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2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन प्रस्तावित ‘No UPI Day’ को लेकर देशभर में व्यापारियों और सरकार के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया। 500 से ज्यादा व्यापारिक संगठनों ने UPI पर प्रस्तावित 0.4% MDR चार्ज के विरोध में UPI बहिष्कार का ऐलान किया था, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक के बाद व्यापारियों ने अपना फैसला वापस ले लिया। हालांकि, 15 अक्टूबर से लागू होने वाले इस नियम को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। नए नियम के तहत ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर मर्चेंट्स से 0.4% MDR और GST लिया जाना प्रस्तावित है, जबकि ₹1 लाख तक के मासिक UPI कलेक्शन वाले छोटे व्यापारियों को छूट दी गई है। व्यापारी इस सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख करने, त्योहारी सीजन तक चार्ज टालने और M2M लेनदेन को MDR से बाहर रखने की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नियम पर रोक लगाने से इनकार किया है। आखिर क्या होगा 15 अक्टूबर के बाद? जानिए पूरी कहानी।

A major development has emerged over the proposed ‘No UPI Day’ on October 2, Gandhi Jayanti, as traders and the government remain at odds over the proposed 0.4% MDR charge on UPI transactions. More than 500 trade organisations had announced a UPI boycott in protest, but withdrew the call after a meeting with Finance Minister Nirmala Sitharaman. However, uncertainty remains over the rule proposed to take effect from October 15. Under the proposed system, merchants would be charged 0.4% MDR plus GST on UPI payments above ₹2,000, while small merchants with monthly UPI collections up to ₹1 lakh would be exempt. Traders are demanding that the exemption limit be increased to ₹5 lakh, the charge be deferred during the festive season, and merchant-to-merchant transactions be kept outside the MDR framework. The Supreme Court has refused to stay the proposed rule for now. What will happen after October 15?

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00:00सोचिए आप 2 अक्टूबर को गांधी ज्वेंधी के दिन अपने पास की दुकान पर दूद राशन ये रोज मर्या की
00:06जरुवत की चीजे खरीदने जाते हैं
00:07आप जेब से फोन निकालते हैं, QR कोड स्कान करते हैं और दुकानदार कहता है
00:12सर आज यूपी आई बंध है, आज सर्फ कैश चलेगा
00:15चोक गए ना, जी हाँ, कुशे दिन पहले तक देश भर के करोड़ों व्यपारियों की यही तैयारी थी
00:21महराश्ट्र से लेका दिल्ली तक 500 से जादा व्यपारियों पर 0.4% का चार्ज यानी MDR लगने वाला है
00:40लेकिन फिर हुआ एक बड़ा ट्विस्ट, 24 घंटे के अंदर तस्वीर बदल गए
00:45अब खबर आई है कि 2 अक्टूबर को 9 UPI दे नहीं मनाया जाए
00:48पारियों ने अपनी हर्टाल वापस ले ली है
00:51आखिर बन कमरे में वितमंत्री निर्मला सीता रमन के साथ व्यपारियों की ऐसे क्या बात हुए
00:56कि उन्होंने अपना फैसला बदल लिया
00:57क्या 15 अक्टूबर से लगने वाला UPI चार्ज अब रद हो गया है
01:00या फिर ये सर्फ तूफान से पहले की शांती है
01:03आये कहाने के शुरुवात करते हैं बुधवार की उस पैठक सेज उसने देश भर के करोन दुकानदारों की रिणनीती बदल
01:09दी
01:09नई दिल्ली में वित मंत्राले की दफ्तर में 20 से जादा बड़ी व्यपारिक नेता पहुँचें
01:14इस प्रतीनिधी मंदल की अगवाई कर रहे थे चानी चौक से सांसद और CAIT यानि की Confederation of All India
01:21Traders के राष्ट्रे महमंत्री प्रमीन खंडेलवार
01:24इसमें Mobile Retailers और Consumer Products, Distributors जैसे बड़े संगठनों के प्रतीनिधी भी शामिल थे
01:30ये वही संगठन है जुनके पास 4.5 Black Distributors और 1.3 करोड रिटेलर्स का बहुत बड़ा निट्वक है
01:37माहल गंभीर था
01:38विपारियों की सबसे बड़ी चिंता थी कि 15 October से लागूपुनी वाला MDR शुल्क उनके चोटे मार्जन वाले बिजनेस को
01:45खत्म कर देगा
01:46वितमंत्री निर्मला सीता रमण ने लगभग एक घंटे तक विपारियों की पूरी बात ध्यान से सुनी और उन्हें आसवाशन दिया
01:52कि सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
01:56किसी भी फैसले में छोटे व्यपारियों और MSME के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा
02:01देश के विविन राज्यों के सीनियर मोस्ट नेताओं के साथ अभी हमारा एक डेलीगेशन के इंद्रे वितमत्री शिर्मत्री निर्मला सीतारमंजी
02:13से
02:14यूपी आई के विशे पर मिला है डेलीगेशन के सदस्यों में खास दौर पर आल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एस्सोसियेशन आल
02:25इंडिया कंजूमर प्रोड़क्ट डिस्टिबूटर फेडरेशन आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मित फेडरेशन ने
02:32अपनी कुछ कंसर्स वितमंतरी जी के सामने रखे वितमंतरी जी ने आश्वासन दिया कि जो भी उन्होंने कंसर्स रखी है
02:43उन कंसर्स को बहुत ध्यान पूर्वक्ट देखा जाएगा
02:46और उसके बाद AICPDF और EMRA जिन्होंने दो अक्तूबर को NO-UPID का आभान किया था उन्होंने इस आभान को
03:00वापस ले लिया है अब दो अक्तूबर को कोई NO-UPID नहीं होगा
03:07हम सरकार के साथ बाचीत करते हुए मोबाइल पेमिट के ECO सिस्टम को और अधिक कैसे मजबूत बनाया जाए कैसे
03:17responsible बनाया जाए
03:19जिस प्रकार की cyber threats चल रही है उनसे सिस्टम को कैसे strengthen किया जाएं जैसे विशव उपर सरकार के
03:28साथ भी बाचीत करेंगे
03:29और सरकार के साथ साथ हम सभी संगठन अपने अपने राज्यों में अपने अपने कॉंसिट्वन के साथ भी बात करके
03:38इस विश्य को नीचे तक लेकर के जाएंगे
03:41आज के डेलीगेशन में मेरे अतिरिक्त Confederation of Wall India Traders के राष्ट्री अध्यक्ष श्री BC भर्तिया
03:50AICPDF के अध्यक्ष श्री धर्शीर पातिल एंबरा के अध्यक्ष श्री कैलाश लखियानी
03:59AIJGF के अध्धक्ष श्री पंकज रोला सहित 20 से अधिक राजियों के व्यापारी नेताओं ने मुलाकात की है
04:09केंद्रे वित्रमंत्री श्रीमति निर्मला सीता रमन जी ने सभी संगठनों का आभार वेक्ट किया है
04:16और उन्होंने ये कहा है कि जो भी कंसर्स उठाई गई है वो उसको कंसिडर करेंगी
04:24सबका मिला जुला एक ही उद्देश है कि मानने ये प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेत्रतु में
04:31जो डिजिटल करांती का सूतुरपात रुपा है उस डिजिटल करांती को कैसे और अधिक तरीके से मजबूत किया जा है
04:39तो कुल में लाके ये चर्चा मानने अभित्मंतरी श्रीमति सितारमंजी के साथ है
04:44बस इसी आशवाशन के बाद व्यपारियों ने 2 अक्टूबर का अपना प्रदर्शन पापस ले लेकिं रुके इसका मतलब ये बिलकुल
04:50नहीं है कि 15 अक्टूबर से लगने वाला चार्ज खत्म हो या है नियम आज भी वही है तो आखिर
04:55व्यपारी क्या चाहते है और नियम क्
04:57इसके पीछे की मार्क्स को समझते हैं क्या है 15 अक्टूबर का यूपी आई नियम अगर आप सोचते हैं कि
05:02आप जब दुकान पर 2000 से जादा का पेमेंट करेंगे तो आपकी जेप से पैसे कटेंगे तो राहत की बात
05:08ये है कि ग्राहक के लिए यूपी आई आज भी फ्री है �
05:10और आगे भी रहे ये शुल्क ग्राहक को पर नहीं बलकि व्यपारियों यानि मॉचेंट्स पर लगाया जा रहा है इसे
05:15तकनीकी भाषा में MDR यानि मॉचेंट डिसकाउंट रेट कहते हैं 15 अक्टूबर से क्या नियम बदलने वाले हैं इसे 5
05:23असान पॉइंस में समझे
05:242000 रुपेय तक का पेमेंट बिलकुल फ्री चाहे व्यपारी छोटा हो या बड़ा अगर रहक 2000 या उससे कम का
05:31UBI बुकतान करता है तो दुकानदार को एक भी रुपेया फीस नहीं देना होगा 2000 से उपर पर 0.4
05:37% चार्ज अगर रहक 2000 रुपेय से जादा का पेमेंट करता है त
05:54की कलेक्शन एक लाग तक की है तो उससे 2000 से उपर की पेमेंट पर भी कोई चार्ज नहीं लिया
06:00जाएगा कैटेगरी बदलने का नियाब लेकिन ध्यान रहे अगर कोई छोटा वेपारी लगाता है तीन महीने तक हर महीने एक
06:06लाग से जादा का UPI पेमेंट स्विकार करता है �
06:09तो बैंक उसे आटोमाटिक बड़े मर्चंट की काटेगरी में दाल देंगे और फिर उस पर चार्ज लाग हो जाएगा माक्सिमम
06:16क्या बड़े से बड़े ट्रांजेक्शन पर भी मर्चंट से अधिक्तम 300 रुपे प्लस GST ही चार्ज लिया जा सकता है
06:23चाहे ट्रांजेक्श
06:39वेपारी FMCG रिस्टिब्यूटर या मोबाइल विक्रेता बहुत ही कम प्रॉफिट मार्जिन 1% से 3% पर काम करते हैं
06:46वेपारियों का कहना है कि जब से UPI आया है कैश का चलन घटा है और पूरा सिस्टम ट्रांस्परेंट हुआ
06:52है ऐसे में डिजिटल इंडिया को बढ़ाव
07:07तो उसे के कॉर्डिंग हम अपना सेल करेंगे तो अबविसी बात है 100% कस्टमर के जएप से एफेक्ट पड़ेगा
07:14क्यों नहीं पड़ेगा जब हमारा पैसा लगेगा तो हम भी तो कस्टमर से लेंगे न तो क्या करोगे आप क्या
07:18कैस लेना सुरू करोगे या फिर कैसे करो�
07:48इसलिए वित मंत्री के सामने विपारियों ने मुख़्े रूप से चार बड़ी मांगे रखी
07:52पहली मां फेस्टिव सीजन डिफर में दिवाली और नवरात्र जोएसे त्युहारी सीजन भी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है इसलिए
08:0015 अक्टूबर से लागू होने वाले इस MDR को फिलहाल ताल दिया जाए
08:04दूसरी मां लिमिट में बढ़ोत छूट की लिमिट को महीने के 1 लाग रुपे से बढ़ा कर 5 लाग रुपे
08:09किया जाए ताकि वास्तव में छोटे दुकानदारों को रहत मिल सके
08:13तीसरी मां, N2M पर कोई चार्ज नहीं, Merchant to Merchant, यानिकी एक व्यपारी से दूसरे व्यपारी को होने वाले ट्रांसेक्शन,
08:20इसको MDR के टाइरे से पूरी तरह बाहार रखा जाए
08:23और चौथी मांग, Special Committee, व्यपारीों की समस्याओ की समीश्रा के लिए एक विशेश कमिटी का गठन हो, जो की
08:30practical रास्ता सुझाए
08:32इस पूरी कहानी में एक और बड़ा मोर तब आया, जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँश गया
08:36अदालत में याचिका दायर कर मांग की गई थी कि 15 अक्टूबर से लागों हुने बारे इस 0.4%
08:42MDR पर तुरंट से लगाई जाए
08:44या चिकरताओ का तर्क था कि व्यपारे इस नुकसान की भरपाई के लिए समान के दाम बढ़ा दिंगे, जो से
08:50आखिरकार बोच आम जनता पर ही पड़ेगा
08:52लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस नए नियम पर रोक लगाने से साफिंग कार कर दिया
08:55हालकि अदालत ने केंदर सरकार, भारतिय डिजर्व, बांक, आर्बियाई और एन पीसी आई को नोतिस दारी करके जवाब मांगा है
09:02कि इस नए नियम को लागू करने का अधार क्या है
09:05लेकिन सवाल ये है कि सरकार और बांक की चार्ज क्यों लगाना चाहते हैं
09:09पिछले साथ सालों से देश में जीरो MDR विवस्था लागू थी लेकिन बैंक को पेमिंट आफ्स जैसे की फोन पे
09:15पे टेम गूगल पे का कहना है कि इतने बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सेक्योरिटी को बनाये रखने के लिए
09:21भारी लागत आती है
09:39अगर सरकार और वेपारिक संगठनों के बीच 15 अक्टूबर से पहले सेहमती नहीं बनती तो क्या तेभारी सीजन में वेपारी
09:46दो बारा सटको पर उतरेंगे और अगर ये MDR लागो हुआ तो क्या दुकानदार दबे पाओ समान की कीमते बढ़ा
09:52कर ये बोज आपकी और हमा
10:04लाग रुपए कर देना चाहिए आप इस खबर पर क्या सोचते है अपनी राय में कॉमें सेक्शन में ज़रूर बताए
10:09फिलाल बस इतना ही देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए One India Hindi
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