00:09एक शहर एक ही दिन और दो दो महा संग्रा एक तरफ देश का भविश्य यानि सडकों पर रोते बिलखते
00:17और प्रदर्शन करते चात्र और दूसरी तरफ देश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पाटिया वीजेटी और कॉंग्रेस जो एक दूसरे
00:26का खून बहाने पर उतारू
00:28जी हाँ, बुधवार 22 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना अचानक जंग का मैदान बन गए, कही लाठिया चटकी, कही
00:36सर्फ उटे तो कही इट और पत्थरों की ऐसी बारिश हुई कि आम जनता में भगदन मच गई
00:42आखे दिल्ली में हुई कौन सी ऐसी घटना थी जिसने पटना की सड़कों पर आग लगा दी, कैसे कॉंग्रेस का
00:48मुख्याले है, सदाकत आश्रम रण भूमी बन गया और नीट परिक्षा की मांग कर रहे चातरों पर ऐसा क्या हुआ
00:55की पुलिस को 500 लोगों पर FIR ठोकनी प
01:10अचानक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतरतव में कार्यकरताओ का एक विशाल जुलूस सदाकत आश्रम की ओर बढ़ता
01:18है, हातों में पोस्टर और बैनर थी, जिन पर लिखा था राहुल गांधी और कॉंग्रेस देश में अराजुक्ता फिलाना
01:24अब आप पूछेंगे कि बीजेपी अचानक कॉंग्रेस के दफ्तर का घिराव करने क्यों पहुंची, तो कहानी की कड़ी जुड़ती है
01:31एक दिन पहले, यानि मंगलवार 21 जिलाई को दिल्ली से, दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियांका गांधी और मलिका आरजुन के
01:37सा
01:38अखिलेश यादव ने नीट पेपर लीग के विरोध में सीधे प्रुधान मंतरी आवास का घिराव कर दिया था, महादिल्ली पुलिस
01:45ने इन सभी को हिरासत में लिया और देर शाम छोड़ा, इसी का जवाब देने के लिए बीजेपी ने देश
01:51भर में कॉंग्रिस दफ्तर
01:52के घिराव का एलान किया था, और जैसे ही विजेपी का ये जुलूस सदाकत आश्रम के गेट पर पहुंचा, बारूद
01:58में चिंगारी लग गई, शुरवात हुई तीखी नारे बाजी से, मुर्दाबाद के नारों के बीच महाल अचानक ऐसा गरमाया की
02:04कॉंग्रिस कारे करत
02:05भी लाठी डंडे लेकर अंदर से बाहर कूद पड़े, फिर जो हुआ उसने पटना को देहला दिया, दोनों तरफ से
02:12लाठिया चुलने लगी, चीक पुकार मच गई, सड़क पर पड़े एट और पत्थर उठाकर एक दूसरे पर फेके जाने लगी,
02:18प्रटेक्श दर्शिय
02:19के मताबिक माहल इतना खौफनाग था कि आसपास की दुकाने धरादर बंद हो गया, कई कारे करताओ के सिर्फ फूट
02:26गए, कपड़े फट गए और फून बहने लगा, हत्तो तब हो गई जब हाँ कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी
02:31नहीं बक्षा गया, जब हालात बेकाब�
02:47उमड़ा हुआ था, नीट पेपर लीग मामले में केंद्रे सिक्षामंत्री के इस्तिफ़े की मांग को लेकर ए आई एसे और
02:53चात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन तक महा प्रदर्शन शुरू कर दिया, ये प्रदर्शन भी देखते ही देखते हिंसक हो
03:00गया, प्रद
03:14सो अग्यात उपद्रव्यों पर FIR दर्ज कर ली गई, 40 से जाद अप्रदर्शन कारियों को हिरासत में लेकर पूछ ताश
03:21जारी, बोरिंग रोड, कदम हुआ और गांधी मैदान के इलाकों में पुलिस दे राज तक छापे मारी करती रही, अब
03:28सबसे बड़ा सबर, क्या य
03:42हिंसक बनाने के लिए इसमें बाहरी उपद्रव्यों की एंश्री कराई गई थी, जाच एजिंसियों के रडार पर अब तीन बड़े
03:49सवाल है, क्या कोचिंग संस्थानों के छात्रों को बर्ग लाकर भीड की शकल में सडकों पर उतारा गया, क्या इस
03:55हिंसा को बाइरल करने
03:57और भड़काने के लिए सेकडो सोशल मीडिया क्रेटर्स और यूट्यूबर्स को मैदान में उतारा गया था, आखे सीम आवास तक
04:03पहुँचने की ये पूरी प्लानिंग किसने तयार की थी, तो बुद्वार को पटना की सडकों पर जो हुआ, उसमें राजुनीती
04:09के सबसे
04:09बतसूरत चहरे को सामने ला दिया है, लेकिन इस पूरी लड़ाई में पिस कौन रहा है, वही आम शात्र जो
04:15सालू से अपने भविश्य और पारदर्शी परिक्षा के लिए दिन रात मेहनत करता है, सवाल सीधा है, क्या नीट परिक्षा
04:21में इंसाफ की मांग कर रहे शात्र
04:39वानीटिया है दिया है, अब्सक्राइब लाउने खाल वानीटिया है।
Comments