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  • 1 week ago
पक्षी आजादी के प्रतीक हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला जेल प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है. जेल में अपनी सजा पूरी कर रहे कैदियों को उसने सुधार कार्यक्रम के तहत पक्षियों के लिए आशियाना और दाना-पानी रखने के बर्तन बनाने के काम में लगाया है. इस तरह, कैदी गौरैया और दूसरे पक्षियों के लिए वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए बर्ड हाउस और और बर्ड फीडर बना रहे हैं.  हर किट में क्यूआर कोड होता है, जो उपयोगकर्ताओं को बताता है कि बर्डहाउस को घर या बगीचे में कैसे सुरक्षित लगाएं और उसका रखरखाव कैसे करें। साथ ही इसके जरिए ये जानकारी भी हासिल की जा सकती है कि आपके क्षेत्र में आने वाले अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों के लिए कौन सा दाना सही है. जेल प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन बर्ड हाउस को खरीदकर पक्षी संरक्षण और बंदियों के पुनर्वास अभियान का हिस्सा बनें.

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00:27पक्षी आजादी के प्रतीक हैं।
00:52हर किट में QR कोड होता है जो उपयोग करताओं को बताता है
00:56कि बर्ड हाउस को घर या बगीचे में कैसे सुरक्षित लगाएं और उसका रख रखाव कैसे करें।
01:03साथ ही इसके जरीए ये जानकारी भी हासिल की जा सकती है कि आपके शेत्र में आने वाले अलग-लग
01:08प्रजादियों के पक्षियों के लिए कौन सा दाना सही है।
01:12जेल प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं और आम नागरेकों से अपील की है कि वे इन बर्ड हाउस को खरीद कर
01:19पक्षि संदक्षन और बंदियों के पुनरवास अभियान का हिस्सा बनें।
01:48कैदियों के लिए इस पहल का गहरा मतलब है।
01:51वे इसे उन पक्षियों की मदद करने के मौके के तौर पर देखते हैं जो अकसर खराब मौसम में जुन्दा
01:56रहने के लिए संघर्श करते हैं।
02:00गर्मी के समय में पानी की विस्था नहीं रहती। बारिस में उनको छुपने के लिए जगा नहीं रहती। इसके कारण
02:05ये वड़ाउस का हमको काम मिला है।
02:09इसके बिक्री से लागत के बाद बचने वाली राशी का एक हिस्सा कैदियों को महंताने के रूप में दिया जाएगा।
02:16इससे उनके परिवारों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और जेल से बाहर आने के बाद उनके आत्म निर्भर बनने का रास्ता
02:23भी खुलेगा।

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