00:00सोचिए आप 2 अक्टूबर को गांधी ज्वेंधी के दिन अपने पास की दुकान पर दूद राशन ये रोज मर्या की
00:06जरुवत की चीजे खरीदने जाते हैं
00:07आप जेब से फोन निकालते हैं, QR कोड स्कान करते हैं और दुकानदार कहता है
00:12सर आज यूपी आई बंध है, आज सर्फ कैश चलेगा
00:15चोक गए ना, जी हाँ, कुशे दिन पहले तक देश भर के करोड़ों व्यपारियों की यही तैयारी थी
00:21महराश्ट्र से लेका दिल्ली तक 500 से जादा व्यपारियों पर 0.4% का चार्ज यानी MDR लगने वाला है
00:40लेकिन फिर हुआ एक बड़ा ट्विस्ट, 24 घंटे के अंदर तस्वीर बदल गए
00:45अब खबर आई है कि 2 अक्टूबर को 9 UPI दे नहीं मनाया जाए
00:48पारियों ने अपनी हर्टाल वापस ले ली है
00:51आखिर बन कमरे में वितमंत्री निर्मला सीता रमन के साथ व्यपारियों की ऐसे क्या बात हुए
00:56कि उन्होंने अपना फैसला बदल लिया
00:57क्या 15 अक्टूबर से लगने वाला UPI चार्ज अब रद हो गया है
01:00या फिर ये सर्फ तूफान से पहले की शांती है
01:03आये कहाने के शुरुवात करते हैं बुधवार की उस पैठक सेज उसने देश भर के करोन दुकानदारों की रिणनीती बदल
01:09दी
01:09नई दिल्ली में वित मंत्राले की दफ्तर में 20 से जादा बड़ी व्यपारिक नेता पहुँचें
01:14इस प्रतीनिधी मंदल की अगवाई कर रहे थे चानी चौक से सांसद और CAIT यानि की Confederation of All India
01:21Traders के राष्ट्रे महमंत्री प्रमीन खंडेलवार
01:24इसमें Mobile Retailers और Consumer Products, Distributors जैसे बड़े संगठनों के प्रतीनिधी भी शामिल थे
01:30ये वही संगठन है जुनके पास 4.5 Black Distributors और 1.3 करोड रिटेलर्स का बहुत बड़ा निट्वक है
01:37माहल गंभीर था
01:38विपारियों की सबसे बड़ी चिंता थी कि 15 October से लागूपुनी वाला MDR शुल्क उनके चोटे मार्जन वाले बिजनेस को
01:45खत्म कर देगा
01:46वितमंत्री निर्मला सीता रमण ने लगभग एक घंटे तक विपारियों की पूरी बात ध्यान से सुनी और उन्हें आसवाशन दिया
01:52कि सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
01:56किसी भी फैसले में छोटे व्यपारियों और MSME के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा
02:01देश के विविन राज्यों के सीनियर मोस्ट नेताओं के साथ अभी हमारा एक डेलीगेशन के इंद्रे वितमत्री शिर्मत्री निर्मला सीतारमंजी
02:13से
02:14यूपी आई के विशे पर मिला है डेलीगेशन के सदस्यों में खास दौर पर आल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एस्सोसियेशन आल
02:25इंडिया कंजूमर प्रोड़क्ट डिस्टिबूटर फेडरेशन आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मित फेडरेशन ने
02:32अपनी कुछ कंसर्स वितमंतरी जी के सामने रखे वितमंतरी जी ने आश्वासन दिया कि जो भी उन्होंने कंसर्स रखी है
02:43उन कंसर्स को बहुत ध्यान पूर्वक्ट देखा जाएगा
02:46और उसके बाद AICPDF और EMRA जिन्होंने दो अक्तूबर को NO-UPID का आभान किया था उन्होंने इस आभान को
03:00वापस ले लिया है अब दो अक्तूबर को कोई NO-UPID नहीं होगा
03:07हम सरकार के साथ बाचीत करते हुए मोबाइल पेमिट के ECO सिस्टम को और अधिक कैसे मजबूत बनाया जाए कैसे
03:17responsible बनाया जाए
03:19जिस प्रकार की cyber threats चल रही है उनसे सिस्टम को कैसे strengthen किया जाएं जैसे विशव उपर सरकार के
03:28साथ भी बाचीत करेंगे
03:29और सरकार के साथ साथ हम सभी संगठन अपने अपने राज्यों में अपने अपने कॉंसिट्वन के साथ भी बात करके
03:38इस विश्य को नीचे तक लेकर के जाएंगे
03:41आज के डेलीगेशन में मेरे अतिरिक्त Confederation of Wall India Traders के राष्ट्री अध्यक्ष श्री BC भर्तिया
03:50AICPDF के अध्यक्ष श्री धर्शीर पातिल एंबरा के अध्यक्ष श्री कैलाश लखियानी
03:59AIJGF के अध्धक्ष श्री पंकज रोला सहित 20 से अधिक राजियों के व्यापारी नेताओं ने मुलाकात की है
04:09केंद्रे वित्रमंत्री श्रीमति निर्मला सीता रमन जी ने सभी संगठनों का आभार वेक्ट किया है
04:16और उन्होंने ये कहा है कि जो भी कंसर्स उठाई गई है वो उसको कंसिडर करेंगी
04:24सबका मिला जुला एक ही उद्देश है कि मानने ये प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेत्रतु में
04:31जो डिजिटल करांती का सूतुरपात रुपा है उस डिजिटल करांती को कैसे और अधिक तरीके से मजबूत किया जा है
04:39तो कुल में लाके ये चर्चा मानने अभित्मंतरी श्रीमति सितारमंजी के साथ है
04:44बस इसी आशवाशन के बाद व्यपारियों ने 2 अक्टूबर का अपना प्रदर्शन पापस ले लेकिं रुके इसका मतलब ये बिलकुल
04:50नहीं है कि 15 अक्टूबर से लगने वाला चार्ज खत्म हो या है नियम आज भी वही है तो आखिर
04:55व्यपारी क्या चाहते है और नियम क्
04:57इसके पीछे की मार्क्स को समझते हैं क्या है 15 अक्टूबर का यूपी आई नियम अगर आप सोचते हैं कि
05:02आप जब दुकान पर 2000 से जादा का पेमेंट करेंगे तो आपकी जेप से पैसे कटेंगे तो राहत की बात
05:08ये है कि ग्राहक के लिए यूपी आई आज भी फ्री है �
05:10और आगे भी रहे ये शुल्क ग्राहक को पर नहीं बलकि व्यपारियों यानि मॉचेंट्स पर लगाया जा रहा है इसे
05:15तकनीकी भाषा में MDR यानि मॉचेंट डिसकाउंट रेट कहते हैं 15 अक्टूबर से क्या नियम बदलने वाले हैं इसे 5
05:23असान पॉइंस में समझे
05:242000 रुपेय तक का पेमेंट बिलकुल फ्री चाहे व्यपारी छोटा हो या बड़ा अगर रहक 2000 या उससे कम का
05:31UBI बुकतान करता है तो दुकानदार को एक भी रुपेया फीस नहीं देना होगा 2000 से उपर पर 0.4
05:37% चार्ज अगर रहक 2000 रुपेय से जादा का पेमेंट करता है त
05:54की कलेक्शन एक लाग तक की है तो उससे 2000 से उपर की पेमेंट पर भी कोई चार्ज नहीं लिया
06:00जाएगा कैटेगरी बदलने का नियाब लेकिन ध्यान रहे अगर कोई छोटा वेपारी लगाता है तीन महीने तक हर महीने एक
06:06लाग से जादा का UPI पेमेंट स्विकार करता है �
06:09तो बैंक उसे आटोमाटिक बड़े मर्चंट की काटेगरी में दाल देंगे और फिर उस पर चार्ज लाग हो जाएगा माक्सिमम
06:16क्या बड़े से बड़े ट्रांजेक्शन पर भी मर्चंट से अधिक्तम 300 रुपे प्लस GST ही चार्ज लिया जा सकता है
06:23चाहे ट्रांजेक्श
06:39वेपारी FMCG रिस्टिब्यूटर या मोबाइल विक्रेता बहुत ही कम प्रॉफिट मार्जिन 1% से 3% पर काम करते हैं
06:46वेपारियों का कहना है कि जब से UPI आया है कैश का चलन घटा है और पूरा सिस्टम ट्रांस्परेंट हुआ
06:52है ऐसे में डिजिटल इंडिया को बढ़ाव
07:07तो उसे के कॉर्डिंग हम अपना सेल करेंगे तो अबविसी बात है 100% कस्टमर के जएप से एफेक्ट पड़ेगा
07:14क्यों नहीं पड़ेगा जब हमारा पैसा लगेगा तो हम भी तो कस्टमर से लेंगे न तो क्या करोगे आप क्या
07:18कैस लेना सुरू करोगे या फिर कैसे करो�
07:48इसलिए वित मंत्री के सामने विपारियों ने मुख़्े रूप से चार बड़ी मांगे रखी
07:52पहली मां फेस्टिव सीजन डिफर में दिवाली और नवरात्र जोएसे त्युहारी सीजन भी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है इसलिए
08:0015 अक्टूबर से लागू होने वाले इस MDR को फिलहाल ताल दिया जाए
08:04दूसरी मां लिमिट में बढ़ोत छूट की लिमिट को महीने के 1 लाग रुपे से बढ़ा कर 5 लाग रुपे
08:09किया जाए ताकि वास्तव में छोटे दुकानदारों को रहत मिल सके
08:13तीसरी मां, N2M पर कोई चार्ज नहीं, Merchant to Merchant, यानिकी एक व्यपारी से दूसरे व्यपारी को होने वाले ट्रांसेक्शन,
08:20इसको MDR के टाइरे से पूरी तरह बाहार रखा जाए
08:23और चौथी मांग, Special Committee, व्यपारीों की समस्याओ की समीश्रा के लिए एक विशेश कमिटी का गठन हो, जो की
08:30practical रास्ता सुझाए
08:32इस पूरी कहानी में एक और बड़ा मोर तब आया, जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँश गया
08:36अदालत में याचिका दायर कर मांग की गई थी कि 15 अक्टूबर से लागों हुने बारे इस 0.4%
08:42MDR पर तुरंट से लगाई जाए
08:44या चिकरताओ का तर्क था कि व्यपारे इस नुकसान की भरपाई के लिए समान के दाम बढ़ा दिंगे, जो से
08:50आखिरकार बोच आम जनता पर ही पड़ेगा
08:52लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस नए नियम पर रोक लगाने से साफिंग कार कर दिया
08:55हालकि अदालत ने केंदर सरकार, भारतिय डिजर्व, बांक, आर्बियाई और एन पीसी आई को नोतिस दारी करके जवाब मांगा है
09:02कि इस नए नियम को लागू करने का अधार क्या है
09:05लेकिन सवाल ये है कि सरकार और बांक की चार्ज क्यों लगाना चाहते हैं
09:09पिछले साथ सालों से देश में जीरो MDR विवस्था लागू थी लेकिन बैंक को पेमिंट आफ्स जैसे की फोन पे
09:15पे टेम गूगल पे का कहना है कि इतने बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सेक्योरिटी को बनाये रखने के लिए
09:21भारी लागत आती है
09:39अगर सरकार और वेपारिक संगठनों के बीच 15 अक्टूबर से पहले सेहमती नहीं बनती तो क्या तेभारी सीजन में वेपारी
09:46दो बारा सटको पर उतरेंगे और अगर ये MDR लागो हुआ तो क्या दुकानदार दबे पाओ समान की कीमते बढ़ा
09:52कर ये बोज आपकी और हमा
10:04लाग रुपए कर देना चाहिए आप इस खबर पर क्या सोचते है अपनी राय में कॉमें सेक्शन में ज़रूर बताए
10:09फिलाल बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए One India Hindi
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