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जंतर-मंतर पर जारी CJP आंदोलन और हालिया पुलिस कार्रवाई के बाद सियासी माहौल और गरमा गया है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार अपनी कार्रवाई का बचाव कर रही है। इस वीडियो में जानिए लाठीचार्ज के बाद सामने आईं तीन बड़ी चुनौतियां, जंतर-मंतर से ताजा अपडेट, नेताओं के बयान, आंदोलन की मौजूदा स्थिति और आगे क्या हो सकता है। देखिए पूरे घटनाक्रम का आसान भाषा में विस्तृत विश्लेषण और सभी बड़े अपडेट।

The CJP protest at Delhi's Jantar Mantar has taken a new political turn after the recent police action. As protests continue, fresh developments, opposition reactions, legal proceedings, and government responses have intensified the debate. In this video, we break down the three major challenges reportedly emerging for the government, the latest updates from the protest site, statements by political leaders, and what could happen next. Watch the full report for verified developments, ground updates, political analysis, and the latest news surrounding the ongoing CJP protest and Jantar Mantar demonstrations.



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Transcript
00:00दिल्ली के जंतरमंतर से शुरू हुआ एक आंदोलन अब सिर्फ एक धरना नहीं रह गया है।
00:05संसद मार्च के दोरान हुई पुलिस कारवाई के बाद मामला पूरी तरह बदल गया है।
00:10लाठी चार्ज, आसुगैस और प्रदशनकारियों के साथ वी जड़कों की तस्वीरों ने इस आंदोलन को नई पहचान देती है।
00:18जो आंदोलन पहले सिर्फ चात्रों और कुछ सामाजिक संगठनों तक सीमित था, अब वो राष्टी राजनीती के केंद्र में बहुत
00:25चुका है।
00:26सरकार पर सवाल उठ रहे हैं, वीपक्ष खुलकर मैदान में उतर आया है और जंतर मंतर एक बार फिर देश
00:32की सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई का मंच बन गया है।
00:56समझते हैं। सबसे पहले बात करते हैं संसद मार्च से सी जे पी यानि कौकरो जन्ता पार्टी को क्या हासिल
01:02हुआ है।
01:03पहला बड़ा फाइदा ये हुआ कि आंदोलन को उमीद से कहीं जादा जन्समर्थन मिला शुरुआत में जंतर मंतर पर हर
01:11दिन सीमित संख्या में लोग पहुँच रहे थे।
01:13लेकिन जैसे जैसे सोनम वांग्चुक के अंशन की खबरे फैलने लगी और उनकी तबियत बिगरने की चर्चा हुई लोगों की
01:20संख्या बहने लगी।
01:43और प्रदशनकारियों की तस्वीरे भी सामने आई इसके बाद आंदोलन को लेकर लोगों की सहानभूती और समर्थन बहने की बात
01:51कई राजनेतिक विशलेशकों ने कही है।
01:53दूसरी बड़ी बात ये रही कि सरकार और आंदोलन कारियों के बीच पहली बार आपचारिक बात चीत हुई।
01:59लंबे समय से सीजेपी की मांग थी कि सरकार उनकी बात सुने।
02:03संसद मार्च से पहले सरकार की ओर से बात चीत की कोशिश हुई और फिर भाचपा के पूरवर्ध्यक्ष और वर्तमान
02:10में किंद्रे मंतरी जेपी नड़्डा ने सीजेपी के परतनिधियों से मुलाकात की।
02:14आंदोलन की ओर से कई मांगेक रखी गई जिनमें सोनम वांग्चुक को अस्पटाल से रिहा करने, शिक्षा मंतरी धर्मेन परदान
02:22के स्तिफे और आत्महत्या करने वाले नीट शातरों के परिवारों को मुआपजा देने की मांग शामिल थी।
02:28नडड़ा ने मांगो का लिखित ग्यापन लिया और आगे बात करने का भरोसा दिया।
02:33हाला कि बाद में कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया, लेकिन अंदोलन कारियों का कहना है कि पहली बार सरकार
02:40को बादचीत की मेच पर आना पड़ा।
02:42तीसरी बड़ी उपलब्धी विपक्ष का खुला समर्थन माना जा रहा है।
02:46शुरुआत में ये अंदोलन खुद को राजनीतिक दलों से दूर बताता रहा, लेकिन संसत मार्च के बाद तस्वीर बदल गई।
02:54राहुल गांधी और प्रियंका गांधी घैल छात्रों से मिल ने अस्पताल पहुचे, कॉंग्रिस ने प्रधानमंतरी आवास के बाहर प्रदशन किया,
03:01समाज़दी पार्टी, आमादमी पार्टी, राष्टवादी कॉंग्रिस पार्टी और कई दूसरे विपक्षी नेता�
03:08के समर्थन में बयान दिये, चरतपवार, सुप्रिया सुले, अर्विन किजरिवाल, अखलेश यादो और चंशेखर आजाज जैसे निताओं की सक्रियता ने
03:16इस आंदोलन को नई राजनीतिक टाकत दी, अब ये सिर्फ छात्रों का मुद्दा नहीं, बलकि विपक्ष का भी
03:51बड़ा राजनीतिक बुद्दा बन चुका है।
03:53और शिक्षा मंतरी दोनों के स्तीफे की मांग उठाई, इस से राजनीतिक दबाव पहले की तुलना में बढ़ा है।
04:47तो सरकार पर नहीतिक और आजनीतिक दबाव दोनों बढ़ सकते हैं।
04:53अब सवाल ये है कि सरकार आगे क्या कर सकती है।
04:56पहला रास्ता बादचीत का है।
04:58सरकार आंदोलन के प्रत्मिदियों के साथ फिर से बादचीत आगे बढ़ा सकती है और उनकी कुछ मांगों पर समाधान तलाश
05:06रकती है।
05:07इससे तनाव कम करने की कोशिश हो सकती है, हलाकि सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई सपष्ट संकेत
05:14नहीं दिया गया है कि मांगों पर क्या फैसला होगा।
05:17दूसरा रास्ता सक्त प्रशासनिक कारवाई का हो सकता है।
05:20संसत मार्च के बाद पुलिस ने कई मामलों में फायार दर्च की है, इनमें दंगा, सरकारी संपत्ती को नुकसान पहुचाने
05:27और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
05:32अगर इसी दिशा में कारवाई आगे बढ़ती है, तो आंदोलन और सरकार के बीच टकराव बढ़ सकता है।
05:38अब सवाल ये भी है कि CJP की आगे की रणीती क्या होगी।
05:42CJP की संस्थापक अब जीद दीपके का कहना है कि फिलहाल संसत की ओर दोबारा मार्च करने की कोई योजना
05:49नहीं है।
05:50उनका कहना है कि अब सरकार को खुद जंतर मंतर आकर बात करनी पड़ेगी।
05:55उनका आरोप है कि पुलिस कारवाई में छात्रों के साथ अन्याय हुआ और इसी वज़ा से आंदोलन अब पहले से
06:01जादा मजबूत हुआ है।
06:02उन्होंने कहा कि आंदोलन लंबा चलेगा और उनकी मांगे पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
06:08उधर सोनम वांग्चुक ने भी साफ किया है कि वो फिलहाल अपना अंशन खत्म नहीं करेंगे।
06:14उनका कहना है कि जब तक छात्रों के मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाय जाते तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
06:21आंदोलनकारी भी जंतर मंतर पर डटे रहने की बात कर रहे हैं।
06:25अब पूरी तस्वीर देखें तो साफ है कि संसद मार्च के बाद ये आंदोलन एक नए दोर में पहुँच गया
06:31है।
06:32एक तरफ सरकार कानून विवस्था और जाच की बात कर रही है।
06:36दूसरी तरफ विपक्च इसे बड़ा राजनितिक मुद्दा बना चुका है, जंतर मंतर पर भीड लगातार बनी हुई है और अंदोलनकारी
06:43पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
06:46हाला कि ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि सरकार के खिलाफ लगाएगे कई आरोप और राजनितिक दलों के दावे
06:53अपने अपने पक्च में हैं।
06:55पर अलग अलग प्रिक्रियां सामने आई हैं और कई मामलों में जाच या आधिकारिक प्रिक्रिया अभी जारी है।
07:02इसलिए आने वाले दिनों में सबसे एहम बात यही होगी कि बादचीत आगे बढ़ती है ये टकराओ और तेज होता
07:09है।
07:09फिलहाल इतना तय है कि जंतर मंतर से उठी ये लडाई बलकि सड़क तक भी अब विरोत की आवाज उठ
07:16चुकी है।
07:16इस वीडियो में बस इतना ही मेरे नाव वैभो है आप देखते रहिए वर इंडिया।
07:39प्रीजियो में बस ठाव प्राइब बस्ता जाव बस्ता थाव झालाव जड़ती है।
07:55प्रीजियो में बस्ता प्रीजियो जड़ती है।
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