00:28चुनाव आयोक के खिलाफ हल्ला बोल
00:30को लेकर विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। वहीं अलग से CJP यानि कौकरोध जन्ता पार्टी ने भी ग्यानेश कुमार
00:37के खिलाफ आंदोलन का अहवान किया है। ऐसे में गांधी जैन्ती के दिन राजधानी दिल्ली और मुंबई दोनों जग हैं
00:43सुरक्षा विवस्था
00:56में मद्दाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और इससे मद्दाता अधिकारों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इंडिया ब्लॉक ने
01:02इसी मुद्दे को लेकर देश भर में आंदोलन का कारिक्रम बनाया है। रिपोर्ट के मुताविक, दो अक्टूबर से इंडिया ब
01:24जंतर पर भी प्रदर्शन की योजना थी लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमती नहीं दी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में
01:30लोगों के पहुचने की संभावना को देखते हुए जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है, बैरिकेड
01:49इनों को अस्थ हाई रूप से बंद करने की घुशना की, इनमें जनपत, पतेल चौक, केंद्रिय सचेवाले, राजीव चौक, मंडी
01:57हाउस और नई दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल है, हाला कि कुछ स्टेशनों पर इंटर चींज की सुविधा जारी रखने
02:03की ज
02:19इसकी परमिशन नहीं है, तो उसके लिए जो प्रिवेंटिव अरेंजमेंट्स हैं, वो किये गए हैं, तो मेरा सभी से अनुरोध
02:28भी रहेगा, कि कृप्या लौ का कानून का बालन करें, और पुलिस के साथ कॉपरेट करें, और यहाँ पे क्योंकि
02:37धारा 163 लगी वी है, और
02:39इसलिए यहाँ पे नहाएं, तो क्या हमका हॉम डिटेंशन होता है, या कि उनको रस्ते में रुप लिया जाएगा, तो
02:53मैं यही बता रहा हूं कि यहाँ पे किसी भी तरह का अनौथराइज धर्णा, प्रदर्शन, यह सब कुछ अलौड नहीं
03:00है, तो प्रिप्या कानून का
03:02सभी पालन करें, भी लौब बाइडिंग और यहाँ पे पुलिस के साथ कॉपरेट करें, सर्केप और मेट्रो यहां तक आने
03:11वाली, वो क्या आन्शित वार प्रदर्शन की रही हैं?
03:35पुलिस के मताबिक मुंबई में अधिकरत प्रदर्शन स्थल आजाग मैदान है, इसके बाद CJP ने जेल भरो आंदोलन का एलान
03:43किया है, CJP ने ग्यानेश कुमार को लेकर तीन प्रमुख मांगे रखी है, पहली मांग है मुख्य चुनावायुक्त का इस्तीफा,
03:51दूसरी मा
03:54है SIR को रोकना तथा जनवरी 2025 की मद्दाता सूची बहाल करना, संगठन का कहना है कि मद्दाता सूची में
04:01बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल है, हालां कि ये CJP के आरोप और राजनीतिक दावे हैं, इनके
04:08समर्थन में अंतिम आधिकारिक निशकर्�
04:11चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को सुविकार नहीं किया है, आयोग का कहना है कि उसके फैसले कानून और
04:17संस्थागत प्रक्रिया के मताबिक लिए गए हैं, आयोग ने ये भी कहा है कि पून आयोग द्वारा लिए गए फैसले
04:23सर्व सम्मती से लिए गए, ऐसे म
04:49और तीसरी तरफ चुनाव आयोग है जो अपने फैसलों को कानूनी और संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिया गया बता रहा
04:56है।
05:08अधिकारिक जानकारी सामने आती है।
05:11फिलहाल के लिए इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए वन इंडिया हिंदी के साथ।