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साल 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े चर्चित आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में अदालत ने ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस वीडियो में जानिए कोर्ट के फैसले की पूरी कहानी, सुनवाई के दौरान क्या-क्या दलीलें दी गईं, अदालत ने अपने फैसले में क्या अहम टिप्पणियां कीं और इस मामले की शुरुआत से लेकर फैसले तक की पूरी टाइमलाइन। साथ ही समझिए इस फैसले का कानूनी और सामाजिक महत्व क्या है। यह रिपोर्ट अदालत के आदेश, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और आधिकारिक घटनाक्रम के आधार पर तैयार की गई है।

A Delhi court has sentenced Tahir Hussain to life imprisonment in the 2020 Delhi riots case related to the Murder of Intelligence Bureau staffer Ankit Sharma. In this video, we explain the court's verdict, the prosecution and defence arguments, key observations made during the judgment, and the background of one of the most high-profile cases arising from the 2020 Delhi riots. We also discuss the legal proceedings, the evidence presented during the trial, and the wider political and public reaction. This report is based on court records, publicly available information, and official developments, providing factual context without speculation.

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Transcript
00:06पहले फैसला आया फिर अदालत की टिपड़ी ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र मिला दिया
00:132020 के दिल्ली दंगो के सबसे चर्चित मामलों में से एक आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कडुमा कोट ने
00:21बड़ा फैसला सुनाया है
00:22अदालत ने पूर पारशद काहिर हुसेन समेत पांस दोशियों को उम्रकैत की सजा दी है इसके साथ ही कोट ने
00:30अपने फैसले में ऐसी टिपड़ियां भी की हैं जिनकी पूरे देश में चर्चा हो रही है
00:35आखिर अदालत ने क्या कहा ये मामला कैसे शुरू हुआ और इस फैसले तक पहुचने में पांच साल कैसे लगे
00:42आईए पूरी कहानी समझते हैं
00:44ये मामला फरोरी 2020 के दिल्ली दंगो से जुड़ा हुआ है उस समय नागरिक्ता संशोधन कानून यानी C.E.A.
00:52को लेकर राजधानी दिल्ली में माहोल बेहत तनावपूर था
00:55टेस फरोरी से कई लाकों में हिंसा शुरू हुई जो अगले तीन दिनों तक लगातार बढ़ती गई
01:00कई जगा आगजनी हुई, पत्राव हुआ, गोलियां चली और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई
01:06इसी हिंसा के दोरान 25 फरोरी को इंटलीजन्स ब्यूरो यानी आई बी में तैनाथ अधिकारी अंकिशर्मा अपने घर से निकले
01:14थे
01:15लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लोटे, परिवार ने उनकी तलाश शुरू की आसपास के लोगों से पूस्ताच की गई
01:22इसी दोरान सूचना मिली की चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में एक शौ देखा गया है
01:28अगली सुबा पुलिस ने नाले से अंकिशर्मा का शौ बरामत किया, इस घटना ने पूरे देश को जग जोड दिया
01:35इसके बाद अंकिशर्मा के पितार रविंदर कुमार ने दयालपूर थाने में शिकायत दर्ज कराई
01:40उन्होंने आरोप लगाया कि ततकालीन आमादमी पार्टी के पारशद ताहिर हुसेन और उनके साथियों ने उनके बेटे की हत्या की
01:48है
01:48शिकायत में ये भी कहा गया कि आरोपी ताहिर हुसेन के कारियाले में कठा हुए थे और हत्या के बाद
01:54अंकिशर्मा को नाले में फेक दिया गया
01:57मामले की जाच शुरू हुई पुलिस ने कई लोगों को गिरफतार किया
02:00लंबी जाच और सुनवाई के बाद ये मामला अदालत पहुचा
02:04कई वर्षों तक गवाहों के बयान, सबूत और कानूनी दलीलें अदालत में पेश की गई
02:0913 जुलाई को अदालत ने इस मामले में ताहिर हुसेन, नाजीम, काशीम, अनस और जावेत को
02:16हत्या, अपहरण, दंगा और संप्रदाइक वैमनस फैलाने का दोशी करार दिया
02:21वहीं 11 आरोपियों में से 6 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया
02:26अब सजा के चरण में अदालत ने शुकरवार को इन पांचों दोशीयों को उम्र कैद की सजा सुनाई
02:32फैसले के दौरान अदालत ने कहा कि ये कोई सामान अपराद नहीं था
02:36बलकि ऐसी घटना थी जिसने पूरे समाज को जग जोड़ दिया
02:40अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ताहिर हुसेन उस भीड का हिस्सा थे जो हत्यारों से लेस थी
02:46और हिंदूों के प्रत नफरत की भावना से दंगा आगजनी और लूट पाट करने के लिए इकठा हुई थी
02:53अदालत ने कहा किसी भीड ने अंकी शर्मा पर लगातार और बेरहमी से हमला किया जिसके कारण उनकी मौत हो
03:01गई
03:01सजा पर बहस के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोशियों को फासी देने की मांग की थी
03:07पुलिस का कहना था कि ये हत्या बेहत करूर और सुनियोजी थी
03:11पुलिस ने अदालत में कहा कि अंकी शर्मा की मौत होने के बाद भी उन पर हमला जारी रखा गया
03:17इसलिए ये मामला अत्यंत गंभीर है और दोशियों को सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए
03:23दूसरी और ताहिर हुसेन के वकील ने अदालत में अलग पक्ष रखा बचाओ पक्ष का कहना था कि हर हत्या
03:29का मामला मौत की सजा के योग नहीं होता
03:32उन्होंने दलील दी कि प्रतेक आरोपी की ब्यक्तिगत भूम का अलग अलग सपष्ट नहीं की गई है
03:38इसलिए ये मामला Rearest of Rear यानी सबसे दुरलव और गंभीर मामलों की श्रेणी में नहीं आता
03:45इसी आधार पर बचाओ पक्ष ने उम्रकैद से आगे की सजा का विरोध किया
03:50दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने फासी की मांग सविकार नहीं की और सभी पांच दोशियों को
03:57उम्रकैद की सजा सुनाई
03:58दिल्ली दंगे देश के सबसे बड़े सांपरदाइक दंगों में गिने जाते हैं
04:0323 फरोरी से 26 फरोरी 2020 तक चली हिंसा में कुल तिरपन लोगों की मौत हुई थी
04:09आधिकारिक आकडों के अंसार मनने वालों में 38 मुसल्मान और 15 हिंदू शामिल थी
04:15250 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे और लगभग 800 दुकानों को नुकसान पहुचा था
04:20500 से अधिक घर आग के हवाले कर दिये गए थी कई लाकों में कई दिनों तक तनाव बना रहा
04:26और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल पैनात करने पड़े
04:29अंकी शर्मा हत्यकांट इस पूरी हिंसा का सबसे चर्चित मामला बना क्योंकि पीडित एक आई भी अधिकाली थे और इस
04:36मामले में एक राजनितिक दल के ततकालिन पारशत का नाम सामने आया
04:40इसी वज़ा से ये केस लगातार राश्टी अस्तर पर चर्चा का विशय बना रहा अब अदालत का फैसला आने के
04:47बाद एक बार फिर ये मामला सुरक्यों में है
04:49हलाकि कानोनी प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है दोशियों के पास उच अदालत में अपील करने का अधिकार
04:56मौजूद है
04:57इसलिए आगे इस मामले में कानोनी अस्तर पर और भी कारवाई देखने को मिल सकती है
05:03फिलहाल इतना तय है कि करीब 5 साल तक चली लंबी कानोनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने अपना फैसला सुना
05:10दिया है
05:10इस फैसले ने 2020 के दिल्ली दंगो के सबसे चर्चित मामलों में से एक पर ट्रैल कोड का निश्कर्स सामने
05:17रख दिया है
05:35पिल्ट के पिल्ट करीब 5 के है
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