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दिलजीत दोसांझ की फिल्म Satluj एक बार फिर चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि फिल्म में पंजाब का ऐसा सच दिखाया गया, जिससे कई लोग असहज हो गए। आखिर फिल्म को लेकर विवाद क्यों खड़ा हुआ और इसे लेकर अलग-अलग दावे क्यों किए जा रहे हैं? इस वीडियो में हम फिल्म की कहानी, विवाद की वजह, सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरा मामला समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि क्या वास्तव में फिल्म को रातों-रात हटाया गया था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। पूरी रिपोर्ट देखें और अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताएं। वीडियो पसंद आए तो लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।

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00:02उस समय की जो कांग्रेस की सरकार की उसकी जो गलतियां थी उन गलतियों को ये फिल्म कहीं न कहीं
00:08उजागर कर रही है जैसे कश्मीर फाइल गई तो कश्मीर फाइल देखने के बाद लोगों को पता चला कि कश्मीर
00:15में क्या हुआ ऐसे ही लोगों को पता चले कि पंजाब में �
00:19उस समय उस दौर में क्या-क्या हुआ था, इसको हटाना नहीं चाहिए था, इस मुवी को continue करना चाहिए
00:26था, मेन मोटिव इस से आगर आप इसको positive ले तो फिल्म लोगों को inspire करेगी, दिखे जी चेस्वन सिंख
00:33खालरा जी ने कोई गंत उठाई नहीं थी, चेस्वन सिंख खाल
00:48पहले तो इस मुवी को theatrical release करने की सोची जा रही थी, पर ऐसा नहीं हुआ, फिर CBF ने
00:54127 cuts लगाए और OTT पे डालने की अनुमती दी, लेकिन OTT पे भी आने के बाद, मात्र 48 घंटों
01:02के अंदर-अंदर इस मुवी को हटा दिया गया, और जब मुवी को हटाया गया, तो दिलज
01:18उसको हटा दिया गया, इसी बात पर और चर्चा करने के लिए, राजिंदर सिंग विरासत जी आज हमारे साथ मौजूद
01:24है, सर सबसे पहले तो मैं आपका बहुत-बहुत सौगत करता हूँ हमारे शोपे, सब के आपके चैनल के सारे
01:30दश्कों को मेरी प्यारबरी सरस्टिका
01:36सबसे पहले तो सवाल यहीं से शुरू होता है कि सतलुज पिच्चर के अंदर, सतलुज मूवी की इस कहानी के
01:43अंदर ऐसा क्या छुपा है कि उसको 48 घंटे के अंदर हटा दिया गया?
01:50यह तो देखे सेंसर बोर्ट को वो देखेगा कि उन्होंनों क्या क्यों अटाया लेकिन जहां तक मैं एक चीज यह
01:59कहना चाहता हूं जरूर कि एक जो यह मूवी है यह मूवी उस पीरिड को उस चीज को डिपेक्ट कर
02:09रही है जब स्टेट के पास पावर आती है और स्टेट
02:12किसी मूवमेंट को कुचलने के लिए जाती है तो उस समय जो है उस मूवमेंट को कुचलने के लिए जो
02:20ने दो शादिवियों के उपर तरश्यदत होता है कहीं न कहीं उसको लेकर यह फिल्म जो है वो बहुत बड़ा
02:27एक एक्जांपल सेट करती है तो मेरा ख्याल है कि इस म
02:41समाज को एक जो की अगर आप देखेंगे भारतिय समाज में एक तरफा पहलू रहा है उस पीरिड को उस
02:48काले दौर को दिखाया गया एक तरफा दिखाया गया कि पंजाब में ये खाटकुआ था जी और ये था जी
02:56और वो था तो कहीं न कहीं ये उस नरेटिव को फिलम बिल्�
03:09आगर कर रही है तो इसको मैं तो कहता हूँ कि इस फिलम को आम दर्शनों को देखने देना चाहिए
03:16और कैसा कुछ नहीं है समाज में उससे कुछ भी नेगटिव नहीं जाता जैसे कश्मीर फाइल गई तो कश्मीर फाइल
03:23देखने के बाद लोगों को पता चला कि कश्मीर मे
03:26क्या हुआ और उसके बद केरल जो है केरल के उपर फिल्म आई तो लोगों को पता चला ऐसे ही
03:33लोगों को पता चले कि मजाब में उस समय उस दौर में क्या-क्या हुआ था इस चीज को यह
03:39डिपक जो है फिल्म कर रही है जारा है जी वैसे भी एक कुछ हद तक जस्वन सिंग्�
03:44जी की बायोपिक भी मानी जा सकती है जस्वन सिंग्खालरा जी ने जो जो कदम उठाए उसके उपर यह फिल्म
03:51बनी है सर अब यह मैं जानना चाहूंगा कई लोग तो शायद जानते भी नहीं है कि जस्वन सिंग्खालरा जी
03:56है कौन तो उस पर धोरी रोशनी डालिये और उ
04:14जो हैं वो गदरी बाबों में रहे हैं सदार हरनाम सिंग जी जिन्होंने भारत की आजादी के संगर्श के लिए
04:23अपने प्रांड दी हैं सब तो जस्वन सिंग्खालरा जी उस परिवार से हैं आप दीखें जस्वन सिंग्खालरा जी वो रहे
04:31हैं जिनका जो की पेशे से एक
04:36कॉपरेटिव बैंक को चला रहे थे उसके उसमें काम कर रहे थे और वो उनका कोई ये काम नहीं था
04:43युमनरा Josh � ओपर तो उनों ने ते देखा जब समाज में तश्द्द्द्द जादा हो रहा एक तो उसको लेकर
04:50उनोंने काम किया और लोगों की आम लोगों के हक में निकल के आई कर आ दो कुछ
05:01आज हम देख रहे हैं, उनको पता नहीं कुछ ही ऐसा नेगिटिव उनके खिलाब सर्जा जा रहा है, नेगिटिव नरेटिव
05:09ऐसा कुछ नहीं है, जस्वन सिंग कालरा जी ने उस समय आम लोगों के दिखारों की बात की, हुमन राइट्स
05:15की बात की है, और अपने प्रांड द
05:59जानने पचाने जाते हैं.
06:01डर की बात बताता हूं, मैं आपको अगर उस समय के दोर की बात करें, तो 93 में मेरी शादी
06:09हुई, मैं आपको अपना पर्सनल एक्स्पिरियंस बताता हूं, 93 में मेरी शादी हुई, तो हमारी यह एक रवायत है, कि
06:16आमोस्या में हम लोग हमारी यह गुर्दवारे में मता दे
06:28जाते हैं तो मेरी शादी हुई चांज की बात है और मोस्या खेस्ट में वहां मतुचा टिकने गया अमरी प्रज़तों
06:38कैयोके तरंतांतांतांसाभान में बड़ी बोड़ी मुश्या लगते हैं और मेरी मेरी सब्सक्राइज के
06:57मैंने मिलना हैं तो मैं मौसे जी से मिलने गया तो वहां जाकर मेरी आँख लग गई ठोड़ा सा क्योंकि
07:04सुवेर से निकले हुए तर्थ कावड होगी तो चार बज़े मेरी मेरी में सड़न उठाया मेरे को बोला कि मौसे
07:10जी कह रहे हैं मौसे जी जी ने उठाया और उन्होंन
07:26कि कोई बात नहीं पुलिस का बड़ा पैरा लगा हुआ है कोई ऐसी बात नहीं तो बोले बेटे पुलिस से
07:33भी हमें डर है तो आप ये दिखे 93 की बात है जब आम आदमी मैं एक आम सदारन आदमी
07:41हूँ मैं वहां गया हूँ जो दिल्ली में जमा पला है और अब मैं वहां ग
07:50देशयता है जिनके माता जीः जो इतने बजहर ग कैंज जनके करमें कोई बच्चा नहीं है तो उनके घर उनके
07:56दिमाग में इतनी देशयता है तो आम आदमी के मन में मलब और उस समय पंजाब में कितनी देशयत सरकर्कारी
08:04डपार्टमेंट से भी रही होगी तब지तो ये बा
08:18से समाज को भी पता चलना चाहिए कि उस समय बात एक तरफा नहीं थी मलब सरकार को जब सरकारी
08:27तंत्र को जब खुले आथ मिले उन्हों ने भी उस समय जो है लोगों के उपर जुनमों से तम किया
08:34सर अब इस से ना फिल्म देखने से पहले भी दो पहलों निकल के आते हैं कि ये जो कई
08:40हजार लाशों का सवाल है इसमें पूरे तरीके से पुलिस की गलती थी या इसमें सरकार की भी इंवाल्वमेंट थी
08:48और ये जो आकड़ा बताया जा रहा है जो अफिशल तोर पे आकड़
08:52सामने आया था पहले वो एक दो हजार का था फिर उसके बाद जो कुछ रिपोर्ट सामने आ रही है
08:57जिसके बाद ये मूवी बनी है तो माना जा रहा है कि आकड़ा इससे दस बीस गुना जादा भी हो
09:04सकता है लेकिन इससे एक सवाल भी पैदा होता है पंजाब के लोग अग
09:09लोग अगर गायब होंगे तो जाहर सी बाते लोगों को पता तो लगा होगा अब आप वहां रहे हैं आपस
09:15में आपने देखा है तो आपको क्या लगता है कि वो हजार दो हजार से आकड़ा कहीं जादा बड़ा था
09:21कि जबरदस्ती उनकी जान ले ली गई थी और फिर चु�
09:39लोगों के बिजनर्स जो है फॉटी सेवन में पार्टिशन हुआ और पार्टिशन जो है लाइन पर हम उसी लाइन पर
09:46बैठे 65 की जंग देखी एकत्तर की जंग देखी हम लोगों ने उस समय बहुत सारा जो है ऐसा पीरिड
09:56भी देखा जंगे भी देखी महौल भी देखे ब
10:02वहां पर पंजाब के लोगों में कहीं न कहीं आप देखे फिर भी उनका मौसले देखे उनके जजबात देखे मैं
10:14तो यह कहूंगा उनके जजबे देखे कि उन्होंने भी कभी भी ऐसा नहीं है कि उन्होंने अपने आपको आइसलोर्ट किया
10:23है सोसाइटी से सोसाइटी में
10:25आज भी हिंदू सिख परवार बड़े वहां से रहते हैं, कई उदासियों के डेरे भी हैं, सब कुछ हैं, आप
10:31देखें कोई भी वहां पर ऐसा कॉन्फलिक्ट नहीं रहा, देखें थोड़ा सा तो रहता ही रहता है, और कई चीजें
10:39जहां कोई मुमेट्स चलती हैं, तो वहां
10:55आज तक जो बाती है समाज में एक ही निकल के जाला आती रही है, कि उस समय जो तशद्द
11:01हुआ और वाकई किसी को नजायज मारना गलत है, उसकी ना, कोई भी धरम नहीं इजाज़ देता था और शिक्तरम
11:09तो खासकर उसमें बराबरी का दरजा देखा जाता है, वहां तो कि
11:13किसी भी को भी इंसानियत के दर्जे को सबसे उपर रखा जाता है, और नजायज मारना तो इवन की जंग
11:20में तो हमें ये भी बड़े हमारे बजर्गों ने एक निरेटिव सेट किये, कि देखिए अगर किसी जंगी जखमी है,
11:28तो उसको भी दिश्मन को भी पानी पलाया जा
11:41हम तो जंग भी बाई साथ लोगों को अपने दिश्मन को भी खाना खिलाते हैं और पानी पलाते हैं, तो
11:48हमारे ये यहां इमानिटी की बात को बहुत ही पहल दी जाती है, तो आप ये देखिए, फिर भी अगर
11:57इतना कुछ हुआ है, जो फिलम में दिखाया है, उसके बाद �
12:00भी देखे के पंजाब के लोग फिर भी आज खड़े हैं और डटके खड़े हैं और बारतिय समाज के साथ
12:07मिलके आगे बढ़ रहे हैं, जो दूसरा पहलू आता है, जो डटके खड़े हैं, पंजाब के लोग डटके खड़े हैं,
12:14बिलकुल साथ हैं, इस पिच्चर को समर्�
12:19आती है निकल के वो ये है कि कहीं ऐसा ना हो जाए इस फिल्म से एक पर्टिकुलर फाक्शन भड़क
12:25जाए और देश के अंदर बटवारे जैसी बाते ना शुरू हो जाए लेकिन वहीं आपने बात उटाई थी कि कश्मीर
12:31फाइल्स भी आई बंगाल फाइल्स भी आई जब हम �
12:33गलक शहरों की सच्चाई को दिखा रहे हैं तो फिर पंजाब की सच्चाई को भी क्यों छुपाना चाहिए लेकिन एक
12:39सवाल मैं ऐसा पूछना चाहूँगा थोड़ा सा तीखा सवाल है कि क्या इस फिल्म के आने से लोगों को जादा
12:46अवेर्निस मिलेगी या कहीं इससे उल
13:03आज फिल्म के माध्यम से आप देखिए जो फिल्म बनाने वाले हैं हनी तरेंजी वो पंजाबी परिवारत हैं और कहां
13:12पैदा हुए हैं वो सागर में एंपी में एंपी में पैदा हुए हैं उनको पंजाबी कल्चर पंजाबी सभेचार का मालूम
13:20है हनी तरेंजी को और उन
13:33उसमें सरकारों ने नरेटिव बनाया हिंदू सिक्का लेकिन आप देखें, आज तक पंजाब में अगर 47 के पिरिड़ को देख
13:44लें, उससे पेले और कभी भी पंजाब में कभी धंगा नहीं होता है,
13:47क्योंकि हमारे यहां community में समाज में लोगों के साथ लोग हमदर्दी रखते हैं
13:56तो अगर कोई भी होगा किसी के उपर भी तशद्द होगा चाए कोई हिंदू पे होगा या किसी सिख पे
14:03होगा
14:03या किसे Muslim पे होगा या किसे Christian पे होगा तो लोग हम दर्दी रखते हैं ये हमारे हैं बहुत
14:09ये परंपरा है और रही सिखों की तरब से तो वो तो नहीं है आपको कुछ भी नहीं ऐसा मिलेगा
14:17कि इसमें मेरा ख्याल है कि कई बर सचाई दिखाने से समाज में लोगों को awareness आती ह
14:26है और जो awareness है वो महाल को शांत करती है और exhaust होता है तो मेरा ख्याल कि ये
14:34उससे ऐसा कुछ भी नहीं है कि महाल बढ़केगा और आज तक ना कभी बंजाब में ऐसा कोई महाल बढ़का
14:40है और नहीं आगे बढ़केगा अप सर आपने बता दिया बड़ी खूब सूरती से कि क्य
14:46हर किसी को ये फिल्म देखना जरूरी है लेकिन अब निर्देशकों के लिए और बाकी सारे जो फैन्स हैं जो
14:52इस फिल्म की वेट कर रहे हैं जो लोग है जो जानना चाहते हैं कि परदे के पीछे क्या चल
14:57रहा था ये भी अब speculation आ गई है कि शायद इस फिल्म को वापिस OTT �
15:01लाया जाएगा तो दर्शकों के लिए आपका कोई विशेश मेसेज कि आपको ये फिल्म क्यों देखनी चाहिए बच्चों को क्यों
15:08दिखानी चाहिए इतिहास के बारे में क्यों पता होना चाहिए उस पर थोड़ी टिप होना बहुत अच्छी बात है मैं
15:14तो पहले एक बात
15:15काऊंगा सेंसरी पोने बड़ी अच्छी बात है क्योंकि हुमन समाज में कुछ चीज़ें कुछ बाते थोड़ासा परदे में रखके चला
15:27जाता कि ऐसा, कुछ नहीं है, संदूरिक वूर्स रहे हैं
15:31लेकिन समाज में अगर आपको सचाई को अब देखे जब आप 95 की बात करें मीडिया इतना अवेनेस नहीं थी,
15:40सोशल मीडिया नहीं थी, आज की देट में तो आप देखे कुछ भी होता है, नेगेटिव होता है तो एकदम
15:46निकल के आ जाता है, तो इस समय सोशल मीडिया इतना
16:01बड़ी, एक ये रिलीफ मिलता नदर आता है, जो मेरा मानना है, जो हमारा जैनजी है, उसको भी पता चलता
16:07है कि जो है, गलत क्या है और सही क्या है
16:12कि कुछ भी काम करना उसको गलत को करना तो वो गलत है और जो सही काम है और अपने
16:19हक के लिए लड़ना कोई बुरी बात नहीं होती है
16:22और दूसरी बात ये कि जो समाज में बचों को इस फिल्म से जो एक सबसे बड़ी शिक्षा ये मिलती
16:32है कि कोई भी अगर समाज में तशद्द करता है चाहे सरकारे करें या कोई होर गुंडा गर्दी करें तो
16:42उसके खिलाफ आपको खड़े होने की ये फिल्म शिक्षा देती ह
16:47में मोटिव से आगर आप इसको पॉजिटिव ले ले तो फिल्म लोगों को इस्पायर करेगी और जो है समाज में
16:55जो है एक यग्यती सेंशीलता उसको आगे परमोट करेगी ऐसा जरूर होना चाहिए लेकिन हाँ सेंशिप जो होती है जो
17:07एक हुमन सेंशिप है मैं उसको मान
17:16करके या कट करके अगर कर सकते है तो उसमें कोई वराई नहीं होना चाहिए लेकिन टूथ निकल के आना
17:22चाहिए ठूथ रवील होना चाहिए सर्थ आखरी सवाल आपसे यही पूछूँगा कि फिल्म में खाल्रा जी का जो किरदार है
17:30वो दिलजीत दुसांज ने निपाया ह
17:31तो क्या आपको लगता है कि दिलजीत दुसांज was the perfect choice पूरे देश में ग्लोबल सूपरस्टार खाल्रा जी का
17:38जो औरा है उसको उनके अलावा कोई कर सकता था देखे खाल्रा जी का मैं अगर करदार की बात करें
17:47तो खाल्रा जी एक आप यह देखे एकाउंट्स का आदमी हो
17:51यह बैंकिंग का आदमी हो और वो देखे कि जिजब में sources रहा हो वो निकाल के इतनी चीजे निकाल
17:58के ले आएं तो ऐसे शक्स का तो करदार करना तो एक्ट करना तो देखे मैं नहीं कहता है एक्ट
18:07को एक्ट की importance इतनी रहती है ठीकिन दलजीत सुजाद जो है दोसांज जो ह
18:15एक अच्छा आर्टिस्ट है और ऐसा कुछ नहीं है उसमें एक थोड़ा सा जज़बा भी है जैंजी जो यह जनरेशन
18:25है उनका हो एक रोल मॉडर है तो उससे जो जाती है और सबसे बड़ी बात है जो रेस्ट इंडिया
18:33है पंजाबी समाज तो चलो कुछ ना कुछ खालरा �
18:38जानते हैं लेकिन जो रेस्ट इंडिया है उसको भी कहीं ने कहीं इन चीजों के बारे में पता चलता है
18:44तो दल्जीत एक पॉपलर फेस है तो उससे जरौ वह एक जीज बार जल्दी निकलके आती है तो ऐसा कुछ
18:52नहीं है दल्जीत अपनी जगा एक अच्छे आर्टिस्ट
18:55अच्छ ने पता है और आटिस्ट और एक एक अक्टिविस्ट जो है अक्टिविस्ट बड़ा महान होता वो तो उसको काम
19:03करना ही असान नहीं है तो बड़ा मुश्किल के जाम है उनका जो आप ये देखे कि वो एक दोनों
19:15ही अपनी जगा रिस्पेक्टिबल है जी बहुत-�
19:19धन्यवाद सर आपने हमें काफी कुछ बताया खालरा साब के बारे में और कैसे उनके आक्टिविजम ने पंजाब को बदला
19:26और आज उस कहानी के बारे में जानना जेंजी के लिए बहुत जरूरी है यूवा के लिए बहुत जरूरी है
19:32और जैसा कि इनोंने बताया खालरा सा�
19:48कितना बड़ा रहता है लेकिन दर्शको 1980 और 90 के दशक में पंजाब में जो हुआ था उसने सब की
19:55रॉंटे खड़े कर दिये थे और उस कहानी को बेनकाब करती हुई ये मूवी बाकिए में है तो कमाल की
20:02लेकिन ऐसा क्या था इस मूवी में जो सरकारें डर गई और इसको हटा
20:08दिया गया ये कुछ समय में हमें पता चल जाएगा जब ये मूवी बाकि सारे लोग देखेंगे दिलजीत दोसांज ने
20:15भी गवार लगाई है कि अब जिस किसी भी तरीके से देख सकते हैं इस मूवी को देखिए किसी गुरदवारे
20:20की वीडियो भी सामने आई जहां पर इस
20:37मेसिज की है और जितना वो चाहते हैं कि ये मूवी जादा से जादा लोगों तक पहुंचें आप इसी तरह
20:43One India के साथ बने रहिए मैं हूँ आकर रुष कौशेक
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