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The historic India-EU trade and strategic deal has sent shockwaves across South Asia. But what does this mean for Pakistan? With a $27 trillion market opening for India, Pakistan’s textile industry, exports, and millions of jobs are now at risk.

In this video, we break down:

The key points of the India-EU trade deal

How it affects Pakistan’s exports and economy

The implications for Bangladesh and other regional players

Why Pakistan still has a window of opportunity if urgent action is taken

What the government and businesses should do to survive this challenge

The world is changing, alliances are shifting, and Pakistan’s leadership must act fast. Don’t miss this detailed breakdown.

Watch till the end to understand Pakistan’s next steps!

#indiaeudeal #pakistaneconomy #textileindustry #tradenews #globaltrade #southasia #economiccrisis #imtinanahmad #pakistan #news #foryou #india #facts #currentaffairs #geopolitics

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Transcript
00:00आज से ठीक तीन दिन पहले कुछ ऐसा हुआ जिसने पाकिस्तान की नीद उड़ा कर रख दिये, अमेरिका को गुस्सा
00:06दिला दिये और दुनिया का नक्षा बदल कर रख दिये, इंडिया और योरप ने आपस में 27 ट्रिलियन डॉलर्स की
00:14दील साइन कर लिये, यानि दो अरब �
00:18लोगों की मार्केट सिर्फ एक सिनेचर के अंदर, और सबसे मजे की बात ये, कि ये दील उस वक्त साइन
00:41हुई, जब अमेरिका ने इंडिया को धोका दे दिया,
00:44सिंपल लैंग्विज में इंडिया और योरप ने ये सोचा कि आज से हमारा समान तुम लो, तुम्हारा समान हम और
00:52टेक्स लगभग जीरो, पहले ये नंबर सुनें, जब आप ये नंबर सुनेंगे आपके होश और जाएंगे, इंडिया, योरप को बेचेगा
01:00टेक्स्टा�
01:14तक गिर जाएगा, योरप कार्ज जो इंडिया में बेचेगा, वो पहले एक करोण रुपए की इंडिया में मार्केट में मिलती
01:20थी, अब 40 से 50 लाग रुपए में इंडिया में मिलेंगी, और इंडिया की बनाई हुई शर्ट, जो योरप में
01:262000 रुपए की बिक्ती थी, अ�
01:43हिली बार, काउंटर टेररिजम, साइबर सिक्योरिटी और मिलिटरी कॉपरेशन भी दील का हिस्सा है, मतब इंडिया और योरप अब सिर्फ
01:53बिजनिस पार्टनर नहीं रहे, बलके इंडिया और योरप अब स्ट्रटीजिक एलाइज बन चुके हैं, अब सवाल क्या है, सव
02:11परकिस्तान का क्या लेना देना है, इस दील से बंगलादेश को क्या फाइदा है, क्या नुकसान है और क्या लगता
02:18है, क्या आने वाले दिनों में क्या होने वाला है, कहानी क्या है, आईए समझते हैं
02:31यह कहानी शुरू होती है
02:33फरवरी 2025 में इंडियन प्राइम मिनिस्टर नरेंदर मोधी वाशिंटन जाते है
02:38और वाशिंटन में ट्रम के साथ हाथ मिलाते हैं
02:41दोनों ने कहा कि हम दोस्त हैं ट्रेड बढ़ाना चाहते हैं
02:44और अपनी ट्रेड को 500 बिलियन डॉलर्स पर लेकर जाएंगे
02:48फोटो आप्स हुए, श्माइल्स हुई, सब खुश
02:51लेकिन फास्ट फॉरवर्ड, 6 महीने के बार
02:53अगस्ट 2025 में ट्रम्प ने इंडिया के ऊपर 50% टैरिफ लगा दिया
02:59सीधा 50%
03:01किसी भी मेजर कांट्री पर
03:03यूएस ब्रेजिडेंट डॉनल्ड ट्रम्प ने इतना टैरिफ नहीं लगाया
03:06चाइना के ऊपर 30 सम्टिंग पिसेंट
03:09यूरोप के ऊपर 15%
03:11लेकिन इंडिया के ऊपर सीधा 50%
03:14और अनलिस्ट कहते हैं कि उसके दो रीजन्स हैं
03:17एला रीजन ये कि ट्रम्प ने कहा कि इंडिया रश्यान आईल खरीदता है
03:20जिसके जर्ये रश्या की मदद की जा रही है
03:23दूसरा रीजन ये चुकि आप सब को याद है
03:26कि मैई 2025 में इंडिया पाकिस्तान वार हुई
03:29पहलगा इंसिडेंट हुआ
03:31और ट्रम्प ने तब ये कहा कि मैं बीच में आता हूँ
03:33पीस करवाता हूँ
03:35लेकिन इंडिया ने कहा
03:36according to the analyst
03:37इंडिया ने कहा कि रहने दे
03:39हमें जरूरत नहीं है
03:41और analyst कहते कि ट्रम्प की ego hurt होगी
03:44दिल दुखा है लेकिन तूटा तो नहीं है
03:47लेहाज़ा ट्रम्प ने क्या किया
03:49ट्रम्प ने double the tariff की policy अपनाई
03:52और इंडिया पर tariff लगा दिया
03:54अब जरा आप सोचें
03:55कि इंडिया एक तरफ ये सोचता है
03:57कि हम अमेरिका के दोस्त है
04:00चाइना के against उसके partner है
04:02और वो मुश्किल वक्त में हमारी मदद करेगा
04:05गलत
04:06क्योंकि जब इंडिया को सबसे ज़्यादा मदद की जरूरत थी
04:09तब अमेरिका ने उनके उपर tariff लगा दिया
04:12तो फिर इंडिया ने क्या किया
04:14योरप को फॉन घुमाया
04:16और योरप को कहा कि चलो
04:18deal finalize करते हैं
04:19हमें अमेरिका की जरूरत नहीं
04:2220 साल से लटकी हुई
04:24डील 6 महीने के अंदर
04:26sign हो गई
04:27ट्रंप ने खुद अपने पाउं पर
04:29शायद कुलहाडी मार लिए
04:31लेकिन यह यहां तक
04:33इस कहानी का background है
04:35कहानी का essence नहीं
04:38कहानी का essence क्या है
04:39अब जरा वो समझते हैं
04:42अब इस कहानी में समझते हैं
04:43कि अमेरिका actually कर क्या रहा है
04:46जब यह deal sign हुई
04:4827 जनवरी को
04:49तब उस हफते
04:50उसी हफते
04:52अमेरिका योरप के साथ
04:53अपनी लडाई में busy था
04:55वो green land याद है आपको
04:57green land का drama याद है
04:59या वो सब कुछ भूल गया आप
05:01ट्रम्प ने 8 European countries पर
05:03टैरिफ आइद कर दिये
05:04Denmark, France, Germany, UK
05:07सब पर
05:0810% February में
05:10और 25% June में
05:12क्यूँ?
05:13क्योंकि अमेरिका
05:14green land को खरीदना चाहता है
05:16और योरप बार बार मना कर रहा है
05:18अब यह सारी कहानी की जरा
05:2017 जन्वरी को
05:22ट्रम्प ने योरप पर
05:23टैरिफ अनाउंस किये
05:2519 जन्वरी को
05:26योरप ने emergency meeting बुलाई
05:2821 जन्वरी को
05:30ट्रम्प थोड़ा सा
05:31अपने stand से पीछे हटे
05:33और 27 जन्वरी को
05:35इंडिया EU की डील
05:37आपस में sign हो गई
05:39समझो है आप
05:40कि जब अमेरिका
05:42योरप से लड़ा था
05:43योरप ने इंडिया के साथ
05:46हाथ मिला लिया
05:47US Treasury Secretary
05:49Scott Besant ने
05:50TV पर आकर कहा
05:51कि very disappointing
05:53योरप ने trade को
05:55Ukraine से ज़्यादा
05:56importance दी
05:57लेकिन इसकी असली बात क्या है
05:59असली बात ये है
06:01कि अमेरिका के पास
06:02इंडिया के साथ
06:03deal almost ready थी
06:06June 2025 में
06:08You heard me right
06:10June 2025 में
06:11एक बड़ी fresh deal थी
06:13अमेरिका के पास
06:14और वो deal अब इंडिया को
06:16देना चाहता था
06:17लेकिन Trump ने last minute पे
06:19इंडिया से कुछ extra
06:20concessions बांग ली
06:22और इंडिया ने
06:23उस पर negotiate करने से
06:25इंकार कर दिया
06:26deal रुक गई
06:27और वो points क्या थे
06:29वो concessions क्या थे
06:30वो मैं इस वीडियो में आपको
06:32तफसील से बयान कर चुका हूँ
06:34और अब
06:35Europe ने वही deal ले लिये
06:37एक American lawyer ने
06:38बड़ी प्यारी बात लिखी है
06:40उसने कहा है
06:41अपना analysis दिये है
06:42और वो कहता है कि
06:43Trump's White House is seething
06:45They lost the historic opportunity
06:47The European Union
06:49has stolen the march
06:51America सोचता रहा
06:53कि tariff से
06:54सब line में लग जाएंगे
06:56सब उसकी बात
06:57मानने के लिए तयार हो जाएंगे
06:59लेकिन reality में
07:00सब मिलकर
07:01America को bypass कर रहे हैं
07:03अब इस सारी कहानी में
07:05एक मुल्क है
07:06जिसको शदीद नुकसान है
07:08इस deal से
07:08और वो मुल्क
07:10वो प्यारा मुल्क
07:11हमारा मुल्क
07:13पाकिस्तान है
07:14First of all
07:14Let's call a spade a spade
07:16ये deal पाकिस्तान के लिए
07:17मुश्किल नहीं है
07:18ये deal पाकिस्तान के लिए
07:20इंतहाई मुश्किल है
07:21और पहले इस problem को समझते हैं
07:24पाकिस्तान की economy का
07:2560% export
07:27textile से आता है
07:28shirts, towels, bedsheets, jeans
07:31और इन सबका सबसे बड़ा customer
07:33पता है कौन है
07:34इन सबका सबसे बड़ा customer है
07:37योरप
07:38अब तक पाकिस्तान को योरप में एक फाइदा था
07:40और वो फाइदा ये था
07:42कि पाकिस्तान के पास
07:43GSP plus scheme का status मौजूद था
07:46इसका मतलब ये है कि
07:48पाकिस्तान का सामान
07:49योरप में zero tax पर जाता था
07:51और इंडिया का सामान
07:5312% tax पर जाता था
07:55अब इस दील के बाद
07:56इंडिया का सामान भी
07:580% tax पर जाएगा
08:00यानि पाकिस्तान को होने वाला फाइदा
08:03जो हमारे exporter's को मिलता था
08:05वो फाइदा खतम
08:07पाकिस्तान के former commerce minister
08:09गौहर एजास ने कहा है
08:11कि 9 billion dollars की exports
08:13और 10 million jobs खतरे में हैं
08:1710 million यानि 1 करोड
08:19लेकिन रुको जरा सबर करो
08:21ये भी पूरी picture नहीं है
08:23यहाँ पर दो factors हैं जिनने समझना जरूरी है
08:26नमबर एक
08:27इंडिया की deal implement होने में
08:29एक से दो साल लगेंगे
08:31तो पाकिस्तान के पास
08:33वक्त मौजूद है
08:34लेकिन नमबर दो बहुत जरूरी है
08:36और वो ये है कि पाकिस्तान का problem
08:38इंडिया नहीं है
08:40पाकिस्तान का problem
08:42पाकिस्तान खुद है
08:44बिजली हमारे हाँ 25 रुपाई unit है
08:47जबके वही बिजली का unit
08:48इंडिया में 8 रुपे पर है
08:50गैस हमारे हाँ double rate पर है
08:53टेक्स दुनिया में सबसे ज़ादा है
08:55और infrastructure हमारा पुराना हो चुका है
08:57अगर ये सब कुछ fix हो जाए
08:59तो फिर हम इंडिया के साथ compete कर सकते हैं
09:02लेकिन तब तक
09:03पाकिस्तान को ये सोचने की जरूरत है
09:06कि ज्यादा options नहीं है
09:07पाकिस्तान के पास total 4 options मौझूद है
09:11option number one
09:13पाकिस्तान के पास पहली option ये है
09:15कि EU के साथ अपनी दील को परसू करें
09:18GSP status को GSP plus को
09:21upgrade करके FTA में लाए
09:23उसको convert कराए
09:24foreign office को actively pursue करें
09:27कि वो diplomacy शुरू करें
09:29बात करें
09:30option two ये है
09:31कि पाकिस्तान चाइना का फाइदा उठाए
09:33चाइना के साथ अलड़ी पाकिस्तान का FTA phase 2 में चल रहा है
09:37CPEC का infrastructure मौझूद है
09:39गवादर को
09:41textile hub बना दे
09:43आपकी नसले सवर जाएंगी
09:45और तीसरा option ये है
09:46कि Middle East और Africa इस पर focus करें
09:49UAE, Saudi, Qatar
09:51इनके पास
09:53textile की जरूरत है
09:54इनकी मंडी है
09:56इनको demand है
09:57इस demand को utilize करें
09:58Africa में 1.4 billion लोगों की market
10:01emerging market मौझूद है
10:04और चौती option ये
10:05कि खोदारा
10:06कभी कोई value addition product बना ले
10:09basic कपड़ा बेचना बंद करें
10:12technical textile, sustainable fashion, niche products
10:15इनको बनाना शुरू करें
10:17ताके Pakistan आगे बढ़ सके
10:20दिखें मैं आपको ये नहीं कहता
10:21कि इंदिया ने दील ले ली
10:23तो Pakistan हार गया
10:24Pakistan और خاص तोर पर
10:26मुसल्मान कभी हार नहीं माना करता
10:29इंदिया ने दील ले ली
10:30ठीक है
10:31competition बढ़ गया
10:33ठीक है
10:33लेकिन competition से डरा नहीं करते
10:36competition के बीच में compete किया करते हैं
10:39पर problem ये नहीं है
10:41problem ये है कि हमारी हकूमत सत्तू पी कर सो रही है
10:45गोहर एजास former commerce minister और industry leaders चिला रहे हैं
10:51चीख चीख कर बोल रहे हैं कि खुदारा कोई है सुनने वाला
10:55कोई है जो पाकिस्तान का ख्याल करे
10:58इन सब पर पाकिस्तान के foreign office ने पता है क्या किया
11:01foreign office ते एक बयान जारी किया
11:03और उनकी statement है कि हम योरप से बात कर रहे है
11:07like literally आप बात कर रहे है
11:1020 साल से ये deal हो रही है
11:12चल रही है, रुक रही है, चल रही है
11:14और आप बस बात कर रहे है
11:16आपको इस वक्त emergency economic council की meeting चाहिए
11:21आपको बिजनी पर subsidies announce करने की जरूरत है
11:24textile sector के लिए
11:26योरप को delegation भेजने की जरूरत है
11:28active diplomacy करने की जरूरत है
11:30ये crisis है
11:33और crisis के अंदर leadership नजर आने चाहिए
11:36जो अभी तक तो नजर नहीं आ रहे है
11:39लेकिन पाकिस्तान के इलावा एक और मुल्क है
11:41जिसका इस पूरी डील में सबसे जादा नुकसान है
11:45शयद पाकिस्तान से भी जादा
11:46और वह मुल्क हमारा भाई
11:49Bangladesh है
11:50अब बात करते हैं Bangladesh की
11:52Bangladesh का मसला अलग है
11:54क्योंकि वो पहले से ही बहुत से मसाइल का सामना कर रहा है
11:57अब ज़रा सुनते हैं कि धाका में पिछले चंद दिनों में चल क्या रहा है
12:01पिछले 18 महीने के अंदर बंगला देश में 800 से ज़ादा फैक्टरीज हैं
12:07गार्मेंट की फैक्टरीज है जो बंद हो चुकी है
12:10पुलिटिकल अंड्रस चल रहा है लेबर स्ट्राइक पर है
12:14एंटाइ इंदिया प्रोटेस्ट हो रहे हैं बिजली का क्राइसिस है
12:18और इसके अंदर घाजीपुर, सवार, नारायन गंज
12:22ये सब इंडस्ट्रियल हब्स हैं बंगला देश के
12:25और इनके अंदर प्रोटक्शन 50 फीसद से गिर चुकी है
12:28टॉमी हिल्फिगर, कैल्वन क्लाइन, हेच अनेम
12:31ये सब ब्रैंग्प्राइब्स बंगला देश से ओर्ड़र्स तयार किया करते थे
12:35लेकिन अभी अपने ओर्डर्स को शिफ्ट कर रहे हैं
12:38और इंट्रस्टिंग बात पता है कि है
12:39इंट्रस्निग बात ये है कि बंगलादेश अपना 78 फीसद
12:4478% yarn
12:46इंडिया से इंपोर्ट करता है
12:48मतलब ये कि उनकी
12:51textile industry इंडिया के
12:53raw material के उपर dependent है
12:55अब अगर इंडिया को
12:57EU में zero tax
12:59मिल जाता है तो वो
13:01अपना yarn खुद यूज करके
13:03finished good योरप में भेचेगा
13:05बंगला देश को
13:06double नुकसान होता है और वो दो तरीके
13:09से मारा जाता है पहला raw material
13:11की supply में वहाँ पर दिक्कत
13:13आती है वहाँ पर मुश्किलात आती है
13:14और उसके बाद market में
13:16competition result ये है कि
13:18European Union के अंदर बंगला देश का
13:21market share था 21%
13:23governments के अंदर और
13:24analyst कह रहें कि अगले 5 साल में
13:26ये 21% से
13:2812-13% के बीच में आ जाएगा
13:314 करोड लोग हैं
13:33बंगला देश में जो directly या
13:35indirectly गार्मेंट की
13:36industry से जुड़े हुए हैं
13:38उनकी नौकरियों को उनके
13:41livelihood को उनके रोजगार
13:43को खत्रा आ जाता है
13:44ये दील बंगला देश के लिए
13:46इंताहाई मुश्किल है
13:48क्योंकि बंगला देश को अपनी industry
13:50बंद होते वे नजर आती है
13:52लेकिन यहाँ पर बहुत सारे ऐसे भी लोग
13:54हैं, यूट्यूबर्स हैं, बहुत से
13:56analyst हैं, specially इंडिया से हैं
13:58जो शोर करकर के मीडिया पर कह रहे हैं
14:00कि ये जो deal है, ये
14:02mother of all deals है
14:03रुके ज़रा, सबर करें, पहले
14:06सुन लें कि ये deal
14:08इंडिया के लिए अच्छी तो है
14:10लेकिन इतनी भी अच्छी नहीं है
14:12ये deal good है
14:14पर you cannot say कि ये
14:16deal great है, और अगर
14:18इतनी ही अच्छी थी, तो फिर 20
14:20साल में पहले क्यों नहीं sign हो गई
14:22Atlantic Council, which is
14:24a think tank in America, वो कहता है
14:26कि this deal may have only
14:28a modest impact, early
14:30press reports are breezy
14:32skipping through reality
14:34और reality क्या है, कमजोरिया
14:36क्या है इस deal की, पहले वो समझते हैं
14:39पहली कमजोरी ये है कि
14:40इस deal के अंदर कोई
14:42agricultural part शामिल नहीं है
14:44यानि agriculture deal से
14:46बाहर है, dairy, sugar
14:48rice, poultry, कुछ
14:50नहीं मिला इंडिया को
14:5144 पीसद Indian farming
14:54इसमें शामिल है नहीं है, उनको
14:56क्या मिला, zero
14:57दूसरा point ये, कि European Union
15:00का carbon border tax
15:02CBAM, इंदिया के steel
15:04और cement पर लगेगा, ये deal
15:06में कोई relief नहीं है, और
15:08Indian heavy industry को, इससे
15:10billions का नुकसान होगा
15:12और तीसरा point जो समझने वाला है
15:14वो ये कि intellectual property
15:16rights, European Union ने
15:18strict IPR demand किये
15:20यानि इंदिया को
15:21IPR, वो strict intellectual
15:24property rights को adhere करना
15:26पड़ेगा, इंदिया की generic
15:28medicine की industry है, जो
15:30पूरी दुनिया को दवाईयां देती है
15:32अब वो industry खतर में पड़ेगी
15:34और चौथा point ये, कि
15:36deal अभी sign हुई है
15:38implement नहीं हुई
15:40parliamentary approval चाहिए दोनों
15:42तर्व से, 2027 तक
15:44शायद ये लागू हो जाए
15:46और जो पांचवा point आपके लिए
15:48समझना ज़रूरी है, थोड़ा technical
15:50है, वो ये कि European Union ने
15:52पहले इंदिया से GSP का
15:54status वापस ले लिया, और जनवरी
15:562026 में ये deal sign कर ली
15:58मतलब पहले preference
16:00खतम की और उसके बाद
16:02deal कर ली, अब अगर इस time period में
16:04दो साल लग जाते हैं, इसको
16:06implement होते हुए, तो ये दो
16:08साल का period पाकिस्तान को
16:09मिल जाता है, ये grace period है
16:12कि जिसमें आप चाहें तो आप
16:14क्या कुछ नहीं कर सकते हैं, so
16:15cut the whole story short, मतलब
16:18ये है कि ये deal इंदिया के लिए
16:20good है, पर ये इंदिया
16:22के लिए great नहीं है, मीडिया
16:24में धूम कुछ जादा ही मच चुका
16:26है, लेकिन एक बात तो है
16:27कि European Union और इंदिया
16:30की deal आपको कुछ बताती है
16:32और वो आपको बताती है
16:33एक pattern, अब इस pattern को
16:35समझने की जरूरत है, पिछले
16:376 महीने में देखें कि exactly
16:39हो क्या रहा है, इंदिया ने
16:41UK के साथ deal sign कर ली, फिर
16:43इंदिया ने Oman के साथ deal sign कर ली
16:45फिर इंदिया ने New Zealand के साथ
16:47deal sign कर ली और फिर
16:49इंदिया ने Switzerland और
16:51Norway के साथ deal sign कर ली और
16:53उसके बाद, इंदिया ने European
16:55Union के साथ भी deal sign कर ली
16:57मतलब पूरा Europe
16:58अब इंडिया के लिए open है और उसी वक्त कैनिडा ने चाइना के साथ trade deal sign की, European Union
17:08ने South America के साथ deal sign की और BRICS countries dollars का alternative discuss कर रहे हैं।
17:14आप patron समझ रहे हैं। patron यह है कि दुनिया अमेरिका से दूर जा रही है।
17:20पहले अमेरिका की economy दुनिया का center हुआ करती थी। सब अमेरिका की market चाहते थे, dollar चाहते थे, अमेरिका
17:28की approval चाहते थे, अब सारे countries मिलकर अमेरिका को ही कह रहे हैं कि thanks but we have other
17:35options available।
17:36Trump ने सोचा कि tariff के नाम पर सब को line में लगा दिया जाएगा पर हकीकत यह है कि
17:42सब मिलकर अलग system बना रहे हैं।
17:4527 जनवरी 2026 को history बनी, 27 trillion dollars की market open हुई, दो अरब लोगों के लिए एक deal
17:54sign हो गई।
17:55India ने दिखा दिया कि जब America ने धोका दिया तो उन्होंने एक नई option को explore करना शुरू किया
18:03लेकिन इसके उपर अभी America का retaliation आना है।
18:08Europe ने दिखाया कि जब America unreliable partner बनेगा तो हम नए systems को, नए निजान को बनाने की और
18:15ढूंडने की कोशिश करेंगे।
18:17और Bangladesh जो पहले ही crisis से गुजर रहा है, शायद इस deal के बाद मजीद crisis से गुजरेगा।
18:24और America जिसको analysts कहते हैं कि ये seething है, America tariff लगा रहा है लेकिन दुनिया सुनने का नाम
18:34ही नहीं ले रही है।
18:34और रही बात पाकिस्तान की, तो पाकिस्तान के पास अभी भी वक्त है, resources है, workers है, location है, जो
18:42नहीं है, वो urgency है, जब तक हमारी leadership जागती नहीं है, पाकिस्तान की industry मरती रहेगी और लोग बेरोजगार
18:53होते रहेंगे।
18:54दुनिया बदल रही है, इंदिया बदल रहा है, योरप बदल रहा है, अमेरिका का रोल बदल रहा है, सवाल ये
19:00है कि पाकिस्तान कब बदलेगा और ये फैसला हमने कल नहीं, ये फैसला हमने आज करना है।

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