00:00तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं और जिल्ले इलाही के करम देख रहे हैं ताकत का नशा अकल
00:07पे हावी है तुम्हारी तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं
00:12एक दिन अपनी किसी मजदूर की तरह अपनी दिन भर की दिहारी ले करके बाजार जाईए और अपने बच्चों के
00:18लिए राशन खरी दिये तब पता चलेगा कि महगाई कम हो रही है या नहीं हो रही है
00:23यवतमाल का वो दाभडी गाउं जहां 20 मार्च 2014 को वो किसानों के साथ चाय पर चर्चा करने गए थे
00:32उसी यवतमाल में पिछले 6 महीने में 132 किसानों ने आत्महत्या की है
00:39मेरा बहुत भाउकता के साथ देश के प्रधान मंतिरी से सवाल है कि इन उजड़ते हुए मकानों और बेघर होते
00:45हुए घरों को देख करके आपको नीन कैसे आती है आप सो कैसे पाते है
00:5083 मिनट 71 बार थपथपाई गई मेज 14,417 शब्दों का बजट भाशन और उस बजट में अपने लिए राहत
01:03तलाशती मिडिल क्लास की हैरत ज़दा आखें
01:07सभापती महोदे मेरे हाथों में जो दस्तावेज है दरसल ये देश के किसानों, गरीबों, मजबूरों की उम्मीदों का इसमारक है
01:18ऐसा लग रहा है जैसे बित्त मंत्री महोदिया ने बजट नहीं तयार किया है बलकि प्रधान मंत्री जी की मन
01:23की बात का संकलन तयार किया है
01:28तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं
01:31तूटा हुआ लशकर का भरम देख रहे हैं
01:34और जिल्ले इलाही के करम देख रहे हैं
01:37ताकत का नशा अकल पे हावी है तुम्हारी
01:40तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं
01:45बित्तमंत्री महोदिया ने
01:47इस बजट में महंगाई पर सिर्फ दस शब्द बोला है
01:53जिस देश में टमाटर सो रुपए किलो बिक रहा हो
01:58सभापती महोदे मेरा टाइम पॉज करें
02:00और बार बार इंट्रेप्ट करने को या तो मना करें
02:02आप बोले एक रिपय बोले
02:03सभापती महोदे वित्त मंत्री महोदे ने इस बजट में
02:07महंगाई पर सिर्फ दस शब्द बोले हैं
02:10जिस देश में टमाटर सो रुपए किलो बिक रहा हो
02:13उस देश की वित्त मंत्री के पास
02:16बजट में महंगाई पर बोलने के लिए सिर्फ दस शब्द है
02:21डीजल, पेट्रोल, आटा, चावल, डाल, सबजी की महंगाई का तो कोई जिक्र ही नहीं
02:27सावन चल रहा है
02:28तो प्याज और लहसुन का दाम पूछना तो शायद पाप होगा
02:33मैंने तो ये भी सुना है कि वित्तमंत्री जी जो चीज खुद नहीं खाती है
02:37उसके दाम से उनका कोई लेना देना नहीं होता
02:42लेकिन इस बार बजट पेश करने के लिए पारलियामेंट आने से पहले वित्तमंत्री जी ने दही और चीनी खाई थी
02:52अब तो उनसे ये पूछा जाही सकता है कि उन्हें दही दूध और चीनी का रेट तो इन दिनों पता
02:59ही होगा
03:00क्या उसे सस्ता करवाएंगी या नहीं सस्ता करवाएंगी
03:03अगर पता है तो कृपिया सस्ता करवाईए क्योंकि इसी चीनी ने अमेठी में एक मंत्री महोद्या का राजनेति केरियर कड़वा
03:13कर दिया
03:14सवापती महोद्ये अपने शीश महलों में बैठे हुए सरकार के सांसद और मंत्री कह रहे है कि महंगाई कम हो
03:22रही है
03:24संसद की कैंटीन से बाहर निकल करके एक चाय का कप खरी दिये तब समझ में आएगा कि महंगाई कम
03:31हो रही है या बढ़ रही है
03:32किसी एक दिन अपनी किसी मजदूर की तरह अपनी दिन भर की दिहारी ले करके बाजार जाईए और अपने बच्चों
03:39के लिए राशन खरी दिये
03:40तब पता चलेगा कि महंगाई कम हो रही है या नहीं हो रही है
03:44यहां बैठ करके बड़ी बड़ी बातें करना आसान है
03:47यह चुनर धानी धानी भूल जाते यह पुरवा की रवानी भूल जाते
03:51जो आकर चार दिन गाउं में रहते तो सारी लंतरानी भूल जाते
03:55सभापती महोदे
03:58इलेक्टोरल बॉंड खरीदने के नाम छुपाने वाली सरकार
04:03Electoral Bond खरीदने वालों के नाम छुपाने वाली सरकार
04:06इन दिनों आम के ठेला लगाने वालों के नाम जानना चाहती है
04:12मुझे तो होटलों, ढाबों या आम के ठेलों पर
04:15नेम प्लेट लगवाने वालों से पूछना है
04:17कि कभी खून की बोतल पर देखा है किसी का नाम लिखा हुआ
04:21मुझे पूछना है कि क्या कोरोना के दौरान अपनी उखड़ती वी सांसों के लिए
04:27आकसीजन तलाशने वाले किसी इनसान ने, आकसीजन लाने वाले किसी इनसान से पूछा था
04:36मुझे पूछना है कि लावारिश लासों के लिए कुरोना में काम दो जाने वाले चिताओं के लिए लकड़ियां सजाने वाले
04:44किसी इंसान से पूछा गया था उसका नाम उसका मजभ़ लेकिन इन दिनों पूछा जा रहा है सभापती महोदे
04:51अफसोस देश के प्रधान मंत्री जी ने कभी न तूटने वाली चुप्पी ओढ़ ली है सभापती महोदे जनता ने 63
04:59सीटें कम क्या कर दी ये सरकार तो अमरित काल का नाम लेना ही भूल गई
05:03ये भूल गई है अमरित काल को ये भूल गई है मनरेगा को ये भूल गई है मौलाना अजाद नेशनल
05:10फेलोशिप को ये भूल गई है मनीपूर को ये भूल गई है महरास्टा को
05:14मुझे गर्व है कि मैं
05:16राज्य सभा में महरास्टा का प्रत्निधित
05:18तो करता हूँ
05:20महरास्टा जो देश की आर्थिक
05:22राजधानी है
05:23जो टोटल कॉर्पोरेट टेक्स का 40%
05:26इंकम टेक्स का
05:2832% और जीस टी का
05:2920% इस देश को देता है
05:31उस महरास्टा के लिए
05:33इस बजट में एक संग नहीं है
05:35सभापती महोदे
05:36आखिर महरास्टा से किस बाद का बदला लिया जा रहा है
05:41महरास्टा ने
05:42लोग सभाट जबाओं में
05:44बाबा साहब अंबेट्टा के
05:46संब्धान को बचाने के लिए
05:47ओट का कर दिया
05:49प्रधान मंत्री जी तो महरास्टा से
05:51बदला लेने पर उतराए
05:52अब तो शायद उन्हें याद भी न हो
05:55यवत माल का वो दाभडी गाउं
05:58जहां 20 मार्च 2014 को
06:01वो किसानों के साथ
06:02चाय पर चर्चा करने गए थे
06:05और उनकी किसमत बदलने के सपने दिखाए थे
06:08उसी यवत माल में
06:10पिछले छे महीने में
06:12132 किसानों ने आत्महत्या की है
06:15सभापती महोदय
06:16महरास्टा में हर महीने
06:18209 किसान आत्महत्या कर रहे हैं
06:21राज्य सरकार द्वारा सौपा गया
06:23आकड़ा बताता है
06:24कि एक जनवरी से 31 माई के बीच
06:261046 किसानों ने आत्महत्या की है
06:29लेकिन अफसोस इस बजट में
06:30महरास्टा के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है
06:32किसानों से चिड़ी हुई सरकार ने
06:35बजट में किसानों के
06:36MSP की लीगल गारंटी नहीं दी
06:38लेकिन याद रखिएगा
06:39जो किसान का नहीं वो हिंदुस्तान का नहीं
06:42सभापती महोदे
06:44मुझे बित्मंत्री जी से पूछना है
06:46कि वो जो कुछ साल पहले
06:47100 इसमार्ट सिटी बनाने का ढोल पीटा गया था
06:49सुना है उस ढोल में पानी भर गया है
06:53इसलिए आपने उसका नाम बदल करके
06:55सिटीज आप ग्रोथ हपस रख दिया है
06:57अच्छा है
06:58नाम बदलने का खेल खेलते रही है
07:00आपकी कई सरकारें तो इसी वज़ा से चल रही है
07:03इस सरकार को पढ़े लिखे
07:05लोगों से दिक्कत है सभापती महोदे
07:07इसलिए इस सरकार ने
07:09UGC का बजट 6-6% कम कर दिया है
07:12वारी सरकार
07:13सभापती महोदे
07:15मैं बित्त मंत्री जी के संग्यान बे लाना चाहता हूँ
07:18किशन गंज में
07:19AMU सेंटर के पास
07:21224 एकड़ जमीन है
07:22UPS सरकार ने सोनिया गांधी जी की
07:25अगुआई में 136 करोण
07:27रूपए AMU किशन गंज सेंटर के लिए
07:29शक्सं किये थे
07:30लेकिन आपकी सरकार ने पिछले 10 साल में
07:32उस 136 करोण में से
07:34सिर्फ 10 करोण रूपए रिलीज किया है
07:36डेड़ करोण की आबादी वाला
07:38सीमान चल बहतर सिछा के लिए
07:41उस सेंटर की बाट जो रहा है
07:43मेरा आप से सवाल है
07:44के इस सेंटर का बाकी पैसा
07:46आप कब रिलीज करेंगे
07:47मुझे उम्मीद है बित्तमंत्री महोदिया
07:49जवाब जरूर देंगी
07:50सीमान चल उसी बिहार में आता है
07:52जिसकी बैसाखी के सहारे
07:54आपकी सरकार चल रही है
07:56वहां के लोगों को एम्स की जरूरत है
07:58महाननदा और कोसी से होने वाली
08:00बाढ़ की तबाही को रोकने के लिए
08:02बांद बनाईए
08:04सीमान चल के साथ सहतेला विवहार बंद करिए
08:06एकोनॉमिक कोरिडोर बनाने से
08:08किसी राज्य का विकास नहीं होगा
08:10बिकास होगा स्वास्त और सिक्षा के
08:11बुनियादी मुद्दों के लिए बजट देने पर
08:14सभापती महोदे
08:15एक तरफ तो इस बजट में
08:17पी-म आवास योजना के तहत
08:19तीन करोन अत्रिक्त मकान देने की
08:21घोशडा है और दूसरी तरफ
08:23लखनओ के अकपर नगर में
08:25बारा सो असी वो मकान है
08:26जिने रीवर फ्रंट बनाने के नाम पे
08:29बुल्डोजर से जमी दोस कर दिया गया
08:31सभापती महोदे
08:32लोग चीखते रहे बच्चे भी लखते रहे
08:35वसुदहयो कुटुमबकम का
08:37नारा लगाने वाली सरकार
08:53सो कैसे पाते हैं
08:54मेरा सवाल है इस देश के प्रधान मंत्री से
08:56या तो लोगों के घरोंदे उजाडना
08:58बंद करिये या फिन करोणों
09:00मकान बनाने की जूटी घोशनाए
09:02करना बंद करिये ये बजट
09:04जूट का पुलिंदा है ये बजट
09:06आपके पिछले साल के बजट का
09:08कट कॉपी पेस्ट है
09:09ये बजट हमारे चुनावी
09:12घोशना पत्र की
09:13नकल करने की एक बेइमान
09:15कोशिश है लेकिन कहावत है
09:18ना कि नकल के लिए अकल
09:20चाहिए मेरे हाथ में एक तरफ
09:22न्याए पत्र है जो हमारा है
09:24और दूसरी तरफ
09:25अन्याए पत्र है जो आपका है
09:28इस सरकार को आलोचना सुनने
09:30की आदत नहीं है सबापती महोदे
09:32जब आप इनसे सवाल पूछिए
09:34तो ये कहता है कि आप बताईए
09:3670 साल में आपने क्या किया है
09:37इस सदल में कहना चाहता हूँ
09:39सबापती महोदे
09:40कि हमसे 70 साल का हिसाब मांगने वालों
09:43जो सरकार अपना चलाया हुआ
09:452000 का नोट 7 साल नहीं चला सकी
09:47वो हमसे 70 साल का हिसाब मांगती है
09:49सबापती महोदे
09:50मैं अन्त में आप से ये कहना चाहता हूँ
09:53ये बजट बैसाखी पर तिकीवी
09:55इस सरकार का कुरसी बचाओ बजट है, इस बजट में रज्जों के साथ, किसानों के साथ, नोजवानों के साथ, महिलाओं
10:02के साथ, देश के मिडिल क्लास के साथ अन्याय किया गया है, और इस अन्याय का खामियाजा, आपको महरास्टा, हरियाना
10:09और जहारखन के चुनाओं में
10:10भुगतना पड़ेगा
10:11सभापती महोद है
10:13इस सरकार ने नोट बंदी लगा कर देश की आम जनता की पूजी चीन लिए
10:18गपर सिंग टक्स लगा करके छोटो ब्यापारियों के कारोबार चीन लिए
10:22पेपर लीक करवा करके युवाओं की आँखों से नोकरी के सपने चीन लिए
10:27अगनी वीर लाकर देश के जवानों की उमीदें चीन लिए
10:30बुल्डोजर लगा कर लोगों के आशियाने चीन लिए
10:33महंगाई लाकर देश की जनता की थाली से निवाले चीन लिए
10:38और नारा लगाया कि हम तो सेवक हैं
10:4118-18 घंटे काम करते हैं
10:44इन ही लोगों के लिए किसी ने शेर कहा है
10:47कि जो सच और जूट में दूरी है वो दूरी समझते हैं
10:51सियासी हाकिमों की हम भी मजबूरी समझते हैं
10:55वो अपना हक समझते हैं निवाला छीन लेने को
10:58डकैती को बहुत से लोग मजबूरी समझते हैं
11:01हमें पता है कि कैसी मजबूरी की जा रही है
11:04सभापती महोदे
11:05मैं यहां खड़ा हो करके
11:07अंत में आपसे कहना चाहता हूँ
11:09कि इस बजट में तमाम रज्जों के साथ अन्याय किया गया है
11:13इस बजट में युवाओं के साथ अन्याय किया गया है
11:16महिलाओं के साथ अन्याय किया गया है
11:18और खास तोर से महरास्टरा के लिए कुछ नहीं रखा गया है
11:23महरास्टरा बार से जूच रहा है
11:25पानी परसने से वहां 15 साथ से ज़्यादा लोग मारे गए है
11:30उस शहर को उस राज्ज को चार हजार करोन के पैकेज की जरूरत है
11:35ताकि जो फसले बरबाद हुई है लोगों को राहत दी जा सकी
11:40लेकिन अफसोस इस बजट में महरास्टरा के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है
11:45मैं आखिर में ये कहना चाहता हूँ
11:49कि पिछले साथ दिन से इस बजट का बड़ा धिडोरा पीटा जा रहा है
11:53इसे महान बताया जा रहा है
11:55लेकिन कौन महान बता रहा है
11:58सत्ता पक्ष के लोग उन्हें तो बताना ही है
12:00क्योंकि मैं अवद छेत्र से आता हूँ प्रताब गड़ से
12:03नीरज भाई भी अवद और पूर्वांचल से आते हैं
12:06वहाँ एक कहावत है कि बिटिया की तारीफ किसने की बिटिया की महतारी ने
12:12यानि कि बेटी की प्रशंसा किसने की माने
12:15तो इस बजट की तारीफ सक्ता पक्ष करे तो करेगा ही
12:19लेकिन विपक्ष के एक भी सांसत से आप पूछिए कि क्या उसके राज्य को कुछ मिला है
12:23तो वो ये कहेगा कि नहीं कुछ भी नहीं मिला है
Comments