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Krishna Janmabhoomi Car Seva: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए संत समाज ने अयोध्या की तर्ज पर कारसेवा का बड़ा ऐलान कर दिया है। लेकिन इस महा-आंदोलन से विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने खुद को अलग क्यों कर लिया? जानिए इस वीडियो में।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का दशकों पुराना कानूनी विवाद अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज और निर्मोही अखाड़े के वरिष्ठ संतों ने एक अहम बैठक के बाद मथुरा में बाकायदा पोस्टर जारी कर जन-जागरण और कारसेवा आंदोलन शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। संतों का दावा है कि यह अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसका उद्देश्य समाज को जागृत करना है।

इस बड़े ऐलान के बाद जहां एक तरफ धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, वहीं राम मंदिर आंदोलन की अगुवाई करने वाली विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस बार संतों की कारसेवा से औपचारिक दूरी बना ली है। विहिप का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं और यह लड़ाई केवल अदालत के दायरे में रहकर ही लड़ी जानी चाहिए। दूसरी ओर, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि इस तरह के कदमों से समाज में ध्रुवीकरण और नफरत का माहौल पैदा हो सकता है।
A major religious and political row has erupted in Mathura after prominent Hindu seers announced a nationwide 'Car Seva' movement for the liberation of Sri Krishna Janmabhoomi, mirroring the historic Ayodhya movement. While the Vishva Hindu Parishad (VHP) has officially distanced itself by favoring the ongoing judicial process, Muslim bodies, including Maulana Sajid Rashidi, have raised concerns over potential communal polarization, shifting the spotlight onto the Places of Worship Act, 1991.

#KrishnaJanmabhoomi #MathuraDispute #CarSevaMathura #SajidRashidi

~HT.178~PR.514~ED.520~GR.538~VG.HM~

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00:13मतुरा में श्रिक्रिष्म जन भूमी को लेकर एक बार फिर देश की राजनीती और धार्मिक विमर्ष गर्मा गया है
00:19संत समाज ने श्रिक्रिष्म जन भूमी मुप्ती के लिए कार सेवा का एलान कर दिया है
00:24चित्रगुप्त पीठा दिश्वर स्वामी सचिदनन महराज और निर्मोही अखाडे के संतों ने मतुरा में बैठक करके बकाईदा पोस्टर भी जारी
00:32कर दिये हैं
00:33और दावा किया गया है कि आंदोलन उसी तरह होगा जैसे कभी अयोध्या में राम जन भूमी आंदोलन हुआ था
00:39इस एलान के बाद जहां हिंदू संगटनों के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाय सामने आ रही हैं
00:45वही मुसलिम पक्ष की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मल रही है
00:48तो अब सवाल सिर्फ एक धार्मिक्स थलका नहीं रह गया है
00:52बलकि कानून, अदालत, राजनीती और सामाजिक सोहार्थ का भी बन गया है
00:58नमस्कार, मेरा नाम हरिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
01:02मतुरा का श्रकृष्ण जनभूमी और शाही इदगाह विवाद आज का नहीं है
01:07ये विवाद कई दशकों से अदालत में लंबीत है
01:10हिंदु पक्ष का दावा है कि जिस स्थान पर शाही इदगाह मस्जिद मौजूद है
01:16वही भगवान श्रकृष्ण की वास्तिक जन्स थली है
01:19उनका कहना है कि मुगलिव शासक और अंग्जेब के शासनकाल में
01:23वहां मौजूद प्राप्षी मंदिर को तोड़ कर मस्जिद का दिर्मान कराया गया था
01:28दूसरी और मुस्लिम पक्ष लगातार इस दावे का विरूत करता रहा है
01:32और कहता रहा है कि शाही इदगाह एक वैद्ध धार्मिक स्थल है
01:37तथा 1968 में दोनों पक्षों के बीच हुए समझोते के बाद ये मामला समाप्त माना जाना चाहिए
01:44यही वजह है कि ये पूरा विवाद फिलहाल नियायालाय में विचारधीन है और अंतिम फैसला अभियाना बाकी है
01:51इसे बीच चित्रगुप्त पिठादिश्वर स्वामी सचिदानन महराज ने एक बड़ा एलान करते हुए
01:56श्रीकृष्ण जन भूमी मुक्ती के लिए कारसेवा आंदोलन शुरू करने की घोशना की है
02:01संतो का कहना है कि या आंदोलन पूरी तरह धार्मिक और शांतिपूर्ण होगा
02:05उनके अनुसार जिस प्रकार अयोध्या आंदोलन के दोरान देश भर के श्रधालूओं ने कारसेवा की थी
02:12उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन भूमी के लिए भी जन समर्थन जुटाया जाएगा
02:18हलाकि अयोध्या का कारसेवा देश में आज भी एक काले इतिहास के तोर पर देखा जाता है
02:24जब बहुत सारे कारसेवा को ने अपनी जान गवादी थी
02:26एक बहुत बड़ा विवाद हो गया था दो पक्षों के बीच बहुत जड़पे हो गई थी
02:31और उसका केस चलते चलते अब जाके वहाँ पर राममंदिर का निर्मान हुआ है
02:35यानिकी सालों की मेहनत तो अगर ऐसा ही कुछ मतुरा में भी आयोजित करने की कोशिश की जा रही है
02:41तो कहीं न कहीं देश में एक और बड़ा बबाल सामने आ सकता है
02:46संतों ने बकाइदा पोस्टर जारी करके लोगों से बड़ी संख्या में मतुरा पहुँचने की अपील की है
02:51निर्मोही अखाडे ने भी इस अभ्यान का समर्थन किया है
02:54अखाडे के संतों का कहना है कि श्रकृष्म जर्म भूमी हिंदूों की आस्था का केंद्र है और उसका समधान होना
03:01चाहिए
03:01हाला कि संतों के भीतर भी इस बात पर अलग-अलग राय है कि आंदोलन का स्वरूप क्या हो और
03:08कानून का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाए
03:11इस पूरे घटना क्रम के बीच सबसे दिल्चस्प्रक्रिया विश्व हिंदू परिशद की रही है
03:17रामंदिर आंदोलन में सबसे एहम भूमी का निभाने वाली विश्व हिंदू परिशद ने इस बार संतों द्वारा घोशित का अरसेवा
03:23के आपचारिक दूरी बना ली है
03:25विखिप का कहना है कि श्रुक्रिष्म जनभूमी का मामला अदालत में लंबित है और संगठन न्याईक प्रक्रिया का सम्मान करता
03:32है
03:32संगठन का मानना है कि किसी भी प्रकार की कारवाई कानून के दायरे में रहकर ही होनी चाहिए
03:38इस बयान के बाद राजनितिक गल्यारों में ये चर्चा भी शुरू हो गई है कि आखिर राम मंतिर आंदोलन का
03:44नितर तो करने वाला संगठन इस बार प्रत्यक्ष रूप से आगी क्यों नहीं आ रहा
03:50उधर सत्त समाज का कहना है कि उनका उदेश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं है बलकि जन जागरन
03:57करना है
03:58उनका दावा है कि कारसेवा का अर्थ केवल निर्मान कारे नहीं होता बलकि समाज को किसी धार्मिक उदेश्य के लिए
04:04संगठित करना भी कारसेवा का ही हिस्सा है
04:07हलाकि आलोचको का कहना है कि इस तरह के आवाहन से सामाजिक तनाव पढ़ सकता है और कारून विवस्था की
04:14चुनोती खड़िक हो सकती है
04:16रस्वेच और इंडिया इमाम एसोसियेशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी इस पूरे घटना करम पर तीखी प्रतिक्रिया दी
04:24है
04:24उन्होंने आरोप लगाया है कि इस तरह के कारसेवा आवाहन देश में नफरत फैलाने का प्रयास है
04:30उन्होंने कहा कि अतीत की घटनाओं को दोराने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और किसी भी विवाद का समधान अदालत
04:37तथा सम्मिधान के दाएरे में रहकर होना चाहिए
05:00पाक्षा ऐसा बताएं जिसने जाकर अपने हाथ से किसी मंदिर को तोड़ा हूँ
05:08पहले संच्छे इस्वी में जो हिंदु राजा थे, वो फुद मंदिरों को तोड़ते थे, मौर्टियों को खंड़न करते थे
05:17उसके बाद में मौगलों के टाइम में जो उनके सेना पती थे, वो जाकर मंदिरों को तोड़ते थे, मौर्टियों को
05:24खंड़ते करते थे
05:24अब राममंदिर में जो कुछ हो रहा है ये सब कुम लोग हैं किसकी ऑुलाद हैं बाबर कि हैं औरंग्जेव
05:35की हैं जहांगियर की हैं किसकी ऑुलाद हैं
05:38ये सब हिंदोस्तान का हरा अदमी देख रहा है और पूरी दुनिया देख रही है कि ये सब मुस्लमानों को
05:45बदनाम करने के एक नापाक साधिश है और जान बोच कर इस तरह के कार सेवा फ़ला सेवा सवाल ये
05:51है कि जो चीज हुई नहीं उसके लिए बाकाईदा इतना बड़
05:55जब राम मंदिर के लिए रत्यात्रानी के लिए थी बावल मसिभ टूपी थी इतने लोगों की जाने गई थी अब
06:03फिर कुछ लोगों को इसी तरह से मारने की इन लोगों की तियारी है
06:11राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर के विश्वे हिंदू परिषद की बैठक अब आयोध्या की जगे बदल करके नहीं दिल्ली
06:19में होने जा रही है
06:33देखें विश्वे हिंदू परिषद एक ऐसा नाम है जब से राम मंदिर अंदुलन हुआ और अब तक यह हमेशा संदे
06:45के घेरे में रहा है
06:47उस वक्त में चौदा सो करोड रुपया जो रत्यासरा के टाइम में एकटा हुआ था उसका हिसाब इन्होना अभी तक
06:56नहीं दिया
06:57अब जो राम मंदिर में चंपतराय को साफ तोर से देखा जा रहा है राम मंदिर शूरी में
07:05कुछ में कहीं न कहीं विश्व परिश्य को किलिंचिक देने के लिए कुछ इस तरह की गतिविदी होने जा रही
07:12हैं
07:13विश्व हिंदु परिश्ट को कहा जाएगा कि नहीं, यह ठीक है।
07:16और चंपत राय को भी कहा जाएगा कि नहीं, वो तो बिल्कुल पाक साफ है, दूर की भूले हैं।
07:21उनोंगे कुछ नहीं किया।
07:23और चमपत्राय जान भूजकर अपने आपको अभी विश्व हिंदु परिश्ड से दूर रखना चाहते हैं।
07:29जो कि विश्व हिंदु परिश्ड का नाम आते ही बहुत सारी चीज़ें देश में लोगों की नजरों में आ जाती
07:35हैं।
07:36और कही नगी फिर वो चौदासो करूर वाला मसला और यह नया मसला यह सारा जोड़कर कही नगी विवाद हो
07:42सकता है।
07:43जब पत्राय खुशार आदमी हैं। इसलिए जान भूजकर अपने आपको थोड़ा लग किये हुए।
07:48राम मंदिर चंदा घोटाले मामले में एसाइटी के जाच स्टेज होने के बाद पुलीस को जेल में बंद पांच आरोपियों
07:56के साथ पूजताच करने की अनुमती जो एवो कोर्ट में देती हैं।
08:02क्या को चुनिक करते हैं।
08:04मैंने पहले भी कहा है, मैं अब भी कह रहा हूं।
08:07कि जो लोग पकड़े गये, जिनके फ़यार हुई है।
08:11ये छोटे लोग हैं, छोटी मचलिया हैं।
08:14बड़ी मचलियों को बचाने के लिए इनको लुखमो बनाया गया है, इनको पकड़ा गया है।
08:19ताकि जो बड़े लोग हैं, उनके नाम ना सके।
08:22इसलिए पुछताच में कि क्या निकलेगा।
08:25कुछ गरीब लोगों को पैसे का लालच देकर कह दिया जाता है।
08:30दो-चार महीने तुम जियर में रहनी ना, हम तुम्हारी मदद करेंगी, फला होगा।
08:34बस यह है कि उनका नाम नहीं आएगा।
08:37अब अपने उपर सब कुछ ले लेना।
08:40ऐसा तो देश में होता आया है।
08:42और यही कहानी अब यहां भी चल रही है।
08:45कि इन छोटे लोगों को पगड़कर यह बताने और दिताने की पुर्णित की जा रही है।
09:03मुलाना साजद रशीदी ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि इतिहास को चुनिंदा तरीके से पेश किया जा
09:09रहा है।
09:10उन्होंने कहा कि मंदिरों को लेकर जो दावे किये जा रहे हैं उन पर इतिहास कारों की अलग अलग राय
09:15रही है।
09:16और पूरे समुदाय को इसके लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
09:21उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का इस्तिमाल करके समाज में धुरुविकरन की राजनीती करना चाहते
09:28हैं।
09:29मौलाना रशीदी ने अपने बयान में विश्व हिंदू परिशद और राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों का उलेग भी।
09:59इस बिलीची राजनीतिक दल भी इस पूरे घटना करम पर नजर बनाये हुए हैं।
10:03एक और कुछ नेता संतों की मांगों के समर्थन में बयान दे रहे हैं।
10:07तो दूसरी ओर विपक्षी दलों का कहना है कि धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाब के लिए इस्तिमाल नहीं किया जाना
10:14चाहिए।
10:15विशली शको का मानना है कि श्रकृष्ण जन्भूमी का मुद्दा आने वाले समय में राष्टिय राजनीति का बड़ा विशय बन
10:22सकता है यूकि इसका सीधा संबंध करोडों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
10:27मथुरा प्रिशासन भी इस घटना करम को लिकर पूरी तरह सतरक है। स्थानिय प्रिशासन और सुरक्षा एजन्सियां लग अतार स्थिति
10:34पर नजर रखे हुए।
10:35किसी भी संभावित भीर, प्रदर्शन या कानून विवस्था की स्थिति से निपटने के लिए अतरिक्त सुरक्षा इंतजाम किये जा रहे
10:43हैं।
10:44तरुशासन का कहना है कि नियायाले में लंबे तमामलों को देखते हुए किसी भी प्रकार की अवैद गतिविधी की अनुमती
10:51नहीं दी जाएगी और कानून के अनुसार कारवाई होगी।
10:55फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये कारसेवा किवल धार्मेक प्रतिकात्मक कारेक्रम बन कर रहे जाएगी या फिर
11:03ये देश व्यापी आंदोलन का रूप लेगी।
11:05संथ समाज अपने संकल्प पर अडिक दिखाई दे रहा है जबकि दूसरी और मुस्लिम संगठानी से सामाजिक सौहार्थ के लिए
11:11चुनोती बता रहे हैं।
11:13ऐसे में अब सबकी निगाहें अदालत की प्रक्रिया, रुशासन की रणीती और दोनों पक्षों की आगामी गतिविध्यों पर टिकी हुई
11:20है।
11:43पैदा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन जान बूच कर ऐसे मुद्दों को आगे बढ़ा रहे हैं जो से
11:48समाज में धार्मिक धुरुविकरन बढ़े।
11:51उनके मुताबिक एतिहास को चुनिंदा तरीके से प्रस्तूत करके वर्तमान पीडी के सामने ऐसा नरेटिव तयार किया जा रहा है
11:57जिससे दो समुधायों के बीच अविश्वास पैता हो।
12:02मुलाना रशीदी ने अपने बयान में ये भी कहा कि किसी भी धार्मिक विवाद का समधान अदालत के जरीए होना
12:07चाहिए ना कि सड़क परांदोलन या फिर कारसेवा के जरीए हो।
12:11उनका कहना है कि भारत का समिधान सभी नागरिकों को बराबरी काधिकार देता है और किसी भी विवादित धार्मिक स्थल
12:18पर अंतिम फैसला नयायपाली का ही करेगी।
12:21उन्हों लोगों से शांती बनाय रखने की अपील करती हुए कहा कि किसी भी उकसावे में आने से बचना चाहिए।
12:28हलाकि संत समाज का कहना है कि उनका आंदोलन किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है।
12:32उनका दावा है कि ये केवल भगवान श्रीकृष्ण की जनस्थली को लेकर आस्था का प्रश्ण है।
12:38संतो के अनुसार यदि अयोध्या में वर्षों पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है।
12:44तो मतुरा और काशी जैसे मामलो पर भी न्याईक प्रक्रिया के माध्यम से समधान संभव है।
12:50उनका कहना है कि कार सिवा का उदेश्य अदालत पर दबाब बनाना नहीं बलकि समाज को अपनी धार्मिक मानियताओं के
12:56प्रती जागरूप करना है।
12:58यही पर ये विवाद कानूनी रूप से भी विहद महत्यकोन हो जाता है।
13:02श्रक्रिश्म जन भूमी और शाही इद्गास जुड़े कई मुकदमी अलग-अलग अदालतों में विचारा धीन है।
13:07इनमें पूजा के अधिकार, धार्मिक सनरचनाओं के एतिहास, भूमी स्वामित्व और सर्वेक्षन जैसे कई मुद्दे शामिल है।
13:15अदालतों में हिंदु पक्ष की ओर से विभिन नयाच जिकाएं दाखिल की गई हैं।
13:47जबकि मुसलिम पक्ष इन दावों का विरोध कर रहा है।
13:51कई आचिकाओं में इस कानून की समयधानिक वैदेता को भी चुनौती दी गई है।
13:56इसके यह मामला किवल धार्मिक नहीं है, बलकि समयधानिक बहस का भी विशय बन चुका है।
14:04तो यह पूरा मुद्दा आने वाले समय में और अधिक चर्चाओं में रह सकता है।
14:09उतरप्त देश सहित कई राज्यों में धार्मिक और संस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे लगतार राजुनितिक विम्मर्श का हिस्सा बने हुए
14:17है।
14:17राजुनितिक दल खुलकर या परोष रूप से इस विशय पर अपनी अपनी रणनीती बना रहे है।
14:23कुछ दल इसे करोडों लोगों की आस्था से जुड़ा प्रश्म बताते हैं जिबकि कुछ दल इसे चुनावे ध्रुवी करण की
14:29राजुनिति करार देते हैं।
14:32विशेशग्यों का मानना है कि श्रिकृष्ट जनभूमी का मामला आयोध्या से कई मामलों में अलग है।
14:37यहां अदालतों में लंबित मुकद्मों की प्रकृती भी अलग है।
14:41एतिहासिक दस्तावेजों को लेकर अलग-अलग दावे हैं।
14:45और 1968 के समझोते को लेकर भी दोनों पक्ष की व्याख्या अलग है।
14:49इसलिए इस विवाद का समधान भी केवल नियाई प्रक्रिया से ही सम्भूमाना जा रहा है।
14:55सुरक्षा एजिंसिया भी इस पूरे घट्नक्रंप पर लगतार नजर बनाए हुए।
14:59किसी भी संभावित भीर, प्रदर्शन या धार्मिक आयोजन को देखते हुए स्थानिय प्रशासन ने सम्मेदंशील इलागों की निग्रानी बढ़ा दी
15:07है।
15:07सोशल मीडिया पर भी विशेश निग्रानी रखी जा रही है ताकि अब वाहू या भढ़काऊ संदेशों के जरिये महौल खराब
15:14ना किया सके।
15:15प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से समझोता नहीं किया जाएगा और किसी भी प्रकार की अव्यदिगति विधी पर
15:22ततकाल करवाई होगी।
15:24इस बीच इतिहास को लेकर भी बहस तेज हो गई है।
15:27एक पक्ष का दावा है कि मुगलकाल में कई मंदिरों को तोड़कर धार्मिक धांचे बनाए गए।
15:31मस्जिदों का निर्मान किया गया है जबकि दूसरा पक्ष इतिहास के इंदाव को अलग व्याख्या से देखता है।
15:38इतिहास कार भी इस विशे पर एक मत नहीं है। यही कारण है कि अदालतें केवल एतिहासिक पुस्तकों के आधार
15:45बढ़ नहीं, बलकि उपलब्द दस्तावेजों, पुरतात्विक साक्षों, राजस्व अभिलेखों और कानूनी रिकॉर्ड्स के आधार पर निर्ने लेती
15:54मत्रा का यह विवाद किवल एक धार्मिक स्थल्तक सिमित नहीं है। इसका सर्थ समाजिक सद्भाव, कानून विवस्था, न्यायक प्रक्रिया और
16:03राष्ट्य और राजनिती तक दिखाई देता है। इसकी हर बयान, हर आंदोलन और हर कानूनी कदम को बेहत साधानी से
16:10दि�
16:24और सम्विधान के दाइरे में रहने की बात दोरा रहे है। विश्व हिंदू परिशत जैसे संगठनों ने तो फिलहाल न्यायक
16:31प्रक्रिया के सम्मान में बात कही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अलग-अलग हिंदू संगठनों की रणीती भी
16:37पूरी तरह एक जैसी नहीं
16:39है। तो अब सबसे महत्रपूर्ण बात यह होगी कि आने वाले दिनों में अदालतों में सुनवाई किस दिशा में आगे
16:46बढ़ती है। प्रशासन कानून विवस्था को किस तरह संभालता है। और दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोग शान्ती और संबाद का
16:55रास्ता क
16:55इतना मजबूर करते हैं। क्योंकि मत्रा का ये विवाद केवल अतीद का प्रश्ट नहीं है। बलकि भारत के वरतमान और
17:01भविशे की समाजिक संतुलन से भी जुड़ा हुआ विशय बन चुका है। आने वाले समय में श्रीकृष्ण जन भूमी से
17:07जुड़ी हर कानूनी का
17:0912 संतों के आंदोलन, मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक तयारियों पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी। अंदिम फैसला
17:17आदालत का होगा। लेकिन अब तक ये मुद्धा राष्ट्य बहस का केंद्र बन कर रह सकता है। और खास करके
17:23इजिस बीचक
17:24सेवा का ऐलान किया गया है। तो इस मुद्धे पर अब एक बार फिर से पूरे देश की नजर टिक
17:29गई है। आने वाले दिनों में क्या होता है इसका अपडेट हम आपको ज़रूर पूचाएंगे। लेकिन इस मुद्धे पर आपकी
17:34क्या राह है हमें कॉमेंट में ज़रू
17:51झाले पर आपकी क्या है।
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