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  • 5 hours ago
भारत में इस साल मौसम के दो बिल्कुल विपरीत रूप देखने को मिले हैं. जून से अगस्त के बीच जहां देश के 319 जिले बारिश की बूंद-बूंद को तरसते रहे, वहीं 111 जिलों में बाढ़ और सैलाब ने भारी तबाही मचाई है. मौसम के इस जानलेवा असंतुलन के पीछे सबसे बड़ी वजह 'अल-नीनो'  है.विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगस्त से अक्टूबर के बीच 'Strong El Niño' और ज्यादा ताकतवर हो सकता है, जिससे दुनिया भर में रिकॉर्ड गर्मी, सूखा और बाढ़ का खतरा बढ़ेगा. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे भविष्य का नहीं बल्कि वर्तमान का संकट बताया है. इसका सीधा असर भारत के मानसून और खेती पर पड़ रहा है; खरीफ की बुवाई में 26.5 लाख हेक्टेयर की कमी आई है.

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Transcript
00:03जून से अगस्त देश ने मौसम के दो बिलकुल अलग चहरे देखे एक तरफ 319 जिले बारिश के इंतिजार में
00:11सूखते रहे तो दूसरी तरफ 111 जिलों में आसमान आफत बन कर बरसा
00:17यानि कहीं सूखा तो कहीं सैलाब और अब इस असंतुलन के पीछे एक नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में है
00:24अलनीनो
00:24अब डबलू एमो ने चेतावनी दी है कि अगस्त से अक्टूबर के बीच स्ट्रॉंग अलनीनो और ज़्यादा ताकतवर हो सकता
00:32है
00:32इसका मतलब दुनिया के कई हिसों में रिकॉर्ड गर्मी, सूखा और भीशन बाढ़ का खत्रा बना हुआ है
00:39रिपोर्ट के मुताबिक अट्लांटिक महासागर इस बार सामाने से जादा गर्म है
00:44समुद्र का तापमान करीब 3 डिगरी सेलसियस तक बढ़ सकता है
00:48यही गर्म समुद्र पूरी दुनिया के मौसम का संतुलन बिगाड सकता है
00:52सयुक्त राश्ट्र महासाचीव इंटोनियों गुट्रेज ने साफ कह दिया है कि अलनीनों अभविश्य नहीं वर्तमान का संकट है
01:00उनके मुताबिक जंगलों में आग, समुद्र का गर्म होना, रिकॉर्ड तापमान ये सब आने वाले बड़े खत्रे की सिर्फ शुरुआत
01:09है
01:09भारत में भी मौसम का ये असंतुलन साफ दिखाई दे रहा है
01:14आयमडी के आकड़े बताते हैं कि जून से अगस्त के बीच देश के 49 जिलों में बेहत कम बारिश हुई
01:20जबकि कई इलाकों में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात बना दिये
01:25इसका सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ रहा है
01:29हाला कि जुलाई के आखिर में बारिश बढ़ने से खरीफ बुआई में सुधार हुआ
01:34लेकिन अभी पिछले साल की तुलना में करीब 26.5 लाख हेक्टेर कम में बुआई हुई है
01:41यानि किसानों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई
01:46विशेशक्यों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ता प्रदूशन अलनीनों के असर को और खतरनाक बना रहे है
01:53बीते 2500 सालों में धर्ती का ओस्तन तापमान करीब 1.4 डिग्री सेलसियस तक बढ़ चुका है
01:59यही वज़ा है कि मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा
02:03संसद में भी सरकार ने माना है कि 1950 के बाद भारत में 16 बार अलनीनों आया
02:09इसमें 7 बार समाने से कम मौनसून दर्च किया गया
02:13यानि इतिहाज भी यही कहता है कि अलनीनों भारत के मौनसून को कमजोर कर सकता है
02:19अब सवाल सिर्फ इस साल की बारिश का नहीं बलकि आने वाले वर्षों की खाद्य सुरक्षा, जलसंकट और करोडों किसानों
02:27के भविश्य का है
02:28अगर प्रदूशन पर लगाम नहीं लगी और जलवायू परिवर्तन की रफ्तार नहीं रुकी तो अलनीनों सिर्फ मौसम नहीं बदलेगा
02:36जिन्दिगी का पूरा गड़ित बदल देगा
02:39प्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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