00:00शर्वाबाधा बिनर मुक्तो धनधान शुतानमिता मनुश्यों प्रशादेन भविश्यत निसंसया प्यारी मित्रों जैश्याराम जैमातादी
00:07मित्रों आज आप से चर्चा करते हैं चंद्र ग्रहन रक्षा बंधन पर क्या समय होगा राखी बांधने का आज इसी
00:17विशय पर करेंगे चर्चा
00:1928 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन का पामनपर्व मनाया जाएगा राखी बांधने का सुब शमय सुर्योदय से ले करके सुबह
00:29नौ बच करके 48 मिनट तक रहेगा और इस दिन चंद्र ग्रहन भी है लेकिन यह ग्रहन भारत में कहीं
00:39पर भी द्रश्य नहीं होगा
00:40इसलिए इसका कोई भी शूतक और पातक मानने नहीं होगा तो राखी बांधने का जो सुब मुहूरत है 28 अगस्त
00:502026 को शुबह 5 बच करके 57 मिनट से ले करके 9 बच करके 48 मिनट तक रहेगा
01:00पूरिमातिती की शमाप्ती की अगर हम बात करते हैं तो 9 बच करके 48 मिनट सुबह भद्रा काल इस बार
01:0927 अगस्त की रात्री को ही भद्रा शमाप्त हो चुकी है
01:14तो इसलिए इस बार पूरा दिन खुब चकाचक रक्षा बंधन मनाईएगा इसलिए 28 अगस्त को सुबह में कोई भी भद्रा
01:24नहीं है
01:25और चंद्र ग्रहन तो इस चंद्र ग्रहन का कोई भी प्रभाव हमारे यहाँ पर नहीं पड़ेगा
01:32भारती शमया नुशार शुबह चय बचकर के 53 मिनट से ले करके दो पहर में 12 बचकर के 31 मिनट
01:43तक भारत में द्रश्च चंद्र ग्रहन नजर नहीं आएगा
01:49तो जब चंद्र ग्रहन चंद्रमा दिखाई नहीं देगा तो उसका कोई भी शूतक और पातक भारत में मानने नहीं होगा
01:57शूतक काल द्रश्च न होने के कारण भारत में इसका कोई भी धारमिक प्रभाव नहीं पड़ेगा
02:06अर्थात सून्नी रहेगा अर्थात अमान्ने है ये ग्रहन अमान्ने है पूजा पाट खान पान में कोई भी प्रतिबंद नहीं होगा
02:16सुबै से ले करके और साम तक आप पूरा का पूरा दिन रक्षा बंधन के पावन पर्व को मनाईए
02:24रक्षा बंधन में भाई और वहन के अटूट इश्पनेह का बंधन प्रेम का बंधन और इश्पावन बंधन में भाई और
02:34वहन सभी लोग बड़ी भक्ती के साथ में आनंद के साथ में रक्षा बंधन का पर्व मनाएं
02:40और रक्षा बंधन के परवकी आप सभी को बहुत बहुत शुप कामना है, मंगल कामना है, रक्षा बंधन के दिन
02:48कोई भी ग्रहन नहीं पड़ेगा भारत में, भारत के बाहर ग्रहन है तो उसका प्रभाव यहाँ पर द्रश्च नहीं होगा,
02:56आप सभी अगर जानकारी चाहते
02:58किसी भी तरह की पूजा पाट एक गनुष्ठान के विसे में जानना चाहते हैं तो शंपर करिएगा मैं पुनाह मिलता
03:05हूं नए वीडियो में तब तक के लिए आप शबीब को जैस्त्री सिताराम
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