00:00जब भी देश में सिविल सेवा परिक्षा की बात होती है, सबसे पहले एक नाम सामने आता है, UPSC यानी
00:06संग लोग सेवा आयोग.
00:08लेकिन UPSC सिर्फ एक परिक्षा कराने वाली संस्था नहीं है, ये केंद्र सरकार की कई महत्वपूर सेवाओं में भरती की
00:16प्रक्रिया में एहम भूमिका निभाने वाला समवेधानिक निकाय है.
00:20IAS, IPS और भार्किय प्रशासनिक विवस्था की कई दूसरी सेवाओं में जाने का सपना देखने वाले लाखों अभ्यर्थी, हर साल
00:28UPSC की परिक्षा की तयारी करते हैं.
00:31जानी एक तरफ लाखों युवाओं के लिए UPSC सरकारी सेवा में जाने का रास्ता है, तो दूसरी तरफ देश के
00:38प्रशासनिक धांचे के लिए योग्य अधिकारियों के चयन की एक महत्वपूर्ण विवस्था भी है.
00:43अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर, UPSC की शुरुवात आखिर कब हुई? UPSC की स्थापना 1926 में हुई थी.
00:51अब 2026 में ये संस्था अपने 100 साल पूरे कर रही है. पूरे साल UPSC की शताबदी से जुड़े कारिक्रम
00:59आयोजित किये गए, भारत मंडपम में इसका मुख्य
01:02शताबदी समारो आयोजित किया गया. PM मोदी संघ लोग सेवा आयोग यानी UPSC के 100 साल पूरे होने के मौके
01:09पर आयोजित कारिक्रम में भारत मंडपम पहुँचे. उन्होंने आयोग से जुड़े 100 एतिहासिक फैसलों पर आधारित किताब का लोकारपन किया,
01:18साथ ही शताब
01:29अध्यम UPSC है. इसमें भरती होने वाले युवाओं की दो कसोटी होनी चाहिए. पहली नेशन फर्स्ट और दूसरी सिटिजन्स फर्स्ट.
01:40साथियों, 1926 में जब एक संस्तान की नीव रखी गई थी, तब उस समय की प्रात्मिताय अलग थी. उस समय
01:54व्यवस्था का फोकस और उसका समर्पन दोनों ही ब्रिटिस राज के प्रती था.
02:04देश आजाद हुआ, तो आजाद भारत के सपने और भारत की ववस्था ये फोकस में रहे, केंद्र में रहे, बीते
02:17दसकों में,
02:20UPSC ने अपने दाइत्वों को बहतरीन तरीके से निभाया है, और इस बारे में हाँ मंज से भी काफी बाते
02:30हुई हैं,
02:31और इसलिए मैं न उसका पुंद्रावरतन करना चाहता हूँ, नहीं उसके विस्तार में जाना चाहता हूँ,
02:39इतिहास से आगे बढ़कर, अब हमारे सामने भारत का भविश्य इंतजार कर रहा है।
02:5321 सदी का एक क्वार्टर 25 साल बिच चुके हैं, आने वाले 20-30 साल भारत के लिए, भारत के
03:12हर व्यक्ति, भारत के हर संस्ता के लिए, बहुत एहम है।
03:20इसलिए, आज मैं अपनी चर्चा का फोकस इसी दिशा में रखूँगा।
03:29साथियों, विक्सीत भारत के लिए अब जिस तरह की गवरनेंस देश को चाहिए, उसका बहुत बड़ा माध्यम यूपियस्जी और राज्यों
03:46के चयन आयोग भी हैं।
03:50आज आप जिन युवाओं की भरती कर रहे हैं, वो विक्सीत भारत के निर्मान में एहम भूमी का निभाएंगे।
04:00और वही विक्सीत भारत के सबसे बड़ी हैं, बेनिफीचरी भी होने वाले हैं।
04:10इसी को ध्यान में रखते हुए हमें दो कसोटियों को हमेशा याद रहना है।
04:22पहली कसोटी हैं, नेशन फर्स्ट और दूसरी कसोटी हैं, सिटीजन फर्स्ट यही दो कसोटियां हैं, जिन पर हर सेलेक्शन को
04:44कसा जाना है।
04:46और जब इस भाव से केंडिडेट को परखा जाएगा, इस भाव से भरे केंडिडेट का सेलेक्शन होगा, तो राश्ट्रिय लक्षों
04:57की प्राप्ती उतनी ही सहज हो जाएगी, आसान हो जाएगी।
05:04अब यहां सवाल हो सकता है कि आज के डिजिटल दौर में किसी संस्था की सौवी वर्षगाट पर सिक्का और
05:11डाक टिकट जारी करने की जरूरत क्या है।
05:14दरसल समारक सिक्का और डाक टिकट सिर्फ मुद्रा या डाक विवस्था से जुड़ी चीजे नहीं होते।
05:20इन्हें किसी खास एतिहासिक अफसर या राश्ट्रिय महत्व की उपलब्धी की याद में जारी किया जाता है।
05:26और यही वज़ा है कि UPSC के 100 साल पूरे होने के मौके पर जारी होने वाला सिक्का और डाक
05:32टिकट इस संस्थागत यात्रा की स्मृति के तौर पर देखा जा सकता है।
05:35यानि आने वाले समय में जब UPSC के इतिहास की बात होगी तो 2026 का ये सतावदी वश भी उसकी
05:43यात्रा का एक महत्वपूर पड़ाव रहेगा।
06:05दखल रोकने के लिए संग लोक सेवा आयोग का गठन हुआ। अब बात करते हैं कि UPSC कौन-कौन से
06:12एक्जाम करवाती है।
06:13तो कौन-कौन से एक्जाम करवाती है UPSC।
06:16Civil Services, CDS, Engineering Services, IES, NDA और NA, Combined Medical Services।
06:25वैसे बहुत से लोगों के लिए UPSC का मतलब सिविल सेवा परिक्षा है, लेकिन आयोग की भूमिका इससे कहीं व्याबक
06:31है।
06:32UPSC सरकार को भरती नियमों, विभागिये पदोननती समितियों की जरिये पदोननती, अखिल भारतिय सेवाओं में नियुक्ती और अनुशासनात्मक मामलों में
06:41भी सलाह देता है।
06:42फिलहाल के लिए बस इतना ही, बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ।