Skip to playerSkip to main content
  • 4 hours ago
New EPF Scheme 2026: केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए नई गाइडलाइंस नोटिफाई कर दी हैं। अब केवल ₹1,800 प्रति माह का पीएफ योगदान ही अनिवार्य होगा, जिससे आपकी इन-हैंड सैलरी तो बढ़ सकती है, लेकिन क्या इससे आपकी भविष्य की बचत पर खतरा मंडरा रहा है?
नौकरीपेशा लोगों और देश की सभी प्राइवेट कंपनियों के लिए श्रम मंत्रालय की तरफ से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए 'कर्मचारी भविष्य निधि योजना 2026' (EPF Scheme 2026) को लागू कर दिया है। इस नए नियम के तहत वैधानिक वेतन सीमा (Wage Ceiling) के आधार पर अब कर्मचारी और नियोक्ता दोनों की तरफ से केवल ₹1,800 प्रति माह का बुनियादी योगदान ही कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। इसके ऊपर का कोई भी अतिरिक्त पीएफ योगदान अब कंपनियों और कर्मचारियों के लिए पूरी तरह से वैकल्पिक (Voluntary) बना दिया गया है।

इस ऐतिहासिक कदम का सीधा असर आपकी हर महीने मिलने वाली टेक-होम या इन-हैंड सैलरी (Take-home Salary) पर पड़ेगा। जो कंपनियां अब तक वास्तविक बेसिक सैलरी पर 12 प्रतिशत पीएफ काटती थीं, वे अब इसे ₹1,800 पर सीमित कर सकती हैं, जिससे कर्मचारियों के हाथ में नकदी (Cash in Hand) बढ़ जाएगी। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगर अतिरिक्त योगदान को रोक दिया गया, तो लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा कम होने से कर्मचारियों का अंतिम रिटायरमेंट कॉर्पस (Retirement Fund) काफी घट सकता है।

About the Story:
The Central Government has officially notified the new Employees' Provident Funds (EPF) Scheme 2026, marking a significant overhaul in pension and savings guidelines. Under the new framework, the mandatory EPF contribution for both employees and employers has been limited to ₹1,800 per month, making any additional contribution purely voluntary. While this move is expected to boost the monthly take-home salary of salaried individuals, experts warn of a potential reduction in the long-term retirement corpus. Additionally, a strict 20-day deadline has been mandated for PF claim settlements, failing which financial recoveries will be made from negligent officers.

#EPFScheme2026 #EPFONewRules #SalaryHike #PFClaimSettlement

~HT.318~PR.514~ED.276~GR.510~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00अगर आप नौकरी पेशा हैं और आपकी सालरी से हर महीने P.F. कटता है तो ये खबर आपके लिए
00:05बेहद महत्वपूर्ण है।
00:07कर्मचारी भविश्य निधी संगठन यानी E.P.F.O. से जुड़े मियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।
00:12केंद्र सरकार ने नई कर्मचारी भविश्य निधी योजना 2026 को अधिसूचित कर दिया है जो अब पुरानी E.P.F.
00:19स्कीम 1952 की जगह लेगी।
00:22पहली नजर में ये बदलाव कर्मचारीों के लिए राहत जैसा लग सकता है क्योंकि इस से हर महीने हाथ में
00:27आने वाली सैलरी बढ़ने की संभावना है।
00:30लेकिन दूसरी तरफ यही फैसला आपकी रिटायर्मेंट की बचत पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
00:35अब तक ज्यादतर कर्मचारीों की बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा EPF में जमा होता था और कमपनी भी उतना
00:42ही योगदान देती थी।
00:43लेकिन नई नियम के मताबिक कमपनियों के लिए कानूनी रूप से केवल 15,000 रुपे की वैधानिक वेतन सीमा तक
00:49ही 12% योगदान देना अनिवार्य होगा।
00:52यानि कमपनी की तरफ से अधिकतम 1800 रुपे का योगदान ही अनिवार्य रहेगा।
00:57अगर किसी करमचारी की बेसिक सालरी 30,000 रुपे है तो पहले उसके पीएफ में 3600 रुपे जमा होते थे।
01:04अब अनिवार्य योगदान सिर्फ 18,000 रुपे रहेगा। इससे अधिक पैसा पीएफ में तभी जाएगा जब करमचारी स्वयम इसकी इच्छा
01:11जताए।
01:12यानि अब ज्यादा पीएफ जमा करना पूरी तरह करमचारी और कमपनी की आपसी सहमती पर निर्भर करेगा।
01:18इस बदलाव का सबसे बड़ा असर करमचारीों की इन हैंट सैलरी पर दिखाई भी सकता है।
01:22अगर कोई करमचारी अतिरिक्त पीएफ योगदान नहीं चुनता, तो जो रकम पहले पीएफ में चली जाती थी, वो अब वेतन
01:28के रूप में हाथ में मिल सकती है।
01:30इससे हर महीने नकद आय बढ़े भी और ततकाल खर्च या निवेश के लिए ज्यादा पैसा उपलब्ध होगा।
01:36लेकिन यहीं एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है।
01:38क्या थोड़ी ज्यादा इन हैंट सालरी के बदले भविश्य की सुरक्षित बचत कम करना सही फैसला होगा।
01:44विशिशग्यों का कहना है कि पीएफ सिर्फ बचत नहीं बलकि लंबे समय का सबसे सुरक्षित ने वेश माना जाता है।
01:50इपीएफ पर मिलने वाला ब्याज बाजार की तुलना में काफी आकरशक होता है।
01:54अगर कर्मचारी कम योगदान देगा तो रिटायर्मेंट के समय मिलने वाली कुल राशी भी काफी कम हो जाएगी।
01:59नई योजना से कमपनियों को भी रहत मिलेगी।
02:02पहले कई कमपनिया कर्मचारी की पूरी बैसिक सालरी पर बारा प्रतिशत योगदान देती थी, अब उनके ऊपर केवल 18 सरुपे
02:09तक योगदान की कानूनी बाद धेता रहेगी।
02:11इससे कमपनियों को सालरी स्ट्रक्चर तयार करने में ज्यादा लचीलापन मिलेगा और उनकी लागत भी कुछ हद तक कम हो
02:18सकती है।
02:18हालांके कई बड़ी कमपनियां अपने कर्मचारियों को आकरशित करने और बनाये रखने के लिए पुरानी व्यवस्था जारी रख सकती हैं।
02:25सरकार का कहना है कि इस बड़लाव का उद्देश्य कर्मचारियों की बचत कम करना नहीं बलकि 1952 के पुराने और
02:32जटिल कानून को नए श्रम कानूनों के अनुरूप सरल और स्पष्ट बनाना है।
02:36इससे प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी, कागजी काम कम होगा और भविश्य निधी से जुड़े विवादों में भी कमी आने की
02:42उम्मीद है।
03:09नई योजना में एक और बड़ा बदलाव किया गया है।
03:13अगर कोई व्यक्ति आज ज्यादा इन्हेंट सैलरी चाहता है, तो वो कम पीएफ योगदान चुन सकता है।
03:18लेकिन अगर वो भविश्य के लिए मजबूत वित्तिय सुरक्षा चाहता है, तो पहले की तरह अधिक योगदान जारी रख सकता
03:24है।
03:24इसलिए फैसला लेने से पहले सिर्फ आज की सैलरी नहीं, बलकि रिटार्मेंट के बाद की जरूरतों को भी जरूर ध्यान
03:30में रखना होगा।
03:33प्यूट चाहता है जाज की जरूरतों की तरह चाहता है।
Comments

Recommended