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01:30पहले गाओं की महिलाएं सिर्फ अपने यूज के लिए पट्टू, शौल, टोपी और मफलर बनाती थी।
01:35अब महिलाएं इसे बड़े इस्तर पर तैयार कर रही है, इन उत्पादों की डिमांड भारत सही 30 देशों में है,
01:42जिसके वज़े से गाओं की हर महिलाओं को काम मिला है, बलकि ये महिलाएं आर्थिक रूप से भी सशक्त हो
01:49रही है
01:55अब जो हमारा इंकम का सोर्स भी बन गया है, तो इसलिए सारी लेडिज जो है इसी काम को कर
02:02रही है
02:03शॉल बना रही है, स्टॉल बना रही है, और पत्तू भी बना रही है, तो जब से ये बना गाओं
02:23हैंलों भी लेज तो लोग एदा बीजरस के लिए भी चीज़े बनाने लगे
02:29जो हमारे सेल्फ हल गूरूप का नाम जमदगनी रिशी है, इसमें दस लेडिज हैं, दस लेडिज की तो इंकम बड़ी
02:38ही बड़ी इसमें, इसके अलावा गाओं की जो अधर लेडिज हैं हमारे साथ काम करते हैं, उनकी भी जैसे मन्थली
02:43हम 10 से 15,000 एजा क्रोश्य प्रड�
03:04साथ आ जाते हैं, मतलब इतने पैसे हम कमा लेते हैं
03:12यह आने वाले परेटक भी इसे खरीद कर अपने साथ ले जाते हैं
03:45तो शॉल, स्टॉल यह भी है से 500-600 तक शॉल हाजार बारासो ऐसे करके अंजी, डाई अजार तरह तो
03:56मैं पट्टू बुनती थी घर में, फिर बाद में जब यह शिक्तर सिखा हमने
04:03खड़ी में बुनना, तब मैं खड़ी में बुनती हूँ, शॉल, स्टॉल, मफलर
04:08फिर हमारको विल्डिंग में लिए हैं लोग इलेज की तरफ से, फिर हमने यहां पर दुकान निकाली और अपना जो
04:16भी हम बनाते हैं हम यहीं पर समान रखती हैं
04:35हिमाचल प्रदेश के गाउं को सशक्त बनाने के लिए हैंडलूम विलिज की एहम भूमिका है
04:39यह न सिर्फ हिमाचल की सांस्कृतिक और पारमपरिक परिधानों को वैश्विक मंच प्रदान करती हैं बलकि मात्र शक्ती को आर्थिक
04:47रूप से सशक्त बनाती हैं जिसकी वज़े से शरन गाउं विक्सित हो रहा है
04:51यहां पर स्वाइन साइता समू की महिलाएं जहां अपने पट्टू, शॉल, टोफी और कुरुशया के उतपाद तयार कर बेच रही
04:59हैं तो वही अन्य महिलाएं भी यहां पर अपने उतपादों को बेचने के लिए रख रही है जिससे अब महिलाओं
05:05की इंकम भी बड़ी है
05:06महिलाओं का कहना है कि पहले वो सिर्फ अपने घरों तक सीमित थी और अपने लिए ही यह उतपाद तयार
05:12करती थी लेकिन अब सैलानी इन्हें अच्छा पसंद कर रहे हैं और घर पर ही महिलाओं की 10,000 से
05:1815,000 तक अतरिकत आय हो रही है
05:21ऐसे में हैंडलूम बिलेज बनने के बाद शरण गाओं की तस्वीर बदलने लगी है और यहां पर यूवा पीडी भी
05:27अब हैंडलूम के कारियों को सीखने में लगी हुई है
05:31ETV भारत के लिए कुल्लू से बालकृशन शर्मा की रिपोर्ट
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