जंतर-मंतर पर चल रहे CJP Protest में विजेंद्र चौहान का भाषण चर्चा का विषय बन गया है। हजारों छात्रों और युवाओं के बीच उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाए। भाषण के दौरान कई बार छात्रों ने जोरदार नारे लगाए और पूरे माहौल में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोशल मीडिया पर भी विजेंद्र चौहान की स्पीच तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में देखिए उनके भाषण की बड़ी बातें, छात्रों की प्रतिक्रिया और CJP Protest से जुड़ी सभी अहम अपडेट।
CJP Protest at Jantar Mantar witnessed a powerful speech by Vijender Chauhan that quickly went viral across social media. Addressing thousands of students and supporters, Chauhan strongly voiced concerns over education-related issues and questioned the policies associated with Dharmendra Pradhan. His speech drew loud reactions from the crowd and became one of the most discussed moments of the protest. As the CJP movement gains momentum, videos and clips from the event are spreading rapidly online. Watch this report for key highlights, major statements, crowd reactions, and the latest updates from the ongoing protest in Delhi.
#VijenderChauhan #CJPProtest #JantarMantar #DharmendraPradhan #StudentProtest #DelhiNews #BreakingNews #EducationNews #ViralSpeech #LatestUpdate
~HT.410~ED.520~GR.538~VG.HM~
CJP Protest at Jantar Mantar witnessed a powerful speech by Vijender Chauhan that quickly went viral across social media. Addressing thousands of students and supporters, Chauhan strongly voiced concerns over education-related issues and questioned the policies associated with Dharmendra Pradhan. His speech drew loud reactions from the crowd and became one of the most discussed moments of the protest. As the CJP movement gains momentum, videos and clips from the event are spreading rapidly online. Watch this report for key highlights, major statements, crowd reactions, and the latest updates from the ongoing protest in Delhi.
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00:00जन्तर मंतर जहां पर कौकरोध जन्तापाटी का प्रोटेस्ट चल रहा है शिक्षा मंतरी धर्मेंदर प्रधान की इस्तिफे को लेकर नीट
00:07पेपर लिक की नैतिक जिम्मेदारी लेकर देश के शिक्षा मंतरी धर्मेंदर प्रधान इस्तिफादे इस बात को लेकर कौकरोध �
00:18जनता पाटी दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले पांच दिनों से प्रोटेस्ट कर रही है और इस वक्त हमारे साथ
00:25ही वहाँ पर मौजूद हैं शिवेंद्र गौर और ये विजुल जो देख रहे हैं आप उसमें प्रोफेसर विजंद्र चौहार कोकरोज
00:32जनता पाटी के विरो
00:48साथ ही वहाँ मौजूद है और जब प्रोफेसर चौहान बोलेंगे तो उसके उनके लाइव सुनवाने की कोशिश करेंगे जहां तक
00:57संभव हो पाया लेकिन आपको बताते चले कि दिल्ली के जनतर मंतर पर देश की राजधाने दिल्ली के जनतर मंतर
01:04पर कौकरोज जनता पा
01:17बटेंगे और दूसरी तरफ सरकार है कि उनके कानों पर अभी तक यू तक नहीं रही वो किसी भी तरह
01:26के समवाद के लिए आगे आते हुए अभी तक तो नहीं दिखे हैं किस तरफ जा रहा है यह आंदोलन
01:32यह समय बताएगा थोड़ी सी आहट किसान आंदोलन जैसी लगने
01:37लगी है आपको बताते चले कि साल दो हजार बीस में जब कोवीड का संकट पूरी दुनिया पर मंटरा रहा
01:44था भारत की संसद में किसी सुधार बिल पारित किया गया तिन किसी कानून बनाये गए जिसके विरोध में देश
01:53भर के किसान दिल्ली की सिमाओं पर आकर बैट गय
02:06परे थे यह गतिरोध प्रजात तंत्र के लिए अच्छा नहीं कहा जाएगा समवाद ही प्रजात तंत्र को और ज्यादा मजबूर
02:12बनाती है यहां लोक तंत्र का सबसे बड़ा हतियार होता है आज दिल्ली के जंतर मंतर पर पांच वे दिन
02:19पर प्रोटेस्ट चल रहा है इस
02:36प्रोफेसर विजे चोहान दिल्ली विशोवी दिया लेगे शिक्षक जो यूपीस्सी संगलोक सिवायों की परिक्षाओं की तयारी करवाने के लिए बहुत
02:46ही प्रसिद्ध है देश वहर में उनके चात्र हैं और कई उनके चात्र देश की सरवोच सिवाओं में अपना यो�
03:06चोहान इस वक्त कौकरोच जंता पार्टी के मंज़ पर क्या कह रहे हैं?
03:36मैं द्रिली एक भी बात हैं
03:39मैं द्रिली विश्वित्याले के कॉलेज में पढ़ाता हूं
03:42और हमारे कॉलेज में एक शांदार शिक्षक हुआ करते थे और हम लोग जब तूता के मूमेंट्स के लिए टूता
03:48यानि देली इन्वस्ट्री टीचर्स असोसियेशन
03:50उसके लिए जब आपने मॉबिलाइस करते थे तो वे बहुत शांदर कणिप पढ़ाते थे सहा सार
03:56उसे कार जाता है कि सर चलिए
03:59ज़रत है कि हम
04:02किसी मांग के लिए हम लोग जा रहे हैं
04:05मंडी हाउस मंडी हाउस से जंतरवन कर जाएंगे आप साथ चलिए
04:08तो पर सब कहते कि नहीं भाई मेरी क्लास है
04:10क्लास नहीं छोड़ूँगा क्लास नहीं छोड़ सकता हूं
04:12तो हमने हमारे लोग जो मेंटर थे
04:17इस आंदोलन के दुनिया के उनसे कार कि साथ आप इने क्यों नहीं कभी कहते हैं
04:21इदे कहिए कि यह दी हमरे साथ चला करें आखिर यह तो शिक्षकों के जितका ही मामरा है
04:26उन्होंने इसका ठीक उसलिए बाद
04:28उन्होंने का यह बाद पिल्कुल सही है कि हम जिस संगर्ष के लिए जा रहे हैं
04:33वे संगर्ष अगर हम सरकों पर हर पाएंगे
04:37पर डॉक्तर साहा उपनी क्लाम पर इमानदारी से कख्षा ले पाएंगे
04:43और उस कख्षा से स्टुन्स की जिन्दगी बदन के
04:46यानि कि यह दोनों एकी सिट्टे के दो पहलु रगेजें
04:51विद्यार्थियों को कभी-कभी यह समझने में समय लगए
04:54ऐसा नहीं है कि विद्यार्थियों यह समझ नहीं समय
04:57लेकिन विद्यार्थियों को रहे
05:00नशे की बोलियां दी जाती है
05:09अमाद्यार्सण व्यू possibilities च्छी की मांगरा रहेँ
05:13यह कोई कम्लब्र वित्यार्थी एं
05:15उनके तो बसी नहीं ठाय बहला मेगे वए है
05:18लेकिन जब यह नीट जैसी चीजें होती है
05:22जब यह नीट पलिक्षा लीग जैसी चीजें होती है
05:25जब ये फरोसे तोड़ने वाली एक के बाद एक घटनाए होती है
05:28जब आपको पता लगता है कि 10 साल में 89 हिक्सा में निशन
05:3210 साल में 89 परिक्षाएं लीख हो जाती है
05:36अब भी त्यासियों को शायद समझ में आना शुरू होता है
05:39कि ये लोग जो परिक्षा में शुचिता की मान करते हैं
05:43ये जो नीदियों में बदलाव की मान करते हैं
05:45ये लोग जो ये मान करते हैं कि हमें इंफरस्ट्रॉक्चर मिलना चाहिए
05:49ये लोग जो मान करते हैं कि पाप्लिक फंड़ेट एजुकेशन रहतर होनी चाहिए
05:53कि अबसे हमारी ही बात करें यह बात करने कि समय तो फोड़ा सा समय रहता है और उसे समय
06:00बात बात बात बात बूचा जाता है आपको जानते हैं कि मैं तर्फ़च लगवा कुस दुनिया से आता हूं जो
06:04कोचिंग सेंटर की परीदी पर चल दूए पिश्वित्यालिय का शिक्�
06:22इसा मिलेगा वहां से यहां चाहिए क्लास लेने की बात है क्लास वहां लेते हैं क्लास यहां लेने हैं और
06:27मैं हर बार यह कहता रहा हूं कि पाब्लिक फंडिट एजुक्रेशन मेरे उपर कर जा है इसे समझी विजेंदर चोहान
06:34जो इस समय आप से बात कर रहा है वो भजर्�
06:49एक मुनिसिफल स्कूल से पढ़कर एक मलदूर का बेटा अगर आज विश्विद्याले का शिक्षक हैं इसे लोग इतना ज़दा सुन
06:58सकते हैं तो इसलिए कि मुनिसिफल स्कूल से निकला एक सरकारी स्कूल में पहुँचा गवर्मेंट दॉई सीने सेकंडरी स्कूल कराए
07:06उसके बाद मैं पॉप्लिक पंडिट यूनिवर्सिटी में पहुचा माइ लवली यूनिवर्सिटी ओ देली उसके मुझे इस रिवायात बनाया कि मैं
07:15आज आप से बात कूँ अब ऐसे में ये पॉप्लिक पंडिट एडिकेशन मेरे ऊपर इस पूरे समाज का कर्चता है
07:25अ�
07:35इतनी ऐसाल परामुशी करना नहीं चाहिए इसमें बज़े ये जरूरत महसूस पढ़ती है कि जब दी शिक्षा के जवाल पर
07:43विद्याक्यों के प्रश्न पर सामने आना पड़े तो पर जैसा मेरे दोस्त अभी ने अभी कहकर गए हैं फिर डरने
07:52से काम नहीं चाहिए
08:01मैं आज नहीं हूँ मैं स्कूल पीचिंग कॉलेज टीचिंग वाले मोड में हूँ इसलिए बहुत पेज चिलाता और जोश के
08:13साथ नहीं बोलूगा अभी ने वो काम कर गए हैं शांदार तरीके से कर गए हैं
08:23लेकिन यकीन मानिए वो अलग अलग नहीं जैसे मैंने पहले बताया कि यह सवाल कि
08:33इस देश में एक लाग स्कूल बंद हो जाते यह सवाल कि इस देश में पाप्रिक फंडेड यूनिवर्स्टी का इंफरस्ट्रक्चर
08:42लगाता नीचे जा रहा है
08:43मेरे विश्विध्याले में जब मैं अपने एकाउंटिंड से वर्सत से जाके पूछता हूं तो बताते हैं कि पिछले दस सालों
08:50में
08:50कॉलेज के पास
08:53तीचर्स और नॉन टीचिंग स्काप की सैलरी को छोड़कर एक पैसा कॉलेज नहीं पूछी
08:59यानि कि दिल्ली विश्विध्याले का कॉलेज इससे सरकार से आने वाली द्रांच पे केवल सैलरी बची बची बाकी सब काम
09:07यानि कि चौक करीदने से लेकर अपनी सफाई कराने तक वाइट वाइट वाश कराने से लेकर इलेकर इलेक्रिसिटी का बिल
09:15देने तक लाइब्रियरी की किताबे खरीदने से लेकर और तमाम काम जो की प्रतियों किता हैं और क्लासरूम के लिए
09:22ज़रूरी होते हैं
09:23इस सब के सब एक सबकारी कॉलेज में पच्चों की फीश से किये जा रही है।
09:28सबकारी कॉलेज।
09:30अब ऐसे में अख़टा कीजे ना हम लोगों कि इतने सानों से इस बात को देख रहे हैं कि आज
09:35IIT की फीश कितनी होगी।
09:37इस IIT की फीश अब दो लाग से ऊपर पहुंच चुकी है।
09:41IIT के अंगर एकमिशन जीली से एकमिशन लेने वाले लोगों को अगर आप वरीज परिवार से आते हैं तो प्रहले
09:47से एडुकेशन लोन देना पढ़ा।
09:50जब कोई एडुकेशन लोन लेकर पढ़ता है तो उसकी प्रास्पित का उस लोन को चुकाना हो जाती है।
09:58वो सरकार पर सवाल उताने लाइक नहीं बचती है।
10:01इसलिए बातें छुड़ी हुए।
10:03इन्हें अलग-अलग मानना पढ़ा है।
10:06इस सवाल नीतियों का सवाल।
10:13डेसिकर तॉर्पर यह तो डेसिकर के तरुपर समझता हूँ इसिप्षप के तरुपर समझता हूँ।
10:23और अबने संगटल कॉमेंटी जा समारव की तरफ से कहता हूँ।
10:26अब तब से पहले मैं तॉलिडारी दियाकर करना हूँ।
10:29अब सब्सक्रा मंत्री को जिपा देने जाता हूँ
10:43कुछ ऐसे ख़क नहीं है
10:45जहें देख समस्वार्यों को हैज करें
10:48जब कामने उसी कर्फुतों की वजे से हमाले में बच्चे आत्मा क्याई करें
11:18कुछ बच्चे तो इस बात से रोखेंगे कि वे ऐसा जना पर लेकिन इस बात को सब्सक्राइब
11:26हम लोग आप जानके हैं कि मैं सिविल सर्विसिस के वापिट डिव्यू जब से समिच से ले रहा हूँ
11:31तो ऐसा नहीं है कि लोगों से बात्षीत नहीं होती होगी
11:35ऐसा नहीं है कि लोग परिशित नहीं होंगे जो मंतुराले में बैटे हुए
11:39अब सबस्क्राइब
11:40उन्से कभी पूछी है
11:43पिछले जिनों चिक्षा मंतुराले ने एक सासियों को फोन करके पूछा
11:46इड का मामला आज चुका था उसके बाद
11:48कि क्या माहौर है मंतुराले में
11:51तो उसने को बाते पे
11:52कि उसना का एक तो कहा कि
11:55शेपी बैटट पर बैटट पर फो नहीं
11:56कि इडिटिंपर बीड़े फो रहे
11:59आदे का कि क्या उम्मेद की जाए
12:01कि धर में इस प्रदान जाएंगे
12:04तो उन्होंने पहुत रोचत बात के उस वास को समझे
12:13उनके पाज अपना परसनल स्काफ नियुक्त दरने का हख नहीं है
12:18नहीं इस पाज, if you understand the entire bureaucracy, you know
12:23that a minister is supposed to head the department
12:27और उसके नीचे सचिक होगा
12:28OSDs होगे, उनका personal secretary होगा
12:32उनका PS कौन होगा या उनका personal staff कौन होगा
12:36ये ट्यक करने का हख जर्वेंदर प्रधान के पास नहीं है
12:43ये जहां किसके पास आप समझ रहे होंगे
12:46ये ये तो पीजिए पूसर ट्या होता है
12:49ये केशव पुंच से ट्या होता है
12:51कि कौन personal staff होगा मंत्री का
12:55मंत्री के स्थीवे से आप क्या उमीद करते हैं
12:58आप समझ करें ये ये ये ये ये ये ये ये कि हमें स्थीवा मांगना नहीं चाहिए
13:02मैं तो उसनों मांग का सबसे तेले समर्तन का
13:05येकिन आपको पूरे संदर को समझना पुड़ेगा
13:32तो ये बात बिल्कुल सही है कि शिक्षा मंत्री
13:36इसनों खोशिक और है जिसके अजिसमी बेक इमांग होनी चाहिए
13:41इसने पर उसमांग करें सांथ
13:43तेकि मांग यहां पर रोकनी नहीं चाहिए
13:52प्योंकि आपके लगाई लड़ना शुरू किया है
13:56तो यह अपने लॉजिकल एंड तक जानी चाहिए
14:02अजिकल एंड तक जो किनाए जाती है
14:05मैं मांग यह सकती है कि हम इस धुली प्रक्रिया को समझे
14:09अज़र दीजर भी समझाने के कोशिश कर आपके समझी है
14:13पिछले दुरों बताया गया कि पांच एक्जामेनेशन
14:18नीच, जई, आडर्वी, यूपीएस्ट और एसस्ट
14:25यह पाच एक्जामेनेशन भी जिसके दो एनमिशन एक्जामेनेशन है
14:29और तीन रिक्ट्मेंड एक्जामेनेशन इन एक्जामेनेशन पर
14:34क्ल मिलाग जो बित्याची हैं 的
14:48लाद प्रोड रूपया हल साल खर्ज़ वेज़ करते हैं
14:54तारे तीन लाख करोर रुपया यूंकि हमारे शिक्साम बज़ाें का तीन मुनार
15:00मेरा स्वाल है कि क्यों कर दो
15:04जर शोच के बताईए कि आजिए ज्माटाप ताने
15:08नीच की कोचिंग के लिए UPSC की कोचिंग के लिए SSC की कोचिंग के लिए
15:12आपको बोना बेचा बेजा दिन नी बेजा जाकर आप किरायर के दर्वे नुमाखरों में रहे कर तैयारी करते हैं
15:19कोचिंग की खीज दी पार कमाँ पैसा कर्श किया जो इपकुल बिलाकर सारे की लास परोड हो जाता है एकटार
15:25है
15:25हर सारे वो ऐसा क्यूं करते हैं
15:28तो इसकी सब्सक्राइक लिए एक बाद उन्हें उम्मीद है उन्हें ये बाद भूप है ये उम्मीद है
15:36कि आप इस परीच्छा को तोड़ेंगे इसे पोड़ेंगे और अपना भविश्य बेहतर है
15:44लिकिन इसमें एक और उम्मीद चामिल है बलकि एक भरोसा एक प्रस्ट चामिल है उसे समझें
15:49क्योंकि ये भरोसा है या कमजोर सही परड़ी भी है कि ये बादी ये यूपी एस्पी ये साक्सेलेक्शन कमिशन ये
15:59एक्जाम नो एक्जाम करते हैं
16:03वो एक्जाम एक चीता कोड़ एक्जाम है उस एक्जाम की एक सैंक्टिटी उन्हें इस बात पर भरोसा है कि जब
16:19आप ये परिक्शा दे रहे होंगी तो अगर आपने मेज़त चीक से की है और परिक्शा चीक से उत्पर दिया
16:27है तो आपका शैर हो जाएगा
16:30तो अच्पराद परिक्शा इस इस बाद की जब आपका शैरा सब्चारा हुआ परिक्शा परिक्शा बाद माने कह देता हूं जैए
16:35विक्टरश्चा बडी सिस्ट्सदीज्टू रिख को स्टनीज्शां अटुर् पोडिविक्शी परिक्श्ड़ निगिष्ट्रीज्शा स
17:04इस जर्णतंत्र में आपके थरोसे की कस्टोडियन इसकाम सबसे अच्छे स्टूडेक्स कुणना नहीं है
17:13कि ज़्यादा इनिकाम इसकाम ये है कि जो थरोसा देश ने, सवाज ने इन बोडीज में किया रखा है
17:21वो थरोसे को इंटेक्ट रखे
17:32कि अपना पसीना इस लिए बहते हैं कि आपका फरोसा इस ज़्यादांत्र में है
17:41इस ज़्यादांत्र में जो चाब बाबा साब अमेरिकर ने इस तो तैयार किया
17:46तो उसमें लिखा
17:47कि इस पीपल अप इंडिया हम एक रिपपलिक होगे
17:51हमारे अप धान मंत्री राष्ट पती किसी अनुवल शित्ता से नहीं होगे कि राजस moments देभा पेशा राजा
17:58यह मामला के वन पधान मंत्री और मंत्रियों को नहीं जाना थी
18:02यह मामला देश के हर पद तक जाना पे
18:06संत्री से लेकर मंत्री सा था
18:13इस देश में इस गनतंत्र में हरे रख्ती के पास किस अधर्वाइज इनिजिबल बरावर का हक है।
18:21उसके जाती से तह नहीं होगा, उसके परिवार से, उसके लेंगिता से, उसके तह किसी बात से तह नहीं होगा।
18:28के वाल इस बात से तै होगा कि इस गणफंटर के हिसाब से सबको बनावर हग था
18:33और इस नूटल बड़ी इस थी जिदो ने एंस्वर किया कि अगर इन लोगों ने परयाफ्त महनत की है तो
18:40उन्हें ये हंग ने पेली
18:43जब पेपर लीख होता है तो ये धरोसा चिंदा
18:56आप सब लोगों से ये भरोसा चिंदे इसमें हर पद पर ये लागूँ एदे पीचे आप लोगों की इस बात
19:07को समझाते हैं आपने विद्याद कियाद क्लास्रूम से लेकर और सड़क पक लगाज़ार इस मार्स के लिए सबक रहीं
19:18कि सम्रिधान ने जो जो हक आपको दिये उन में से किसी हक पर हक मारी ना हो डखेती ना
19:25हो
19:26लेकिन इस तरह की बॉडिज जब खड़ी होती हैं और वो मेरे बॉडिज ये अंचोच अब एक ही कोशिश करती
19:32हैं कि जो जायद इसको मिलना चाहिए वो ना मिलेगा अब यहसल आपका हक चिलता है और जब मेरे विद्यार्पियों
19:40का हक चिलता है तो मेरी जिम्बेदारी �
19:43कि मैं उनके साथ कंदे से कंदा लगा कर पड़ा हूं सोच कर देखिए वरोसे के बाद नीट की इस
19:54पास्तोर से चिलता हूं करें जो में लगा दो एक में पब्लिक्टे जिम्हें नहीं बोलता हूं दिखा दो जाहूं
20:00बड़ीपूर में नीट का री एक्जाम री नीट जो हुआ है अभी संडेपूर उस एक्जाम में लिए एक बच्ची जो
20:07की कुगी समुदाय से आती थी उसका सेंटर उस इदाके में बढ़ा जो की मैटाई समुदाय के सेंटर बढ़ जाता
20:13है अब जानते हैं इसी देश के �
20:39बच्ची जो की कुगी समुदाय से आती है उसका सेंटर उस इलाके में आ गया है जिसे में अधा कहा
20:44जाता है
20:45और देश उसे ये आशका से नहीं दे सका कि अगर आपके उस सेंटर पे जाके परिक्षा देगे तो हम
20:53सुलिष्चित करते हैं कि आप सुरक्षित रहे हैं कि कि इस्टर बढ़ आप बार है जाने नाते है उस लरकी
21:02से मावी नहीं मांगनी चाहिए इस हमारा हत था मेरी बच्
21:13तो हम चाहा जाना चाहो जा सकोगी तुम सुलिष्चित होगी तो उसे हम नहीं देखाट रहा है तो धर्मेंदर प्रधान
21:21को में नहीं कह रहा है तो कह रहा हूं मैं शर्मिंदा हूं कि मेरी देश की बच्चिया अपनी परिक्षा
21:28देने के लिए एक जिले से दूसरी जिले �
21:33नहीं जा पा रही है तो तुम बढ़ो तुम पर दमाव सुरक्षा का तुम पर देश के जह मंत्री अगरा
21:42आपके समिश्चित नहीं कर पारा हूं मेरा समदिए कि इस परिक्षा में एक जिले सी का सवाल क्या ये कहेंकर
21:51मढ़ी आया जा सकता एक एक ही सुटेंट को है मैं नह
22:00कि देश में जब किसी एक भी व्यक्ति का हक चिता है तो तुमाव लोगों के हक पर संकट आता
22:09है कोई भी अकेरा नहीं हूं इसे जब आपको नपुरक की गोलियां दी जाती है और आपको बताया जाता है
22:18कि एक पार्टी की बाकाइदा अल्पसंट्यक मोर्चे की मैरा कहती ह
22:24कि मुसल्मानों को नौकरियों से बाहर कर दो, मुसल्मानों को सरकाली और जो प्राइबेट नौकरियां उन्हें नौकरियां मत दो, आपको
22:34लगता है कि वो त्यवर मुसल्मानों की बाकर हैं, तो आपकी भी मार्ट जाता है
22:39अगर प्रेश में कोई मुसल्मान या कोई अर्पसंचा इसलिए अतरुक्षित मैसूस करता है कि उसकी पुजापदती भी नहीं है तो
22:48हमें हम पर शगमिन्ना होना ज़ाए इसकी सवाल नीट के सवाल से अलग है नहीं है जब तक आपको ये
22:59सिखाया जाता रहे हैं कि ये सवाल
23:01आपके सवाल किसानों के सवाल से अलग है जब तक आपको ये बताया जाता रहेगा कि आपके सवाल
23:10पर सुक्यों को को कि सवाल से अलग है यकीन माने आप तुबी भी अपने सवालों के लिए बी आवाज
23:17नहीं उठाबाये
23:25एक गनतंत्र को अगर बचना होता है तो पूरे नागरिकों के लिए हुना अगर आम हुआ इस नहीं कर पा
23:35रहे हैं तो फिर सवाल हम पर भी उता है
23:39एक छोड़ी सी पार
23:44हाला कि इनमेंसे बहुत कुछ ऐसा है जो मैंने नंदेता अमैम से और उनसे को जूनियर हुई इनवर्सिटी इसलिए पढ़ी
23:56तो धृष्टता ही जाएगा
23:57तेकि मौका मिला है और कई बार सोशल वीडिया आपको बेमद्ब का बेमद्ब की ताकत भी देए
24:04आपको लगता है कि आपको पॉंच बिलियन लोग सब्सक्राइब करते हैं इसलिए आपकी बात शायद सुन लेए अला कि कह
24:13रहा हूं कि जो कुछ ठीका है नंदेता मैम से इसका है इसका संबन्द इस बात से है कि हमारे
24:18हम जब नागरिक अधिकारों के लिए खड़े होते हैं �
24:24इसलिए ये दावा नहीं कर सकता कि जो भी बाते कहूंगा मीथी मीथी कहूंगा है ने अपनी सॉलिडारिटी एक्स्प्रेस की
24:32और मैं उबीद करता हूं कि उससे मेरे इसकी समष्ट हो जाता है लेकिन इसने दो ढ़ाई दर्शकों से लगाता
24:40इन आंदोलों में इन प्रतिर
24:44जोदों में शामिल रहा हूं उसके चलते प्रोडेस्ट लिट्रेसी की बेसिक सी समझ पैदा हूं और मैं आप से शेयर
24:52करना चाहता हूं क्योंकि आप में से बहुत तो गैसे होंगे जिनके लिए आंदोलन पहला आंदोलन नहीं काफी लोग है
25:00तो अगर ये बात थोड़ी सी
25:04या लगे कि नहीं सारे चोबात हमने कही थी आपको नीट पे नहीं बोल रहे हैं लेकि जुरूरी बात तो
25:10कि अभी अभिशेग से बात हो रही थी जानना चाहते हैं कि सर आप तो इस अंदोलन में रहे हैं
25:19आपको इस आंदोलन में क्या और चीज़ याड़ी करने की लग तो
25:24उस लिहाद से कहना चाहते हैं कि यह मत समझ में आती है कि यह आपके भरिवार में कोई इस
25:33परीक्षा में बैठा होगा और आपका निकट कोई इस परीक्षा में बैठा होगा और उसके साथ जब ऐसा हुआ तो
25:39आपको ग्रोध आया होगा आपको ग्रोश पैदा हुआ होगा
25:44और आपको जो हो में उसमें आपको लगा होगा कि सारी दुनिया को फुलेट करते।
25:53But please understand,
25:56अगर आपके तांगों नों में उतरते ही,
25:59तो आपने डिजी गवाग पर जो पायक होया,
26:03डिजी गवाग पर जो आपको प्रोध आया,
26:10तो समय के बाद आपको जब आप इस तरह के नागरिक कतिरोत में शामिल होते ही हैं
26:18और नागरिक कतिरोत में शामिल होना चोइस नहीं है इसा नहीं है
26:29कि आप यहां पर आए और आपसे अभिजीत पर कोई आपसान की आपसे आपसे नागरिक होने के नागरिक होने के
26:43नागरिक होने के आपसा नागरिक होने के आपसा नागरिक होने के आपसा नागरिक होने के आपसा नागरिक होने के आपसा
26:47नागरिक होने के आपसा नागरिक होन
26:59नहां करें कि प्रफिरोंट के जस्थल होते हैं, यह लोगतर समें तील्ट की तरह हो, और आपको उस तील्ट की
27:08शुचिता समझनी चाहिए, अगर आप उस तील्ट की शुचिता समझनी के सिपी नहीं रखें, तो फिर आएए, चार नारे लगाएए,
27:17और चले जाएए, आपका
27:19समर्फन हो, यह किन आगर आप वागए इसे लक्षों तक पहुचाना चाहते हैं, तो कुछ बेसिक सी चीज़े प्रीज की
27:28डाटता है, पहली बाच जैसा मैंने कहा कि ग्रोथ, तकि लोग का स्थाई भाव नहीं है, हिंदी का शिक्षकों जिन
27:39लोगों को स्थाई भाव नही
27:40समझ भीजे, हर रसका एक स्थाई भाव, इसका मैंने के में थीव, लेकि अगर, इंगर is not the central theme
27:52in democratic protest, it is not, क्योंकि एंगर किसकी थीव होती है, एंगर दंगों की थीव होती है, आप दंगा
28:02करने नहीं आए हैं, खले ही घर्में दप्रमार, आपको कितनी बार पहशत गर्दों
28:08क्यों की बीट GB कहें, वो बताये कि आप नहीं है, उभी बता है कि आप रहें हैं प्र quêयों
28:16की बीट्इन नहीं हैं, आपको यह भी पताए कि ना तो नफरत, ना ख्रोध, इवन शक्त्रू के विखिलाः उभी ना
28:25नफरत, नफ्रोध
28:26यह आपके सतिरोंद का स्थाई भाव नहीं है, आप कुछी किस स्थाई भाव है क्या, हम किस जोश्ट किस भाव
28:34से आएं, इंदी का शिक्षा को फिर से वहीं जाओंगा, वीर्ता है, और वीर्ता का स्थाई भाव कौन जानता है,
28:42क्या होता है, वीर्ता का स्थाई भाव है, उ
28:57कि अगर वुष्पहस से भरा हुआ है उसका थिकाने पर रोगा और उसे पता हो क्म शत्रु है कहां शत्रु
29:06कुई युट नहीं है
29:09जैसा वर उनिपार्श की युनिपॉंद दूसरी है और आपको नहीं पता कि आपका शत्रु कौन है
29:20लेकिल उस्वा, उस्वा चीज है जो आपको आप इसे अंततत लेकर जाते हैं, उसे आवेर, क्या इसका मत्तब यह है
29:32कि हम पायूस होकर, निरास होकर एक्टम मुर्दनी से भरे हुए चहरे के साथ संगर्श कर सकते हैं, नहीं कर
29:38सकते हैं, आपके संगर्श में वो जोश आपक
29:50मुझे मताया था, शिप्रटेस्ट में है, इसन जो आप इस नहीं होता है , उसके अंदर संगीत होना चाहिए ,
30:07उसके अंदर नयच्छ से होना चाहिए, उसके पसंद कर होनी चाहिए , हाव होना चाहिए
30:16आपका साथी देखें, आप उसे देखें और परचाने लगता है इसे पानी की सुन्रत, आपके पास पानी की बॉटल है,
30:22वो अपने आप उसकी तरफ चली जानी चाहिए
30:25जब तक आप इस सहभाब के साथ, इस उसा के साथ
30:29प्रतिरोज नहीं करेंगे तब तक आपके अरज़ा प्रतिरोज की जो
30:32बेसिक लिट्रेसी है, उसका आप हाब दिखाइएए
30:36इस व्रहिए ये जो पिसेंग आप कर रहे हैं, ये डिमोक्रेसी की आपका एक उसम है
30:42इस उसर में आप शामिल है और केवल आप शामिल नहीं
30:45आपको लगता है कि वर्दी में जो पुलिस वाले जो सुरक्षा कफ़ी यहां है
30:50वो कोई विरोगी है
30:52उनके भी तो बच्चे यही परीक्षा दे
30:56उनका भी तो सब्था यही कॉंस्टर को ने कैसा ही
31:00अधिक सरी की सोचेगा ना कि मेरा बेटा भी
31:03एंतिन नीट की परीक्षा दे डॉक्टर बन जाए
31:06जैनी की परीक्षा दे इंजीनियर बन जाए
31:09यूपीएसी की परीक्षा दे विजैन चौहं के सामने आके बैटे
31:12वह बहुत आप इंटर्व्यू दे
31:29इन यूपी की परेगा करता है
31:30अधिमर आट से लूपी मिझार और इंटर्वतओ चांच Crispy
31:31अधिमरे दियू होगा है
31:32स कारणस्ते की अधिक से लगाण से सामने बेटा हुआ रिज़ा है
31:37और
31:38तो कॉम स्थ्थिस बेरी जाच करता है
31:42और जब और जो जाना है उसके बाद नमस्ते कर, और क्याता है, सर, मेरा बेटा है, आठवी क्लास में
31:48है, दस्वी क्लास में है, तो आपसे बात करना चाहेगा, हम आपके इंट्रड्यूज देखते हैं, बहुत बश्चन्द, वह अपनी धुमी
31:55नहीं छोटता मेरे लिए, लेक
32:10भूमी का जाएगा, इसमें वो शत्रू नहीं, शत्रू को लगातार एंविसिबल रहेगा, शत्रू को चखरिये, उन्दा निकोबार, शत्रू जाना है,
32:28अगर बज़ए, ये एक लाख चालेस हजार परो जो पूरे नेश्की शिक्षा का बज़ए, उने नेश्की शिक्षी
32:38लोगों बज़एका तो अब समस्थो लोगों को बराबर शिक्षा मिलेगी तो निकोबार शीलना संबब नहीं रहें, इतना अप्तार नोग चेवर,
32:56चैनल रहें, उनकी जिन्दीकी के बाल शुभाय से शान तक अपने बारे में, अपनी जिंदीकी के बेसिक शिस्तिशित,
33:05किसने में खटम हो जाए और वो न देख पाएं, धिकब, धिकब खान पेच दी, तब पानी पेच दिया, तब
33:12निकोबार पेच दी.
33:27अगर आप इस समर में उतरें, अगर आप इस युद्व में उतरें, तो यह मत बानकर चलिए कि इती, तो
33:36जशक तो हम साथियों को होगा, तो यहाद कीजिए कि जिस समय घान को अच्छे साय होगा,
33:42ताकि जिस समय अपर जिपल शिक्षामंत्री थे अपर जिपल अब उनके खिलाफ भी लड़ा कर से और उसी कहां तक
33:50से लड़ा कर से इस पाके से भी करनें तो भूला हो गवर है अपर एपर यूपी वही ले चानाए
33:55इसलिए नीतियों की लड़ाई व्यक्तियों की लड़ाई
34:03आपके सामने नीतियों का जो मूर्जी रूप होता है रही व्यक्ति ही दिए इसलिए व्यक्तियों को उनके पज से हटाने
34:13की मांग लोगत्र में चायज बांग हमें उस मांग से वंचित नहीं किया जा सकता लेकिन हमारे पास वो मिजन
34:20भी है कि हम जाने कि उससे आगे कहां �
34:23यह बहुत आपश्यक बात है इस कुछ चीजों को बताने के बाद एक आखरी हिस्सा इसी प्रोटेस्टिट वेसी से अगर
34:33आपको समझ आए तो प्लीज समझ
34:39एक वाक्या से समझ सब जाते हो तो शाइज क्लियर होगा परी बेटी उस कॉलेज से पढ़ी जिस कॉलेज में
34:45आभा अब शिक्षिका एक दिन फोड़ा लेट घर आती है और जैसा कि पिता पूचते मैंने पूचा कि पेटा कहा
34:53थे तो उसने कहा कि पापा मैं
34:56अटसन लें चली गए ती जिन लोगों को थोड़ा सा जोगरफी पाता है उन्हें पाता है कि मिरांडा हूस से
35:01अटसन लें बहुत दूर नहीं हम लोग पीजा खाने गए थे अंगर गूट कितने लोग गए थे उन्हें कहा कि
35:08आठ लोग गए आठ बंचिया कैसे हुआ गए �
35:16अटसन लोग पीजा खाने चलते हैं अगर वाकर यह ऐसा हुआ कि आज लोग बैठे थे और एक ने कहा
35:35कि पीजा खाने चलते हैं और आठो ने यह कहा कि हम वह सारे चार सो रुपाई का पीजा खा
35:40सकते हैं
35:40तो समझ चाहिए कि तुम गलत समू में हो अगर आपके प्रोटेस्ट समू में सब लोग आप जैसे
36:06अजन कर ऐसे अगर आपका प्रप्रोटेश्या समू डाइवड्स नहीं हैं अगर उसमें धिंद लैङट ता के लोग नहीं अगर उसमें
36:14धिंद धर्भ के लोग नहीं हैं अगर उसमें धिंद
36:34वहाह कर लोग, अल्फ मार्द कर लोग, अल्द जाधी कर लोग, अल्फ नख जाविकार लोग, अल्फ रख शक्र कर लोग,
36:39वर्दा क्या भूदो
36:40वणिख मर जैसे कि आप पहिंगे कि वणपूर का सवाह सहाना
36:43इक तपूरम कोई कोुट कोई हो ठीस्पर
36:46वो एक線 की बाद ज्यूरुरρί सावैद्ड
36:47जो आप कहेंगा की जेंडर का सबाल बाद जोरूरी है
36:50और मीवकर सबाल से जोगता है
36:51वोई कहेंगा यह सबाल लग्या नहीं वीओ तो लग्लेट्ट नहीं से तो भी आपका होँद मानें गी की जरूरूर सम्ह
37:06kleine
37:15अगर आपको युद्ध जीतने हैं, तो आपके सेना में जब तक विवेदता नहीं होती।
37:22आप जीतने नहीं सकते।
37:24क्यों? तोकि एक इस रम्द के लोग, एक ही तरह के लोग, जब सेना बनाते हैं, तो उनमें केवल एक
37:30जैसी नफुरत होती।
37:32नफुरतों से युद्ध नहीं जीते जाते। युद्ध जीतना बहुत प्रेमिल काम तो।
37:39संगर्ष करना प्रदिरोज करना प्रेम से भनी हुई चीज़, नफुरत से संगर्ष जीते नहीं जाते, प्रदिरोज जीते नहीं जाते।
37:53अगर आप खुद से प्रेम करते हैं, अपनी माल से प्रेम करते हैं, अपने चहर से प्रेम करते हैं, अपने
38:00सपने से प्रेम करते हैं, इन सब प्रेमों को छोड़ने वाली बातों को समझते हैं, तब आपको कोई किसी युद्ध
38:10में, किसी संगर्ष में, किसी आंदोलन में हरा �
38:13तर पास तुकि किनी अखा नफरत चाहिए जिए नफरत जींद सब्सक्ति दोर नफरत को जीए सब्सक्वार्ट
38:43Download the One India app now.
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