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झारखंड की राजधानी रांची की सड़कें सोमवार को युवाओं के भारी आक्रोश और अनोखे विरोध प्रदर्शन की गवाह बनीं! JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली व भ्रष्टाचार के खिलाफ पिछले 17 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों का सब्र आखिरकार टूट गया। और जब वो विधानसभा की तरफ कूच कर रहे थे तो पुलिस ने उनपर लाठी चार्ज किया...जिसकी वजह से कई छात्र घायल हो गए

On Monday, the streets of Ranchi, the capital of Jharkhand, witnessed massive outrage and a unique protest by the youth. The patience of the aspirants—who had been camping at Jaipal Singh Munda Stadium for the past 17 days to protest against alleged irregularities and corruption in JPSC and JSSC recruitment exams—finally snapped. As they marched towards the Legislative Assembly, the police resorted to a lathi-charge, leaving several students injured.

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~PR.338~GR.122~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:00सर पैंट खोल नहीं सकते सर दिखाते हैं ना कि इतना मारा सर इतना मारा गया ना कि कोई बैठ
00:04ने सकता है सर बैठ ने सकता है
00:06एज जरकार को जारकंड में रहना जारकंड के युगाओं के सब गोका है
00:11तो आप आप सेक आए कूली साई और हलाठी चार्ज करना शुरू करी और लडका लगो लडकी है किसी को
00:17नहीं बख्सा गया
00:19यह जो कि आख खाली खाली तो से वाल भार उखाली तो सोली खाली तो से
00:42जिस परकार से आध दिल बर्वर्ता खी है
00:45आप देख सकते मेरी आप के बच गई है
00:47लाटी चार्ज किया
00:48मैं खड़ा था राम सर्शांथी पूर्वर बच गड़ा था
00:50आप देख सकते हैं यह देखिए
00:52यह किस तरह से बर्वर्ता की गई है पुलिस के दुवारा
00:54आप देख रहे हैं हम क्या मांग रहे हैं हम नियाय तो मांग रहे हैं हम सिक्सा ववस्ता परिवतन की
00:59बात तो कर रहे हैं हम जे जे असे सीजल की परिक्षा को रत करने की तो बात कर रहे
01:04हैं हम जे पी सीजल को रत करने की मांग कर रहे हैं जो बश्टाचारी उनको पर कारवा�
01:21यह नारा ओज दिक्कत है कि gyda आज भी हमने डिल्ल हमने पुलिस को नारा दिया
01:32कि यह अंदर की पात है क्वेश हमारे साथ है उस्मारे साल थैधा है हातों देखे तुर। लड़िवयां लाट्य चला
01:41निटिर्श नेategoris कर यह और लॉट यह
01:53प्रोटेस्ट कर रहे थे तो आप आचालाग से एक आए खूली साय और लाठी चार्ज करना शुरूट कर रही और
01:57लड़का लहो लड़की है किसी को नहीं बक्सा गया यहाँ पर देख सकते हैं मेरा यहाँ पर कंदा पर मेरा
02:02यहाँ पर चोट लगा है बचल नहीं पारा हूं �
02:07हात में दर्द हैं मेरा और यहां पर हम लोग केत में दो ओड़े वार दोड़ा के मारा रहे थि
02:11और अंधिर्ये का पूरा फाइदा उठाया है वहां पार लाइट नहीं था मीडिया कर्मी नहीं थIG जी स्का पूरा फाइदा
02:16उठाएगा और पुरा घेर कहीए खरो हो स्थी �
02:26करते हैं और जैसे उन्होंने देखा कि लोग वहां पे कम हुए धीरे दिरे क्या हुआ
02:48कि सारे लोग यहां पर होस्टल में रहने वाले हैं तो उनको पता था कि कुछ समय के बाद लोग
02:52यहां से चले जाएंगे जैसी ले लोग महां से कम हुए फोर्स बढ़ गई वहां पर लगबक 500-600 स्टुडेंट
02:59हो गया और फोर्स वहां से फोर्स लगबक 2000 जैसी उन्होंने द
03:17अस्त्र था ना ही लाटिया थी कुछ नहीं था हम तो और आप से सांथी पुर्वक प्रोटेस्ट कर रहे थे
03:22लेकिन उन्होंने जो हमारे साथ किया
03:29अब तो मैं यहां से हटने वाला नहीं हूँ जब तक सरकार हमसे बात नहीं करती है तब तक मैं
03:33यहां से हिलूंगा नहीं चाहे कुछ भी हो जाए
03:36सर पैंट खोल नहीं सकते सर दिखाते ना कि इतना मारा सर इतना मारा गया ना कि कोई बैठ ने
03:41सकता है सर बैठ ने सकता है
03:43हम लोग विघान सवा से सांती पुर्वक बाहर निकल रहे थे पुलीस इतना बरबरता पुर्वक दोड़ा दोड़ा के मारिये देखिए
03:51मेरा हलत क्या हो गया है हम गड़ा में फस गये थे गड़ा में चार पास पुलीस आख करके मुझे
03:56मारा गया है जहां दिखा नहीं सकते �
04:09तरीके से अंदोलन कर रहे थे हमें वहां पर एस्पी सहाब आते हैं और आगर के कहते हैं कि आप
04:17लोग ठीक है सांती से बैठिये हम लोग बाते ही करें तो उसके बाद एस्पी साब चले जाते हैं
04:21और पूरी पुलीस की दलवल आती है और रात के अंधेरे होने के बाद वे लोग अचानक तेजक से हमला
04:26कर देते हैं लोगों को भागने का भी मौका नहीं देते गालियां देकर दो-दो किलो मीटर तक दोड़ा दोड़ा
04:31करके आप वहां पर देख सकते हैं कि गड़े हैं वहा
04:49अंधी के सत्य अहिंसा वाले देश में जब हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पे चलके अपना अंदोलन कर रहे
04:54थे अपनी आवाज उठा रहे थे आपने हमारी नौकरियों को बेचने करताम किया जारकन की एक बैसी नौकरी नहीं है
04:59जिसे बेचना गया हो सरकार में सारी नौकर
05:19नौकरी बेचोगे, क्या आप हमें जान से मार के नौकरी बेचोगे, अगर आप हमें मार के नौकरी बेचना चाहते हो,
05:24तो आप हमें जान से मार दो, लाठी क्यों चला रहे हो, गोली चला दो, गोली मार दो हम लोगों
05:28को, हमारा मांग है कि राहूल गांदी का समर्थन से बनी
05:44अब हमने फैसला किया है, विए हम सब जयतने विध्यारती है, वो अंठन पर बैठेंगे जब तक राहूल गांदी नहीं
05:49आते, हम अपने दर्द राहूल गांदी को दिखाएंगे, हम दिखाएंगे अपनी चोटों को, हम दिखाएंगे कि कैसे हमारी माते पे
05:59लाटी या चला�
06:10उलों नहीं कर सकते क्या हम अपने अनियाय के खिलाप आवाज नहीं उठा सकते क्या हमुए हमारे सम्मिधार ने इसमेदा
06:14कुछ अधिकार नहीं दिया आप हमें बताए कि अ
06:19हम बुरुट है कि अ
06:22कर शन क हम
06:27कि अ
06:34करा है
06:42कि अब लेकर अपर आखरी में एक लड़की निया तो उसको देख लीज़ाइब बाइब लेगे नहीं नहीं नहीं नहीं यह
06:59लड़की में डाल जिए इस नियुक्त निकल जो उसका है
07:08आखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक
07:10लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक लाखरी एक
07:15लाखरी एक लाखरी एक ला�
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