00:06पहले फैसला आया फिर अदालत की टिपड़ी ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र मिला दिया
00:132020 के दिल्ली दंगो के सबसे चर्चित मामलों में से एक आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कडुमा कोट ने
00:21बड़ा फैसला सुनाया है
00:22अदालत ने पूर पारशद काहिर हुसेन समेत पांस दोशियों को उम्रकैत की सजा दी है इसके साथ ही कोट ने
00:30अपने फैसले में ऐसी टिपड़ियां भी की हैं जिनकी पूरे देश में चर्चा हो रही है
00:35आखिर अदालत ने क्या कहा ये मामला कैसे शुरू हुआ और इस फैसले तक पहुचने में पांच साल कैसे लगे
00:42आईए पूरी कहानी समझते हैं
00:44ये मामला फरोरी 2020 के दिल्ली दंगो से जुड़ा हुआ है उस समय नागरिक्ता संशोधन कानून यानी C.E.A.
00:52को लेकर राजधानी दिल्ली में माहोल बेहत तनावपूर था
00:55टेस फरोरी से कई लाकों में हिंसा शुरू हुई जो अगले तीन दिनों तक लगातार बढ़ती गई
01:00कई जगा आगजनी हुई, पत्राव हुआ, गोलियां चली और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई
01:06इसी हिंसा के दोरान 25 फरोरी को इंटलीजन्स ब्यूरो यानी आई बी में तैनाथ अधिकारी अंकिशर्मा अपने घर से निकले
01:14थे
01:15लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लोटे, परिवार ने उनकी तलाश शुरू की आसपास के लोगों से पूस्ताच की गई
01:22इसी दोरान सूचना मिली की चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में एक शौ देखा गया है
01:28अगली सुबा पुलिस ने नाले से अंकिशर्मा का शौ बरामत किया, इस घटना ने पूरे देश को जग जोड दिया
01:35इसके बाद अंकिशर्मा के पितार रविंदर कुमार ने दयालपूर थाने में शिकायत दर्ज कराई
01:40उन्होंने आरोप लगाया कि ततकालीन आमादमी पार्टी के पारशद ताहिर हुसेन और उनके साथियों ने उनके बेटे की हत्या की
01:48है
01:48शिकायत में ये भी कहा गया कि आरोपी ताहिर हुसेन के कारियाले में कठा हुए थे और हत्या के बाद
01:54अंकिशर्मा को नाले में फेक दिया गया
01:57मामले की जाच शुरू हुई पुलिस ने कई लोगों को गिरफतार किया
02:00लंबी जाच और सुनवाई के बाद ये मामला अदालत पहुचा
02:04कई वर्षों तक गवाहों के बयान, सबूत और कानूनी दलीलें अदालत में पेश की गई
02:0913 जुलाई को अदालत ने इस मामले में ताहिर हुसेन, नाजीम, काशीम, अनस और जावेत को
02:16हत्या, अपहरण, दंगा और संप्रदाइक वैमनस फैलाने का दोशी करार दिया
02:21वहीं 11 आरोपियों में से 6 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया
02:26अब सजा के चरण में अदालत ने शुकरवार को इन पांचों दोशीयों को उम्र कैद की सजा सुनाई
02:32फैसले के दौरान अदालत ने कहा कि ये कोई सामान अपराद नहीं था
02:36बलकि ऐसी घटना थी जिसने पूरे समाज को जग जोड़ दिया
02:40अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ताहिर हुसेन उस भीड का हिस्सा थे जो हत्यारों से लेस थी
02:46और हिंदूों के प्रत नफरत की भावना से दंगा आगजनी और लूट पाट करने के लिए इकठा हुई थी
02:53अदालत ने कहा किसी भीड ने अंकी शर्मा पर लगातार और बेरहमी से हमला किया जिसके कारण उनकी मौत हो
03:01गई
03:01सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोशियों को फासी देने की मांग की थी
03:07पुलिस का कहना था कि ये हत्या बेहत करूर और सुनियोजी थी
03:11पुलिस ने अदालत में कहा कि अंकी शर्मा की मौत होने के बाद भी उन पर हमला जारी रखा गया
03:17इसलिए ये मामला अत्यंत गंभीर है और दोशियों को सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए
03:23दूसरी और ताहिर हुसेन के वकील ने अदालत में अलग पक्ष रखा बचाओ पक्ष का कहना था कि हर हत्या
03:29का मामला मौत की सजा के योग नहीं होता
03:32उन्होंने दलील दी कि प्रतेक आरोपी की ब्यक्तिगत भूम का अलग अलग सपष्ट नहीं की गई है
03:38इसलिए ये मामला Rearest of Rear यानी सबसे दुरलव और गंभीर मामलों की श्रेणी में नहीं आता
03:45इसी आधार पर बचाओ पक्ष ने उम्रकैद से आगे की सजा का विरोध किया
03:50दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने फासी की मांग सविकार नहीं की और सभी पांच दोशियों को
03:57उम्रकैद की सजा सुनाई
03:58दिल्ली दंगे देश के सबसे बड़े सांपरदाइक दंगों में गिने जाते हैं
04:0323 फरोरी से 26 फरोरी 2020 तक चली हिंसा में कुल तिरपन लोगों की मौत हुई थी
04:09आधिकारिक आकडों के अंसार मनने वालों में 38 मुसल्मान और 15 हिंदू शामिल थी
04:15250 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे और लगभग 800 दुकानों को नुकसान पहुचा था
04:20500 से अधिक घर आग के हवाले कर दिये गए थी कई लाकों में कई दिनों तक तनाव बना रहा
04:26और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल पैनात करने पड़े
04:29अंकी शर्मा हत्यकांट इस पूरी हिंसा का सबसे चर्चित मामला बना क्योंकि पीडित एक आई भी अधिकाली थे और इस
04:36मामले में एक राजनितिक दल के ततकालिन पारशत का नाम सामने आया
04:40इसी वज़ा से ये केस लगातार राश्टी अस्तर पर चर्चा का विशय बना रहा अब अदालत का फैसला आने के
04:47बाद एक बार फिर ये मामला सुरक्यों में है
04:49हलाकि कानोनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है दोशियों के पास उच अदालत में अपील करने का अधिकार
04:56मौजूद है
04:57इसलिए आगे इस मामले में कानोनी अस्तर पर और भी कारवाई देखने को मिल सकती है
05:03फिलहाल इतना तय है कि करीब 5 साल तक चली लंबी कानोनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने अपना फैसला सुना
05:10दिया है
05:10इस फैसले ने 2020 के दिल्ली दंगो के सबसे चर्चित मामलों में से एक पर ट्रैल कोड का निश्कर्स सामने
05:17रख दिया है
05:35पिल्ट के पिल्ट करीब 5 के है
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