00:02किसान, धान और गन्ने की खेती करने, उनकी कटाई करने और उन्हें बेचने के लिए अपना तन, मन और धन
00:12सब कुछ लगा देते हैं
00:15भले ही इस समय तमिल नाडू की वित्तिय स्थिती ठीक नहीं है, फिर भी धान और गन्ना उगाने वाले किसानों
00:25के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से तमिल नाडू के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार ने धान और
00:34गन्ने के प्रोतसाहन मूल्य को बढ़ाने का फै
00:43सामान की खरीद का सीजन आगामी 1 सितंबर से शुरू होने जा रहा है, इसलिए नियुन्तम समर्थन मूल्य के साथ
00:52साथ राज्य सरकार के प्रोतसाहन के रूप में बारीक धान के लिए प्रतिक विंटल 289 रुपए और सामान्य धान के
01:02लिए 169 रुपए की बढ़ोतरी की ज
01:132600 रुपए दिये जाएंगे
01:20राज्य सरकार द्वारा एक साल में धान के प्रोतसाहन मूल्य में 156 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी करना इतिहास में
01:31पहली बार है
01:35इसी तरह वर्ष 2025 से 26 के गन्ना पेराई सीजन में चीनी मिलो में पंजी करन करा कर गन्ना देने
01:46वाले किसानों के लिए केंद्र सरकार ने प्रति मीट्रिक टन 3290 रुपए 50 पैसे तै किये हैं
01:56इसके उपर तमिल नाडू सरकार द्वारा विशेश प्रोटसाहन के रूप में प्रति टन 709 रुपए 50 पैसे दिये जाएंगे
02:08इस से पिसानों को गन्ने की कीमत के रूप में प्रति टन 4000 रुपए मिलेंगे
02:18पिछले पांच वर्षों में गन्ने के विशेश प्रोटसाहन मूल्य में केवल 156 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी
02:26जबकि अब पहले ही वर्ष में 360 रुपए 50 पैसे की बढ़ोतरी की गई है
02:35मैं इस सदन में इसका भी उल्लेख करना चाहता हूँ
02:39राज्य सरकार द्वारा गन्ने के विशेश प्रोटसाहन के रूप में प्रती मीट्रिट टन एक वर्ष में 134 रुपए से अधिक
02:49की वृद्धी करना इतिहास में पहली बार है
02:54हमारी सरकार हमेशा किसानों का साथ निभाते हुए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर
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