talking point.
The political exchange has also sparked discussion across social media.Watch the full story of Imran Pratapgarhi’s sharp shayarana attack.

#ImranPratapgarhi #PMModi #AmitShah #RahulGandhi #Parliament #Congress #BJP #PoliticalNews #HindiNews

~PR.512~HT.408~ED.110~GR.506~VG.HM~

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00:00तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं और जिल्ले इलाही के करम देख रहे हैं ताकत का नशा अकल
00:07पे हावी है तुम्हारी तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं
00:12एक दिन अपनी किसी मजदूर की तरह अपनी दिन भर की दिहारी ले करके बाजार जाईए और अपने बच्चों के
00:18लिए राशन खरी दिये तब पता चलेगा कि महगाई कम हो रही है या नहीं हो रही है
00:23यवतमाल का वो दाभडी गाउं जहां 20 मार्च 2014 को वो किसानों के साथ चाय पर चर्चा करने गए थे
00:32उसी यवतमाल में पिछले 6 महीने में 132 किसानों ने आत्महत्या की है
00:39मेरा बहुत भाउकता के साथ देश के प्रधान मंतिरी से सवाल है कि इन उजड़ते हुए मकानों और बेघर होते
00:45हुए घरों को देख करके आपको नीन कैसे आती है आप सो कैसे पाते है
00:5083 मिनट 71 बार थपथपाई गई मेज 14,417 शब्दों का बजट भाशन और उस बजट में अपने लिए राहत
01:03तलाशती मिडिल क्लास की हैरत ज़दा आखें
01:07सभापती महोदे मेरे हाथों में जो दस्तावेज है दरसल ये देश के किसानों, गरीबों, मजबूरों की उम्मीदों का इसमारक है
01:18ऐसा लग रहा है जैसे बित्त मंत्री महोदिया ने बजट नहीं तयार किया है बलकि प्रधान मंत्री जी की मन
01:23की बात का संकलन तयार किया है
01:28तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं
01:31तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं
01:34और जिल्ले इलाही के करम देख रहे हैं
01:37ताकत का नशा अकल पे हावी है तुम्हारी
01:40तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं
01:45बित्तमंत्री महोदिया ने
01:47इस बजट में महंगाई पर सिर्फ दस शब्द बोला है
01:53जिस देश में टमाटर सो रुपए किलो बिक रहा हो
01:58सभापती महोदे मेरा टाइम पॉज करें
02:00और बार बार इंट्रेप्ट करने को या तो मना करें
02:02आप बोले एक रिपय बोले
02:03सभापती महोदे वित्त मंत्री महोदे ने इस बजट में
02:07महंगाई पर सिर्फ दस शब्द बोले हैं
02:10जिस देश में टमाटर सो रुपए किलो बिक रहा हो
02:13उस देश की वित्त मंत्री के पास
02:16बजट में महंगाई पर बोलने के लिए सिर्फ दस शब्द है
02:21डीजल, पेट्रोल, आटा, चावल, डाल, सबजी की महंगाई का तो कोई जिक्र ही नहीं
02:27सावन चल रहा है
02:28तो प्याज और लहसुन का दाम पूछना तो शायद पाप होगा
02:33मैंने तो ये भी सुना है कि वित्तमंत्री जी जो चीज खुद नहीं खाती है
02:37उसके दाम से उनका कोई लेना देना नहीं होता
02:42लेकिन इस बार बजट पेश करने के लिए पारलियामेंट आने से पहले वित्तमंत्री जी ने दही और चीनी खाई थी
02:52अब तो उनसे ये पूछा जाही सकता है कि उन्हें दही दूध और चीनी का रेट तो इन दिनों पता
02:59ही होगा
03:00क्या उसे सस्ता करवाएंगी या नहीं सस्ता करवाएंगी
03:03अगर पता है तो कृपिया सस्ता करवाईए क्योंकि इसी चीनी ने अमेठी में एक मंत्री महोद्या का राजनेति केरियर कड़वा
03:13कर दिया
03:14सवापती महोद्ये अपने शीश महलों में बैठे हुए सरकार के सांसद और मंत्री कह रहे है कि महंगाई कम हो
03:22रही है
03:24संसद की कैंटीन से बाहर निकल करके एक चाय का कप खरी दिये तब समझ में आएगा कि महंगाई कम
03:31हो रही है या बढ़ रही है
03:32किसी एक दिन अपनी किसी मजदूर की तरह अपनी दिन भर की दिहारी ले करके बाजार जाईए और अपने बच्चों
03:39के लिए राशन खरी दिये
03:40तब पता चलेगा कि महंगाई कम हो रही है या नहीं हो रही है
03:44यहां बैठ करके बड़ी बड़ी बातें करना आसान है
03:47यह चुनर धानी धानी भूल जाते यह पुरवा की रवानी भूल जाते
03:51जो आकर चार दिन गाउं में रहते तो सारी लंतरानी भूल जाते
03:55सभापती महोदे
03:58इलेक्टोरल बॉंड खरीदने के नाम छुपाने वाली सरकार
04:03Electoral Bond खरीदने वालों के नाम छुपाने वाली सरकार
04:06इन दिनों आम के ठेला लगाने वालों के नाम जानना चाहती है
04:12मुझे तो होटलों, ढाबों या आम के ठेलों पर
04:15नेम प्लेट लगवाने वालों से पूछना है
04:17कि कभी खून की बोतल पर देखा है किसी का नाम लिखा हुआ
04:21मुझे पूछना है कि क्या कोरोना के दौरान अपनी उखड़ती वी सांसों के लिए
04:27आकसीजन तलाशने वाले किसी इनसान ने, आकसीजन लाने वाले किसी इनसान से पूछा था
04:36मुझे पूछना है कि लावारिश लासों के लिए कुरोना में काम दो जाने वाले चिताओं के लिए लकड़ियां सजाने वाले
04:44किसी इंसान से पूछा गया था उसका नाम उसका मजभ़ लेकिन इन दिनों पूछा जा रहा है सभापती महोदे
04:51अफसोस देश के प्रधान मंत्री जी ने कभी न तूटने वाली चुप्पी ओढ़ ली है सभापती महोदे जनता ने 63
04:59सीटें कम क्या कर दी ये सरकार तो अमरित काल का नाम लेना ही भूल गई
05:03ये भूल गई है अमरित काल को ये भूल गई है मनरेगा को ये भूल गई है मौलाना अजाद नेशनल
05:10फेलोशिप को ये भूल गई है मनीपूर को ये भूल गई है महरास्टा को
05:14मुझे गर्व है कि मैं
05:16राज्य सभा में महरास्टा का प्रत्निधित
05:18तो करता हूँ
05:20महरास्टा जो देश की आर्थिक
05:22राजधानी है
05:23जो टोटल कॉर्पोरेट टेक्स का 40%
05:26इंकम टेक्स का
05:2832% और जीस टी का
05:2920% इस देश को देता है
05:31उस महरास्टा के लिए
05:33इस बजट में एक संग नहीं है
05:35सभापती महोदे
05:36आखिर महरास्टा से किस बाद का बदला लिया जा रहा है
05:41महरास्टा ने
05:42लोग सभाट जबाओं में
05:44बाबा साहब अंबेट्टा के
05:46संब्धान को बचाने के लिए
05:47ओट का कर दिया
05:49प्रधान मंत्री जी तो महरास्टा से
05:51बदला लेने पर उतराए
05:52अब तो शायद उन्हें याद भी न हो
05:55यवत माल का वो दाभडी गाउं
05:58जहां 20 मार्च 2014 को
06:01वो किसानों के साथ
06:02चाय पर चर्चा करने गए थे
06:05और उनकी किसमत बदलने के सपने दिखाए थे
06:08उसी यवत माल में
06:10पिछले छे महीने में
06:12132 किसानों ने आत्महत्या की है
06:15सभापती महोदय
06:16महरास्टा में हर महीने
06:18209 किसान आत्महत्या कर रहे हैं
06:21राज्य सरकार द्वारा सौपा गया
06:23आकड़ा बताता है
06:24कि एक जनवरी से 31 माई के बीच
06:261046 किसानों ने आत्महत्या की है
06:29लेकिन अफसोस इस बजट में
06:30महरास्टा के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है
06:32किसानों से चिड़ी हुई सरकार ने
06:35बजट में किसानों के
06:36MSP की लीगल गारंटी नहीं दी
06:38लेकिन याद रखिएगा
06:39जो किसान का नहीं वो हिंदुस्तान का नहीं
06:42सभापती महोदे
06:44मुझे बित्मंत्री जी से पूछना है
06:46कि वो जो कुछ साल पहले
06:47100 इसमार्ट सिटी बनाने का ढोल पीटा गया था
06:49सुना है उस ढोल में पानी भर गया है
06:53इसलिए आपने उसका नाम बदल करके
06:55सिटीज आप ग्रोथ हपस रख दिया है
06:57अच्छा है
06:58नाम बदलने का खेल खेलते रही है
07:00आपकी कई सरकारें तो इसी वज़ा से चल रही है
07:03इस सरकार को पढ़े लिखे
07:05लोगों से दिक्कत है सभापती महोदे
07:07इसलिए इस सरकार ने
07:09UGC का बजट 6-6% कम कर दिया है
07:12वारी सरकार
07:13सभापती महोदे
07:15मैं बित्त मंत्री जी के संग्यान बे लाना चाहता हूँ
07:18किशन गंज में
07:19AMU सेंटर के पास
07:21224 एकड़ जमीन है
07:22UPS सरकार ने सोनिया गांधी जी की
07:25अगुआई में 136 करोण
07:27रूपए AMU किशन गंज सेंटर के लिए
07:29शक्सं किये थे
07:30लेकिन आपकी सरकार ने पिछले 10 साल में
07:32उस 136 करोण में से
07:34सिर्फ 10 करोण रूपए रिलीज किया है
07:36डेड़ करोण की आबादी वाला
07:38सीमान चल बहतर सिछा के लिए
07:41उस सेंटर की बाट जो रहा है
07:43मेरा आप से सवाल है
07:44के इस सेंटर का बाकी पैसा
07:46आप कब रिलीज करेंगे
07:47मुझे उम्मीद है बित्तमंत्री महोदिया
07:49जवाब जरूर देंगी
07:50सीमान चल उसी बिहार में आता है
07:52जिसकी बैसाखी के सहारे
07:54आपकी सरकार चल रही है
07:56वहां के लोगों को एम्स की जरूरत है
07:58महाननदा और कोसी से होने वाली
08:00बाढ़ की तबाही को रोकने के लिए
08:02बांद बनाईए
08:04सीमान चल के साथ सहतेला विवहार बंद करिए
08:06एकोनॉमिक कोरिडोर बनाने से
08:08किसी राज्य का विकास नहीं होगा
08:10बिकास होगा स्वास्त और सिक्षा के
08:11बुनियादी मुद्दों के लिए बजट देने पर
08:14सभापती महोदे
08:15एक तरफ तो इस बजट में
08:17पी-म आवास योजना के तहत
08:19तीन करोन अत्रिक्त मकान देने की
08:21घोशडा है और दूसरी तरफ
08:23लखनओ के अकपर नगर में
08:25बारा सो असी वो मकान है
08:26जिने रीवर फ्रंट बनाने के नाम पे
08:29बुल्डोजर से जमी दोस कर दिया गया
08:31सभापती महोदे
08:32लोग चीखते रहे बच्चे भी लखते रहे
08:35वसुदहयो कुटुमबकम का
08:37नारा लगाने वाली सरकार
08:53सो कैसे पाते हैं
08:54मेरा सवाल है इस देश के प्रधान मंत्री से
08:56या तो लोगों के घरोंदे उजाडना
08:58बंद करिये या फिन करोणों
09:00मकान बनाने की जूटी घोशनाए
09:02करना बंद करिये ये बजट
09:04जूट का पुलिंदा है ये बजट
09:06आपके पिछले साल के बजट का
09:08कट कॉपी पेस्ट है
09:09ये बजट हमारे चुनावी
09:12घोशना पत्र की
09:13नकल करने की एक बेइमान
09:15कोशिश है लेकिन कहावत है
09:18ना कि नकल के लिए अकल
09:20चाहिए मेरे हाथ में एक तरफ
09:22न्याए पत्र है जो हमारा है
09:24और दूसरी तरफ
09:25अन्याए पत्र है जो आपका है
09:28इस सरकार को आलोचना सुनने
09:30की आदत नहीं है सबापती महोदे
09:32जब आप इनसे सवाल पूछिए
09:34तो ये कहता है कि आप बताईए
09:3670 साल में आपने क्या किया है
09:37इस सदल में कहना चाहता हूँ
09:39सबापती महोदे
09:40कि हमसे 70 साल का हिसाब मांगने वालों
09:43जो सरकार अपना चलाया हुआ
09:452000 का नोट 7 साल नहीं चला सकी
09:47वो हमसे 70 साल का हिसाब मांगती है
09:49सबापती महोदे
09:50मैं अन्त में आप से ये कहना चाहता हूँ
09:53ये बजट बैसाखी पर तिकीवी
09:55इस सरकार का कुरसी बचाओ बजट है, इस बजट में रज्जों के साथ, किसानों के साथ, नोजवानों के साथ, महिलाओं
10:02के साथ, देश के मिडिल क्लास के साथ अन्याय किया गया है, और इस अन्याय का खामियाजा, आपको महरास्टा, हरियाना
10:09और जहारखन के चुनाओं में
10:10भुगतना पड़ेगा
10:11सभापती महोद है
10:13इस सरकार ने नोट बंदी लगा कर देश की आम जनता की पूजी चीन लिए
10:18गपर सिंग टक्स लगा करके छोटो ब्यापारियों के कारोबार चीन लिए
10:22पेपर लीक करवा करके युवाओं की आँखों से नोकरी के सपने चीन लिए
10:27अगनी वीर लाकर देश के जवानों की उमीदें चीन लिए
10:30बुल्डोजर लगा कर लोगों के आशियाने चीन लिए
10:33महंगाई लाकर देश की जनता की थाली से निवाले चीन लिए
10:38और नारा लगाया कि हम तो सेवक हैं
10:4118-18 घंटे काम करते हैं
10:44इन ही लोगों के लिए किसी ने शेर कहा है
10:47कि जो सच और जूट में दूरी है वो दूरी समझते हैं
10:51सियासी हाकिमों की हम भी मजबूरी समझते हैं
10:55वो अपना हक समझते हैं निवाला छीन लेने को
10:58डकैती को बहुत से लोग मजबूरी समझते हैं
11:01हमें पता है कि कैसी मजबूरी की जा रही है
11:04सभापती महोदे
11:05मैं यहां खड़ा हो करके
11:07अंत में आपसे कहना चाहता हूँ
11:09कि इस बजट में तमाम रज्जों के साथ अन्याय किया गया है
11:13इस बजट में युवाओं के साथ अन्याय किया गया है
11:16महिलाओं के साथ अन्याय किया गया है
11:18और खास तोर से महरास्टरा के लिए कुछ नहीं रखा गया है
11:23महरास्टरा बार से जूच रहा है
11:25पानी परसने से वहां 15 साथ से ज़्यादा लोग मारे गए है
11:30उस शहर को उस राज्ज को चार हजार करोन के पैकेज की जरूरत है
11:35ताकि जो फसले बरबाद हुई है लोगों को राहत दी जा सकी
11:40लेकिन अफसोस इस बजट में महरास्टरा के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है
11:45मैं आखिर में ये कहना चाहता हूँ
11:49कि पिछले साथ दिन से इस बजट का बड़ा धिडोरा पीटा जा रहा है
11:53इसे महान बताया जा रहा है
11:55लेकिन कौन महान बता रहा है
11:58सत्ता पक्ष के लोग उन्हें तो बताना ही है
12:00क्योंकि मैं अवद छेत्र से आता हूँ प्रताब गड़ से
12:03नीरज भाई भी अवद और पूर्वांचल से आते हैं
12:06वहाँ एक कहावत है कि बिटिया की तारीफ किसने की बिटिया की महतारी ने
12:12यानि कि बेटी की प्रशंसा किसने की माने
12:15तो इस बजट की तारीफ सक्ता पक्ष करे तो करेगा ही
12:19लेकिन विपक्ष के एक भी सांसत से आप पूछिए कि क्या उसके राज्य को कुछ मिला है
12:23तो वो ये कहेगा कि नहीं कुछ भी नहीं मिला है
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