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Iran Economic Crisis: तेल और गैस के अकूत भंडार के बावजूद ईरान आज भीषण आर्थिक संकट, रिकॉर्ड महंगाई, बेरोजगारी और गिरती मुद्रा से जूझ रहा है। आखिर दुनिया के सबसे संसाधन-संपन्न देशों में शामिल ईरान इस हाल में कैसे पहुंच गया?

इस वीडियो में हम बताएंगे कि 1979 की इस्लामिक क्रांति से लेकर 2026 तक अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों ने ईरान की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित किया। तेल निर्यात पर रोक, बैंकिंग सिस्टम पर पाबंदियां, SWIFT से बाहर होना, परमाणु समझौता (JCPOA), ट्रंप के प्रतिबंध और आज आम ईरानी परिवार की जिंदगी पर इन सबका क्या असर पड़ा।

यह सिर्फ राजनीति या परमाणु कार्यक्रम की कहानी नहीं है। यह उन परिवारों की कहानी है जो हर दिन महंगी रोटी, दवाइयों, बिजली संकट, बेरोजगारी और गिरती रियाल के बीच अपना भविष्य बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारतीय और वैश्विक दर्शकों के लिए यह वीडियो Middle East की अर्थव्यवस्था, Geopolitics और International Sanctions को आसान भाषा में समझाता है।

In this detailed explainer, we explore why Iran despite holding some of the world's largest oil and natural gas reserves—is facing one of its worst economic crises. From US sanctions and the collapse of the Iranian Rial to soaring inflation and unemployment, this video explains how geopolitics affects ordinary people. A must-watch for the Indian diaspora and anyone interested in Middle East affairs, global economics, and international relations.

#IranEconomy #Diaspora #IranCrisis #USSanctions #MiddleEast #IndiaDiapsora

~HT.410~PR.514~ED.520~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:07इरान एक ऐसा देश जिसके पास दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार है
00:13हजारों साल पूरानी सब्भ्यता है उच्छे शुक्षित युवा अबादी है और पश्चिम एशिया की सबसे प्रभावशाली से निताकतों में से
00:21एक है
00:22लेकिन आज भी यही देश महंगाई, गिर्ति मुद्रा, बेरोज़कारी, बजली संकट और अंतराष्ट्य प्रतिबंधों के दवाब में सास ले रहा
00:31है
00:31सवाल यह है कि क्या आर्थिक प्रतिबंध केवल सरकारों और बड़े उद्धियों को तक प्रभावित करते हैं
00:38या उनका असर सिधे उस परिवार तक भी पहुँचता है, जो हर महीने राशन खरीदने, बच्चों की फीज भरने और
00:46इलाज कराने की चुन्ता करता है
00:482026 का इरान केवल परमानु कारिक्रम, अमेरिका या फरपश्चिम देशों से टकराओ की कहानी नहीं है
00:55बलकि उन करोडों आम लोगों की कहानी है, जिने हर सप्ता बढ़ती कीमतों के बीच अपना पूरा घरेलू बजट बदलना
01:03पड़ता है
01:05तो आखिर इरान की ऐसी स्तिथी क्यूं है? इरान पर प्रतिबंध कब और क्यूं लगे? तेल का खज़ाना होते हुए
01:13भी इरान में आर्थिक संकट क्यूं है?
01:16मसकार, मेरा नाम है रिचापराशर और आप देख रहे हैं वनिद्या हैंती
01:19इरान की मौझूदा आर्थिक स्तिथी को समझने के लिए लगभग 47 साल बीचे जाना होगा
01:24वर्ष 1989
01:27उसमें इसलामिक रांती के बाद अमेरिका और इरान के रिष्टे पूरी तरह बदल गए
01:31उसी साल तेहरान स्थित अमेरिकी दूदावास में 52 अमेरिकी नागरिकों को बंधक बनाये जाने के बाद
01:38अमेरिका ने इरान पर पहली बार आर्थिक प्रतिबंध लगाए
01:41इसके बाद 1995 में अमेरिका ने इरान के तेल और उर्जा छेत्र में निवेश पर व्यापक प्रतिबंध लगा दी
01:49फिर 2006 से 2015 के बीज संयुक्त राष्ट्र अमेरिका और यूरोपिय देशु ने इरान के परमाणू कारेक्रम को लेकर कई
01:59नए प्रतिबंध लगा रे
02:00जिनकी बज़े से इरानी बैंक अंतराष्ट्रे बैंकिंग प्रणाली से गट गए
02:05पिदेशी निवेश रुकाया और तेल निर्याद पर भारी असर पड़ा
02:092015 में JCPOA परमाणू समझोते के बाद कुछ राहत मिली
02:15लेकिन 2018 में अमेरिका के समझोते से बाहर निकलने और
02:19मैक्सिमम प्रेशर नित्ती लागू करने के बाद फिर से कई प्रतिबंध लागू करा दिये गए
02:262026 तक लगतार प्रतिबंधों, चेत्रिय संगर्षों और आंतरिक आर्थिक चुनोतियों
02:32इरान की अर्थववस्था को गंभीर संकट में पहुंचा दिया, इरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है,
02:39लेकिन प्रतिबंधों की वजह से वो अपना तेल आसानी से अंतराष्ट्रिय बाजार में नहीं बेच पाता, कई देश तेल खरी�
03:00बाह कम हो जाता है और देश की अर्थववस्था पर दबाप पढ़ने लगता है, जब किसी देश के पास विदेशी
03:06मुद्रा कम आती है, तो उसकी स्थानिय मुद्रा कमजोर होने लगती है, यही इरान में भी हुआ, पिछले कुछ वर्षों
03:13में रियाल की कीमत लगतार गि
03:25थी, इसका मतलब यह है कि विदेश से आने वाली हर चीज, दवाईयां, मशीने, चिकत्सा उपकरण और कई जरूरी सामान,
03:34कई गुणा महंगे हो गए, महंगाई ने आम परिवारों की कमर तोड़ दी, विशो बैंक के अनुमान के अनुसार 2025
03:40-26 में इरान की जीजीपी में �
03:42लगभग 2.7 प्रतिशत संकुचन रहने का अनुमान है, फरवरी 2026 में वार्शिक महंगाई लगभग 62.2 प्रतिशत तक होच
03:52गई, जबकि खाद्य महंगाई करीब 99 प्रतिशत दर्ज की गई, रोटी, दूद, अंडे, चिकन, फल और सबजियों जैसे रोज मर्रा
04:01की चीज�
04:02लगतार बढ़ रही है, इसे में परिवार सबसे पहले अपने गैर जरूरी खर्च बंद करते हैं, बाहर खाना कम हो
04:09जाता है, इलाज टाल दिया जाता है, बच्चों की पढ़ाई पर खर्च घटा दिया जाता है, और लोग अपनी छोटी
04:16-छोटी पचत को डॉलर या सोने म
04:18बदलने की कोशिश करते हैं, दवायों और इलाज पर असर, हलाकि दवायों जैसी मानुय जरूरतों पर कुछ छूट दी जाती
04:26है, लेकिन बैंकिंग प्रतिबंधों की वजह से भुगतान और आयात दोनों प्रभावित होते हैं, कई अस्पतालों को आधुनिक मशीने और
04:35
04:35जरूरी दवाई यां समय पर नहीं मिल पाती, कुछ मारीजों को जीवन रक्षक दवाईयों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता
04:42है, यानि प्रतिबंधों का असर सीधे स्वास्त विवस्था तक पहुँच चुका है, युवाओं के सामने रोजगार का संकट, इरान के
04:51विशे विशे विद्याले हर साल हजारों इंजीनियर डॉक्टर वैग्यानी को और आईटी विशे शक्य तयार करते हैं, लेकिन विदेशी निवेश
04:58की कमी और उड्योगों के सिमित विस्तार के कारण नई नौकरिया नहीं बन पा रही, यही वज़ा है कि बड़ी
05:05संख्या
05:06में युवा विदेश जाने की कोशुश करते हैं, इसे brain drain कहा जाता है, यानि की प्रतिभाशाली लोग अवसरू की
05:12तलाश में देश छोड़ देते हैं, इससे परिवारों और देश दोनों को नुकसान होता है, बिजली, पानी और इंटरनेट की
05:20चुनोतियां, महंगाई के स
05:21साथ-साथ बिजली कटोती भी आम लोगों की बहुत बड़ी समस्या बनते जा रही है, पुराने बिजली सयात्र, बढ़ती मांग
05:28और सिमित निवेश के कारण कई इलाकों में नियमित बिजली कटोती होती है, कुछ छेतर में पानी की कमी भी
05:35देखने को मिलती है, वही राश
05:50बहुत ब्रभावित हो जाते हैं, कि सारी जिम्मदारी सिर्फ प्रतिबंध होगी है, अब ये कहना पूरी तरह तो सही नहीं
05:56होगा कि इरान की हर आर्थिक समस्या का कारण केवल विदेशी प्रतिबंध है, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आंत्रिक
06:02को प्रबंधन, �
06:03ब्रेश्टाचार, बजट घाटा, संसीटी व्यवस्था, मुद्रा नीती और सरकारी आर्थिक फैसलों ने भी इस संकट को गहरा किया है, यानि
06:12बाहरी प्रतिबंध और अंधरूनी कमजोरियां दोनों मिलकर आज की स्थिथी के लिए जिम्मदार है, जन्ता कबर्ता असंत
06:21जब रोज मर्रा के जिन्दिगी मुश्किल होती है, तो उसका सर्थ सड़कों पर भी दिखाई देता है, व्योहजर परचिस और
06:27दोहजर चबिस के दौरान व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले, लोगों का सवाल जो
06:45नहीं सुने शिप कर सकता, फिर भी इरान पूरी तरह क्यों नहीं टूटा है, अब ये फिर भी का सवाल
06:52इसलिए आता है, क्योंकि देश के भीतर बहुत सारी परिशानिया चल रही हैं, दवाई का हो, रोजगार का हो, खाने
06:57पीने का हो, अर्थववस्था का हो, रियाल का हो
07:11इतने प्रतिबंधों के बावजुद इरान पूरी तरह आर्थिक रूप से ध्वस्थ नहीं हुआ, इसकी विचह है देश के विशाल तेल
07:18और गैस भंडार, बड़ा घरेलू बाजार, क्रशी उत्पादन और चीन, रूस समेद, कुछ छेतरिया देशों के साथ बढ़ता व
08:07आम नागरिकों तक पूरी तरह नहीं पहुँच पाता।
08:08को तो कमजोर किया, लेकिन आंतरिक आर्थिक नीतियों और संड़चनात्मक कमियों ने संकट को और गहरा बना दिया।
08:38आम नागरिक अपने बच्चों के भविश्यों को लेकर भरोसे के साथ जी सकें।
08:43क्योंकि किसी भी देश की असली ताकत, उसकी मिसाईलों, उसके तेल भंडार या सैन शक्ती से नहीं, बलकि उसके आम
08:50नागरिक के सम्माम जनक जीवन से मापू जाती है।
08:56अबस्टों को
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