00:00दिल्ली के जंतरमंतर से शुरू हुआ एक आंदोलन अब सिर्फ एक धरना नहीं रह गया है।
00:05संसद मार्च के दोरान हुई पुलिस कारवाई के बाद मामला पूरी तरह बदल गया है।
00:10लाठी चार्ज, आसुगैस और प्रदशनकारियों के साथ वी जड़कों की तस्वीरों ने इस आंदोलन को नई पहचान देती है।
00:18जो आंदोलन पहले सिर्फ चात्रों और कुछ सामाजिक संगठनों तक सीमित था, अब वो राष्टी राजनीती के केंद्र में बहुत
00:25चुका है।
00:26सरकार पर सवाल उठ रहे हैं, वीपक्ष खुलकर मैदान में उतर आया है और जंतर मंतर एक बार फिर देश
00:32की सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई का मंच बन गया है।
00:56समझते हैं। सबसे पहले बात करते हैं संसद मार्च से सी जे पी यानि कौकरो जन्ता पार्टी को क्या हासिल
01:02हुआ है।
01:03पहला बड़ा फाइदा ये हुआ कि आंदोलन को उमीद से कहीं जादा जन्समर्थन मिला शुरुआत में जंतर मंतर पर हर
01:11दिन सीमित संख्या में लोग पहुँच रहे थे।
01:13लेकिन जैसे जैसे सोनम वांग्चुक के अंशन की खबरे फैलने लगी और उनकी तबियत बिगरने की चर्चा हुई लोगों की
01:20संख्या बहने लगी।
01:43और प्रदशनकारियों की तस्वीरे भी सामने आई इसके बाद आंदोलन को लेकर लोगों की सहानभूती और समर्थन बहने की बात
01:51कई राजनेतिक विशलेशकों ने कही है।
01:53दूसरी बड़ी बात ये रही कि सरकार और आंदोलन कारियों के बीच पहली बार आपचारिक बात चीत हुई।
01:59लंबे समय से सीजेपी की मांग थी कि सरकार उनकी बात सुने।
02:03संसद मार्च से पहले सरकार की ओर से बात चीत की कोशिश हुई और फिर भाचपा के पूरवर्ध्यक्ष और वर्तमान
02:10में किंद्रे मंतरी जेपी नड़्डा ने सीजेपी के परतनिधियों से मुलाकात की।
02:14आंदोलन की ओर से कई मांगेक रखी गई जिनमें सोनम वांग्चुक को अस्पटाल से रिहा करने, शिक्षा मंतरी धर्मेन परदान
02:22के स्तिफे और आत्महत्या करने वाले नीट शातरों के परिवारों को मुआपजा देने की मांग शामिल थी।
02:28नडड़ा ने मांगो का लिखित ग्यापन लिया और आगे बात करने का भरोसा दिया।
02:33हाला कि बाद में कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया, लेकिन अंदोलन कारियों का कहना है कि पहली बार सरकार
02:40को बादचीत की मेच पर आना पड़ा।
02:42तीसरी बड़ी उपलब्धी विपक्ष का खुला समर्थन माना जा रहा है।
02:46शुरुआत में ये अंदोलन खुद को राजनीतिक दलों से दूर बताता रहा, लेकिन संसत मार्च के बाद तस्वीर बदल गई।
02:54राहुल गांधी और प्रियंका गांधी घैल छात्रों से मिल ने अस्पताल पहुचे, कॉंग्रिस ने प्रधानमंतरी आवास के बाहर प्रदशन किया,
03:01समाज़दी पार्टी, आमादमी पार्टी, राष्टवादी कॉंग्रिस पार्टी और कई दूसरे विपक्षी नेता�
03:08के समर्थन में बयान दिये, चरतपवार, सुप्रिया सुले, अर्विन किजरिवाल, अखलेश यादो और चंशेखर आजाज जैसे निताओं की सक्रियता ने
03:16इस आंदोलन को नई राजनीतिक टाकत दी, अब ये सिर्फ छात्रों का मुद्दा नहीं, बलकि विपक्ष का भी
03:51बड़ा राजनीतिक बुद्दा बन चुका है।
03:53और शिक्षा मंतरी दोनों के स्तीफे की मांग उठाई, इस से राजनीतिक दबाव पहले की तुलना में बढ़ा है।
04:47तो सरकार पर नहीतिक और आजनीतिक दबाव दोनों बढ़ सकते हैं।
04:53अब सवाल ये है कि सरकार आगे क्या कर सकती है।
04:56पहला रास्ता बादचीत का है।
04:58सरकार आंदोलन के प्रत्मिदियों के साथ फिर से बादचीत आगे बढ़ा सकती है और उनकी कुछ मांगों पर समाधान तलाश
05:06रकती है।
05:07इससे तनाव कम करने की कोशिश हो सकती है, हलाकि सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई सपष्ट संकेत
05:14नहीं दिया गया है कि मांगों पर क्या फैसला होगा।
05:17दूसरा रास्ता सक्त प्रशासनिक कारवाई का हो सकता है।
05:20संसत मार्च के बाद पुलिस ने कई मामलों में फायार दर्च की है, इनमें दंगा, सरकारी संपत्ती को नुकसान पहुचाने
05:27और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
05:32अगर इसी दिशा में कारवाई आगे बढ़ती है, तो आंदोलन और सरकार के बीच टकराव बढ़ सकता है।
05:38अब सवाल ये भी है कि CJP की आगे की रणीती क्या होगी।
05:42CJP की संस्थापक अब जीद दीपके का कहना है कि फिलहाल संसत की ओर दोबारा मार्च करने की कोई योजना
05:49नहीं है।
05:50उनका कहना है कि अब सरकार को खुद जंतर मंतर आकर बात करनी पड़ेगी।
05:55उनका आरोप है कि पुलिस कारवाई में छात्रों के साथ अन्याय हुआ और इसी वज़ा से आंदोलन अब पहले से
06:01जादा मजबूत हुआ है।
06:02उन्होंने कहा कि आंदोलन लंबा चलेगा और उनकी मांगे पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
06:08उधर सोनम वांग्चुक ने भी साफ किया है कि वो फिलहाल अपना अंशन खत्म नहीं करेंगे।
06:14उनका कहना है कि जब तक छात्रों के मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाय जाते तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
06:21आंदोलनकारी भी जंतर मंतर पर डटे रहने की बात कर रहे हैं।
06:25अब पूरी तस्वीर देखें तो साफ है कि संसद मार्च के बाद ये आंदोलन एक नए दोर में पहुँच गया
06:31है।
06:32एक तरफ सरकार कानून विवस्था और जाच की बात कर रही है।
06:36दूसरी तरफ विपक्च इसे बड़ा राजनितिक मुद्दा बना चुका है, जंतर मंतर पर भीड लगातार बनी हुई है और अंदोलनकारी
06:43पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
06:46हाला कि ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि सरकार के खिलाफ लगाएगे कई आरोप और राजनितिक दलों के दावे
06:53अपने अपने पक्च में हैं।
06:55पर अलग अलग प्रिक्रियां सामने आई हैं और कई मामलों में जाच या आधिकारिक प्रिक्रिया अभी जारी है।
07:02इसलिए आने वाले दिनों में सबसे एहम बात यही होगी कि बादचीत आगे बढ़ती है ये टकराओ और तेज होता
07:09है।
07:09फिलहाल इतना तय है कि जंतर मंतर से उठी ये लडाई बलकि सड़क तक भी अब विरोत की आवाज उठ
07:16चुकी है।
07:16इस वीडियो में बस इतना ही मेरे नाव वैभो है आप देखते रहिए वर इंडिया।
07:39प्रीजियो में बस ठाव प्राइब बस्ता जाव बस्ता थाव झालाव जड़ती है।
07:55प्रीजियो में बस्ता प्रीजियो जड़ती है।
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